मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों और विभाग के बीच पदों की संख्या बढ़ाने का मुद्दा सामने आया है। शिक्षक भर्ती के उम्मीदवारों का कहना है कि 2022 में भर्ती के दौरान 7,500 पद बढ़ाए गए थे, तो इस बार ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है?
अभ्यर्थियों ने अपनी मांग को लेकर आंदोलन की बात कही है। उनका दावा है कि इस आंदोलन में राहुल गांधी भी शामिल होंगे। वहीं विभाग की ओर से कहा गया है कि मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में पदवृद्धि का प्रावधान नहीं है।
2022 की भर्ती का दिया उदाहरण
शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का कहना है कि साल 2022 में भर्ती के दौरान पदों की संख्या में बढ़ोतरी की गई थी। उनके मुताबिक, उस समय करीब 7,500 अतिरिक्त पद जोड़े गए थे।
इसी उदाहरण को आधार बनाकर अभ्यर्थी अब वर्तमान भर्ती में भी रिक्त पदों को शामिल करने की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने आंदोलन की बात कही
पदवृद्धि की मांग को लेकर शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने आंदोलन करने की बात कही है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुए हैं और खाली पदों को भर्ती में जोड़ा जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों की ओर से राहुल गांधी के आंदोलन में शामिल होने का दावा भी किया गया है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक कार्यक्रम या पुष्टि की जानकारी अलग से देखी जानी जरूरी है।
विभाग ने क्या कहा?
वहीं संबंधित विभाग का कहना है कि मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में पदवृद्धि का प्रावधान नहीं है। विभाग के अनुसार भर्ती निर्धारित पदों के आधार पर की जा रही है और प्रक्रिया नियमों के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है।
इस तरह अभ्यर्थियों की पद बढ़ाने की मांग और विभाग के मौजूदा नियमों के बीच अंतर बना हुआ है।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद का मुख्य मुद्दा यही है कि क्या वर्तमान शिक्षक भर्ती में खाली पदों को शामिल करके वैकेंसी बढ़ाई जा सकती है।
अभ्यर्थी: 2022 में 7,500 पद बढ़ाए गए थे, इसलिए अब भी पद बढ़ाए जाएं।
विभाग: वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में पदवृद्धि का प्रावधान नहीं है।
अब अभ्यर्थियों की मांग और विभाग के रुख के बीच आगे क्या समाधान निकलता है, इस पर उम्मीदवारों की नजर है।
उम्मीदवारों की नजर आगे की कार्रवाई पर
शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए पदों की संख्या महत्वपूर्ण है। इसी वजह से पदवृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन की बात सामने आई है।
आगे सरकार और विभाग की ओर से इस मुद्दे पर कोई नया निर्णय या आधिकारिक घोषणा होती है तो उससे भर्ती प्रक्रिया और उम्मीदवारों की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है।


