रायपुर। दुर्गा महाविद्यालय में इंटरनल कंप्लेंट कमेटी और वूमेन डेवलपमेंट सेल की ओर से माहवारी के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य और देखभाल को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विशेषज्ञों ने छात्राओं को माहवारी से जुड़ी समस्याओं, साफ-सफाई, पोषण और समय पर स्वास्थ्य जांच के महत्व की जानकारी दी।
कार्यशाला में डॉ. प्रतिभा मुखर्जी साहूकार ने कहा कि माहवारी एक सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन आज भी इस विषय पर खुलकर चर्चा नहीं की जाती। महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए माहवारी से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात करना जरूरी है।
माहवारी की समस्याओं को नजरअंदाज न करें
कार्यशाला में सवेरा मुकाती ने कहा कि माहवारी के दौरान होने वाली परेशानियों के बारे में कई महिलाएं न तो परिवार में बात करती हैं और न ही डॉक्टर को बताती हैं। इससे कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समय पर पता नहीं चल पाता।
उन्होंने छात्राओं को माहवारी के दौरान साफ-सफाई रखने और परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लेने की जानकारी दी। साथ ही फाइबर से बने सैनिटरी पैड के इस्तेमाल के बारे में भी बताया।
खानपान और नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी
सवेरा मुकाती ने छात्राओं को खून की कमी, कमजोरी और पोषण की कमी से बचने के उपाय बताए। उन्होंने पीसीओएस और पीसीओडी के लक्षणों को पहचानने तथा समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित भोजन, आयरन और कैल्शियम से भरपूर आहार लेने, पर्याप्त पानी पीने, अच्छी नींद लेने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी।
कार्यशाला के दौरान छात्राओं से माहवारी और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल भी पूछे गए। सही जवाब देने वाली छात्राओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
शिक्षकों और छात्राओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में इंटरनल कंप्लेंट कमेटी और वूमेन डेवलपमेंट सेल की अध्यक्ष डॉ. दीपाली शर्मा ने समिति के उद्देश्यों और कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
इस अवसर पर समिति के सदस्य, एनजीओ की सदस्य डॉ. नीतू सिंह, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन समिति की सदस्य डॉ. आकांक्षा शुक्ला ने किया, जबकि अंत में पूजा क्षत्रिय ने आभार व्यक्त किया।




