बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों को जल्द ही टोल टैक्स चुकाने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। वाहन सामान्य रफ्तार से टोल प्लाजा पार करेंगे और कैमरों के जरिए उनकी पहचान कर फास्टैग से शुल्क काट लिया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) प्रदेश में पहली बार बिलासपुर-पथरापाली एनएच-130 स्थित लिम्हा टोल प्लाजा पर मल्टीलेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
इस व्यवस्था में दिल्ली-मेरठ और दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर हाई रिजॉल्यूशन कैमरे, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR), फास्टैग रीडर और डिटेक्शन सिस्टम लगाए जाएंगे। पूरे सिस्टम की निगरानी एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के जरिए होगी।
नई तकनीक लागू होने से टोल प्लाजा पर वाहनों की कतारें कम होंगी। चालकों को बैरियर खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और बार-बार ब्रेक लगाकर वाहन रोकने की जरूरत भी नहीं होगी। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
फास्टैग नहीं होने पर नंबर प्लेट से होगी पहचान, 72 घंटे बाद दोगुना शुल्क
नई व्यवस्था में वाहन पर फास्टैग नहीं होने की स्थिति में कैमरे नंबर प्लेट के जरिए उसकी पहचान करेंगे। इसके बाद वाहन मालिक को सामान्य फास्टैग शुल्क के बराबर राशि का ई-नोटिस जारी किया जाएगा।
ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटे के भीतर भुगतान नहीं करने पर वाहन चालक को दोगुना शुल्क देना होगा। वहीं, टोल से छूट प्राप्त वीवीआईपी वाहनों के लिए एक्जम्पटेड फास्टैग की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
NHAI का लक्ष्य मार्च 2027 तक टोल प्लाजा से बैरियर हटाने का है। लिम्हा में प्रयोग सफल रहने पर प्रदेश के दूसरे टोल प्लाजा पर भी यह व्यवस्था लागू की जा सकती है।
लिम्हा टोल पर रोजाना 8,350 लेनदेन, 22.7 लाख रुपये की वसूली
इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (IHMCL) की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, लिम्हा टोल प्लाजा पर महीनेभर में 2,50,500 फास्टैग लेनदेन हुए। इस दौरान कुल 6 करोड़ 81 लाख 85 हजार रुपये का टोल संग्रह किया गया।
इस हिसाब से यहां प्रतिदिन औसतन 8,350 लेनदेन और करीब 22.7 लाख रुपये की वसूली होती है। छत्तीसगढ़ में फिलहाल करीब 26 टोल प्लाजा हैं। NHAI नए राष्ट्रीय राजमार्ग प्रोजेक्ट में भी इस तकनीक को प्राथमिकता देने की तैयारी कर रहा है।
20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को सालाना पास
टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिकों के लिए एक नवंबर से रियायती सालाना पास की सुविधा लागू होगी।
इसके लिए नगरीय निकाय की सीमा में स्थित टोल प्लाजा पर 3,000 रुपये और सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा पर 1,500 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इस सुविधा का लाभ वैध फास्टैग वाले गैर-वाणिज्यिक निजी वाहन मालिकों को मिलेगा।
यात्रियों को मिलेगी तेज और सुगम सुविधा
NHAI के रीजनल ऑफिसर आलोक कुमार के मुताबिक, नई टोलिंग व्यवस्था से छत्तीसगढ़ में सड़क यात्रा अधिक सुगम और तेज होगी। वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने और कतार में लगने से राहत मिलेगी। तकनीक आधारित टोल वसूली से यात्रियों को बेहतर और पारदर्शी सुविधा मिलेगी।
