आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलAgniveer के लिए बड़ी खबर: नौकरी का कार्यकाल 4 से बढ़ाकर 6 साल करने की तैयारी◆BREAKINGBreaking NewsAPPSC Exam Scam: पूर्व सचिव PSR Anjaneyulu पर ED का शिकंजा, 7 ठिकानों पर छापेमारी; ₹1.14 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप◆BREAKINGछत्तीसगढ़कार खरीदने की जिद में नाबालिग ने रची अपने अपहरण की झूठी कहानी, पिता से मांगी 5 लाख की फिरौती◆BREAKINGमध्य प्रदेशसागर में अमानक खाद बेचने पर दो विक्रेताओं के खिलाफ FIR, बीना में 2 हजार रुपए में बेची जा रही थी DAP की बोरी◆BREAKINGBreaking NewsUS Midterm Election 2026: ट्रम्प को दोनों सदनों में झटका, Democrats ने जीता बहुमत; अमेरिका को मिलेगा पहला मुस्लिम Senator◆BREAKINGBreaking Newsदिवाली पर Bhopal के बाजारों में ट्रैफिक प्लान लागू:जुमेराती-चौक बाजार में चार पहिया और लोडिंग वाहनों की एंट्री बंद, 10 नंबर मार्केट में वन-वे◆BREAKINGBreaking NewsBhopal BJP Padyatra: भोपाल में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ मार्च, एक लाख लोगों के पहुंचने का दावा; तीन तलाक के बैनर पर मुस्लिम महिलाओं ने जताई असहमति◆BREAKINGBreaking NewsCEC Gyanesh Kumar पर 20 साल पुराने आरोपों की जांच, Kerala में ₹2 करोड़ रिश्वत मांगने का मामला फिर खुला◆BREAKINGदेश-हरपलAgniveer के लिए बड़ी खबर: नौकरी का कार्यकाल 4 से बढ़ाकर 6 साल करने की तैयारी◆BREAKINGBreaking NewsAPPSC Exam Scam: पूर्व सचिव PSR Anjaneyulu पर ED का शिकंजा, 7 ठिकानों पर छापेमारी; ₹1.14 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप◆BREAKINGछत्तीसगढ़कार खरीदने की जिद में नाबालिग ने रची अपने अपहरण की झूठी कहानी, पिता से मांगी 5 लाख की फिरौती◆BREAKINGमध्य प्रदेशसागर में अमानक खाद बेचने पर दो विक्रेताओं के खिलाफ FIR, बीना में 2 हजार रुपए में बेची जा रही थी DAP की बोरी◆BREAKINGBreaking NewsUS Midterm Election 2026: ट्रम्प को दोनों सदनों में झटका, Democrats ने जीता बहुमत; अमेरिका को मिलेगा पहला मुस्लिम Senator◆BREAKINGBreaking Newsदिवाली पर Bhopal के बाजारों में ट्रैफिक प्लान लागू:जुमेराती-चौक बाजार में चार पहिया और लोडिंग वाहनों की एंट्री बंद, 10 नंबर मार्केट में वन-वे◆BREAKINGBreaking NewsBhopal BJP Padyatra: भोपाल में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ मार्च, एक लाख लोगों के पहुंचने का दावा; तीन तलाक के बैनर पर मुस्लिम महिलाओं ने जताई असहमति◆BREAKINGBreaking NewsCEC Gyanesh Kumar पर 20 साल पुराने आरोपों की जांच, Kerala में ₹2 करोड़ रिश्वत मांगने का मामला फिर खुला◆

PAL-PAL KI KHABAR HAR PAL

[category_slider]

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

APPSC Exam Scam: पूर्व सचिव PSR Anjaneyulu पर ED का शिकंजा, 7 ठिकानों पर छापेमारी; ₹1.14 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप

Table of Content

आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) की Group-1 मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार, 4 नवंबर को ED की हैदराबाद जोनल टीम ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कुल 7 ठिकानों पर छापेमारी की।

जांच के दायरे में APPSC के पूर्व सचिव और रिटायर्ड IPS अधिकारी पी.एस.आर. अंजनयुलु (PSR Anjaneyulu), एक निजी मीडिया कंपनी और उससे जुड़े कुछ अन्य लोग शामिल हैं। मामला परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित गड़बड़ी और करीब ₹1.14 करोड़ के भुगतान से जुड़ा है।

किन 7 ठिकानों पर हुई छापेमारी?

ED ने हैदराबाद, सिकंदराबाद और आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में तलाशी अभियान चलाया। जिन ठिकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें शामिल हैं:

  • PSR Anjaneyulu: आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व सचिव और रिटायर्ड IPS अधिकारी का ठिकाना।
  • P. Madhusudhana Rao: CamSign Media के मैनेजिंग डायरेक्टर से जुड़े ठिकाने।
  • CamSign Media Pvt. Ltd.: उत्तर पुस्तिकाओं के मैनुअल मूल्यांकन का काम करने वाली निजी कंपनी।
  • Aavasa Resort Haailand: गुंटूर जिले के चिनाकाकानी गांव स्थित यह रिसॉर्ट, जहां उत्तर पुस्तिकाएं रखी गई थीं और मूल्यांकन का काम हुआ था।
  • TruGrader Services: APPSC के लिए पहले डिजिटल मूल्यांकन करने वाली कंपनी।
  • Akella Peri Srinivasa Rao: TruGrader Services से जुड़े प्रबंध निदेशक।
  • Mahamkali Raghuram: मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े व्यक्ति।

ED की टीमें इन ठिकानों से दस्तावेज और अन्य सबूत जुटा रही हैं।

क्या है APPSC Group-1 परीक्षा का पूरा मामला?

यह मामला APPSC की Group-1 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से जुड़ा है। परीक्षा का नोटिफिकेशन 31 दिसंबर 2018 को जारी हुआ था। प्रारंभिक परीक्षा मई 2019 में हुई, जबकि मुख्य परीक्षा दिसंबर 2020 में आयोजित की गई थी।

इसके बाद अप्रैल 2021 में डिजिटल मूल्यांकन के आधार पर परिणाम घोषित किए गए। इस प्रक्रिया पर सवाल उठे और मामला आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच गया।

हाईकोर्ट में डिजिटल मूल्यांकन के तरीके को चुनौती दी गई थी। इसके बाद अदालत ने उत्तर पुस्तिकाओं का मैनुअल मूल्यांकन कराने का निर्देश दिया।

मैनुअल मूल्यांकन का काम CamSign Media को सौंपा गया था। इसी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद शुरू हुआ।

66 अयोग्य लोगों से मूल्यांकन कराने का आरोप

आंध्र प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) की जांच में कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए।

जांच रिपोर्ट के मुताबिक:

  • उत्तर पुस्तिकाएं कथित तौर पर 84 दिनों तक एक निजी रिसॉर्ट में रखी गईं।
  • मूल्यांकन प्रक्रिया में 66 ऐसे लोगों को शामिल करने का आरोप है, जो निर्धारित योग्यता और स्वीकृत पैनल के अनुरूप नहीं थे।
  • आरोप है कि वास्तविक मूल्यांकन के बजाय OMR शीट पर पहले से तय अंक दर्ज किए गए।
  • इस पूरी प्रक्रिया में निगरानी और CCTV व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे।

SIT ने निजी कंपनियों को किए गए भुगतानों और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की भी जांच की।

₹1.14 करोड़ के भुगतान की जांच क्यों?

ED की जांच का एक प्रमुख हिस्सा CamSign Media को किए गए करीब ₹1.14 करोड़ के भुगतान से जुड़ा है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कंपनी को यह रकम किस काम के लिए दी गई, मूल्यांकन की प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं और सरकारी धन का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के लिए किया गया था या नहीं।

इसी मामले में ED ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत ECIR दर्ज किया है। यह मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच की शुरुआत का दस्तावेज होता है।

पूर्व सचिव का क्या है पक्ष?

पूर्व APPSC सचिव PSR Anjaneyulu की ओर से पहले यह पक्ष रखा गया है कि मैनुअल मूल्यांकन का फैसला सामूहिक रूप से और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया था।

उनके पक्ष के मुताबिक, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए रिसॉर्ट का चयन लॉजिस्टिक और सुरक्षा संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया था।

फिलहाल ED की जांच जारी है। अभी तक इन आरोपों को अदालत में साबित नहीं किया गया है।

Manya

manyajadoun42@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

अग्निवीरों के लिए बड़ी खबर: नौकरी का कार्यकाल 4 से बढ़ाकर 6 साल करने की तैयारी

Agniveer के लिए बड़ी खबर: नौकरी का कार्यकाल 4 से बढ़ाकर 6 साल करने की तैयारी

Agniveer योजना को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अग्निवीरों की नौकरी का कार्यकाल 4 साल से बढ़ाकर 6 साल किया जा सकता है। इस बदलाव से सेना में सेवा देने वाले युवाओं को पहले के मुकाबले दो साल अधिक काम करने का मौका मिल सकता है। इस प्रस्ताव के तहत अग्निवीरों को स्थायी करने का मौजूदा नियम भी बरकरार रहेगा। यानी सेवा पूरी होने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में सेना में शामिल करने का प्रावधान जारी रहेगा। अग्निवीर योजना में क्या बदलाव हुआ? केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में बदलाव करते हुए अग्निवीरों को दो साल अतिरिक्त सेवा देने का फैसला किया है। इसके तहत: भर्ती प्रक्रिया में भी होगा बदलाव अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया में भी बदलाव की घोषणा की गई है। अब लिखित परीक्षा पहले होगी और उसके बाद फिजिकल टेस्ट आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा, अग्निवीरों को उनके प्रशिक्षण और सेवा के दौरान हासिल किए गए कौशल के लिए स्किल सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे। The Economic Times+1 देश में करीब 3.18 लाख अग्निवीर रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में तीनों सेनाओं में करीब 3.18 लाख अग्निवीर कार्यरत हैं। इनमें लगभग 2.70 लाख भारतीय सेना, 27 हजार वायुसेना और 21 हजार नौसेना में हैं। Dainik Jagran English+1 युवाओं के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला? सरकार के इस फैसले से अग्निवीरों को सेना में ज्यादा समय तक सेवा देने का अवसर मिलेगा। पहले चार साल बाद सेवा छोड़ने की स्थिति बनती थी, लेकिन अब अतिरिक्त दो साल मिलने से उन्हें अपने सैन्य अनुभव और कौशल को बेहतर बनाने का मौका मिलेगा। यह बदलाव उन युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है जो भारतीय सेना में अपना करियर बनाना चाहते हैं। हालांकि, छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक बनने के लिए चयन प्रक्रिया और निर्धारित मानकों को पूरा करना जरूरी होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
APPSC Exam Scam: पूर्व सचिव PSR Anjaneyulu पर ED का शिकंजा, 7 ठिकानों पर छापेमारी; ₹1.14 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप

APPSC Exam Scam: पूर्व सचिव PSR Anjaneyulu पर ED का शिकंजा, 7 ठिकानों पर छापेमारी; ₹1.14 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप

आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) की Group-1 मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार, 4 नवंबर को ED की हैदराबाद जोनल टीम ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कुल 7 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दायरे में APPSC के पूर्व सचिव और रिटायर्ड IPS अधिकारी पी.एस.आर. अंजनयुलु (PSR Anjaneyulu), एक निजी मीडिया कंपनी और उससे जुड़े कुछ अन्य लोग शामिल हैं। मामला परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित गड़बड़ी और करीब ₹1.14 करोड़ के भुगतान से जुड़ा है। किन 7 ठिकानों पर हुई छापेमारी? ED ने हैदराबाद, सिकंदराबाद और आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में तलाशी अभियान चलाया। जिन ठिकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें शामिल हैं: ED की टीमें इन ठिकानों से दस्तावेज और अन्य सबूत जुटा रही हैं। क्या है APPSC Group-1 परीक्षा का पूरा मामला? यह मामला APPSC की Group-1 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से जुड़ा है। परीक्षा का नोटिफिकेशन 31 दिसंबर 2018 को जारी हुआ था। प्रारंभिक परीक्षा मई 2019 में हुई, जबकि मुख्य परीक्षा दिसंबर 2020 में आयोजित की गई थी। इसके बाद अप्रैल 2021 में डिजिटल मूल्यांकन के आधार पर परिणाम घोषित किए गए। इस प्रक्रिया पर सवाल उठे और मामला आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच गया। हाईकोर्ट में डिजिटल मूल्यांकन के तरीके को चुनौती दी गई थी। इसके बाद अदालत ने उत्तर पुस्तिकाओं का मैनुअल मूल्यांकन कराने का निर्देश दिया। मैनुअल मूल्यांकन का काम CamSign Media को सौंपा गया था। इसी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद शुरू हुआ। 66 अयोग्य लोगों से मूल्यांकन कराने का आरोप आंध्र प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) की जांच में कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए। जांच रिपोर्ट के मुताबिक: SIT ने निजी कंपनियों को किए गए भुगतानों और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की भी जांच की। ₹1.14 करोड़ के भुगतान की जांच क्यों? ED की जांच का एक प्रमुख हिस्सा CamSign Media को किए गए करीब ₹1.14 करोड़ के भुगतान से जुड़ा है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कंपनी को यह रकम किस काम के लिए दी गई, मूल्यांकन की प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं और सरकारी धन का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के लिए किया गया था या नहीं। इसी मामले में ED ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत ECIR दर्ज किया है। यह मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच की शुरुआत का दस्तावेज होता है। पूर्व सचिव का क्या है पक्ष? पूर्व APPSC सचिव PSR Anjaneyulu की ओर से पहले यह पक्ष रखा गया है कि मैनुअल मूल्यांकन का फैसला सामूहिक रूप से और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया था। उनके पक्ष के मुताबिक, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए रिसॉर्ट का चयन लॉजिस्टिक और सुरक्षा संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया था। फिलहाल ED की जांच जारी है। अभी तक इन आरोपों को अदालत में साबित नहीं किया गया है।

कार खरीदने की जिद में नाबालिग ने रची अपने अपहरण की झूठी कहानी, पिता से मांगी 5 लाख की फिरौती

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कार खरीदने की जिद पूरी कराने के लिए एक नाबालिग छात्र ने अपने ही अपहरण की झूठी साजिश रच दी। उसने पिता के मोबाइल पर मैसेज भेजकर 5 लाख रुपए की फिरौती मांगी। बेटे के अपहरण का मैसेज देखकर पिता घबरा गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने करीब चार घंटे की तलाश के बाद छात्र को सुरक्षित बरामद कर लिया। मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है। पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह माता-पिता पर कार खरीदने का दबाव बनाना चाहता था। इसी वजह से उसने अपहरण की झूठी कहानी बनाई। पुलिस ने समझाइश देने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। ट्यूशन जाने के डेढ़ घंटे बाद आया फिरौती का मैसेज जानकारी के मुताबिक, रतनपुर क्षेत्र में रहने वाले शिक्षक मंगलवार सुबह स्कूल चले गए थे। इससे पहले उनका नाबालिग बेटा सुबह करीब 9 बजे स्कूटी से ट्यूशन पढ़ने के लिए लखराम गांव निकला था। करीब डेढ़ घंटे बाद छात्र के मोबाइल नंबर से पिता के फोन पर अपहरण का मैसेज आया। इसमें 5 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। मैसेज पढ़ते ही पिता घबरा गए। उन्होंने पहले अपने स्तर पर बेटे की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद सुबह करीब 11:30 बजे वे रतनपुर थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। तालाब के पास मिली स्कूटी, मोबाइल की लोकेशन से शुरू हुई तलाश मामले की जानकारी मिलने पर टीआई निलेश पांडेय ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह, क्राइम डीएसपी सुदीप सरकार, एसीसीयू प्रभारी गोपाल सतपथी और उनकी टीम छात्र की तलाश में जुट गई। तलाशी के दौरान ग्राम चोरहा देवरी में तालाब के पास छात्र की स्कूटी मिली। तकनीकी टीम ने मोबाइल की लोकेशन जांची तो पता चला कि उसका फोन आखिरी बार इसी इलाके में बंद हुआ था। खुद पिता को फोन कर बताया- सुरक्षित हूं पुलिस छात्र की तलाश कर ही रही थी कि इसी बीच उसने खुद पिता को फोन किया और अपने सुरक्षित होने की जानकारी दी। उसने बताया कि वह ग्राम सेलर में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम वहां पहुंची और शाम करीब 4 बजे छात्र को थाने ले आई। पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह माता-पिता से कार खरीदने की जिद कर रहा था, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी बात से नाराज होकर उसने उन पर दबाव बनाने के लिए अपहरण का मैसेज भेजा और 5 लाख रुपए की फिरौती मांगी। पुलिस ने छात्र को समझाइश दी और इसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

सागर में अमानक खाद बेचने पर दो विक्रेताओं के खिलाफ FIR, बीना में 2 हजार रुपए में बेची जा रही थी DAP की बोरी

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना और केसली विकासखंड में अमानक खाद बेचने के मामलों में कृषि विभाग ने दो विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। दोनों मामलों में प्रयोगशाला जांच के दौरान खाद के नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। बीना में एक खाद विक्रेता पर किसानों से DAP की निर्धारित कीमत से अधिक वसूली करने और बिना वैध लाइसेंस के खाद बेचने का भी आरोप है। शिकायत के बाद कृषि विभाग ने जांच कर पुलिस को मामला सौंपा। बीना में 2 हजार रुपए प्रति बोरी बेची DAP कृषि विभाग के अनुसार, बीना के ग्राम मालखेड़ी के किसान अरविंद दुबे, ग्राम कलावनी की किसान प्रभा साहू और राजेंद्र प्रसाद तथा बीना के किसान अकरम कुरैशी ने 14 अक्टूबर को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में शिकायत की थी। किसानों ने बताया कि उन्होंने 20 सितंबर को रोहित राय से 2 हजार रुपए प्रति बोरी की दर से DAP खाद खरीदी थी। बोरियां खोलने के बाद उन्हें खाद की गुणवत्ता पर संदेह हुआ और इसके नकली होने की आशंका जताई। शिकायत मिलने पर उर्वरक निरीक्षक एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बीना अवधेश राय और कृषि विस्तार अधिकारी दीपेश मोघे अजहर ने मौके पर पहुंचकर खाद के नमूने लिए। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया, जहां रिपोर्ट में खाद अमानक पाई गई। जांच के दौरान विक्रेता द्वारा बिना वैध लाइसेंस और टोकन के खाद बेचने के साथ निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने की अनियमितता भी सामने आई। इसके बाद कृषि विभाग ने बीना थाने में शिकायत दी। पुलिस ने रोहित राय के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केसली के कृषि सेवा केंद्र की खाद भी अमानक इधर, केसली विकासखंड के ग्राम टड़ा स्थित मेसर्स केसरी नंदन कृषि सेवा केंद्र के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। कृषि विभाग ने प्रतिष्ठान से उर्वरक का नमूना लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट में नमूना निर्धारित गुणवत्ता मापदंडों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके आधार पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी केसली ने उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों के उल्लंघन और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर के खिलाफ केसली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
US Midterm Election 2026: ट्रम्प को दोनों सदनों में झटका, Democrats ने जीता बहुमत; अमेरिका को मिलेगा पहला मुस्लिम Senator

US Midterm Election 2026: ट्रम्प को दोनों सदनों में झटका, Democrats ने जीता बहुमत; अमेरिका को मिलेगा पहला मुस्लिम Senator

अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन 2026 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा चुनावी झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल कर लिया है। इस जीत के साथ ट्रम्प के लिए अपने कार्यकाल के अगले दो साल में फैसले लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इस चुनाव में कई ऐसे राज्यों में डेमोक्रेट्स ने जीत दर्ज की, जिन्हें लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता था। कंसास में करीब 94 साल बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट सीट जीती, जबकि मिशिगन में अब्दुल अल-सईद की जीत से अमेरिका को पहला मुस्लिम सीनेटर मिलने जा रहा है दोनों सदनों में Democrats का कब्जा अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत को 2026 के चुनाव की सबसे बड़ी घटना माना जा रहा है। सीनेट में पार्टी ने रिपब्लिकन के कब्जे वाली कई सीटें छीन लीं। वहीं, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स ने बहुमत हासिल किया। चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी के पास दोनों सदनों में बहुमत था। लेकिन इस बार मतदाताओं ने कई राज्यों में अपना रुख बदल दिया। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, डेमोक्रेट्स ने सीनेट और हाउस दोनों का नियंत्रण हासिल कर लिया है। अमेरिका को मिलेगा पहला मुस्लिम सीनेटर मिशिगन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराकर इतिहास रच दिया है। उनकी जीत के साथ अमेरिका को अपना पहला मुस्लिम सीनेटर मिलने जा रहा है। अब्दुल अल-सईद की जीत को अमेरिकी राजनीति में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। उनके चुनाव ने इस बार के मिडटर्म इलेक्शन को और खास बना दिया है। कंसास में 94 साल बाद डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत कंसास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एडम हैमिल्टन ने रिपब्लिकन उम्मीदवार और मौजूदा सीनेटर रोजर मार्शल को हरा दिया। इस जीत के साथ कंसास में करीब 94 साल बाद डेमोक्रेटिक पार्टी का कोई उम्मीदवार सीनेट पहुंचा है। कंसास को लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत राज्य माना जाता रहा है। ऐसे में यहां डेमोक्रेट्स की जीत को चुनाव के सबसे चर्चित नतीजों में शामिल किया जा रहा है। टेक्सास और दूसरे राज्यों में भी बड़ा उलटफेर डेमोक्रेटिक पार्टी ने टेक्सास, आयोवा, ओहायो, नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना जैसे राज्यों में भी महत्वपूर्ण जीत दर्ज की।

You might have missed

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.