आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) की Group-1 मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार, 4 नवंबर को ED की हैदराबाद जोनल टीम ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कुल 7 ठिकानों पर छापेमारी की।
जांच के दायरे में APPSC के पूर्व सचिव और रिटायर्ड IPS अधिकारी पी.एस.आर. अंजनयुलु (PSR Anjaneyulu), एक निजी मीडिया कंपनी और उससे जुड़े कुछ अन्य लोग शामिल हैं। मामला परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित गड़बड़ी और करीब ₹1.14 करोड़ के भुगतान से जुड़ा है।
किन 7 ठिकानों पर हुई छापेमारी?
ED ने हैदराबाद, सिकंदराबाद और आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में तलाशी अभियान चलाया। जिन ठिकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें शामिल हैं:
- PSR Anjaneyulu: आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व सचिव और रिटायर्ड IPS अधिकारी का ठिकाना।
- P. Madhusudhana Rao: CamSign Media के मैनेजिंग डायरेक्टर से जुड़े ठिकाने।
- CamSign Media Pvt. Ltd.: उत्तर पुस्तिकाओं के मैनुअल मूल्यांकन का काम करने वाली निजी कंपनी।
- Aavasa Resort Haailand: गुंटूर जिले के चिनाकाकानी गांव स्थित यह रिसॉर्ट, जहां उत्तर पुस्तिकाएं रखी गई थीं और मूल्यांकन का काम हुआ था।
- TruGrader Services: APPSC के लिए पहले डिजिटल मूल्यांकन करने वाली कंपनी।
- Akella Peri Srinivasa Rao: TruGrader Services से जुड़े प्रबंध निदेशक।
- Mahamkali Raghuram: मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े व्यक्ति।
ED की टीमें इन ठिकानों से दस्तावेज और अन्य सबूत जुटा रही हैं।
क्या है APPSC Group-1 परीक्षा का पूरा मामला?
यह मामला APPSC की Group-1 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से जुड़ा है। परीक्षा का नोटिफिकेशन 31 दिसंबर 2018 को जारी हुआ था। प्रारंभिक परीक्षा मई 2019 में हुई, जबकि मुख्य परीक्षा दिसंबर 2020 में आयोजित की गई थी।
इसके बाद अप्रैल 2021 में डिजिटल मूल्यांकन के आधार पर परिणाम घोषित किए गए। इस प्रक्रिया पर सवाल उठे और मामला आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच गया।
हाईकोर्ट में डिजिटल मूल्यांकन के तरीके को चुनौती दी गई थी। इसके बाद अदालत ने उत्तर पुस्तिकाओं का मैनुअल मूल्यांकन कराने का निर्देश दिया।
मैनुअल मूल्यांकन का काम CamSign Media को सौंपा गया था। इसी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद शुरू हुआ।
66 अयोग्य लोगों से मूल्यांकन कराने का आरोप
आंध्र प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) की जांच में कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक:
- उत्तर पुस्तिकाएं कथित तौर पर 84 दिनों तक एक निजी रिसॉर्ट में रखी गईं।
- मूल्यांकन प्रक्रिया में 66 ऐसे लोगों को शामिल करने का आरोप है, जो निर्धारित योग्यता और स्वीकृत पैनल के अनुरूप नहीं थे।
- आरोप है कि वास्तविक मूल्यांकन के बजाय OMR शीट पर पहले से तय अंक दर्ज किए गए।
- इस पूरी प्रक्रिया में निगरानी और CCTV व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे।
SIT ने निजी कंपनियों को किए गए भुगतानों और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की भी जांच की।
₹1.14 करोड़ के भुगतान की जांच क्यों?
ED की जांच का एक प्रमुख हिस्सा CamSign Media को किए गए करीब ₹1.14 करोड़ के भुगतान से जुड़ा है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कंपनी को यह रकम किस काम के लिए दी गई, मूल्यांकन की प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ या नहीं और सरकारी धन का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के लिए किया गया था या नहीं।
इसी मामले में ED ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत ECIR दर्ज किया है। यह मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच की शुरुआत का दस्तावेज होता है।
पूर्व सचिव का क्या है पक्ष?
पूर्व APPSC सचिव PSR Anjaneyulu की ओर से पहले यह पक्ष रखा गया है कि मैनुअल मूल्यांकन का फैसला सामूहिक रूप से और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया था।
उनके पक्ष के मुताबिक, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए रिसॉर्ट का चयन लॉजिस्टिक और सुरक्षा संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया था।
फिलहाल ED की जांच जारी है। अभी तक इन आरोपों को अदालत में साबित नहीं किया गया है।









































