मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना और केसली विकासखंड में अमानक खाद बेचने के मामलों में कृषि विभाग ने दो विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। दोनों मामलों में प्रयोगशाला जांच के दौरान खाद के नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।
बीना में एक खाद विक्रेता पर किसानों से DAP की निर्धारित कीमत से अधिक वसूली करने और बिना वैध लाइसेंस के खाद बेचने का भी आरोप है। शिकायत के बाद कृषि विभाग ने जांच कर पुलिस को मामला सौंपा।
बीना में 2 हजार रुपए प्रति बोरी बेची DAP
कृषि विभाग के अनुसार, बीना के ग्राम मालखेड़ी के किसान अरविंद दुबे, ग्राम कलावनी की किसान प्रभा साहू और राजेंद्र प्रसाद तथा बीना के किसान अकरम कुरैशी ने 14 अक्टूबर को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में शिकायत की थी।
किसानों ने बताया कि उन्होंने 20 सितंबर को रोहित राय से 2 हजार रुपए प्रति बोरी की दर से DAP खाद खरीदी थी। बोरियां खोलने के बाद उन्हें खाद की गुणवत्ता पर संदेह हुआ और इसके नकली होने की आशंका जताई।
शिकायत मिलने पर उर्वरक निरीक्षक एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बीना अवधेश राय और कृषि विस्तार अधिकारी दीपेश मोघे अजहर ने मौके पर पहुंचकर खाद के नमूने लिए। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया, जहां रिपोर्ट में खाद अमानक पाई गई।
जांच के दौरान विक्रेता द्वारा बिना वैध लाइसेंस और टोकन के खाद बेचने के साथ निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने की अनियमितता भी सामने आई। इसके बाद कृषि विभाग ने बीना थाने में शिकायत दी। पुलिस ने रोहित राय के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केसली के कृषि सेवा केंद्र की खाद भी अमानक
इधर, केसली विकासखंड के ग्राम टड़ा स्थित मेसर्स केसरी नंदन कृषि सेवा केंद्र के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। कृषि विभाग ने प्रतिष्ठान से उर्वरक का नमूना लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा था।
जांच रिपोर्ट में नमूना निर्धारित गुणवत्ता मापदंडों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके आधार पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी केसली ने उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों के उल्लंघन और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर के खिलाफ केसली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

