आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलPune Metro Pink Line: पुणे को मिली नई Metro की सौगात, 4 नवंबर से शुरू होगी यात्रियों के लिए सेवा◆BREAKINGएंटरटेनमेंटTusshar Kapoor Extortion Case: Harry Boxer के नाम से आया धमकी भरा कॉल, पुलिस को हुआ शक◆BREAKINGदेश-हरपलदिल्ली प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- कोई भी संगठन हर समय एक जगह पर कब्जा नहीं कर सकता◆BREAKINGमध्य प्रदेशखंडवा जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े की कुर्सी पर 14 नवंबर को फैसला, अविश्वास प्रस्ताव पर होगा मतदान◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Rally: बाजार में लौटी हरियाली, Sensex-Nifty में जोरदार तेजी; इन सेक्टर्स ने संभाली कमान◆BREAKINGमध्य प्रदेशखंडवा में कपास-तुअर की फसल के बीच गांजे की खेती पकड़ी, 221 पौधे जब्त; दो गिरफ्तार◆BREAKINGबिज़नेसGold Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 24K और 22K Gold का नया रेट◆BREAKINGदेश-हरपलDaler Mehndi विवाद: मंत्री सुबोध उनियाल ने फिर ठुकराई माफी की मांग, दिया बड़ा बयान◆BREAKINGदेश-हरपलPune Metro Pink Line: पुणे को मिली नई Metro की सौगात, 4 नवंबर से शुरू होगी यात्रियों के लिए सेवा◆BREAKINGएंटरटेनमेंटTusshar Kapoor Extortion Case: Harry Boxer के नाम से आया धमकी भरा कॉल, पुलिस को हुआ शक◆BREAKINGदेश-हरपलदिल्ली प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- कोई भी संगठन हर समय एक जगह पर कब्जा नहीं कर सकता◆BREAKINGमध्य प्रदेशखंडवा जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े की कुर्सी पर 14 नवंबर को फैसला, अविश्वास प्रस्ताव पर होगा मतदान◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Rally: बाजार में लौटी हरियाली, Sensex-Nifty में जोरदार तेजी; इन सेक्टर्स ने संभाली कमान◆BREAKINGमध्य प्रदेशखंडवा में कपास-तुअर की फसल के बीच गांजे की खेती पकड़ी, 221 पौधे जब्त; दो गिरफ्तार◆BREAKINGबिज़नेसGold Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, 24K और 22K Gold का नया रेट◆BREAKINGदेश-हरपलDaler Mehndi विवाद: मंत्री सुबोध उनियाल ने फिर ठुकराई माफी की मांग, दिया बड़ा बयान◆

PAL-PAL KI KHABAR HAR PAL

[category_slider]

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Tusshar Kapoor Extortion Case: Harry Boxer के नाम से आया धमकी भरा कॉल, पुलिस को हुआ शक

Table of Content

बॉलीवुड अभिनेता तुषार कपूर (Tusshar Kapoor) से ₹5 करोड़ की रंगदारी मांगने का मामला सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि अभिनेता को एक धमकी भरा फोन आया था, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य हैरी बॉक्सर बताया। फोन पर कथित तौर पर मोटी रकम की मांग की गई। मामला सामने आने के बाद तुषार कपूर ने मुंबई पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी।

लेकिन इस पूरे मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया, जब पुलिस ने धमकी भरे कॉल की Voice Recording की जांच की। शुरुआती जांच में कॉल करने वाले की आवाज हैरी बॉक्सर के उपलब्ध वॉइस सैंपल से मेल नहीं खाई। इसके बाद पुलिस को शक है कि किसी ने गैंग का नाम इस्तेमाल करके अभिनेता को डराने और पैसे वसूलने की कोशिश की है।

Tusshar Kapoor को कब और कैसे मिली धमकी?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुषार कपूर को करीब एक सप्ताह पहले धमकी भरा कॉल आया था। फोन करने वाले ने अपनी पहचान हैरी बॉक्सर के रूप में बताई और कथित तौर पर ₹5 करोड़ की रंगदारी मांगी।

अभिनेता ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुंबई पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल और क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू की।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कॉल करने वाला कौन था और उसने किस आधार पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम इस्तेमाल किया।

Voice Sample जांच में Harry Boxer से नहीं हुआ मिलान

इस मामले में पुलिस की तकनीकी जांच से एक अहम जानकारी सामने आई है। क्राइम ब्रांच ने धमकी भरे कॉल की रिकॉर्डिंग को हैरी बॉक्सर के उपलब्ध आधिकारिक Voice Sample से मिलाया।

शुरुआती जांच में दोनों आवाजों के बीच समानता नहीं मिली। अन्य उपलब्ध ऑडियो सैंपल से भी आवाज का मिलान नहीं हो पाया।

इससे पुलिस को आशंका है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने गैंग का नाम लेकर रंगदारी मांगने की कोशिश की है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इसके पीछे कौन है और उसका किसी संगठित गिरोह से कोई संबंध है या नहीं।

Tiger Shroff Firing Case के बाद फिर चर्चा में Lawrence Bishnoi Gang

तुषार कपूर को मिली धमकी ऐसे समय सामने आई है, जब अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले को लेकर भी मुंबई पुलिस जांच कर रही है।

18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर फायरिंग की गई थी। इस घटना के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों की ओर से कथित तौर पर जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान 27 अक्टूबर को आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) भी लगाया गया।

हालांकि, टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस और तुषार कपूर को मिली धमकी के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।

Nagpur में कारोबारियों से भी मांगी गई रंगदारी

इसी बीच नागपुर से भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी और रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सराफा बाजार के आठ बुलियन कारोबारियों को धमकी भरे पत्र भेजे गए और प्रत्येक से ₹10 लाख की मांग की गई।

इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। कारोबारियों को कथित तौर पर उनके परिवारों को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई थी।

हालांकि, नागपुर की घटना और तुषार कपूर को मिले धमकी भरे कॉल के बीच अभी तक कोई सीधा कनेक्शन सामने नहीं आया है।

Mumbai Police की जांच में अब क्या सामने आएगा?

फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच का पूरा ध्यान धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करने पर है। पुलिस कॉल से जुड़े डिजिटल और तकनीकी सबूतों की जांच कर रही है।

अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, तुषार कपूर से ₹5 करोड़ की मांग की गई थी, लेकिन कॉल करने वाले की आवाज हैरी बॉक्सर के वॉइस सैंपल से मैच नहीं हुई। ऐसे में पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं किसी ने गैंग का नाम इस्तेमाल करके अभिनेता को डराने की कोशिश तो नहीं की।

इस मामले में जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि धमकी के पीछे असली वजह क्या थी और इसका किसी गैंग से कोई संबंध है या नहीं।

हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

Yukta

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Pune Metro Pink Line

Pune Metro Pink Line: पुणे को मिली नई Metro की सौगात, 4 नवंबर से शुरू होगी यात्रियों के लिए सेवा

Pune के लोगों के लिए मेट्रो से जुड़ी एक बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 नवंबर 2026 को पुणे मेट्रो Pink Line (Pune Metro Pink Line) नई लाइन-3 का उद्घाटन किया। करीब 23 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर हिंजेवाड़ी के IT हब को शिवाजीनगर से जोड़ेगा। इससे रोजाना नौकरी और दूसरे कामों के लिए इस रूट पर सफर करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। इस मौके पर पीएम मोदी ने देश में मेट्रो नेटवर्क के बढ़ते दायरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले भारत में मेट्रो नेटवर्क सिर्फ 248 किलोमीटर था, जो अब बढ़कर करीब 1,200 किलोमीटर हो गया है। पुणे में मेट्रो के विस्तार के लिए करीब 21,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। Pune Metro Pink Line: हिंजेवाड़ी से शिवाजीनगर तक आसान होगा सफर पुणे मेट्रो की नई लाइन-3 करीब 23.2 किलोमीटर लंबी है। यह मान से शुरू होकर हिंजेवाड़ी IT पार्क होते हुए शिवाजीनगर स्थित डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन तक जाएगी। इस रूट पर कुल 23 स्टेशन बनाए गए हैं। हिंजेवाड़ी पुणे का प्रमुख IT हब है। यहां कई बड़ी कंपनियों के ऑफिस हैं और रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी काम के लिए पहुंचते हैं। इस इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी समय से बनी हुई है। ऐसे में नई मेट्रो लाइन से कर्मचारियों और आम यात्रियों को सड़क पर लगने वाले जाम से कुछ राहत मिल सकती है। इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत तैयार किया गया है। इसकी लागत करीब 8,313 करोड़ रुपये बताई गई है। 4 नवंबर से आम यात्रियों के लिए शुरू होगी Metro सेवा 3 नवंबर को उद्घाटन के बाद पुणे मेट्रो की Pink Line पर 4 नवंबर से आम यात्रियों के लिए सेवाएं शुरू करने की घोषणा की गई है। शुरुआती चरण में 23 में से 17 स्टेशन यात्रियों के लिए खोले जाएंगे। बाकी स्टेशनों को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना है। मेट्रो के संचालन को लेकर जारी जानकारी के मुताबिक, व्यस्त समय यानी Peak Hours में हर 6 मिनट पर ट्रेन मिलेगी। वहीं सामान्य समय में ट्रेनों के बीच करीब 12 मिनट का अंतराल रहेगा। इससे ऑफिस जाने वाले लोगों, छात्रों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। Pink Line की खास बात, महिलाएं संभालेंगी Train Operations पुणे मेट्रो की नई Pink Line सिर्फ अपनी लंबाई और रूट के कारण ही चर्चा में नहीं है। इसके संचालन में महिलाओं की अहम भूमिका भी होगी। इस कॉरिडोर पर ट्रेन ऑपरेटर की जिम्मेदारी पूरी तरह महिला कर्मचारियों को दी गई है। इसके अलावा, मेट्रो की बिजली जरूरत का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा (Solar Energy) से पूरा करने की योजना है। इसका उद्देश्य ऊर्जा की खपत कम करना और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना है। Pune Metro Phase 2: चार नए कॉरिडोर का भी होगा विस्तार Pink Line के उद्घाटन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की चार नई लाइनों की आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं पर करीब 13,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इनमें शामिल हैं: इन नए रूट के जरिए पुणे के कई रिहायशी, व्यावसायिक और IT इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। खराड़ी, मगरपट्टा, हडपसर, स्वारगेट और वारजे जैसे इलाकों के लोगों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। उद्घाटन से पहले Maan स्टेशन पर पानी रिसने की खबर मेट्रो लाइन के उद्घाटन से ठीक पहले मान स्टेशन पर पानी रिसने की खबर भी सामने आई थी। बारिश के बाद स्टेशन पर पानी आने की घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और तैयारियों को लेकर सवाल खड़े किए। हालांकि, निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक 3 नवंबर को मेट्रो लाइन का उद्घाटन किया गया। अब यात्रियों के लिए सेवा शुरू होने के साथ स्टेशन की सुविधाओं और रखरखाव पर भी लोगों की नजर रहेगी। 2014 से अब तक कितना बढ़ा भारत का Metro Network? प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि 2014 से पहले देश में मेट्रो नेटवर्क करीब 248 किलोमीटर था। अब यह बढ़कर लगभग 1,200 किलोमीटर हो चुका है। पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, नागपुर और पुणे जैसे शहरों में मेट्रो सेवाओं का विस्तार हुआ है। इसका उद्देश्य बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और लोगों को सार्वजनिक परिवहन का बेहतर विकल्प देना है। पुणे की Pink Line और Phase-2 की नई परियोजनाएं भी इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। Pune Metro Pink Line से आम लोगों को क्या फायदा होगा? पुणे में नौकरी, पढ़ाई और कारोबार के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग एक इलाके से दूसरे इलाके तक जाते हैं। खासकर हिंजेवाड़ी IT पार्क में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए आने-जाने में काफी समय लगता है। नई मेट्रो लाइन शुरू होने से यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं मिल सकती हैं: अब आगे क्या? पुणे मेट्रो की Pink Line का उद्घाटन शहर के सार्वजनिक परिवहन के लिए एक अहम कदम है। 4 नवंबर से यात्रियों के लिए सेवाएं शुरू होने के बाद इसका वास्तविक असर देखने को मिलेगा। वहीं, Phase-2 की चार नई लाइनों के पूरा होने से पुणे के मेट्रो नेटवर्क का दायरा और बढ़ सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई मेट्रो सेवा से हिंजेवाड़ी और शिवाजीनगर के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों का कितना समय बचेगा। इसका जवाब नियमित संचालन और यात्रियों के अनुभव से आने वाले दिनों में साफ होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tusshar Kapoor

Tusshar Kapoor Extortion Case: Harry Boxer के नाम से आया धमकी भरा कॉल, पुलिस को हुआ शक

बॉलीवुड अभिनेता तुषार कपूर (Tusshar Kapoor) से ₹5 करोड़ की रंगदारी मांगने का मामला सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि अभिनेता को एक धमकी भरा फोन आया था, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य हैरी बॉक्सर बताया। फोन पर कथित तौर पर मोटी रकम की मांग की गई। मामला सामने आने के बाद तुषार कपूर ने मुंबई पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी। लेकिन इस पूरे मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया, जब पुलिस ने धमकी भरे कॉल की Voice Recording की जांच की। शुरुआती जांच में कॉल करने वाले की आवाज हैरी बॉक्सर के उपलब्ध वॉइस सैंपल से मेल नहीं खाई। इसके बाद पुलिस को शक है कि किसी ने गैंग का नाम इस्तेमाल करके अभिनेता को डराने और पैसे वसूलने की कोशिश की है। Tusshar Kapoor को कब और कैसे मिली धमकी? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुषार कपूर को करीब एक सप्ताह पहले धमकी भरा कॉल आया था। फोन करने वाले ने अपनी पहचान हैरी बॉक्सर के रूप में बताई और कथित तौर पर ₹5 करोड़ की रंगदारी मांगी। अभिनेता ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुंबई पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल और क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू की। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कॉल करने वाला कौन था और उसने किस आधार पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम इस्तेमाल किया। Voice Sample जांच में Harry Boxer से नहीं हुआ मिलान इस मामले में पुलिस की तकनीकी जांच से एक अहम जानकारी सामने आई है। क्राइम ब्रांच ने धमकी भरे कॉल की रिकॉर्डिंग को हैरी बॉक्सर के उपलब्ध आधिकारिक Voice Sample से मिलाया। शुरुआती जांच में दोनों आवाजों के बीच समानता नहीं मिली। अन्य उपलब्ध ऑडियो सैंपल से भी आवाज का मिलान नहीं हो पाया। इससे पुलिस को आशंका है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने गैंग का नाम लेकर रंगदारी मांगने की कोशिश की है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इसके पीछे कौन है और उसका किसी संगठित गिरोह से कोई संबंध है या नहीं। Tiger Shroff Firing Case के बाद फिर चर्चा में Lawrence Bishnoi Gang तुषार कपूर को मिली धमकी ऐसे समय सामने आई है, जब अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले को लेकर भी मुंबई पुलिस जांच कर रही है। 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर फायरिंग की गई थी। इस घटना के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों की ओर से कथित तौर पर जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान 27 अक्टूबर को आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) भी लगाया गया। हालांकि, टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस और तुषार कपूर को मिली धमकी के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। Nagpur में कारोबारियों से भी मांगी गई रंगदारी इसी बीच नागपुर से भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी और रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सराफा बाजार के आठ बुलियन कारोबारियों को धमकी भरे पत्र भेजे गए और प्रत्येक से ₹10 लाख की मांग की गई। इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। कारोबारियों को कथित तौर पर उनके परिवारों को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई थी। हालांकि, नागपुर की घटना और तुषार कपूर को मिले धमकी भरे कॉल के बीच अभी तक कोई सीधा कनेक्शन सामने नहीं आया है। Mumbai Police की जांच में अब क्या सामने आएगा? फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच का पूरा ध्यान धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करने पर है। पुलिस कॉल से जुड़े डिजिटल और तकनीकी सबूतों की जांच कर रही है। अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, तुषार कपूर से ₹5 करोड़ की मांग की गई थी, लेकिन कॉल करने वाले की आवाज हैरी बॉक्सर के वॉइस सैंपल से मैच नहीं हुई। ऐसे में पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं किसी ने गैंग का नाम इस्तेमाल करके अभिनेता को डराने की कोशिश तो नहीं की। इस मामले में जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि धमकी के पीछे असली वजह क्या थी और इसका किसी गैंग से कोई संबंध है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

दिल्ली प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- कोई भी संगठन हर समय एक जगह पर कब्जा नहीं कर सकता

नई दिल्ली। दिल्ली में अक्टूबर के दौरान हुए प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि प्रदर्शनकारी हर समय किसी एक जगह पर कब्जा नहीं कर सकते, क्योंकि किसान, पत्रकार और दूसरे संगठनों को भी विरोध करने का अधिकार है। इसके लिए समय और व्यवस्था तय होनी चाहिए। CJI ने कहा कि विरोध करने और व्यापार करने, दोनों के अधिकार महत्वपूर्ण हैं। ऐसे स्थान निर्धारित किए जाने चाहिए, जहां प्रदर्शन के कारण लोगों के रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित न हों। सुनवाई के दौरान व्यापारियों की ओर से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि प्रदर्शनों के कारण दुकानें बंद रहती हैं और त्योहारों के सीजन में कारोबार प्रभावित होता है। इस पर CJI ने कहा कि मामले में सभी संबंधित संगठनों को शामिल किया जाए और उनका जवाब भी मांगा जाए। 10 अक्टूबर के प्रदर्शन में 7 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेने का आरोप CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच प्रदर्शन से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। इनमें पुलिस की कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने, सार्वजनिक स्थानों पर आवाजाही रोकने और प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के लिए जुटे 7 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा पत्रकारों और वकीलों के साथ मारपीट, इंटरनेट सेवाएं बंद करने और मेट्रो सेवाएं रोककर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं करने के आरोप भी लगाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस को जारी किए थे नोटिस सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 15 अक्टूबर को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किए थे। कोर्ट ने घटनास्थल के CCTV फुटेज और डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने एक जैसे मुद्दों वाली याचिकाओं को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने और उन पर जवाब दाखिल करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट में इन 8 मामलों पर एक साथ सुनवाई प्रदर्शनों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट आठ प्रमुख मुद्दों पर सुनवाई कर रहा है। 1. मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बंद करने का मामला प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद करने और दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों पर पाबंदियां लगाने के फैसले को याचिकाओं में चुनौती दी गई है। 2. सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना का आरोप याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि अधिकारियों ने 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की ओर से मेट्रो और ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं करने के निर्देश का पालन नहीं किया। इस मामले में अदालत के आदेश की अवमानना का मुद्दा उठाया गया है। 3. प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का मामला 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था। याचिकाकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में लेने की कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। 4. वकीलों के साथ मारपीट के आरोप प्रदर्शन के दौरान वकीलों को हिरासत में लेने और पुलिस स्टेशन के अंदर उनके साथ मारपीट किए जाने के आरोपों से जुड़ी याचिकाएं भी सुनवाई के दायरे में हैं। 5. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति याचिकाकर्ताओं ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के फैसले को चुनौती दी है। उनकी मांग है कि वहां दोबारा प्रदर्शन करने की अनुमति दी जाए। 6. धारा 163 के तहत लगाई गई पाबंदियां दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने इन पाबंदियों के आधार और उन्हें लागू करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने संबंधित आदेशों की प्रतियां पेश करने को कहा है। 7. रास्ते बंद करने और आवाजाही रोकने का मामला प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर बैरिकेडिंग करने, लोगों की आवाजाही रोकने और पुलिस की ओर से लगाई गई पाबंदियों को भी याचिकाओं में चुनौती दी गई है। 8. पहले दिए गए अदालती आदेशों के पालन का मामला 11 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लेने और मेट्रो, ट्रेन तथा इंटरनेट सेवाएं सामान्य रखने के निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इस मुद्दे पर भी कोर्ट सुनवाई करेगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने सभी संबंधित संगठनों को मामले में शामिल कर उनका पक्ष जानने की बात कही है। सुनवाई में प्रदर्शन के अधिकार, व्यापारिक गतिविधियों और आम लोगों की आवाजाही के बीच संतुलन बनाने का मुद्दा प्रमुखता से उठा।

खंडवा जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े की कुर्सी पर 14 नवंबर को फैसला, अविश्वास प्रस्ताव पर होगा मतदान

खंडवा। जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेड़े की कुर्सी पर फैसला 14 नवंबर को होगा। उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान के लिए सुबह 11 बजे जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में सम्मेलन बुलाया गया है। इंदौर संभाग आयुक्त भास्कर लाक्षाकार ने सम्मेलन की अध्यक्षता के लिए कलेक्टर ऋषव गुप्ता को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया है। कलेक्टर ने बताया कि निर्धारित तारीख पर अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चर्चा और मतदान कराया जाएगा। सम्मेलन की तारीख तय होने के बाद जिला पंचायत की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दूसरी बार शुरू हुई अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश पहले भी की गई थी। उस समय कांग्रेस समर्थित सदस्यों ने आवेदन दिया था, लेकिन प्रशासन ने पंचायत अधिनियम का हवाला देते हुए इसे स्वीकार नहीं किया था। प्रशासन का कहना था कि जिला पंचायत का कार्यकाल ढाई साल पूरा होने से पहले अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद सदस्यों ने दोबारा प्रक्रिया शुरू की। इस बार आवेदन स्वीकार होने के बाद मतदान के लिए सम्मेलन की तारीख भी तय कर दी गई है। कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत सदस्य मनोज भरतकार के मुताबिक, मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग की संभावना बन सकती है। ऐसे में अध्यक्ष के लिए सदस्यों का समर्थन बनाए रखना चुनौती होगी। टॉस से अध्यक्ष बनी थीं पिंकी वानखेड़े पिंकी वानखेड़े के जिला पंचायत अध्यक्ष बनने की कहानी भी राजनीतिक उठापटक से जुड़ी रही है। पंचायत चुनाव के बाद अध्यक्ष पद कंचन तनवे को मिला था। वे निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य चुनी गई थीं। उस समय भाजपा के पास अनुसूचित जाति वर्ग से अध्यक्ष पद का दावेदार सदस्य नहीं था। जिले से इस वर्ग के केवल दो सदस्य निर्वाचित हुए थे। इनमें नानकराम बरवाहे कांग्रेस के समर्थन से जीते थे। भाजपा ने कंचन तनवे को समर्थन दिया और वे जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गईं। अध्यक्ष पद के चुनाव में जीत का अंतर महज एक वोट का था। बाद में कंचन तनवे को भाजपा से विधानसभा चुनाव का टिकट मिला। विधायक बनने के बाद उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद रिक्त हुए वार्ड में उपचुनाव कराया गया, जिसमें पिंकी वानखेड़े जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुईं। अध्यक्ष पद के चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस समर्थित नानकराम बरवाहे से हुआ। दोनों उम्मीदवारों को बराबर वोट मिले। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने पर्ची के जरिए फैसला कराया, जिसमें पिंकी वानखेड़े विजयी रहीं और अध्यक्ष बनीं। सदस्य के निधन से बदला संख्या बल का समीकरण जिला पंचायत के राजनीतिक समीकरण में वार्ड क्रमांक 6 से भाजपा समर्थित सदस्य श्रीराम चौधरी के निधन के बाद बदलाव आया है। इससे अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में जुटे सदस्यों को अपनी स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। हालांकि, प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में कितने सदस्य मतदान करेंगे, यह 14 नवंबर को सम्मेलन के दौरान ही स्पष्ट होगा। अब सभी की नजर इस बैठक पर है, जहां मतदान से तय होगा कि पिंकी वानखेड़े अध्यक्ष पद पर बनी रहेंगी या उन्हें पद छोड़ना पड़ेगा।
Stock Market

Stock Market Rally: बाजार में लौटी हरियाली, Sensex-Nifty में जोरदार तेजी; इन सेक्टर्स ने संभाली कमान

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। सुबह से ही बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा और देखते ही देखते सेंसेक्स करीब 900 अंक उछलकर 76,600 के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी ओर निफ्टी में भी करीब 250 अंकों की तेजी दर्ज की गई। बैंकिंग और IT सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिली। पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से बाजार जिस दबाव से गुजर रहा था, उसके बीच आई इस तेजी ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। खासकर उन निवेशकों के लिए यह अच्छी खबर रही, जो बाजार में सुधार का इंतजार कर रहे थे। Sensex-Nifty में तेजी से बाजार में लौटी रौनक मंगलवार, 3 नवंबर को कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 900 अंक की बढ़त के साथ 76,600 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं NSE Nifty भी लगभग 250 अंक चढ़कर 23,700 के पार पहुंच गया। इस तेजी में बैंकिंग, IT, FMCG और मेटल सेक्टर के शेयरों का अहम योगदान रहा। बाजार में खरीदारी बढ़ने से निवेशकों के बीच भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला। इससे पहले सोमवार को भी बाजार ने शानदार वापसी की थी। Sensex 1,233.25 अंक यानी 1.66% की तेजी के साथ 75,692.78 पर बंद हुआ था। वहीं Nifty 387.70 अंक चढ़कर 23,440.80 के स्तर पर पहुंच गया था। शेयर बाजार में तेजी की क्या रही वजह? मंगलवार की तेजी के पीछे सिर्फ एक वजह नहीं, बल्कि कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय संकेत रहे। 1. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय बाजार को राहत मिली। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से खरीदता है। ऐसे में तेल सस्ता होने से देश के आयात बिल और महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है। 2. FII की खरीदारी से मिला सपोर्ट विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की खरीदारी ने भी बाजार को मजबूती दी। सोमवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 3,115 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। विदेशी निवेशकों की वापसी को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। 3. Banking और IT Stocks में जबरदस्त खरीदारी बैंकिंग और IT सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। HDFC Bank, Infosys और Shriram Finance जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इन सेक्टरों में आई तेजी ने प्रमुख इंडेक्स को ऊपर ले जाने में मदद की। 4. कंपनियों के Q2 Results पर नजर सितंबर तिमाही के नतीजों का सीजन भी बाजार को प्रभावित कर रहा है। निवेशकों की नजर SBI, Bajaj Finserv, Lupin और MCX जैसी कंपनियों के नतीजों पर है। बेहतर नतीजों की उम्मीद से चुनिंदा शेयरों में खरीदारी बढ़ सकती है। 5. Global Market से मिले सकारात्मक संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीद ने निवेशकों के सेंटीमेंट को सहारा दिया। हालांकि, वैश्विक बाजारों में अभी भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है। Reliance के शेयरों में भी दिखी थी शानदार तेजी सोमवार के कारोबारी सत्र में Reliance Industries के शेयरों ने बाजार का ध्यान खींचा था। कंपनी के शेयरों में करीब 11.60% की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा Tata Steel, JSW Steel और Coal India जैसे शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, बाजार में तेजी के बावजूद सभी शेयर हरे निशान में नहीं रहे। कुछ IT, बैंकिंग और फार्मा शेयरों में दबाव भी देखने को मिला। आज इन कंपनियों के शेयरों पर रहेगी नजर 3 नवंबर को निवेशकों की नजर कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी हुई है। इनमें SBI, Bajaj Finserv, Lupin, MCX और Solar Industries जैसी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा ITC और Marico के कारोबारी प्रदर्शन पर भी निवेशक नजर रख रहे हैं। कंपनियों के नतीजे और भविष्य को लेकर दिए गए संकेत आने वाले कारोबारी सत्रों में शेयरों की चाल प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों के लिए क्या है आगे का संकेत? लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी आना शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, केवल एक-दो दिन की तेजी देखकर निवेश का फैसला लेना सही नहीं होगा। आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक आर्थिक हालात और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों की नजर इस बात पर है कि सेंसेक्स और निफ्टी अपनी तेजी को बरकरार रख पाते हैं या नहीं। बाजार में मौका जरूर दिखाई दे रहा है, लेकिन सावधानी के साथ निवेश करना भी उतना ही जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.