केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होगा। नक्सलवाद का प्रभाव कम होने और प्रदेश में शांति एवं सुरक्षा का माहौल बेहतर होने से पर्यटन विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर के प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों को देश-विदेश के पर्यटकों के बीच नई पहचान मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और हस्तशिल्प व पारंपरिक उत्पादों को नए बाजार मिलेंगे।
अमित शाह मंगलवार को नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के समापन समारोह और राज्य अलंकरण सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की। इस दौरान अमित शाह ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण सम्मान प्रदान किए। साथ ही महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त भी जारी की।
नक्सलवाद से बाहर निकलकर विकास की राह पर छत्तीसगढ़
अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद के डर और हिंसा से बाहर निकलकर शांति, विकास और खुशहाली की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास के नए रास्ते खुल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ को लेकर यह कहा जाता था कि यहां की धरती अमीर है, लेकिन लोग गरीब हैं। आने वाले 10 वर्षों में प्रदेश की धरती के साथ यहां के लोग भी समृद्ध और खुशहाल होंगे। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प बताया।
चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान
गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, मां दंतेश्वरी मंदिर और बस्तर दशहरा जैसे प्रमुख आकर्षण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। साथ ही जनजातीय क्षेत्रों के हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय कारोबार को भी नए अवसर मिलेंगे। इससे गांवों और आदिवासी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बस्तर की संस्कृति और लोककलाओं में दुनिया को आकर्षित करने की क्षमता
अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराएं और प्राकृतिक सुंदरता प्रदेश की बड़ी पहचान हैं। बस्तर की पारंपरिक वेशभूषा, खानपान, लोकनृत्य, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक परंपराएं पर्यटकों को आकर्षित कर सकती हैं।
उन्होंने बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे जनजातीय समाज की संस्कृति, खेल प्रतिभाओं और पारंपरिक जीवनशैली को नई पहचान मिल रही है।
इसके अलावा पंथी, पंडवानी, राउत नाचा, करमा और सैला जैसे लोकनृत्य भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अटल जी ने बनाया छत्तीसगढ़, मोदी ने विकास को नई दिशा दी
केंद्रीय गृह मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन उनकी दूरदर्शी सोच का परिणाम था।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके विकास को नई दिशा देने का काम किया है। आने वाले समय में प्रदेश में विकास की संभावनाएं और बढ़ेंगी, जिसका लाभ यहां के लोगों को मिलेगा।

