खंडवा नगर निगम के रिटायर्ड कार्यपालन यंत्री (इंजीनियर) अंतरसिंह तंवर की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। एक पुराने मामले में विभागीय जांच के बाद अब EOW (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ने भी केस दर्ज कर लिया है। यह शिकायत पहले नगर निगम स्तर पर की गई थी, जिसकी जांच पूरी हो चुकी है। अब इसी आधार पर भोपाल EOW में केस दर्ज होने के बाद इंदौर ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि नगर निगम में कार्यरत रहने के दौरान अंतरसिंह तंवर ने अपने बेटे साई चंद्र सिंह जो कि एक आर्किटेक्ट हैं, को भवन निर्माण की परमिशन दिलाने में पद का दुरुपयोग किया।
इस मामले में EOW इंदौर के इंस्पेक्टर संजय शुक्ला ने खंडवा नगर निगम कमिश्नर को नोटिस भेजकर एक सप्ताह (यानी 26 मई तक) में पूरी जानकारी भेजने को कहा है।
ईओडब्ल्यू ने इन पांच बिंदुओं पर मांगी जानकारी:
- इंजीनियर अंतरसिंह तंवर के बेटे आर्किटेक्ट साई चंद्र सिंह ने नगर निगम से कितने निर्माण की परमिशन मांगी?
- क्या साई चंद्र सिंह का नगर निगम में कंसल्टेंट के तौर पर रजिस्ट्रेशन हुआ है? यदि हां, तो दस्तावेज भेजें।
- अंतरसिंह तंवर की नौकरी के दौरान 31 दिसंबर 2024 तक उन्हें मिले वेतन-भत्तों का ब्योरा।
- तंवर ने कोई संपत्ति खरीदी है तो उसकी सूचना विभाग को दी गई या नहीं? अगर दी गई है तो प्रमाणित कॉपी भेजें।
- तंवर या उनके परिवार के नाम से कितनी संपत्तियों का संपत्ति कर भरा जा रहा है? सभी संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज भेजे जाएं।
पहले भी हुई थी शिकायत(deshharpal.com)
चार महीने पहले इसी मामले की शिकायत इंदौर स्थित नगरीय प्रशासन विभाग के संभागीय कार्यालय में हुई थी। इसके बाद खंडवा नगर निगम कमिश्नर प्रियंका राजावत को जांच के निर्देश दिए गए थे। कमिश्नर के अनुसार, जांच पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
