कनाडा में G7 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो चुकी है, और इस बार की सबसे बड़ी खबर रही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वापसी। 7 साल पहले इसी कनाडा में हुए G7 सम्मेलन से नाराज होकर बाहर निकलने वाले ट्रंप ने अब एक बार फिर उसी धरती पर कदम रखा है। उनके साथ इस बार बदला हुआ मूड और बदली हुई वैश्विक परिस्थिति भी है।
🇺🇸 ट्रंप की धमाकेदार वापसी: 2018 की नाराज़गी अब बीते ज़माने की बात
2018 में ट्रंप ने G7 सम्मेलन को “अनावश्यक” करार देते हुए उसे अचानक छोड़ दिया था। लेकिन इस बार वो Calgary एयरपोर्ट पर उतरे, मुस्कुरा रहे थे और राजनयिक शिष्टाचार निभा रहे थे। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने खुद उनका स्वागत किया और सोमवार को ट्रंप के साथ एक द्विपक्षीय बैठक भी तय है।
Global मुद्दों पर मंथन: Israel-Iran जंग, Ukraine संघर्ष, और Climate Crisis
इस साल G7 सम्मेलन में चर्चा के मुख्य विषय हैं:
- Israel-Iran के बीच चल रहा संघर्ष
ट्रंप ने इस पर कहा, “कभी-कभी उन्हें लड़ने देना चाहिए।”
यानी अमेरिका फिलहाल सीधे हस्तक्षेप से बचना चाहता है। - यूक्रेन-रूस युद्ध
NATO और EU देश इसमें एकजुट रणनीति बनाना चाहते हैं, लेकिन ट्रंप की अलग सोच बाधा बन सकती है। - क्लाइमेट चेंज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
सम्मेलन में AI की Global Framework और Green Economy पर रणनीति तय की जाएगी।
🇮🇳 भारत भी करेगा शिरकत: PM मोदी होंगे विशेष अतिथि
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस सम्मेलन में विशेष अतिथि के रूप में भाग लेंगे। उनके साथ यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया और मैक्सिको के नेता भी मौजूद रहेंगे। यह पहली बार है जब G7 में इतने विस्तारित मेहमान आमंत्रित किए गए हैं।
🇫🇷🇩🇪🇬🇧 G7 नेता ट्रंप से बना रहे दूरी लेकिन दिखा रहे संयम
- फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप की विवादास्पद टिप्पणियों पर चिंता जताई, विशेषकर उनके पुराने “ग्रीनलैंड खरीदने” वाले बयान को लेकर।
- जर्मनी के चांसलर मर्ज़ और UK के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर भी ट्रंप से औपचारिक संपर्क रख रहे हैं, लेकिन निजी तौर पर एहतियात बरत रहे हैं।
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