प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15-16 जून 2025 को Cyprus की ऐतिहासिक यात्रा की, जो पिछले 23 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली साइप्रस यात्रा रही। यह दौरा केवल द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक मजबूत कूटनीतिक संदेश देना भी था—खासकर तुर्किये को।
Cyprus को भारत का खुला समर्थन
प्रधानमंत्री मोदी ने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस में स्पष्ट कहा कि भारत Cyprus की “संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता” का पूरा समर्थन करता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का हवाला देते हुए उत्तरी साइप्रस पर तुर्की के कब्जे को समाप्त करने की अपील की।
पीएम मोदी ने कहा, “शांति मानवता की पुकार है। सभी विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति से होना चाहिए, न कि बल प्रयोग से।” यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक अहम संदेश है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग होगा मजबूत
भारत और Cyprus ने अपने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को नए स्तर पर ले जाने का फैसला किया है, जिसमें शामिल हैं:
- समुद्री सुरक्षा (Maritime Security)
- साइबर सुरक्षा (Cybersecurity)
- आतंकवाद विरोधी प्रयास और फंडिंग पर कार्रवाई
- रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करना
इसके अलावा, साइप्रस ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को समर्थन दिया और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की प्रतिबद्धता जताई।
तुर्किये को दिया गया रणनीतिक संदेश
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब तुर्किये लगातार पाकिस्तान का समर्थन कर रहा है और भारत के खिलाफ कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आवाज़ उठा रहा है। तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगन IMEC (India-Middle East-Europe Corridor) पर भारत की भूमिका को चुनौती देते हुए कह चुके हैं कि ये प्रोजेक्ट “तुर्किये के बिना नहीं चल सकता।”
इस पृष्ठभूमि में मोदी का साइप्रस दौरा साफ तौर पर एक रणनीतिक संदेश है कि भारत क्षेत्रीय दबावों के आगे झुकेगा नहीं और अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा।
भारत–यूरोप कनेक्टिविटी का नया केंद्र बनेगा साइप्रस
भारत और Cyprus के बीच इंडिया–मिडल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) को लेकर भी चर्चा हुई। साइप्रस को इस परियोजना में एक मुख्य गेटवे के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत को यूरोपीय संघ से जोड़ने में मदद करेगा।
- साइप्रस की 2026 में EU अध्यक्षता इसे और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है।
- GIFT सिटी और साइप्रस स्टॉक एक्सचेंज के बीच सहयोग की योजना भी सामने आई है।
- ऊर्जा क्षेत्र में, पूर्वी भूमध्य सागर (Eastern Mediterranean) में गैस भंडार को मिलकर खोजने की संभावना पर भी बातचीत हुई।
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