ग्वालियर।
ग्वालियर में महल रोड के नाम से जानी जाने वाली नवनिर्मित चेतकपुरी सड़क लगातार धंसती जा रही है। महज़ 12 दिनों में 10 बार इस सड़क के धंसने ने प्रशासन की पोल खोल दी है। अब इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम के दो कार्यपालन यंत्री – पवन सिंघल और सुरेश अहिरवार को निलंबित कर दिया गया है। यह फैसला जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट के निर्देश पर हुआ।
प्रभारी मंत्री खुद सड़क नहीं देखने पहुंचे
गौर करने वाली बात ये है कि मंत्री सिलावट दो दिन से ग्वालियर में मौजूद हैं, लेकिन इतनी बड़ी घटना के बाद भी चेतकपुरी सड़क का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे। जब सवाल उठा तो उन्होंने शनिवार को आने की बात कही।
सीएम के दौरे पर ‘आप’ का घेराव
शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में रहेंगे। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता ज़िला अध्यक्ष अमिताभ पांडे के नेतृत्व में सीएम का घेराव कर ज्ञापन सौंपेंगे। वे दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।
इंजीनियर सस्पेंड, ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं!
नगर निगम ने इंजीनियरों को तो निलंबित कर दिया, लेकिन सड़क निर्माण करने वाली ठेकेदार कंपनी HNS और स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम बनाने वाली जैन एंड राय कंपनी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि जानकारों का मानना है कि ठेकेदार की लापरवाही भी उतनी ही बड़ी है।
- ड्रेनेज का ठेका: ₹14.50 करोड़
- सड़क निर्माण का ठेका: ₹4.09 करोड़
- भुगतान: ड्रेनेज कंपनी को ₹12 करोड़ और सड़क निर्माण कंपनी को ₹2 करोड़ पहले ही दिए जा चुके हैं।
बार-बार धंसने के 3 बड़े कारण
- गलत भराव सामग्री: मिट्टी से सड़क भरी गई, जबकि मुरम से भराव जरूरी था।
- गलत कम्पैक्शन तकनीक: सामान्य रोलर से दबाया गया, जबकि वाइब्रेटिंग रोलर जरूरी था।
- जल्दीबाज़ी में निर्माण: मिट्टी को सेट होने का समय नहीं दिया गया, जिससे बारिश के बाद सड़क धंस गई।
प्रोजेक्ट का स्कोप
- स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट लागत: ₹18.31 करोड़
- पाइप डाला गया: 2000 मिमी व्यास
- गहराई: 4 से 7 मीटर
- सड़क निर्माण लंबाई: 2800 मीटर (कुलदीप नर्सरी से फूलबाग चौपाटी तक)
- समाप्ति की तय तारीख: अगस्त 2024
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