311 रन से पीछे था भारत, फिर भी टेस्ट हारा नहीं… कैसे? पढ़िए 4 जांबाजों की दिल छू लेने वाली कहानी
Manchester में खेले गए टेस्ट मैच में जब भारत पहली पारी में 311 रन से पीछे था, तब लग रहा था कि मैच हाथ से निकल चुका है। लेकिन दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा जज्बा दिखाया कि पूरे देश का सिर गर्व से ऊँचा हो गया।
टीम इंडिया ने 142 ओवर तक बल्लेबाज़ी की, वो भी सिर्फ 4 बल्लेबाज़ों के दम पर। इन चार खिलाड़ियों ने हार को गले लगाने की बजाय मैदान पर डटे रहने का फैसला लिया – और यही बना भारत की जीत जैसा ड्रा।
कौन थे ये 4 हीरो?
- विराट कोहली – कप्तान ने टीम को दिशा दी। उन्होंने न सिर्फ टिककर खेला, बल्कि बाकी खिलाड़ियों को भी मजबूती से खड़ा रहने का हौसला दिया।
- चेतेश्वर पुजारा – दीवार बनकर खड़े रहे। उनके डिफेंस और धैर्य ने इंग्लैंड की हर चाल को विफल किया।
- अजिंक्य रहाणे – जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब उन्होंने जिम्मेदारी संभाली और शतक जड़ा।
- हनुमा विहारी – टीम में कम मौकों के बावजूद उन्होंने अपनी अहमियत साबित की। अंतिम समय तक खड़े रहकर भारत को ड्रा दिलाया।
क्यों है ये मैच खास?
- इंग्लैंड की टीम फुल अटैक मोड में थी। पिच भी मददगार थी।
- भारत ने 311 रन का फॉलोऑन झेला, फिर भी 142 ओवर तक टिककर दिखाया – यह मानसिक मजबूती की मिसाल है।
- इस मुकाबले ने बता दिया कि क्रिकेट सिर्फ स्कोर का नहीं, हौसले का भी खेल है।
“ऐसा लगा जैसे हार तय है, लेकिन टीम इंडिया ने जो किया, वो इतिहास बन गया। ये ड्रा, किसी जीत से कम नहीं।”
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