ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) पर संसद (Parliament) में हो रही 16 घंटे की लंबी बहस में कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) का नाम स्पीकर्स लिस्ट से गायब रहा। सोमवार को जब मीडिया ने उनसे सवाल किया कि क्या वे इस मुद्दे पर बोलेंगे, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा – “मौन व्रत,मौन व्रत” और बिना कोई जवाब दिए चले गए।
Congress ने क्यों नहीं दिया बोलने का मौका?
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस ने संसद में अपने चुनिंदा नेताओं को ही बोलने का अवसर दिया है। हालांकि, यह चौंकाने वाली बात है क्योंकि हाल ही में सरकार की ओर से गठित ऑल-पार्टी डेलिगेशन में Shashi Tharoor ने विदेशों में जाकर ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत का पक्ष मजबूत तरीके से रखा था।
Party में बढ़ी नाराज़गी और Internal Politics
केरल कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने Shashi Tharoor पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें संसदीय पार्टी की मीटिंग्स में आने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और वे खुद इस्तीफा दें। पार्टी के भीतर यह विवाद साफ दिखाता है कि थरूर और कांग्रेस हाईकमान के बीच दूरी बढ़ रही है।
Parliament में हंगामा और Debate
सोमवार सुबह ही कांग्रेस सांसदों ने संसद में हंगामा किया और नारेबाजी की, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित करनी पड़ी। बहस में ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम आतंकी हमला और भारत-पाकिस्तान रिश्तों पर गर्म चर्चा होने की संभावना है।
Political Message of Maun Vrat
शशि थरूर का “मौन व्रत” बयान संकेत देता है कि उन्हें पार्टी में जानबूझकर चुप रखा जा रहा है। विदेशों में भारत की आवाज़ बनने वाले थरूर का संसद की मुख्य बहस में न बोल पाना कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और अंदरूनी मतभेदों का बड़ा संकेत है।
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