झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक, पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन (Shibu Soren) का आज (4 अगस्त 2025) सुबह 8:56 बजे दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निधन हो गया। 81 वर्षीय शिबू सोरेन पिछले कई हफ्तों से गंभीर रूप से बीमार थे और वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे।
लंबी बीमारी से जंग हार गए Shibu Soren
शिबू सोरेन को जून 2025 में किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें डायबिटीज, हार्ट डिजीज और ब्रोंकाइटिस जैसी पुरानी बीमारियाँ भी थीं। हालत में कोई सुधार न होने के कारण सोमवार सुबह उनका निधन हो गया।
डिशोम गुरु: राजनीतिक सफर और उपलब्धियां
- “डिशोम गुरु” के नाम से मशहूर शिबू सोरेन ने 1970 के दशक में आदिवासी अधिकारों के लिए आंदोलन शुरू किया।
- तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने और चार बार लोकसभा सांसद रहे।
- केंद्र में कोयला मंत्री के रूप में भी सेवाएं दीं।
- झारखंड राज्य के निर्माण और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई में अहम योगदान दिया।
नेताओं का श्रद्धांजलि संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, “शिबू सोरेन जी एक जमीनी नेता थे, जिन्होंने जीवनभर गरीबों और आदिवासियों के लिए काम किया। उनका निधन देश के लिए बड़ी क्षति है।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, अमित शाह, राहुल गांधी और अन्य कई नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
परिवार का बयान
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिता के निधन पर लिखा, “आज मैं सब कुछ खो बैठा हूँ। वे मेरे मार्गदर्शक और मेरे सबसे बड़े प्रेरणास्रोत थे। यह केवल हमारा ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड का नुकसान है।”
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