बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में भव्य माता सीता मंदिर (Mata Sita Mandir) का शिलान्यास किया। यह कदम न सिर्फ धार्मिक आस्था को मज़बूत करता है, बल्कि Mithilanchal में BJP-NDA की राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करने का बड़ा Masterstroke माना जा रहा है।
₹882 करोड़ की Grand Project, 2028 तक तैयार होगा मंदिर
माता सीता मंदिर की यह Grand परियोजना लगभग ₹882 करोड़ की लागत से तैयार होगी। लगभग 67 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस मंदिर का मुख्य शिखर 156 फीट ऊँचा होगा। परिसर में Sita Vatika, Luv-Kush Vatika, हरे-भरे गार्डन, Vedic School, Museum, प्रदर्शनी स्थल और श्रद्धालुओं के लिए Dharmashala जैसी सुविधाएँ होंगी। इस मंदिर का डिज़ाइन Ayodhya Ram Mandir के आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोम्पुरा ने तैयार किया है।
भव्य शिलान्यास में धार्मिक और सांस्कृतिक रंग
शिलान्यास समारोह में 112 नदियों का पवित्र जल और पावन स्थलों की मिट्टी का उपयोग हुआ। छह आचार्यों ने वेद मंत्रों के साथ पूजन कराया। अयोध्या और जनकपुर से सैकड़ों संत शामिल हुए। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी Mithilanchal की पहचान को ऊँचा उठाने वाला है।
Tourism और Connectivity में मिलेगा Boost
मंदिर के साथ ही सरकार ने Sitamarhi से Delhi के लिए Amrit Bharat Train शुरू करने की घोषणा की है, जिससे Religious Tourism को बढ़ावा मिलेगा। अनुमान है कि यह प्रोजेक्ट Ayodhya की तरह स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
Mithilanchal की Election Strategy
Mithilanchal में कुल 60 Assembly Seats हैं, जो बिहार विधानसभा का लगभग 25% हिस्सा हैं। 2020 में NDA ने इनमें से लगभग 40 सीटों पर जीत दर्ज की थी। ऐसे में माता सीता मंदिर का शिलान्यास भावनात्मक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टियों से Game Changer हो सकता है।
विपक्ष का आरोप
विपक्ष ने इसे चुनावी स्टंट बताते हुए कहा कि धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल वोट पाने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव ला सकता है।
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