अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा India पर लगाए गए 50% Tariff ने न सिर्फ़ व्यापारिक तनाव (Trade Tension) को बढ़ा दिया है, बल्कि भारत के भू-राजनीतिक समीकरण (Geopolitical Equation) को भी प्रभावित किया है।
इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) साल के अंत में भारत दौरे पर आ रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के साथ उनकी यूक्रेन युद्ध (Ukraine War) के बाद पहली आमने-सामने मुलाकात होगी। यह संकेत है कि भारत और रूस के रिश्ते (India-Russia Relations) और मज़बूत हो रहे हैं।
Trump Tariff से बढ़ा Trade War
6 अगस्त 2025 को ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 25% शुल्क लगाने की घोषणा की, जो पहले से लागू 25% Tariff के ऊपर होगा। इस तरह कुल शुल्क दर 50% हो जाएगी। इसका कारण भारत का रूस से सस्ता कच्चा तेल (Russian Crude Oil) खरीदना बताया गया है। ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक यह मुद्दा हल नहीं होता, India-US Trade Talks स्थगित रहेंगे।
Indian Economy पर असर
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी (Tariff Policy) का भारत की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा।
- Moody’s का अनुमान है कि भारत की GDP Growth में 0.3% की गिरावट हो सकती है।
- Morgan Stanley के अनुसार यह असर 0.4% से 0.8% तक हो सकता है।
Textile और Jewellery Sector पर बड़ा झटका
- Textile Industry: अमेरिकी ख़रीदार भारतीय निर्यातकों पर लागत खुद वहन करने या उत्पादन को बांग्लादेश, वियतनाम जैसे देशों में शिफ्ट करने का दबाव डाल रहे हैं, जिससे तिरुपुर जैसे हब में रोज़गार संकट बढ़ सकता है।
- Jewellery Industry: भारत से अमेरिका को होने वाला लगभग $10 Billion Export खतरे में है, जिसमें 30% हिस्सा अमेरिका को जाता है। मुंबई के SEEPZ जैसे आर्थिक क्षेत्रों में हज़ारों कारीगरों की रोज़ी-रोटी प्रभावित हो सकती है।
Rupee में गिरावट, RBI की दखल
टैरिफ की घोषणा के बाद रुपया 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। RBI ने Non-Deliverable Forward (NDF) मार्केट में हस्तक्षेप कर स्थिरता लाने की कोशिश की।
Amitabh Kant ने दिया ‘Agneepath Moment’ का संदेश
पूर्व नीति आयोग सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि यह भारत के लिए “once-in-a-generation” मौका है, जब साहसिक आर्थिक सुधारों (Economic Reforms) के ज़रिए देश को आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से बढ़ाया जा सकता है।
Russia-India Friendship से US को चिंता
रूस के साथ भारत की बढ़ती नज़दीकियां और SCO जैसे मंचों पर चीन-रूस के साथ सक्रियता वॉशिंगटन के लिए चिंता का विषय है। पुतिन का दौरा इस संकेत को और मज़बूत करता है कि Trump Tariff War भारत को अपने पुराने रणनीतिक साझेदारों की ओर और झुका सकता है।
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