India के तीन बड़े फैसले: दुनिया को दिखाई कूटनीतिक ताकत, ट्रंप को मिला सख्त संदेश
India ने हाल ही में तीन अहम कदम उठाकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक सख्त और स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह किसी दबाव में नहीं आएगा और अपनी विदेश नीति खुद तय करेगा।
भारत ने ऐलान किया है कि वह जल्द ही चीन का दौरा करेगा। ये ऐलान ऐसे वक्त में हुआ है जब दुनिया भर में चीन को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। भारत का यह दौरा यह दिखाता है कि वह अपने पड़ोसियों से बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहता है और किसी तीसरे देश के दबाव में नहीं आएगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। यह मुलाकात रणनीतिक तौर पर बेहद अहम मानी जा रही है। ऐसे समय में जब पश्चिमी देश रूस को अलग-थलग करने की कोशिश कर रहे हैं, भारत ने पुतिन से मुलाकात कर यह साफ कर दिया कि वह अपने पुराने दोस्त रूस के साथ खड़ा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा से बात की। यह बातचीत सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने के लिए नहीं थी, बल्कि यह भी दिखाने के लिए थी कि भारत वैश्विक दक्षिण (Global South) देशों को एकजुट कर रहा है और अमेरिका जैसे देशों के दबाव में नहीं आने वाला।
इन तीनों घटनाओं ने मिलकर एक बड़ा संदेश दिया है—भारत अब वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास के साथ खड़ा है। वह अपनी कूटनीति खुद तय करता है, और उसे किसी भी बड़े देश से डर नहीं लगता, चाहे वो अमेरिका हो या ट्रंप जैसे नेता।
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