India Army Chief, Upendra Dwivedi, Pakistan War, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने IIT मद्रास में चेतावनी दी कि पाकिस्तान के साथ अगला युद्ध जल्द हो सकता है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की रणनीति और उपलब्धियों पर भी खुलासा किया।
नई दिल्ली।देश हरपल न्यूज़ डेस्क
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने IIT मद्रास में आयोजित ‘अग्निशोध’ – इंडियन आर्मी रिसर्च सेल (IARC) के उद्घाटन के दौरान कहा —
“अगला युद्ध जल्द हो सकता है। हमें उसी के मुताबिक तैयारी करनी होगी और इस बार हमें यह लड़ाई मिलकर लड़नी होगी।”
जनरल द्विवेदी ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सरकार ने सेना को फ्री हैंड दिया था। उन्होंने इसे ग्रे जोन ऑपरेशन बताया — यानी पारंपरिक युद्ध नहीं, बल्कि ऐसी रणनीति जिसमें दुश्मन हमारी चाल नहीं भांप पाता और हम उसकी।
जनरल द्विवेदी ने बताया कि 25 अप्रैल को उत्तरी कमान के दौरे के दौरान ऑपरेशन की प्लानिंग हुई। इसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों को टारगेट किया गया, जिनमें से 7 को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में पूरी योजना पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा —
“ऑपरेशन सिंदूर’ एक ऐसा नाम था जिसने पूरे देश को जोड़ा और प्रेरित किया। इसी वजह से लोग पूछ रहे थे कि आपने इसे क्यों रोका? इसका भरपूर जवाब दिया गया है।”
IARC का मकसद — टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सेना
‘अग्निशोध’ – इंडियन आर्मी रिसर्च सेल का उद्देश्य सैन्य कर्मियों को एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम कंप्यूटिंग, वायरलेस कम्युनिकेशन और अनमैन्ड सिस्टम्स में प्रशिक्षित करना है, ताकि सेना टेक्नोलॉजी-सक्षम फोर्स बन सके।
एयरफोर्स चीफ का खुलासा — 5 पाकिस्तानी जेट गिराए
कुछ दिन पहले बेंगलुरु में एयरफोर्स चीफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बताया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के 5 फाइटर जेट और एक सर्विलांस एयरक्राफ्ट को मार गिराया गया।
उन्होंने कहा कि हाल ही में खरीदे गए S-400 एयर डिफेंस सिस्टम इस ऑपरेशन में गेम-चेंजर साबित हुए।पाकिस्तान का बयान
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारतीय दावों को नकारते हुए कहा कि भारतीय सेना को सीमा पर भारी नुकसान हुआ। उन्होंने चुनौती दी कि दोनों देश अपने विमान भंडार को स्वतंत्र जांच के लिए खोल दें।
जनरल द्विवेदी का यह बयान भारत-पाकिस्तान संबंधों के मौजूदा तनाव को और उजागर करता है। जहां एक ओर सेना युद्ध की संभावना को देखते हुए तैयारियों पर जोर दे रही है, वहीं पाकिस्तान इन दावों को नकारते हुए राजनीतिक मकसद मान रहा है।
