गाज़ा (Gaza) में 10 अगस्त 2025 को एक बड़ा हमला हुआ, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। इजरायली हवाई हमले (Israeli Airstrike) में Al Jazeera के जाने-माने पत्रकार Anas Al-Sharif समेत 5 पत्रकारों की मौत हो गई। यह हमला गाज़ा सिटी (Gaza City) के अल-शिफा अस्पताल (Al-Shifa Hospital) के बाहर मीडिया टेंट पर किया गया। मारे गए अन्य पत्रकारों में मोहम्मद कुरैकेह, इब्राहिम ज़ाहिर, मोहम्मद नूफल और मोअमेन अलीवा शामिल थे।
Anas Al-Sharif कौन थे?
अनस अल-शरीफ (जन्म: 3 दिसंबर 1996) गाज़ा के उत्तरी हिस्से से लगातार युद्ध के बीच रिपोर्टिंग करने के लिए मशहूर थे। दिसंबर 2023 में एक इजरायली हमले में उनके पिता की मौत हो गई थी, लेकिन उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा। वे Pulitzer Prize 2024 जीतने वाली Reuters टीम का हिस्सा भी थे, जिन्होंने इजरायल-हमास युद्ध की तस्वीरें और रिपोर्टिंग से दुनिया को चौंका दिया था।
Israeli Army का दावा
इजरायली सेना (IDF) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि Anas Al-Sharif सिर्फ पत्रकार नहीं थे, बल्कि हमास (Hamas) के एक आतंकी सेल के प्रमुख थे। सेना के मुताबिक, वे इजरायली नागरिकों और सैनिकों पर रॉकेट हमलों में शामिल थे और उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं।
Al Jazeera और Press Freedom Groups की प्रतिक्रिया
अल जज़ीरा (Al Jazeera) ने इजरायली आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया। चैनल ने कहा कि यह हमले का मकसद गाज़ा में सच्चाई दिखाने वाली आवाज़ों को दबाना है।
Committee to Protect Journalists (CPJ), UN Special Rapporteur Irene Khan और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनोंने इस हमले की कड़ी निंदा की। उनका कहना है कि इजरायल ने कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया और यह प्रेस की आज़ादी पर सीधा हमला है।
Gaza में पत्रकारों पर बढ़ता खतरा
गाज़ा युद्ध (Gaza War) में अब तक 200 से अधिक पत्रकार अपनी जान गंवा चुके हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार यह संख्या 237 तक पहुंच चुकी है। यह घटना मीडिया की सुरक्षा, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और युद्ध क्षेत्रों में पत्रकारों की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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