Bhopal में बना इतिहास
भोपाल (Bhopal) के गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) में पहली बार किसी Body Donation को Rajkiya Samman (राजकीय सम्मान) दिया गया। 79 वर्षीय महिला, जिन्होंने अपनी मृत्यु के बाद देहदान (Body Donation) किया, उन्हें राज्य सरकार की ओर से Guard of Honor देकर विदाई दी गई। इस दौरान GMC के डॉक्टर, स्टाफ और परिजन मौजूद रहे।
सरकार की नई पहल: Body Donation को मिलेगा सम्मान
कुछ महीने पहले मध्यप्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने घोषणा की थी कि अंगदान (Organ Donation) और देहदान (Body Donation) करने वाले व्यक्तियों को राजकीय सम्मान दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और ज्यादा से ज्यादा लोगों को देहदान व अंगदान के लिए प्रेरित करना है।
नीमच और अन्य जिलों में भी हुआ सम्मान
भोपाल से पहले नीमच (Neemuch) जिले में भी एक महिला के बॉडी डोनेशन पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। अब धीरे-धीरे यह पहल प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू की जा रही है।
समाज को मिला बड़ा संदेश
मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि देहदान (Body Donation) मेडिकल स्टूडेंट्स की पढ़ाई और रिसर्च के लिए बेहद जरूरी है। जब सरकार ऐसे दानदाताओं को सम्मान देती है, तो समाज में यह संदेश जाता है कि Body Donation समाज सेवा और मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है।
बढ़ रही जागरूकता और प्रेरणा
भोपाल की यह घटना साबित करती है कि अब लोग बॉडी डोनेशन को सिर्फ व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि मानवता और समाज के प्रति योगदान मानने लगे हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को भी अंगदान और देहदान के लिए प्रेरित करेगी।
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