भारत में हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से शुरू होने वाला Ganesh Utsav 10 दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है। इन 10 दिनों तक भक्त बप्पा की सेवा और आराधना करते हैं और फिर Anant Chaturdashi के दिन भावपूर्ण विदाई के साथ Ganesh Visarjan 2025 करते हैं।
Ganesh Visarjan 2025 Muhurat (गणेश विसर्जन शुभ समय)
अनंत चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 सितंबर 2025, सुबह 06:12 बजे
अनंत चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 सितंबर 2025, सुबह 04:48 बजे
विसर्जन के श्रेष्ठ मुहूर्त:
- सुबह: 08:00 बजे – 11:30 बजे तक
- दोपहर: 01:30 बजे – 03:30 बजे तक
- संध्या: 05:00 बजे – 07:00 बजे तक
इन मुहूर्तों में गणपति बप्पा का विसर्जन करना सबसे शुभ और फलदायी माना जाता है।
Ganesh Visarjan का महत्व
- विसर्जन का अर्थ है बप्पा को पंचतत्व में विलीन कर पुनः अपने लोक में भेजना।
- भक्त मानते हैं कि गणेश जी साल भर उनकी रक्षा कर अगले वर्ष फिर से आते हैं।
- पूरे भारत में “Ganpati Bappa Morya, Pudhchya Varshi Lavkar Ya” की गूंज सुनाई देती है।
Ganesh Visarjan Vidhi (विसर्जन की विधि)
- सबसे पहले घर में बप्पा की आरती और पूजा करें।
- उन्हें पंचामृत स्नान कराएं और मोदक व फल अर्पित करें।
- नारियल, दूर्वा (दूब घास) और पुष्प चढ़ाकर विदाई दें।
- परिवार के सभी सदस्य मिलकर “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों के साथ विसर्जन स्थल तक जाएं।
- जल में विसर्जन करने से पहले बप्पा से क्षमा मांगे और अगले वर्ष जल्दी आने का निवेदन करें।
Eco-friendly Ganesh Visarjan
आजकल जल प्रदूषण रोकने के लिए मिट्टी (शाडू माटी) की मूर्तियों का विसर्जन या कृत्रिम विसर्जन तालाबों का उपयोग करने की परंपरा बढ़ रही है। यह पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों दोनों के लिए शुभ है।
Cultural Celebration of Ganesh Utsav
- महाराष्ट्र, विशेषकर मुंबई और पुणे में Ganesh Visarjan Procession बहुत प्रसिद्ध है।
- ढोल-ताशे, नृत्य और भक्तिमय वातावरण में हजारों लोग बप्पा को विदाई देते हैं।
- उत्तर भारत समेत देशभर में अब गणेश उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाने लगा है।
Ganesh Visarjan 2025 सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आस्था, श्रद्धा और पर्यावरण-संरक्षण का संदेश भी देता है। बप्पा से यही प्रार्थना है कि वे जीवन से सभी विघ्न हर लें और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दें।
गणपति बप्पा मोरया! मंगल मूर्ति मोरया!
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

