Manipur में लंबे समय से जारी Kuki-Meitei Conflict को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम पहल की है। 4 सितंबर 2025 को केंद्र, मणिपुर सरकार और कुकी संगठनों KNO (Kuki National Organisation) व UPF (United People’s Front) के बीच Suspension of Operations SoO Agreement साइन हुआ।
SoO Agreement के Main Points
- Manipur Territorial Integrity यानी मणिपुर की भौगोलिक अखंडता बनी रहेगी।
- उग्रवादी कैंप्स को संवेदनशील इलाकों से हटाया जाएगा।
- दोनों पक्ष हिंसा रोकने और शांति बनाए रखने का वादा करेंगे।
- National Highway-2 (NH-2) को फिर से खोल दिया गया, जिससे लोगों और जरूरी सामान की आवाजाही शुरू हो सकेगी।
Kuki-Meitei Trust Issue अब भी बरकरार
कुकी-जो काउंसिल (KZC) ने साफ किया है कि हाईवे खुलने के बावजूद Buffer Zones में आवाजाही की छूट नहीं मिलेगी। इन संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा और लोगों की सुरक्षित आवाजाही की जिम्मेदारी अब केंद्र सरकार की होगी।
Civil Society Groups की नाराज़गी
हालांकि यह समझौता शांति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन Meitei और Kuki Civil Groups ने इसे खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में उनकी राय नहीं ली गई और यह निष्पक्ष नहीं है। इससे साफ है कि दोनों समुदायों के बीच अविश्वास अब भी गहरा है।
PM Modi Manipur Visit 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर 2025 को मणिपुर का दौरा करेंगे। यह दौरा शांति स्थापित करने और दोनों समुदायों के बीच भरोसा बढ़ाने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। दौरे को लेकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और चुराचांदपुर समेत कई इलाकों को No-Drone Zone घोषित किया गया है।
Government की Commitment
मणिपुर के मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने कहा है कि राज्य सरकार इस समझौते को पूरी तरह लागू करेगी। अब जिम्मेदारी प्रशासन पर है कि वह दोनों समुदायों के बीच संतुलन बनाकर शांति कायम करे।
Manipur Violence Background
मई 2023 से शुरू हुई मणिपुर हिंसा में हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं। बड़ी संख्या में परिवार अभी भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। यह विवाद मुख्य रूप से मीतई समाज की ST Status Demand और जमीन व प्रतिनिधित्व को लेकर उपजा था।
आगे का रास्ता
- समझौते को ईमानदारी से लागू करना होगा।
- दोनों समुदायों का विश्वास जीतना जरूरी है।
- पीएम मोदी की यात्रा अगर भरोसा कायम करने में सफल होती है तो यह स्थायी शांति की शुरुआत बन सकती है।
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