पंजाब (Punjab) में बाढ़ का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। Sutlej River Floods के कारण लुधियाना (Ludhiana) समेत कई जिलों के गांव पानी में डूब गए हैं। हालात इतने खराब हैं कि 15 से ज्यादा गांव खतरे में आ गए हैं। प्रशासन, सेना और NDRF लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं।
Punjab Floods से अब तक 43 मौतें, लाखों लोग बेघर
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक बाढ़ से 43 लोगों की जान जा चुकी है। लगभग 3.84 लाख लोग प्रभावित हैं। 21,929 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और 196 राहत शिविरों में 7,000 से ज्यादा लोग ठहराए गए हैं।
Ludhiana में Dhussi Bundh टूटा, खेत पानी में डूबे
लुधियाना जिले के सस्राली (Sasrali) गांव के पास Dhussi Bundh में दरार आने से पानी तेजी से गांवों और खेतों में घुस गया। 100 एकड़ से ज्यादा फसल और पोपलर के पेड़ डूब चुके हैं। प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर Ring Dyke बनाना शुरू किया है ताकि गांव पूरी तरह पानी में डूबने से बच सके।
Health Teams और Animal Care Services तैनात
लुधियाना जिले के 14 प्रभावित गांवों में 21 मेडिकल और पशु चिकित्सा टीमों को भेजा गया है। इंसानों और जानवरों दोनों के लिए दवाइयों, टीकाकरण और मेडिकल चेकअप की सुविधा दी जा रही है। हेल्पलाइन नंबर 104, 108 और 0161-2444193 एक्टिव कर दिए गए हैं।
Local Volunteers और Religious Organizations मदद में जुटे
सरकारी टीमों के साथ-साथ स्थानीय लोग और धार्मिक संगठन भी मदद कर रहे हैं। गुरुद्वारे और NGOs प्रभावित परिवारों को खाना, पानी और दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं। रेत के बोरे भरकर तटबंधों को मजबूत किया जा रहा है ताकि पानी का दबाव रोका जा सके।
Illegal Mining बनी बाढ़ की वजह?
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ की मुख्य वजह अवैध खनन (Illegal Mining) को बताया। उनका कहना है कि इससे नदी के तटबंध कमजोर हो गए, जिससे पानी ने गांवों में तबाही मचाई। उन्होंने राज्य सरकार को गंभीरता से काम करने की सलाह दी और केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
1988 के बाद सबसे बड़ी त्रासदी
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बाढ़ 1988 की विनाशकारी बाढ़ के बाद पंजाब की सबसे गंभीर आपदा है। अगस्त 2025 तक ही 1,400 गांव और 3.5 लाख एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हो चुके हैं। लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
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