लद्दाख (Ladakh) में Statehood और Sixth Schedule की मांग को लेकर हुआ शांतिपूर्ण आंदोलन अब हिंसक मोड़ ले चुका है। लेह (Leh) में शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में 4 लोगों की मौत हो गई और 80 से ज्यादा लोग घायल हुए। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने Curfew और Internet Ban लागू कर दिया है।
Sonam Wangchuk बने Protest का चेहरा
पर्यावरणविद् और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk लंबे समय से लद्दाख को Statehood और Sixth Schedule के तहत संवैधानिक अधिकार दिलाने की मांग कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अनशन (Hunger Strike) शुरू किया था। दो अन्य अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया और हालात बेकाबू हो गए।
सरकार का Action: FCRA License Cancel, Arrest
हिंसा के बाद पुलिस ने Sonam Wangchuk को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, केंद्र सरकार ने उनके NGO का FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) लाइसेंस भी रद्द कर दिया है। गृह मंत्रालय के अनुसार NGO पर आरोप हैं कि—
- गैर-घोषित Bank Accounts का इस्तेमाल किया गया,
- Foreign Fund का Misuse किया गया,
- और फंड से Non-permissible Activities चलाई गईं।
Protesters का आरोप: आवाज दबाने की कोशिश
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए सोनम वांगचुक को निशाना बना रही है। आंदोलनकारियों का दावा है कि लद्दाख की संस्कृति, पहचान और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए Sixth Schedule लागू करना बेहद जरूरी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
लेह और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में Security Forces तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि हालात काबू में हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में नाराजगी बरकरार है। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
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