27 सितंबर 2025 को तमिलगा वेत्तरी काझागम (TVK) के नेता और अभिनेता विजय की रैली के दौरान हुई Karur Stampede ने राज्य को सदमे में डाल दिया है। इस दर्दनाक घटना में अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है और 51 से अधिक घायल हैं। यह घटना न केवल सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी को उजागर करती है, बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को भी जन्म देती है।
रैली में देरी और भीड़ नियंत्रण में चूक
पुलिस ने इस मामले में TVK के तीन वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है — जिला सचिव वीपी माथिय्यालगन, राज्य महासचिव बसी आनंद और उप महासचिव निर्मल कुमार। आरोप है कि उन्होंने रैली की अनुमति शर्तों का उल्लंघन किया और भीड़ नियंत्रण में गंभीर चूक की।
FIR में यह भी आरोप है कि अभिनेता विजय ने जानबूझकर रैली में देर से पहुँचकर अधिक भीड़ जुटाने की योजना बनाई। फिलहाल उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है।
जांच और राजनीतिक विवाद
तमिलनाडु सरकार ने इस घटना की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है। दूसरी ओर, TVK के वकील अरिवझगन ने इस घटना को DMK नेताओं की साजिश करार दिया है और विशेष जांच दल (SIT) या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जांच की मांग की है।
धमकी और सुरक्षा पर सवाल
भगदड़ के बाद विजय के नीलांकरई स्थित घर को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। पुलिस ने तलाशी ली लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री नहीं पाई। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तमिलनाडु सरकार के नए दिशा-निर्देश
इस त्रासदी के बाद, तमिलनाडु सरकार ने सार्वजनिक रैलियों और सभाओं के लिए नए Security Guidelines जारी किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य भविष्य में Karur जैसे Stampede की घटनाओं को रोकना है।
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