भारत में स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Adani Group ने देश का अब तक का सबसे बड़ा Battery Energy Storage System (BESS) बनाने का ऐलान किया है।
यह प्रोजेक्ट गुजरात के खवड़ा (Khavda) क्षेत्र में बनाया जाएगा, जहां अदाणी पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े Renewable Energy Park का निर्माण कर रहा है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है और इसकी क्षमता लगभग 50 GWh (गीगावॉट-घंटे) होगी। इस प्रोजेक्ट पर अरबों डॉलर का निवेश होने जा रहा है, जो भारत की ऊर्जा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव ला सकता है।
क्या है Battery Energy Storage System (BESS)?
यह तकनीक सौर (Solar) और पवन (Wind) ऊर्जा को स्टोर करने में मदद करती है ताकि जब सूरज न निकले या हवा न चले, तब भी बिजली सप्लाई बनी रहे।
इससे बिजली ग्रिड को स्थिरता (Grid Stability) मिलती है और 24×7 ग्रीन पावर (Green Power) उपलब्ध कराई जा सकती है।
भारत के Clean Energy Goals में अहम योगदान
भारत सरकार ने 2031-32 तक 74 GW Battery Storage और 50 GW Pumped Hydro Storage का लक्ष्य तय किया है।
अदाणी ग्रुप का यह प्रोजेक्ट इस मिशन में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
यह न केवल देश की फॉसिल फ्यूल डिपेंडेंसी घटाएगा बल्कि ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) भी मजबूत करेगा।
Adani Project के बड़े फायदे
24×7 Green Power Supply: सोलर और विंड एनर्जी स्टोर करके बिजली की निरंतर आपूर्ति होगी।
Fossil Fuel पर निर्भरता में कमी: कोयला और गैस आधारित पावर प्लांट्स की जरूरत घटेगी।
Local Employment: गुजरात में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
Make in India को बढ़ावा: बैटरी और ऊर्जा तकनीक में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम।
चुनौतियाँ भी कम नहीं
- इतनी बड़ी बैटरी स्टोरेज सिस्टम की लागत काफी अधिक है।
- तकनीक और रॉ मटेरियल (लिथियम, कोबाल्ट आदि) के लिए विदेशी आयात पर निर्भरता।
- सुरक्षा, रीसाइक्लिंग और ताप नियंत्रण जैसी तकनीकी चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं।
- मार्च 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा करना भी एक कठिन लक्ष्य है।
भारत के Energy Transition में बड़ा योगदान
केंद्र सरकार ने हाल ही में बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के लिए ट्रांसमिशन चार्ज वेवर (Transmission Charge Waiver) को जून 2028 तक बढ़ा दिया है, जिससे ऐसे प्रोजेक्ट्स की लागत घटेगी।
इसी के साथ, दिल्ली में भी दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा 20MW Battery Energy Storage System शुरू किया गया है, जो बिजली आपूर्ति को स्थिर करने में मदद करेगा।
अदाणी ग्रुप का यह मेगा बैटरी प्रोजेक्ट भारत को “Green Energy Superpower” बनने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
अगर यह योजना तय समय पर पूरी हो जाती है, तो यह भारत की Energy Independence और Net Zero Emission Goal दोनों को गति देगा।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
