अमेरिकी ट्रम्प प्रशासन ने इमिग्रेशन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। नए Visa Bond Program के तहत अब America का Tourist और Business Visa लेना पहले से कहीं महंगा हो सकता है। इस फैसले का असर भारतीय यात्रियों पर भी पड़ सकता है।
America Visa Bond Program क्या है?
- 20 अगस्त 2025 से शुरू होने वाले इस पायलट प्रोग्राम के तहत कुछ देशों के B-1 (Business) और B-2 (Tourist) वीज़ा अप्लिकेंट्स को $5,000 से $15,000 (₹13 लाख तक) का Refundable Bond जमा करना होगा।
- तय समय पर अमेरिका छोड़ने पर यह बॉन्ड वापस मिलेगा, लेकिन वीज़ा नियम तोड़ने या ओवरस्टे करने पर यह जब्त कर लिया जाएगा।
- शुरुआत में मलावी और जाम्बिया देशों पर लागू होगा, लेकिन भविष्य में India सहित अन्य देशों को भी शामिल किया जा सकता है।
Visa Integrity Fee भी देनी होगी
- America सरकार ने नई “Visa Integrity Fee” $250 (₹22,000) भी अनिवार्य कर दी है।
- यह नॉन-रिफंडेबल शुल्क 1 अक्टूबर 2025 से अधिकांश नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा कैटेगरी में लागू होगा।
- सामान्य वीज़ा फीस $185 भी इसके अलावा देनी होगी।
Indian Travelers पर क्या असर पड़ेगा?
- अगर भारत को इस प्रोग्राम में शामिल किया गया, तो भारतीय यात्रियों को अमेरिका के Tourist और Business Visa के लिए
$5,000–$15,000 बॉन्ड + $250 Integrity Fee + $185 Visa Fee चुकानी पड़ सकती है। - कुल मिलाकर ₹13 लाख से ज्यादा खर्च हो सकता है, जिससे मिडिल-क्लास यात्रियों और स्टूडेंट्स पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
- कुछ मामलों में Bond Waiver मिल सकती है, लेकिन यह अमेरिकी वीज़ा ऑफिसर के डिस्क्रेशन पर होगा।
Entry Rules में भी बदलाव
- बॉन्ड भरने वाले यात्रियों को केवल कुछ चुनिंदा अमेरिकी एयरपोर्ट्स (New York JFK, Washington Dulles, Boston Logan) से एंट्री और एग्जिट करने की इजाज़त होगी।
- नियम तोड़ने पर दोबारा वीज़ा मिलने में दिक्कत हो सकती है।
मुख्य बातें (Summary Table)
| शुल्क प्रकार | संभावित लागत (भारतीय यात्रियों के लिए) |
|---|---|
| Visa Application Fee | $185 (₹15,000) |
| Integrity Fee | $250 (₹22,000) |
| Refundable Bond | $5,000 – $15,000 (₹4 लाख – ₹13 लाख) |
| कुल अनुमानित खर्च | ₹13 लाख+ |
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