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Shashi Tharoor latest news, Congress vs Tharoor

थरूर ने की राष्ट्र की बात, कांग्रेस ने कहा – चलो भाई निकलो!

Shashi Tharoor ने एक बार फिर पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया है, जिस पर कांग्रेस नेता के मुरलीधरन ने उन्हें पार्टी से अलग मानने का बयान दिया। जानिए पूरा मामला विस्तार से।Shashi Tharoor Vs Congress: के मुरलीधरन बोले – अब वह हमारे साथ नहीं हैं देश हरपल डिजिटल डेस्क | राजनीतिकांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर (Shashi Tharoor) एक बार फिर अपनी ही पार्टी की लाइन से अलग खड़े नजर आ रहे हैं। इस बार मामला इतना गंभीर हो गया कि पार्टी के ही वरिष्ठ नेता के मुरलीधरन (K Muraleedharan) ने उन्हें सार्वजनिक रूप से पार्टी से ‘अलग’ मान लिया है।क्या बोले के मुरलीधरन? 20 जुलाई को मीडिया से बात करते हुए के मुरलीधरन ने साफ कहा कि थरूर अब कांग्रेस के कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं होंगे, खासकर केरल के तिरुवनंतपुरम में। “वो CWC में जरूर हैं, लेकिन अब उन्हें ‘हम में से एक’ नहीं माना जाता। उनके हालिया बयानों से पार्टी की एकता पर असर पड़ा है,” मुरलीधरन ने कहा। मुरलीधरन के अनुसार, जब तक थरूर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर अपनी स्थिति नहीं बदलते, तब तक पार्टी उन्हें मंच नहीं देगी। क्या है विवाद की जड़? दरअसल, कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान शशि थरूर ने कहा था: “राष्ट्र सर्वोपरि है, पार्टियां तो देश को बेहतर बनाने का माध्यम हैं। जब कोई देशहित में केंद्र सरकार या सशस्त्र बलों का समर्थन करता है, तो पार्टी को वह विश्वासघात जैसा लगता है।” थरूर ने यह भी जोड़ा कि वे इस रुख पर कायम रहेंगे क्योंकि यह राष्ट्रहित में है। पहले भी टकराव हो चुका है यह कोई पहला मौका नहीं है जब थरूर की लाइन पार्टी से अलग पड़ी हो। 25 जून को इमरजेंसी की 50वीं वर्षगांठ पर शशि थरूर ने एक अखबार में लेख लिखकर इंदिरा गांधी की निंदा की थी, जिसे लेकर भी मुरलीधरन हमलावर हो गए थे। उन्होंने थरूर से “क्लियर स्टैंड” लेने की बात कही थी—या तो कांग्रेस में रहें या एक नया रास्ता चुनें। पार्टी के भीतर बढ़ती दूरी शशि थरूर कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक शैली और बयानबाज़ी अक्सर पार्टी की असहजता का कारण बनती रही है।यह घटनाक्रम न केवल कांग्रेस के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह विपक्ष की आंतरिक दरारों को भी उजागर करता है। शशि थरूर बनाम कांग्रेस की यह लड़ाई सिर्फ विचारों की नहीं, बल्कि नेतृत्व और दिशा की भी है।क्या थरूर पार्टी के भीतर बने रहेंगे या नया मोर्चा खोलेंगे?यह आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन इतना तय है कि 2025 की राजनीतिक गर्मी और भी तेज़ होने वाली है।
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CoinDCX hack, crypto security breach India, $44 million crypto theft, बिटकॉइन प्राइस इंडिया, ट्रंप क्रिप्टो कानून, GENIUS Act, स्टेबलकॉइन कानून

CoinDCX में आपका खाता तो नहीं है? हैकर्स ने पलक झपकते उड़ा दिए 379 करोड़ रुपये!

India के टॉप क्रिप्टो प्लेटफॉर्म CoinDCX पर हुआ बड़ा सिक्योरिटी ब्रीच। कंपनी को हुआ $44 मिलियन का नुकसान, लेकिन यूज़र्स के फंड सुरक्षित। जानिए पूरी जानकारी।देश हरपल न्यूज़ डेस्क | 21 जुलाई 2025भारत के प्रमुख क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म CoinDCX को एक बड़े सिक्योरिटी ब्रीच का सामना करना पड़ा है, जिसमें कंपनी को करीब $44 मिलियन (लगभग 379 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है। CoinDCX ने रविवार 20 जुलाई को इस बात की जानकारी देते हुए यूजर्स को आश्वस्त किया कि उनके फंड्स पूरी तरह से सुरक्षित हैं और निकासी (withdrawal) पर कोई असर नहीं पड़ा है। क्या हुआ CoinDCX के साथ? कंपनी के अनुसार, यह सिक्योरिटी ब्रीच इंटरनल ऑपरेशनल अकाउंट में हुआ था, न कि कस्टमर के वॉलेट्स में। CoinDCX की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस हैक को सीमित कर दिया और कहा कि, “हमारे यूज़र्स का एक भी पैसा प्रभावित नहीं हुआ है। जो अकाउंट प्रभावित हुआ, वह लिक्विडिटी मैनेजमेंट से जुड़ा इंटरनल अकाउंट था।” – सुमित गुप्ता, CEO, CoinDCX CoinDCX के बयान के मुताबिक़, प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग और विड्रॉल सुचारु रूप से जारी हैं और जिस वॉलेट में फंड ट्रांसफर किए गए हैं, उसपर निगरानी की जा रही है। Crypto Regulations और अमेरिका का असर इस घटना के ठीक दो दिन पहले ही अमेरिका में क्रिप्टो को लेकर बड़ा क़ानूनी कदम सामने आया। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 जुलाई को स्टेबलकॉइन को लेकर एक ऐतिहासिक कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे GENIUS Act नाम दिया गया है। इस कानून से वैश्विक क्रिप्टो मार्केट में सकारात्मक असर पड़ा है। Binance के आंकड़ों के अनुसार: वहीं इथेरियम 2.79% की बढ़त के साथ ₹3,24,386 पर बना रहा। बिटकॉइन की कीमत 1,20,000 डॉलर को पार कर गई थी। 21 जुलाई को यह ₹1,02,31,343 पर ट्रेड कर रहा था। CoinDCX का मौजूदा यूज़र बेस और एसेट्स CoinDCX की वेबसाइट के मुताबिक़, प्लेटफॉर्म पर: क्या इससे यूज़र्स को डरना चाहिए? इस घटना के बाद CoinDCX ने यूज़र्स को भरोसा दिलाया है कि उनकी फंडिंग से जुड़ा कोई खतरा नहीं है और वे कभी भी अपने पैसे निकाल सकते हैं। यह ब्रीच किसी बाहरी हमले से ज्यादा एक इंटरनल गड़बड़ी लगती है, जिसपर कंपनी गंभीरता से काम कर रही है।
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Voter Fraud Alert

बिहार में 11 हजार ‘अज्ञात वोटर्स’ और 41 लाख संदिग्ध नामों का खुलासा

बिहार में मतदाता सूची के रिविजन के दौरान 11 हजार अज्ञात और 41 लाख संदिग्ध वोटर्स पाए गए। इसमें मृत, स्थानांतरित और फर्जी नाम शामिल हैं, जिससे फर्जी वोटिंग का खतरा गहराया है। ✍️ देश हरपल न्यूज़ डेस्क | पटना21 जुलाई 2025 चुनाव आयोग की ओर से बिहार में वोटर लिस्ट रिविजन (Special Summary Revision – SSR) के दौरान जो आंकड़े सामने आए हैं, वे लोकतंत्र की नींव को हिलाने वाले हैं। आयोग ने खुलासा किया है कि जांच के दौरान 11 हजार ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई है जो ‘अज्ञात’ हैं — यानी उनके पते पर कोई भी व्यक्ति नहीं मिला और न ही पड़ोसियों को उनके बारे में कोई जानकारी है। सूत्रों के मुताबिक, इन संदिग्ध मतदाताओं के नाम बिहार के बाहर रहने वाले अवैध प्रवासियों से जुड़े हो सकते हैं। अधिकारियों ने इस बात की आशंका जताई है कि ये बांग्लादेशी या रोहिंग्या प्रवासी हो सकते हैं जो पड़ोसी राज्यों से बिहार में फर्जी पहचान के जरिए वोटर ID बनवाने में कामयाब हो गए। “जब BLO इन मतदाताओं द्वारा दर्ज किए गए पते पर पहुंचे तो न तो वे लोग वहां पाए गए और न ही उनके बारे में किसी को जानकारी थी,” – TOI को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया। 41.6 लाख वोटर्स भी संदिग्ध चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में लगभग 41.6 लाख वोटर ऐसे पाए गए जो अपने पते पर मौजूद नहीं थे, जिनमें शामिल हैं: सवाल यह है कि यदि ये सभी नाम अब तक मतदाता सूची में मौजूद थे, तो क्या इनकी आड़ में चुनावों में फर्जी वोटिंग हो रही थी? रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 24 जून 2025 तक इन मृत मतदाताओं के नाम बिहार की वोटर लिस्ट में बने हुए थे। यह न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाता है। क्या भ्रष्टाचार है इसकी जड़ में? एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “बहुत संभव है कि जांच के दौरान पारदर्शिता की कमी, और कहीं न कहीं स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार ने इस स्थिति को जन्म दिया हो।” यह पहली बार नहीं है जब इस तरह के फर्जी वोटिंग के मामले सामने आए हैं। इससे पहले भी कई राज्यों में इस प्रकार के फर्जी नामांकन और डुप्लीकेट वोटर कार्ड की शिकायतें सामने आती रही हैं।
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drunk man eats snake

🐍 Snake Shock in Banda: नशे में युवक ने निगल लिया जिंदा सांप, मां ने शोर मचाकर बचाई जान

देश हरपल | बांदा (उत्तर प्रदेश) “शराब के नशे में क्या-क्या कर सकता है इंसान?” — इस सवाल का सबसे चौंकाने वाला जवाब मिला है उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से, जहां हरदौली गांव के रहने वाले अशोक नामक युवक ने नशे में घर में घुसे एक जिंदा सांप को ही निगल लिया। कैसे हुआ ये सब? जानकारी के मुताबिक, बबेरू कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव में रहने वाला अशोक शराब के नशे में बुरी तरह धुत था। उसी वक्त घर के पास एक सांप आ गया। नशे में बेसुध अशोक ने उसे देखा, पकड़कर सीधे मुंह में डाल लिया और चबाना शुरू कर दिया। मां की सूझबूझ से बची जान अशोक की मां सिया दुलारी ने जब यह भयावह दृश्य देखा तो जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। घरवालों ने किसी तरह अशोक के मुंह से सांप को निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक वो सांप को खा चुका था। इस डरावनी घटना के बाद तुरंत उसे बबेरू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। डॉक्टर भी रह गए दंग CHC के डॉक्टर्स के मुताबिक, यह मामला उनके पूरे करियर का सबसे अजीब और खतरनाक केस था। उन्होंने तुरंत इलाज शुरू किया और राहत की बात ये रही कि सांप ज़हरीला नहीं था, वरना मामला जानलेवा हो सकता था। क्या कहता है एक्सपर्ट? स्थानीय वन विभाग के अनुसार, अगर यह सांप ज़हरीला होता तो स्थिति घातक हो सकती थी। डॉ. महेश तिवारी, जो कि बांदा जिला अस्पताल में चिकित्सा अधिकारी हैं, उन्होंने कहा, “शराब न केवल मानसिक स्थिति को विकृत करती है, बल्कि जानलेवा निर्णय भी करवा सकती है।” सबक क्या है? यह घटना बताती है कि शराब व्यक्ति को किस हद तक बेकाबू बना सकती है। एक सामान्य व्यक्ति कभी भी ऐसा कदम नहीं उठाता, लेकिन नशा इंसान को मौत के मुंह तक ले जा सकता है। आपका क्या कहना है इस चौंकाने वाली घटना पर? कमेंट सेक्शन में बताइए और देश की ऐसी ही रोचक खबरों के लिए जुड़े रहिए देश हरपल से।
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Swachh Survekshan 2024, Bhopal clean city, Indore No.1, स्वच्छ भारत मिशन, भोपाल नगर निगम,

Clean City Glory: भोपाल बना देश का दूसरा सबसे Swachh City, इंदौर फिर नंबर वन

नई दिल्ली/भोपाल।Swachh Survekshan 2024 के नतीजों ने एक बार फिर मध्य प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया है। जहां इंदौर ने लगातार आठवीं बार देश का सबसे साफ शहर बनने का गौरव हासिल किया है, वहीं भोपाल ने इस बार तीन पायदान की छलांग लगाते हुए दूसरा स्थान पाया है।यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। इस पुरस्कार को लेने के लिए भोपाल की महापौर मालती राय और नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण पहले ही दिल्ली पहुंच चुके थे। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि “छह साल बाद भोपाल फिर से टॉप-2 में आया है, यह पूरे शहर के लिए गर्व का क्षण है।” शहर में जश्न का माहौल, ढोल-नगाड़े और लड्डू वितरण भोपाल की इस ऐतिहासिक सफलता को लेकर नगर निगम कार्यालय में उत्सव का माहौल देखने को मिला।सफाई मित्रों को फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया और मिठाइयां बांटी गईं।निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने ढोल बजाकर अपनी खुशी व्यक्त की। इस मौके पर उन्होंने कहा, स्वच्छता के लिए की गई अहम पहलें: इंदौर ने फिर दिखाया दम, सुपर लीग में मारी बाजी स्वच्छता में इंदौर का मुकाबला इस बार भी कोई नहीं कर पाया। आठवीं बार टॉप पर पहुंचकर इंदौर ने Swachh Survekshan 2024-25 की Super League में भी जीत हासिल की है।सुपर लीग में उन 23 शहरों को शामिल किया गया था जिन्होंने अब तक के किसी सर्वेक्षण में टॉप-3 में जगह बनाई थी। केंद्रीय आयोजन में हुए पुरस्कार वितरण इस आयोजन में देशभर से आए महापौर, निगम आयुक्त और स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर मौजूद थे। स्वच्छ सर्वेक्षण की खास बातें: भोपाल की सफाई टीम को सलाम भोपाल की यह रैंकिंग साफ-सफाई के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और नागरिकों की जागरूकता का प्रमाण है। यह भी साबित करता है कि अगर जनता और प्रशासन मिलकर काम करें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। 📌 देश हरपल स्वच्छता के इस उत्सव में भोपाल और इंदौर के नागरिकों को बधाई देता है।
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Rahul Gandhi News, Lucknow Court,

लखनऊ कोर्ट से राहुल गांधी को मानहानि मामले में ज़मानत

लखनऊ से देश हरपल की रिपोर्ट: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को आज लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ी राहत मिली। वर्ष 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना को लेकर दिए गए कथित बयान के कारण दर्ज मानहानि के एक मामले में उन्हें जमानत मिल गई है। राहुल गांधी आज दोपहर लखनऊ एयरपोर्ट पर चार्टर्ड फ्लाइट से पहुंचे और सीधे कोर्ट पहुंचे। उन्होंने अदालत में औपचारिक रूप से सरेंडर किया, जिसके बाद उनके वकील ने जमानत याचिका दाखिल की। कोर्ट ने यह याचिका स्वीकारते हुए 20-20 हज़ार रुपये की दो जमानतें भरने की शर्त पर उन्हें जमानत दे दी। क्या था मामला? यह मामला 2022 की भारत जोड़ो यात्रा के समय का है, जब राहुल गांधी ने कथित रूप से ऐसा बयान दिया था जो सेना की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताया गया।इस बयान के खिलाफ मानहानि की याचिका एक स्थानीय याचिकाकर्ता द्वारा दाखिल की गई थी, जिसमें कहा गया कि इससे सैनिकों के मनोबल पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। कोर्ट ने राहुल गांधी को इस बयान के सिलसिले में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब किया था, जिसपर उन्होंने आज लखनऊ कोर्ट में हाज़िरी दी और औपचारिक सरेंडर किया कोर्ट की कार्यवाही: राहुल गांधी के वकील ने अदालत से ज़मानत की मांग की, जिसे कोर्ट ने मंजूर करते हुए उन्हें राहत दे दी। कोर्ट ने कहा कि उन्हें 20-20 हज़ार रुपये की दो जमानतें देनी होंगी। एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का स्वागत लखनऊ एयरपोर्ट पर राहुल गांधी का स्वागत करने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।यूपी कांग्रेस के प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, और कई सांसद भी इस दौरान मौजूद रहे। राहुल गांधी कुछ घंटों में ही चार्टर्ड फ्लाइट से वापस दिल्ली रवाना हो गए।
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Shubhanshu Shukla ISS Mission,

Space में जाति की एंट्री! उदित राज बोले – “शुभांशु की जगह दलित को भेजना था

Axiom-4 मिशन से वापसी के बाद बवाल में घिरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला – कांग्रेस नेता ने दे दिया जातीय तड़का नई दिल्ली, देश हरपल ब्यूरो।भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ चुका है। Group Captain शुभांशु शुक्ला ने Axiom-4 मिशन के तहत 18 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर बिताकर धरती पर सफल वापसी की है। लेकिन जैसे ही वह वापस लौटे, कांग्रेस नेता डॉ. उदित राज ने इस ऐतिहासिक क्षण को विवाद में खींच लिया। क्या कहा कांग्रेस नेता उदित राज ने? डॉ. उदित राज ने शुभांशु की वापसी पर तो उन्हें शुभकामनाएं दीं लेकिन उसके साथ-साथ एक ऐसा बयान भी दे डाला जिसने माहौल गर्मा दिया। उन्होंने कहा: “पहले राकेश शर्मा अंतरिक्ष में गए थे, तब SC-ST और OBC इतने पढ़े-लिखे नहीं थे। लेकिन अब तो किसी दलित या ओबीसी को भी शुभांशु शुक्ला की जगह भेजा जा सकता था। ऐसा नहीं कि NASA ने कोई परीक्षा लेकर उनका चयन किया हो।” इस बयान पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। शुभांशु ने स्पेस में किए 60 वैज्ञानिक प्रयोग Axiom-4 मिशन पर 25 जून को शुभांशु तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ ISS के लिए रवाना हुए थे। 18 दिनों के इस मिशन में उन्होंने 60 वैज्ञानिक प्रयोग किए, जिनमें से 7 भारत के ISRO द्वारा प्रस्तावित थे। शुभांशु शुक्ला अपने साथ 263 किलोग्राम वैज्ञानिक उपकरण और डेटा लेकर लौटे हैं, जो भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। 🇮🇳 भारत के लिए क्यों खास है यह मिशन? शुभांशु शुक्ला भारत के पहले व्यक्ति बने जिन्होंने एक वाणिज्यिक अंतरिक्ष मिशन के तहत ISS तक सफर किया। ISRO के आगामी Gaganyaan Mission (2027) से पहले यह मिशन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी और वैज्ञानिक प्रयोगशाला साबित हो सकता है। Axiom-4 मिशन पर भारत ने खर्च किए 550 करोड़ रुपये सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत सरकार ने इस मिशन पर करीब ₹550 करोड़ का निवेश किया है। इस निवेश से भारत को न केवल वैश्विक स्पेस कमर्शियल सेक्टर में पहचान मिली, बल्कि तकनीकी रूप से भी कई नई जानकारियां हासिल हुई हैं। NASA और ISRO की साझेदारी यह मिशन अमेरिकी कंपनी Axiom Space और NASA के सहयोग से संचालित हुआ था। भारत की तरफ से ISRO और भारतीय वायुसेना के सहयोग से शुभांशु को प्रशिक्षित किया गया।
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India US Trade Deal 2025

क्या अब भारत में नॉन-वेजिटेरियन गाय का दूध भी मिलेगा …??

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में गायों को दिए जाने वाले नॉन-वेज चारे को लेकर बड़ा विवाद। भारत ने ऐसे दूध के आयात को धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ बताया है। जानें क्या है पूरा मामला। By Desh Harpal |15 July 2025 भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते (Trade Deal) की राह में एक अद्भुत लेकिन संवेदनशील मुद्दा अड़चन बनकर उभरा है — और वो है: “क्या जिस गाय ने मांस या मछली वाला चारा खाया हो, उसका दूध भारत में पवित्र माना जा सकता है?” 🇮🇳 भारत की चिंता: दूध सिर्फ पोषण नहीं, एक श्रद्धा है! भारत सरकार ने साफ कहा है कि वह ऐसे किसी डेयरी उत्पाद (दूध, घी, मक्खन, पनीर आदि) का आयात नहीं करना चाहती जिसकी उत्पत्ति उन गायों से हो जिन्होंने मांस या मछली आधारित चारा खाया हो। 🔸 भारत की यह मांग सिर्फ व्यापार नहीं, संवेदनशील धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं से जुड़ी है।🔸 गाय और उसका दूध हिन्दू समाज में पूजनीय माने जाते हैं। अगर ऐसी गाय को non-vegetarian feed दिया गया हो, तो उसका दूध “अशुद्ध” माना जाता है। 🇺🇸 अमेरिका की प्रैक्टिस: डेयरी गायों को दिया जाता है मांसयुक्त चारा अमेरिका में डेयरी फार्म्स आमतौर पर अपनी गायों को ज़्यादा प्रोटीन और एनर्जी के लिए मांस, रक्त, मछली या हड्डी आधारित आहार देते हैं। ➡️ अमेरिका के लिए यह सामान्य कृषि तकनीक है,➡️ लेकिन भारत के लिए यह अवांछनीय, अनैतिक और धर्मविरोधी है। क्या कहती है भारत की नीति? भारत अमेरिका से डेयरी आयात की इजाज़त तभी देगा जब: भारत का कहना है कि ये मांग World Trade Organization (WTO) के GATT आर्टिकल 20 के तहत पूरी तरह वैध है, क्योंकि यह “सार्वजनिक नैतिकता” (Public Morality) से जुड़ी है। क्या कहता है अमेरिका? अमेरिकी अधिकारी इसे “Non-Tariff Barrier” मानते हैं।उनका कहना है: “भारत की यह मांग वैज्ञानिक रूप से अनावश्यक है। दूध की पौष्टिकता इस बात से नहीं बदलती कि गाय ने क्या खाया।” अमेरिका WTO में भी इस मुद्दे को उठा चुका है और उसे व्यापार में भेदभाव के रूप में देखता है। कितना बड़ा है असर? SBI की एक रिपोर्ट के अनुसार: 🔸 अमेरिका की दूध कंपनियां भारतीय बाज़ार में सस्ती दरों पर उत्पाद ला सकती हैं,🔸 जिससे भारत का पूरा डेयरी इकोसिस्टम डगमगा सकता है। आर्थिक असर: 1 लाख करोड़ का नुकसान टाल रहा है भारत? एसबीआई की एक रिपोर्ट बताती है कि अगर अमेरिका को भारत में खुलकर दूध और डेयरी उत्पाद बेचने की छूट मिलती है, तो इससे भारतीय किसानों को ₹1.03 लाख करोड़ का नुकसान हो सकता है। अमेरिकी उत्पाद ज़्यादा सस्ते हो सकते हैं, जिससे भारत की देसी डेयरी इंडस्ट्री पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है। क्यों बन गई यह “रेड लाइन”? भारत के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया: “हम डेयरी को धार्मिक मान्यताओं और किसानों की आजीविका के नज़रिए से देखते हैं। यह हमारे लिए Red Line है।” RSS से जुड़े संगठन और कई धार्मिक संस्थाएँ भी सरकार पर इस बिंदु को लेकर दबाव बना रही हैं। निष्कर्ष: दूध अब सिर्फ दूध नहीं रहा भारत-अमेरिका ट्रेड डील में जहां टेक्नोलॉजी, टैरिफ, और डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दे हैं, वहीं “गाय का चारा” एक ऐसा मुद्दा बन गया है जिसने समझौते की संभावनाओं को जटिल बना दिया है। यह विवाद बताता है कि व्यापार केवल पैसा और वस्तुओं का नहीं होता, वह भावनाओं, संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्य व्यवस्था से भी टकराता है। Quick Facts: बिंदु विवरण समस्या अमेरिका की गायें नॉन-वेज चारा खाती हैं भारत की मांग डेयरी उत्पाद “शुद्ध शाकाहारी” स्रोत से हों अमेरिकी प्रतिक्रिया यह अनावश्यक बाधा है संभावित नुकसान भारतीय किसानों को ₹1 लाख करोड़ का घाटा धार्मिक पहलू हिन्दू धर्म में गाय और उसका दूध पवित्र माने जाते हैं जब बात “भारत-अमेरिका व्यापार डील” की होती है, तो यह सिर्फ टैक्स और टैरिफ की बातचीत नहीं होती। इसमें आस्था, पहचान, और स्थानीय अर्थव्यवस्था की गूंज भी शामिल होती है। गाय के चारे से शुरू हुआ यह विवाद, आज दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा नैतिक और सांस्कृतिक बहस बन चुका है। भारत ने साफ कर दिया है — “दूध वही, जो शुद्ध हो — और शुद्ध वही, जो शाकाहारी हो।”
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Tesla India launch

Tesla Launches in Mumbai: टेस्ला की Y मॉडल कार भारत में हुई लॉन्च, महज़ 22,220 देकर अपनी कार ले

Tesla ने भारत में अपने पहले शोरूम की शुरुआत मुंबई के BKC में की है। कंपनी की Y मॉडल इलेक्ट्रिक कार की कीमत ₹61 लाख से शुरू होती है। बुकिंग मात्र ₹22,220 में ऑनलाइन की जा सकती है। जानिए पूरी डिटेल। भारत में टेस्ला की एंट्री, मुंबई BKC में ओपन हुआ पहला शोरूम एलन मस्‍क (Elon Musk) की पॉपुलर इलेक्ट्रिक कार कंपनी Tesla ने अब आधिकारिक तौर पर भारत में कदम रख दिया है। मुंबई के BKC (Bandra Kurla Complex) में टेस्ला का पहला शोरूम खोला गया है, जो शहर के प्रीमियम ऑटो ज़ोन की शान बढ़ा रहा है। शोरूम लॉन्च के साथ ही कंपनी ने भारत के लिए Y Model की उपलब्धता और कीमतों का खुलासा भी कर दिया है। कितनी है टेस्ला Y मॉडल की कीमत? टेस्ला की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, भारत में Y मॉडल के दो वेरिएंट्स उपलब्ध होंगे: Note: ये कीमतें वैरिएंट और कस्टमाइज़ेशन के अनुसार बदल सकती हैं। कैसे करें टेस्ला कार की बुकिंग? अब आप महज ₹22,220 देकर अपनी ड्रीम टेस्ला कार बुक कर सकते हैं। इसके लिए कोई एजेंट या फिजिकल विजिट की ज़रूरत नहीं — पूरा प्रोसेस ऑनलाइन है। बुकिंग प्रक्रिया: भारत में इलेक्ट्रिक कार मार्केट को मिलेगा बूस्ट टेस्ला की भारत में एंट्री को देश के EV सेगमेंट के लिए एक बड़ा मोमेंटम माना जा रहा है। पहले ही Tata Nexon EV, MG ZS EV और Hyundai Ioniq 5 जैसी गाड़ियां बाज़ार में मौजूद हैं, लेकिन Tesla की ग्लोबल ब्रांडिंग और क्वालिटी इसे खास बनाती है। एलन मस्क का फोकस अब भारत पर एलन मस्क खुद भारत को Tesla की अगली बड़ी मार्केट मानते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी निकट भविष्य में देश में Tesla Gigafactory भी स्थापित कर सकती है, जिससे लोकल मैन्युफैक्चरिंग शुरू हो जाएगी और कीमतें भी कम हो सकती हैं। निष्कर्ष: टेस्ला का भारत में आगमन सिर्फ एक कार की लॉन्च नहीं है, बल्कि ये भविष्य की ओर एक बड़ा कदम है। टेक्नोलॉजी, लग्ज़री और सस्टेनेबिलिटी को मिलाने वाली Tesla Y Model अब भारतीय सड़कों पर जल्द नजर आएगी।
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Trapit Bansal

Meta रूमिंग पैंग को देगा 1670 करोड़ और भारत के त्रपित बंसल को 800 करोड़ का पैकेज

Meta Superintelligence Labs: Zuckerberg की नई चाल से OpenAI और Google में मची हलचल! देश हरपल डिजिटल डेस्क | टेक डेस्कसिलिकॉन वैली में इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में टैलेंट वॉर चरम पर है। Meta के CEO मार्क ज़करबर्ग अब OpenAI, Google और Anthropic जैसी दिग्गज AI कंपनियों को सीधी चुनौती देने के लिए एक नई ‘सुपर चाल’ चल चुके हैं — Meta Superintelligence Labs (MSL) की शुरुआत के साथ। Meta अब तेजी से AI की सबसे तेज़ और होशियार ब्रेनपावर को अपने पाले में कर रहा है। खास बात है कि , यह जिन प्रतिभाओं को नियुक्त कर रहा है, उन्हें मिलने वाले पैकेज की रकम सुनकर कंपनियों के HR हिल गए हैं — 20 करोड़ डॉलर (1600 करोड़ रुपये तक) के पैकेज दिए जा रहे हैं! Top AI Talent की Meta में एंट्री! इस ‘AI Talent Hunt’ में कई चर्चित नाम शामिल हो चुके हैं: Huiwen Chang: GPT-4o की को-क्रिएटर और Google की मशहूर रिसर्चर, अब की टीम में शामिल हैं। Alexander Wang: पूर्व Scale AI के CEO को ने Superintelligence Labs का Chief AI Officer बनाया है। Nate Friedman: GitHub के पूर्व CEO और VC फर्म NFDG के को-फाउंडर अब AI Products और Applied Research संभालेंगे। Daniel Gross: Safe Superintelligence के पूर्व CEO, अब AI Product Division की कमान। Ruoming Pang: Apple की Foundation Models टीम के हेड रहे Pang को ₹1600 करोड़ के पैकेज पर नियुक्त किया। Trapit Bansal: OpenAI में ‘O-Series’ के डेवलपर, जिन्हें ₹800 करोड़ के ऑफर पर शामिल किया। Shuchao Bi: YouTube Shorts के को-फाउंडर और Google Ads में AI विशेषज्ञ रहे Bi ने भी जॉइन किया। पैकेज में क्या-क्या शामिल है? Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, Meta द्वारा दी जा रही compensation में शामिल है: Base SalarySigning BonusMeta Stock (Equity) – जिसमें performance metrics और loyalty-based clauses होते हैं।Extended Contracts – कुछ नियुक्तियाँ चार साल से भी लंबे अनुबंधों पर आधारित हैं। इसमें वो लोग भी हैं जिन्होंने अपने मौजूदा स्टार्टअप्स में बड़ी equity छोड़ Meta जॉइन किया। उन्हें हुए नुकसान की भरपाई के लिए Signing Bonus को बढ़ाया गया है। Meta का लक्ष्य क्या है? Meta की Superintelligence Labs का लक्ष्य सिर्फ Language Models बनाना नहीं, बल्कि Artificial General Intelligence (AGI) और Superintelligence Systems का निर्माण करना है, जिससे वह OpenAI, Google DeepMind और Anthropic जैसी कंपनियों को सीधे टक्कर दे सके। मार्क ज़करबर्ग ने साफ़ किया है कि AGI पर नियंत्रण रखने के लिए टेक्नोलॉजी की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ दिमागों को एक साथ लाना जरूरी है – और अब उसी मिशन पर है। क्या यह टैलेंट वॉर और तेज़ होगी? AI सेक्टर में यह प्रतिस्पर्धा अब केवल इनोवेशन की नहीं रही, बल्कि ‘किसके पास बेहतर ब्रेन है’ इस रेस की भी बन गई है। पहले Apple, फिर OpenAI और अब Meta — हर कंपनी अब AI के अगले अध्याय को लिखने में जुटी है। यह रणनीति न केवल एआई इंडस्ट्री को पुनर्परिभाषित कर रही है, बल्कि एक नया AI साम्राज्य भी बना रही है, जहाँ टैलेंट, टेक्नोलॉजी और ट्रिलियन-डॉलर वैल्यू का मिलन हो रहा है। भारत से Trapit Bansal और Shuchao Bi जैसे नामों की मौजूदगी भारतीयों के लिए भी गर्व का विषय है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अक्षर पटेल का ऑलराउंड शो, शुभमन गिल की कप्तानी पारी; भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहला वनडे जीता

बर्मिंघम। ऑलराउंडर अक्षर पटेल के शानदार प्रदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत की। एजबेस्टन मैदान पर खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 262 रन बनाकर हासिल कर लिया। अक्षर पटेल ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। कप्तान शुभमन गिल ने 80 रन बनाए, लेकिन मैच के दौरान क्रैम्प्स की समस्या के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआती झटकों के बाद गिल ने संभाली पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम की पारी को संभाला। श्रेयस 35 रन बनाकर रनआउट हुए, जबकि केएल राहुल बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभालते हुए पांचवें विकेट के लिए 102 रन की अविजित साझेदारी की और भारत को शानदार जीत दिलाई। जो रूट और लियाम डॉसन ने इंग्लैंड को संभाला इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। इंग्लैंड की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने 61 रन तक कोई विकेट नहीं गंवाया, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए महज 19 रन के भीतर 5 विकेट झटक दिए। मध्यक्रम में जो रूट ने 76 रन और लियाम डॉसन ने 68 रन की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से निभाई अहम भूमिका भारतीय गेंदबाजों में अक्षर पटेल सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अक्षर पटेल ने टीम इंडिया की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई और भारत ने सीरीज की शानदार शुरुआत की। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन की पोल: छत्तीसगढ़ में 33% नल कनेक्शन गैर-कार्यशील, ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा

रायपुर। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर खामियों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार कमजोर योजना, धीमा क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हुई है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित ‘छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट’ रिपोर्ट मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद मिशन के कार्यों में तेजी आई है। योजना निर्माण में गंभीर खामियां CAG की रिपोर्ट के मुताबिक जल जीवन मिशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कई स्थानों पर गांव स्तर की कार्ययोजना तैयार किए बिना ही जिला स्तरीय योजनाएं बना दी गईं, जबकि राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार ही नहीं की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर जल सुरक्षा योजना नहीं बनाई गई, जिससे जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव की स्पष्ट रणनीति विकसित नहीं हो सकी। 33 प्रतिशत नल कनेक्शन निकले गैर-कार्यशील रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए। हालांकि, इनमें से 13.31 लाख (करीब 33%) कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। इसके पीछे सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप स्थापित नहीं होना प्रमुख कारण बताए गए हैं। ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा राज्य के 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही इस लक्ष्य तक पहुंच सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी सामने आए, जहां अधूरे कार्यों के बावजूद गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित कर दिया गया। किसी भी जिले में 100% कवरेज नहीं मार्च 2024 तक राज्य के 33 में से किसी भी जिले और 146 में से किसी भी विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज नहीं था। योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज स्कीम में से मार्च 2024 तक केवल 172 योजनाएं पूरी हो सकीं। इनमें भी सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का संचालन सौंपा गया। वहीं, स्वीकृत 70 मल्टी विलेज स्कीम में से मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे करीब 9.85 लाख घरों तक सतही जल स्रोतों से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ। सोलर आधारित योजनाओं में भी अनियमितताएं CAG ने पाया कि कई सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक नल कनेक्शन जोड़ दिए गए। इसके कारण 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी कमियां रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार केंद्र और राज्यांश मिलाकर 6,480.04 करोड़ रुपये की आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही। साथ ही मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि और CSR जैसी योजनाओं के संसाधनों के समन्वय के लिए भी कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई। जल गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कमजोर राज्य की 75 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से केवल 4 प्रयोगशालाएं ही सभी 13 निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं। इसके अलावा 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं को NABL की मान्यता प्राप्त नहीं थी। रिपोर्ट में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार जल गुणवत्ता जांच नहीं होने की बात कही गई है। CAG की प्रमुख सिफारिशें रिपोर्ट में सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार मिशन को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी, जिसके कारण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समय-सीमा 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है। मार्च 2026 में स्वीकृत मिशन के दूसरे चरण को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके।

रायपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा

रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को धार्मिक आस्था, वैदिक परंपराओं और भव्य आयोजन के साथ निकाली जाएगी। वहीं बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा माता सुभद्रा के तीनों रथों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है। भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्तों और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। वर्ष में केवल इसी अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। 11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन रथयात्रा के दिन सुबह 11 वैदिक पंडितों के सान्निध्य में भगवान का विशेष अभिषेक, पूजन और हवन कराया जाएगा। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर सहित विभिन्न सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान को गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्यों की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा की सबसे प्रमुख परंपराओं में शामिल ‘छेरा पहरा’ का निर्वहन इस वर्ष भी किया जाएगा। परंपरा के अनुसार राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। भजन, झांकियों और लोकनृत्य से गूंजेगा शहर रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है। रायपुर और छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सरकार और बोर्ड से 10 दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि “कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता।” हालांकि, नीति को लागू करने में सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBSE और संबंधित पक्षों से 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। यह नीति शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की गई है। इसके तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। इससे कई छात्रों को पहले से पढ़ी जा रही भाषाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। क्या है विवाद? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBSE ने पर्याप्त तैयारी के बिना नई भाषा नीति लागू कर दी है। उनके मुताबिक कई स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक, पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े अहम सवाल और जवाब 1. मामला क्या है? सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। हालांकि, CBSE ने 6 जून को संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि इस वर्ष कक्षा 10 के छात्रों को तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। 2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है? पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच या जर्मन) पढ़ते थे। नए नियम के अनुसार अब तीन भाषाओं में से कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य है। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही चुनी जा सकेगी। 3. याचिका किसने दायर की? यह याचिका छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी की ओर से दायर की गई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर, मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। 4. याचिकाकर्ताओं की मुख्य आपत्ति क्या है? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था अचानक लागू कर दी गई। कई भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक भी नहीं हैं। ऐसे में छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 5. किताबों को लेकर क्या दलील दी गई? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से फिलहाल केवल तीन भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करना व्यवहारिक रूप से कठिन होगा। 6. शिक्षकों की कमी पर क्या कहा गया? याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि नई भारतीय भाषाएं पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता होगी, लेकिन इतने कम समय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण संभव नहीं है। 7. क्या विदेशी भाषाएं बंद हो जाएंगी? नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन इसके साथ उन्हें दो भारतीय भाषाएं भी पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी। 8. क्या तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा होगी? नहीं। CBSE ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का अलग बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त परीक्षा का दबाव न बढ़े। 9. अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी। नई शिक्षा नीति 2020 क्या है? भारत सरकार ने 29 जुलाई 2020 को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को मंजूरी दी थी। यह 34 वर्षों बाद देश की शिक्षा व्यवस्था में किया गया सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है। इससे पहले शिक्षा नीति 1986 में लागू हुई थी, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना, छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकसित करना है। केंद्र सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। चूंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए इसे लागू करने में केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की भूमिका होती है। देश, शिक्षा और करियर से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

बिलासपुर: CM हेल्पलाइन शिकायतों के खराब निराकरण पर PHE के ईई को नोटिस, कलेक्टर ने अधिकारियों को लगाई फटकार

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) रूपेश कुमार धनंजय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। टीएल (समय-सीमा) बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा करने के बजाय उनका गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समय-सीमा का पालन करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एकल शिक्षकीय स्कूलों में जल्द होंगे अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एकल शिक्षकीय स्कूलों में तत्काल अतिथि शिक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी ली जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जर्जर स्कूल भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। ऐसे विद्यालयों के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करने और नए भवन या अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी लगाई फटकार जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डीएमएफ की राशि का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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