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Bus Accident in Devghar, Kavad Yatra News, Deoghar Basukinath Route, Jharkhand Bus Accident, Devghar Kavad Yatra Tragedy, Sawan Kavad Accident 2025

कांवड़ियों से भरी बस देवघर-बासुकीनाथ मार्ग पर हादसे का शिकार, 6 की मौत, 26 घायल

Devghar से बासुकीनाथ जा रही कांवड़ियों की बस हादसे का शिकार, 6 की मौत, 26 घायल। तेज रफ्तार और नींद में चालक के कारण हुआ हादसा। देवघर, झारखंड – सावन की श्रद्धा भरी कांवड़ यात्रा एक दर्दनाक हादसे में बदल गई जब मंगलवार की सुबह झारखंड के सरठ थाना क्षेत्र के कुरसेला मोड़ के पास कांवड़ियों से भरी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बिहार के नवादा जिले से आए कांवड़िए देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कर बासुकीनाथ धाम की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बस एक तेज़ रफ्तार ट्रक से टकराकर पत्थर और ईंटों के ढेर में जा घुसी। इस भीषण बस हादसे में 6 कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि 26 से अधिक घायल हुए हैं। कई की हालत गंभीर है, जिन्हें रांची रेफर किया गया है। हादसा कैसे हुआ? बस में सवार एक घायल कांवड़िए ने बताया कि बस तेज़ रफ्तार में थी और ड्राइवर को झपकी लग गई, जिसके चलते पहले बस एक ट्रक से टकराई और फिर पत्थर पर चढ़ती हुई ईंटों के ढेर से टकरा गई। हादसे के समय अधिकतर कांवड़िए सो रहे थे, जिससे वे संभल भी नहीं पाए। चश्मदीद की मार्मिक कहानी घायल सुनील कुमार ने रोते हुए बताया, “बस अचानक से लड़खड़ाई और एक बड़े पत्थर से टकरा गई। मैं जैसे-तैसे बाहर निकल पाया, लेकिन मेरी पत्नी सुमन कुमारी अंदर ही फंसी रही। अगर समय पर सहायता मिलती तो शायद मेरी पत्नी भी आज जिंदा होती।” राहत और बचाव कार्य हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। देवघर सदर अस्पताल और बासुकीनाथ उप-स्वास्थ्य केंद्र में घायलों को भर्ती कराया गया। कई की हालत नाज़ुक होने के कारण उन्हें रांची मेन हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। स्थानीय लोगों का आक्रोश राधेश्याम सिंह, मोहन महतो और मनोज पासवान जैसे स्थानीय लोगों ने बताया कि कुरसेला मोड़ एक जाना-पहचाना दुर्घटनाग्रस्त स्थल है। इससे पहले भी यहां कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन न प्रशासन ने स्पीड कंट्रोल के उपाय किए और न ही कोई चेतावनी संकेत लगाया। प्रत्यक्षदर्शी रामचंद्र ठाकुर ने कहा, “हम खेत में काम कर रहे थे तभी धमाके जैसी आवाज़ आई। जब पहुंचे तो खून से सने कांवड़िए ईंटों के ढेर में दबे पड़े थे। हमने तुरंत पुलिस को सूचना दी और खुद बचाव शुरू किया।” प्रशासन की कार्रवाई प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। मृतकों की पहचान कर परिजनों को सूचना दी जा रही है। मृतक और घायल ज़्यादातर नवादा जिले के अकबरपुर, हिसुआ और पकरीबरावां प्रखंडों के रहने वाले हैं। सावधानी और सच्चाई यह हादसा श्रद्धालुओं की जान की कीमत पर लापरवाही का नतीजा बन गया है। सावन में लाखों श्रद्धालु देवघर-बासुकीनाथ मार्ग पर यात्रा करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं चेतावनी देती हैं कि बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट, चालकों की निगरानी, और खतरनाक मोड़ों की मरम्मत अब अनिवार्य है।
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Manish tewari

“भारत की बात सुनाता हूं” – Manish Tiwari और Shashi Tharoor की नाराजगी से Congress बैकफुट पर?

Operation Sindoor पर संसद में बहस के दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और शशि थरूर को बोलने से रोके जाने पर पार्टी में नाराजगी उभर आई है। जानिए क्यों Congress ने अपने ही वरिष्ठ नेताओं को बहस से बाहर रखा। देश हरपल डिजिटल डेस्क | नई दिल्लीसंसद में Operation Sindoor पर चल रही बहस ने अब कांग्रेस पार्टी के भीतर ही मतभेदों को उजागर कर दिया है। चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा है, क्योंकि उन्हें लोकसभा में इस मुद्दे पर बोलने का मौका नहीं दिया गया। मनीष तिवारी ने सोमवार को अपने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने मशहूर देशभक्ति गीत ‘भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं’ की पंक्तियां लिखीं और एक न्यूज रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें बताया गया था कि आखिर थरूर और तिवारी को क्यों नहीं बोलने दिया गया।
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Rishabh Pant injury update,

Manchester Test में Team India को बड़ा झटका: ऋषभ पंत छह हफ्तों के लिए टीम से बाहर!

इंग्लैंड के खिलाफ चल रही एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी (Anderson-Tendulkar Trophy) के मैनचेस्टर टेस्ट (Manchester Test) से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। भारत के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत (Rishabh Pant) अब आगामी छह हफ्तों के लिए क्रिकेट से दूर रहेंगे। ये हादसा टेस्ट मैच के पहले ही दिन 68वें ओवर में हुआ, जब क्रिस वोक्स (Chris Woakes) की चौथी गेंद पर पंत ने reverse sweep खेलने की कोशिश की। गेंद बल्ले के एज से टकराकर सीधे उनके जूते पर लगी। दुर्भाग्यवश, यह चोट पैरों के उस हिस्से पर लगी जहाँ कोई भी प्रोटेक्शन नहीं होता। इसके बाद पंत दर्द से कराहते हुए ज़मीन पर गिर गए और फिर खड़े तक नहीं हो पाए। मैदान पर टीम इंडिया के फिजियो को तुरंत बुलाया गया। जब पंत ने जूता हटाया, तो चोट की गंभीरता साफ दिख रही थी। उनकी हालत को देखते हुए स्कैन कराया गया और Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, उनके पैर के पंजे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। BCCI की मेडिकल टीम ने क्या कहा? BCCI के एक वरिष्ठ सूत्र ने पुष्टि करते हुए कहा: “स्कैन रिपोर्ट में साफ दिख रहा है कि ऋषभ पंत को फ्रैक्चर है। वह कम से कम छह हफ्ते के लिए बाहर रहेंगे। मेडिकल टीम ये देखने की कोशिश कर रही है कि क्या वह painkiller लेकर बल्लेबाज़ी कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल उनकी हालत बेहद सीमित है और बिना सहारे चल भी नहीं पा रहे हैं।“ इसका मतलब साफ है कि पंत 31 जुलाई से 4 अगस्त तक होने वाले आख़िरी टेस्ट में नहीं खेल पाएंगे। ऐसे में चयन समिति ईशान किशन (Ishan Kishan) को टीम में शामिल करने की तैयारी कर रही है। चोटों से परेशान है Team India वैसे भी इस सीरीज़ में भारत खिलाड़ियों की चोट की मार से जूझ रहा है। ऑलराउंडर नितेश कुमार रेड्डी पहले ही घुटने की चोट के कारण पूरी सीरीज़ से बाहर हो चुके हैं। वहीं, तेज़ गेंदबाज़ आकाश दीप (groin injury) और अर्शदीप सिंह (thumb injury) भी चौथे टेस्ट से बाहर हैं। इससे पहले तीसरे टेस्ट में भी भारतीय टीम को प्लेइंग इलेवन में कई बदलाव करने पड़े थे, जिसकी वजह से प्रदर्शन पर असर पड़ा। अब टीम में बदलाव तय, भारत की चुनौती बढ़ी ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी भारत के लिए सिर्फ विकेट के पीछे नहीं बल्कि मिडल ऑर्डर बल्लेबाज़ी में भी एक बड़ी कमी लेकर आएगी। पंत ने इस सीरीज़ में अब तक कई महत्वपूर्ण पारियां खेली थीं और इंग्लिश गेंदबाज़ों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया था। इशान किशन को उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया जाना लगभग तय है, लेकिन उनका टेस्ट अनुभव सीमित है। ऐसे में ओवल टेस्ट में भारत की बल्लेबाज़ी पर और भी दबाव रहेगा।
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Anshul Kamboj Debut,

England के खिलाफ आग उगल सकते हैं अंशुल कांबोज, Team India के नेट्स में कहर बरपाया!

India vs England Test Series में Team India के लिए अंशुल कांबोज डेब्यू कर सकते हैं। चोटिल खिलाड़ियों की लिस्ट लंबी होने से युवा तेज गेंदबाज को मौका मिलने की उम्मीद है। मैनचेस्टर टेस्ट में अंशुल कांबोज डेब्यू करेंगे? टीम इंडिया की रणनीति में बड़ा बदलाव संभव भारत और इंग्लैंड (India vs England) के बीच चल रही टेस्ट सीरीज के चौथे मुकाबले में एक नया चेहरा डेब्यू कर सकता है – अंशुल कांबोज। अर्शदीप सिंह और आकाश दीप की फिटनेस को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच, अंशुल को नेट्स में गेंदबाजी करते हुए देखा गया और उन्होंने अपने प्रदर्शन से टीम मैनेजमेंट को प्रभावित किया है। नेट्स में शानदार प्रदर्शनTimes of India की रिपोर्ट के मुताबिक, टीम में शामिल होने के बाद अंशुल ने मैनचेस्टर नेट्स सेशन में 45 मिनट तक नई गेंद से गेंदबाजी की। वह न सिर्फ कोच गौतम गंभीर के साथ गहन चर्चा करते दिखे बल्कि जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे सीनियर खिलाड़ियों से भी सलाह लेते नजर आए। अन्य खिलाड़ियों की स्थिति इन सब स्थितियों को देखकर यह लगभग तय माना जा रहा है कि नितीश की जगह शार्दुल ठाकुर और आकाश दीप की गैरहाजिरी में प्रसिद्ध कृष्णा या अंशुल कांबोज को प्लेइंग इलेवन में जगह मिल सकती है। प्रसिद्ध कृष्णा की गैर-भागीदारी के बाद कांबोज का पलड़ा भारी लग रहा है। अंशुल कांबोज का रिकॉर्ड
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Mumbai Train Blast,

मुंबई ट्रेन ब्लास्ट के 12 दोषियों की रिहाई पर महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची

मुंबई ट्रेन धमाके: हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट की शरण में, 24 जुलाई से सुनवाई देश हरपल डेस्क | मुंबई:2006 के मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा 12 दोषियों को बरी किए जाने के फैसले से महाराष्ट्र सरकार हैरान है और उसने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की अर्जेंसी को मानते हुए 24 जुलाई से इस पर सुनवाई शुरू करने का ऐलान किया है। सरकार ने फैसले को बताया ‘चौंकाने वाला’ इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने CJI बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने इस मामले की गंभीरता पर ज़ोर देते हुए जल्द सुनवाई की मांग की।उन्होंने कहा कि, “राज्य सरकार ने फैसले के खिलाफ अपील पहले ही तैयार कर ली है और यह एक बेहद गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।” CJI गवई ने यह स्पष्ट किया कि कुछ दोषियों को पहले ही रिहा किया जा चुका है, लेकिन फिर भी मामला गुरुवार (24 जुलाई) के लिए लिस्ट किया जाएगा। क्या हुआ था 11 जुलाई 2006 को? 👉 11 जुलाई 2006 को शाम करीब 6:24 से 6:35 बजे के बीच मुंबई की सात अलग-अलग लोकल ट्रेनों में 11 मिनट के भीतर भयानक धमाके हुए थे।👉 इन बम धमाकों में 189 लोग मारे गए थे और 824 लोग घायल हुए थे।👉 बम प्रेशर कुकर में रखे गए थे और ट्रेनों के फर्स्ट क्लास डिब्बों को निशाना बनाया गया था। 📁 13 आरोपी, 5 को फांसी, 7 को उम्रकैद इस केस में 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा चला था।साल 2015 में MCOCA कोर्ट ने एक आरोपी को बरी कर दिया, जबकि बाकी 12 में से 5 को फांसी और 7 को उम्रकैद की सजा मिली थी।इनमें से एक फांसी की सजा पाए अभियुक्त की 2021 में मौत हो गई थी। हाई कोर्ट का फैसला क्यों विवादित? 📌 21 जुलाई 2025 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में कई कानूनी खामियां हैं और सबूत पर्याप्त नहीं हैं।📌 कोर्ट ने यह कहते हुए सभी 12 दोषियों को बाइज्ज़त बरी कर दिया कि उनकी सजा न्यायिक प्रक्रिया की कमियों पर आधारित थी।📌 सभी दोषी पिछले 18 साल से जेल में बंद थे। सरकार की दलील: “ये फैसले आतंक के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करते हैं” सरकार का तर्क है कि इस तरह के फैसले, न सिर्फ न्याय प्रक्रिया की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि देश की आतंकवाद के खिलाफ रणनीति को भी कमजोर करते हैं।सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से ‘त्वरित और विशेष’ सुनवाई की मांग की है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
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Aadhaar FaceRD App, UIDAI New Aadhaar App, Aadhaar Face Authentication, Aadhaar Digital Verification, FaceRD Android App, आधार कार्ड फेस ऑथेंटिकेशन, आधार ऐप गूगल प्ले स्टोर

अब Aadhaar की फोटोकॉपी की झंझट खत्म, UIDAI ने लॉन्च किया नया Face Authentication App

अब चेहरा ही पहचान है! UIDAI का नया Aadhaar FaceRD ऐप लॉन्च, डिजिटल पहचान का नया युग शुरू आधार कार्ड अब और ज़्यादा डिजिटल हो गया है। UIDAI ने अपने नए FaceRD App को Google Play Store पर लॉन्च कर दिया है। इस ऐप के आने के बाद अब आपको होटल, एयरपोर्ट, सिम कार्ड लेने या किसी भी जगह आधार कार्ड की फोटोकॉपी देने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। सिर्फ Face Authentication से आपका काम हो जाएगा। क्या है Aadhaar FaceRD App? FaceRD दरअसल एक फेस ऑथेंटिकेशन ऐप है, जिसे UIDAI ने डेवलप किया है। इसके ज़रिए अब Aadhaar से जुड़ी पहचान डिजिटल तरीके से सिर्फ आपके चेहरे को स्कैन कर करके पूरी हो जाएगी। इस ऐप को इसी साल अप्रैल में IT Minister अश्विनी वैष्णव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किया था। उन्होंने कहा था कि यह ऐप भारत की डिजिटल पहचान व्यवस्था को और मजबूत बनाएगा। FaceRD App कैसे काम करता है? बस! अब आपको कहीं भी पहचान के लिए कोई पेपर या फोटो कॉपी नहीं ले जानी पड़ेगी। iPhone यूज़र्स को इंतजार करना होगा फिलहाल यह ऐप केवल Android यूज़र्स के लिए उपलब्ध है और वो भी Developer Version के रूप में। UIDAI द्वारा iOS वर्जन को लेकर कोई समयसीमा नहीं बताई गई है, लेकिन यह जल्द ही लॉन्च हो सकता है। इससे क्या फायदे होंगे? ✅ फोटोकॉपी की जरूरत खत्म✅ तेज़ और सुरक्षित पहचान प्रक्रिया✅ फेस ऑथेंटिकेशन का आसान इंटरफेस✅ डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूत
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Apache Helicopter Joins Indian Army

अब भारत के दुश्मनों पर कहर बनकर टूटेगा ‘ब्लैक डेथ’

Apache Helicopter Joins Indian Army: अब दुश्मनों पर कहर बनकर टूटेगा ‘ब्लैक डेथ’ देश हरपल डेस्क | 22 जुलाई 202515 महीने की देरी के बाद आखिरकार इंडियन आर्मी को उसका पहला Apache AH-64E Attack Helicopter मिल गया है। 22 जुलाई को इसकी पहली खेप में तीन एडवांस्ड अटैक हेलीकॉप्टर आर्मी एविएशन कोर (AAC) को सौंपे गए। इंडियन आर्मी ने इसकी जानकारी अपने X (Twitter) हैंडल पर दी। मार्च 2024 में ही AAC ने एक स्क्वाड्रन गठित कर दी थी, और पायलट्स की ट्रेनिंग भी पूरी हो चुकी थी। अब अपाचे की तैनाती के साथ भारतीय सेना को युद्धक्षेत्र में एक नई धार मिलने जा रही है। पहले वायुसेना, अब थलसेना में एंट्री पहली बार 1984 में अमेरिका की सेना में शामिल हुआ Apache अब दुनिया के 17 से ज़्यादा देशों की सैन्य ताकत का हिस्सा है, जिनमें भारत भी शामिल है। इंडियन एयरफोर्स में 2015 से 22 अपाचे पहले से सेवा में हैं। उनकी शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को देखते हुए 2020 में थलसेना के लिए 6 अपाचे की डील की गई थी। इस डील की कुल कीमत 600 मिलियन डॉलर (लगभग 5000 करोड़ रुपये) थी। अपाचे की ताकत: घातक हथियारों से लैस Apache AH-64E Guardian को दुनिया का सबसे खतरनाक अटैक हेलीकॉप्टर माना जाता है। इसमें अत्याधुनिक हथियारों और तकनीकों का संगम देखने को मिलता है। Hellfire Missiles 11 किलोमीटर की रेंज वाली ये मिसाइल टैंक, बंकर और हेलीकॉप्टर्स को पलभर में तबाह कर सकती है। ये laser-guided और radar-guided दोनों मोड में काम करती है। Hydra Rockets हर साइड में 19-19 रॉकेट्स वाले लॉन्चर लगे होते हैं। इनके फोल्डिंग फिन्स इन्हें अपने लक्ष्य पर सटीक वार करने में सक्षम बनाते हैं। Chain Gun नीचे की ओर लगी 30 mm की M230 Chain Gun एक मिनट में 600–650 राउंड तक फायर कर सकती है। इसकी मैगजीन में 1200 राउंड्स होते हैं। Ultra-Advanced Sensors इसके रोटर के ऊपर लगा Longbow Radar, सामने Night Vision Sensors और Laser Target Designator इसे रात में भी अचूक बनाते हैं। Radar & IR Jammer दुश्मन की मिसाइल को कंफ्यूज करने के लिए इसमें Radar Jammer और Infrared Jammer भी मौजूद हैं। टेक्निकल फीचर्स: एक नज़र में फीचर डिटेल क्रू 2 (पायलट + गनर) लंबाई 48.16 फीट ऊंचाई 15.49 फीट रोटर डायमीटर 48 फीट वजन (अधिकतम) 10,432 किलोग्राम अधिकतम स्पीड 280 किमी/घंटा क्लाइंब रेट 2,800 फीट/सेकंड ऑपरेशनल ऊंचाई 20,000 फीट शानदार इतिहास: ‘ब्लैक डेथ’ का कहर ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म (1991) में जब इराक की सेना पर अमेरिका ने धावा बोला, तो अपाचे ने अकेले ही 500 से ज्यादा टैंकों और सैकड़ों वाहनों को तबाह किया। इराकी सैनिकों ने इसे ‘Black Death’ नाम दिया था। उसके बाद पानामा (Operation Just Cause), गल्फ वॉर (2003) और अफगानिस्तान में भी अपाचे ने अपने जलवे दिखाए। भारत के लिए क्यों है खास? सबसे अहम बात ये है कि अपाचे का Fuselage भारत में बनता है, वह भी Tata Advanced Systems द्वारा। इससे इसकी मेंटेनेंस सस्ती और आसान हो जाती है। अब आर्मी को अगले तीन हेलीकॉप्टर की डिलीवरी का इंतजार है, जिससे पूरी स्क्वाड्रन ऑपरेशनल हो सकेगी।
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Trade Tension: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अधर में, क्या 1 अगस्त से लागू होगा 26% टैरिफ?

देश हरपल ब्यूरो | नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025 India-US Trade Deal को लेकर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं, लेकिन वाशिंगटन में हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। भारत का डेलिगेशन अमेरिका से लौट चुका है और अब अमेरिका के डेलिगेशन के अगस्त के दूसरे हफ्ते भारत आने की उम्मीद है। लेकिन बड़ा सवाल ये है – क्या 1 अगस्त से भारत को 26% टैरिफ देना पड़ेगा? अमेरिकी चेतावनी: “1 अगस्त से टैरिफ तय हैं” US Commerce Secretary हॉवर्ड लुटनिक ने 20 जुलाई को दिए गए एक इंटरव्यू में साफ कर दिया: “1 अगस्त से नई टैरिफ दरें लागू होंगी। उसके बाद भी बात हो सकती है, लेकिन टैरिफ देना ही होगा।” इस बयान के बाद भारत में एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर से जुड़े करोड़ों लोगों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यही दो क्षेत्र अमेरिका के मुख्य दबाव बिंदु हैं। भारत का रुख: “डेयरी और मक्का पर नहीं होगा समझौता” सूत्रों के अनुसार, भारत ने अमेरिका की उन मांगों को मानने से इनकार कर दिया है जिनका सीधा असर देश के कृषि ढांचे और 8 करोड़ डेयरी वर्कर्स की आजीविका पर पड़ता। भारत न तो मक्का (corn) और न ही सोयाबीन पर टैरिफ में कटौती को लेकर राजी है। बातचीत में देरी: अमेरिका ने क्यों नहीं भेजा टैरिफ नोटिस? अब तक अमेरिका ने कम से कम 14 देशों को 25% से 40% टैरिफ को लेकर चिट्ठी भेज दी है। लेकिन भारत को ऐसी कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है, जिससे ये उम्मीद बनी हुई है कि बातचीत पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। ट्रंप की BRICS चेतावनी और रूस फैक्टर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि BRICS देश डॉलर का विकल्प तलाशते हैं, तो उन पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। साथ ही, रूसी वस्तुओं पर 100% टैरिफ और रूसी तेल खरीदने वालों पर सख्ती के संकेत भी दिए हैं। भारत इस समय रूसी कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है, ऐसे में यह चेतावनी भारत की ऊर्जा नीति को प्रभावित कर सकती है। निष्कर्ष: क्या है अगला कदम? अब सबकी निगाहें अगस्त के दूसरे हफ्ते पर हैं, जब अमेरिकी ट्रेड डेलीगेशन भारत आएगा। अगर तब तक समाधान नहीं निकला, तो भारत को बड़ी आर्थिक चोट झेलनी पड़ सकती है, खासतौर पर एक्सपोर्ट और कृषि-आधारित उद्योगों में।
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Vice President Jagdeep Dhankhar resignation, जगदीप धनखड़ इस्तीफा,

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे से सियासी गलियारों में हलचल

Breaking Resignation: देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार, 21 जुलाई की रात अचानक इस्तीफा देकर पूरे राजनीतिक माहौल को चौंका दिया। ये इस्तीफा तब आया जब उसी दिन संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ था। उन्होंने अपने स्वास्थ्य कारणों को इस्तीफे की वजह बताया, लेकिन राजनीतिक हलकों में यह फैसला किसी गहरी हलचल की ओर इशारा कर रहा है। विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को “चौंकाने वाला” बताया। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा: “इसमें कोई शक नहीं कि उपराष्ट्रपति धनखड़ को अपने स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा तरजीह देनी होगी। लेकिन उनके चौंकाने वाले इस्तीफे के पीछे जो दिख रहा है, वो उससे कहीं ज्यादा है। हालांकि, यह अटकलों का समय नहीं है… हम उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हैं और उनसे फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध करते हैं।” “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देशहित में उन्हें मनाने की कोशिश करनी चाहिए। खासकर किसानों के हितों के लिए यह जरूरी है।” जयराम रमेश ने यह भी बताया कि 21 जुलाई की शाम 5 बजे तक वे अन्य सांसदों के साथ धनखड़ से मिले थे और शाम 7:30 बजे उन्होंने उपराष्ट्रपति से फोन पर भी बात की थी। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा, “उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा चौंकाने वाला और आश्चर्यजनक है,उपराष्ट्रपति ने कल सदन की अध्यक्षता की,उपराष्ट्रपति ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है,.ईश्वर उन्हें स्वस्थ रखे” कपिल सिब्बल की भावुक प्रतिक्रिया राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उपराष्ट्रपति के इस्तीफे पर व्यक्तिगत दुख जताया। उन्होंने कहा: “मैं व्यक्तिगत रूप से उनके इस्तीफे से खुश नहीं हूं क्योंकि मैं अब जब संसद जाऊंगा तो उनसे नहीं मिलूंगा। हमारे वर्षों से पारिवारिक संबंध रहे हैं।” “वे हमेशा सत्ता और विपक्ष के सामंजस्य की बात करते थे। हमारी विचारधाराएं अलग थीं लेकिन आपसी सम्मान बना रहा।” सिब्बल ने आगे बताया कि जब भी उन्हें सदन में बोलने के लिए समय की जरूरत होती थी, वे उपराष्ट्रपति के चैंबर में जाकर मिलते थे, और उन्हें कभी मना नहीं किया गया। अटकलों का दौर हालांकि जगदीप धनखड़ ने अपने इस्तीफे की वजह स्वास्थ्य कारण बताए हैं, लेकिन सोशल मीडिया और सियासी गलियारों में इस फैसले को लेकर कई राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। क्या यह कोई आंतरिक असहमति का संकेत है? या कोई रणनीतिक फैसला? इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है
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Vice President Resigns: स्वास्थ्य कारणों से जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से दिया इस्तीफा

BREAKING NEWS: स्वास्थ्य कारणों से जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से दिया इस्तीफा

नई दिल्ली:भारत के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके अचानक उठाए गए इस कदम ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। धनखड़ ने राष्ट्रपति कोविंद के कार्यकाल के दौरान 6 अगस्त 2022 को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराया था। उन्हें कुल 725 में से 528 वोट मिले थे, जबकि अल्वा को मात्र 182 वोट। झुंझुनू से उपराष्ट्रपति भवन तक का सफर 18 मई 1951 को राजस्थान के झुंझुनू जिले में एक साधारण किसान परिवार में जन्मे जगदीप धनखड़ की शिक्षा एकदम साधारण पृष्ठभूमि में हुई। इसके बाद उन्होंने राजस्थान यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और LLB की पढ़ाई पूरी की। जयपुर में वकालत की शुरुआत की और जल्द ही राजनीति में सक्रिय हो गए। राजनीतिक सफर और उपलब्धियाँ स्वास्थ्य बना वजह या कोई और संकेत? धनखड़ के इस्तीफे की आधिकारिक वजह भले ही स्वास्थ्य बताई गई हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि कहीं इसके पीछे कोई आंतरिक मतभेद या रणनीतिक बदलाव तो नहीं? आने वाले दिनों में इस पर और स्पष्टता आ सकती है। क्या कहते हैं जानकार? वरिष्ठ पत्रकारों और राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि धनखड़ का कार्यकाल अपेक्षाकृत शांत और गरिमामय रहा, लेकिन बंगाल से जुड़े उनके बयान हमेशा चर्चा में रहे। निष्कर्ष: जगदीप धनखड़ का इस्तीफा एक संवेदनशील समय पर आया है जब देश 2026 के आम चुनाव की तैयारियों में जुटा है। अब सबकी निगाहें इस पर होंगी कि उनकी जगह अगला उपराष्ट्रपति कौन बनता है, और क्या इससे सत्ता समीकरणों में कोई बड़ा बदलाव आता है।
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अक्षर पटेल का ऑलराउंड शो, शुभमन गिल की कप्तानी पारी; भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहला वनडे जीता

बर्मिंघम। ऑलराउंडर अक्षर पटेल के शानदार प्रदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत की। एजबेस्टन मैदान पर खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 262 रन बनाकर हासिल कर लिया। अक्षर पटेल ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। कप्तान शुभमन गिल ने 80 रन बनाए, लेकिन मैच के दौरान क्रैम्प्स की समस्या के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआती झटकों के बाद गिल ने संभाली पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम की पारी को संभाला। श्रेयस 35 रन बनाकर रनआउट हुए, जबकि केएल राहुल बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभालते हुए पांचवें विकेट के लिए 102 रन की अविजित साझेदारी की और भारत को शानदार जीत दिलाई। जो रूट और लियाम डॉसन ने इंग्लैंड को संभाला इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। इंग्लैंड की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने 61 रन तक कोई विकेट नहीं गंवाया, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए महज 19 रन के भीतर 5 विकेट झटक दिए। मध्यक्रम में जो रूट ने 76 रन और लियाम डॉसन ने 68 रन की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से निभाई अहम भूमिका भारतीय गेंदबाजों में अक्षर पटेल सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अक्षर पटेल ने टीम इंडिया की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई और भारत ने सीरीज की शानदार शुरुआत की। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन की पोल: छत्तीसगढ़ में 33% नल कनेक्शन गैर-कार्यशील, ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा

रायपुर। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर खामियों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार कमजोर योजना, धीमा क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हुई है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित ‘छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट’ रिपोर्ट मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद मिशन के कार्यों में तेजी आई है। योजना निर्माण में गंभीर खामियां CAG की रिपोर्ट के मुताबिक जल जीवन मिशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कई स्थानों पर गांव स्तर की कार्ययोजना तैयार किए बिना ही जिला स्तरीय योजनाएं बना दी गईं, जबकि राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार ही नहीं की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर जल सुरक्षा योजना नहीं बनाई गई, जिससे जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव की स्पष्ट रणनीति विकसित नहीं हो सकी। 33 प्रतिशत नल कनेक्शन निकले गैर-कार्यशील रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए। हालांकि, इनमें से 13.31 लाख (करीब 33%) कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। इसके पीछे सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप स्थापित नहीं होना प्रमुख कारण बताए गए हैं। ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा राज्य के 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही इस लक्ष्य तक पहुंच सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी सामने आए, जहां अधूरे कार्यों के बावजूद गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित कर दिया गया। किसी भी जिले में 100% कवरेज नहीं मार्च 2024 तक राज्य के 33 में से किसी भी जिले और 146 में से किसी भी विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज नहीं था। योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज स्कीम में से मार्च 2024 तक केवल 172 योजनाएं पूरी हो सकीं। इनमें भी सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का संचालन सौंपा गया। वहीं, स्वीकृत 70 मल्टी विलेज स्कीम में से मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे करीब 9.85 लाख घरों तक सतही जल स्रोतों से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ। सोलर आधारित योजनाओं में भी अनियमितताएं CAG ने पाया कि कई सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक नल कनेक्शन जोड़ दिए गए। इसके कारण 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी कमियां रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार केंद्र और राज्यांश मिलाकर 6,480.04 करोड़ रुपये की आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही। साथ ही मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि और CSR जैसी योजनाओं के संसाधनों के समन्वय के लिए भी कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई। जल गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कमजोर राज्य की 75 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से केवल 4 प्रयोगशालाएं ही सभी 13 निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं। इसके अलावा 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं को NABL की मान्यता प्राप्त नहीं थी। रिपोर्ट में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार जल गुणवत्ता जांच नहीं होने की बात कही गई है। CAG की प्रमुख सिफारिशें रिपोर्ट में सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार मिशन को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी, जिसके कारण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समय-सीमा 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है। मार्च 2026 में स्वीकृत मिशन के दूसरे चरण को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके।

रायपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा

रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को धार्मिक आस्था, वैदिक परंपराओं और भव्य आयोजन के साथ निकाली जाएगी। वहीं बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा माता सुभद्रा के तीनों रथों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है। भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्तों और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। वर्ष में केवल इसी अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। 11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन रथयात्रा के दिन सुबह 11 वैदिक पंडितों के सान्निध्य में भगवान का विशेष अभिषेक, पूजन और हवन कराया जाएगा। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर सहित विभिन्न सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान को गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्यों की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा की सबसे प्रमुख परंपराओं में शामिल ‘छेरा पहरा’ का निर्वहन इस वर्ष भी किया जाएगा। परंपरा के अनुसार राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। भजन, झांकियों और लोकनृत्य से गूंजेगा शहर रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है। रायपुर और छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सरकार और बोर्ड से 10 दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि “कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता।” हालांकि, नीति को लागू करने में सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBSE और संबंधित पक्षों से 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। यह नीति शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की गई है। इसके तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। इससे कई छात्रों को पहले से पढ़ी जा रही भाषाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। क्या है विवाद? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBSE ने पर्याप्त तैयारी के बिना नई भाषा नीति लागू कर दी है। उनके मुताबिक कई स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक, पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े अहम सवाल और जवाब 1. मामला क्या है? सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। हालांकि, CBSE ने 6 जून को संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि इस वर्ष कक्षा 10 के छात्रों को तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। 2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है? पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच या जर्मन) पढ़ते थे। नए नियम के अनुसार अब तीन भाषाओं में से कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य है। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही चुनी जा सकेगी। 3. याचिका किसने दायर की? यह याचिका छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी की ओर से दायर की गई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर, मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। 4. याचिकाकर्ताओं की मुख्य आपत्ति क्या है? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था अचानक लागू कर दी गई। कई भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक भी नहीं हैं। ऐसे में छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 5. किताबों को लेकर क्या दलील दी गई? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से फिलहाल केवल तीन भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करना व्यवहारिक रूप से कठिन होगा। 6. शिक्षकों की कमी पर क्या कहा गया? याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि नई भारतीय भाषाएं पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता होगी, लेकिन इतने कम समय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण संभव नहीं है। 7. क्या विदेशी भाषाएं बंद हो जाएंगी? नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन इसके साथ उन्हें दो भारतीय भाषाएं भी पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी। 8. क्या तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा होगी? नहीं। CBSE ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का अलग बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त परीक्षा का दबाव न बढ़े। 9. अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी। नई शिक्षा नीति 2020 क्या है? भारत सरकार ने 29 जुलाई 2020 को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को मंजूरी दी थी। यह 34 वर्षों बाद देश की शिक्षा व्यवस्था में किया गया सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है। इससे पहले शिक्षा नीति 1986 में लागू हुई थी, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना, छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकसित करना है। केंद्र सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। चूंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए इसे लागू करने में केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की भूमिका होती है। देश, शिक्षा और करियर से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

बिलासपुर: CM हेल्पलाइन शिकायतों के खराब निराकरण पर PHE के ईई को नोटिस, कलेक्टर ने अधिकारियों को लगाई फटकार

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) रूपेश कुमार धनंजय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। टीएल (समय-सीमा) बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा करने के बजाय उनका गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समय-सीमा का पालन करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एकल शिक्षकीय स्कूलों में जल्द होंगे अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एकल शिक्षकीय स्कूलों में तत्काल अतिथि शिक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी ली जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जर्जर स्कूल भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। ऐसे विद्यालयों के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करने और नए भवन या अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी लगाई फटकार जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डीएमएफ की राशि का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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