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High Tension Line Accident, Bhopal News, Raisen News, Raksha Bandhan Accident, बिजली विभाग लापरवाही, Gandhi Nagar High Tension Wire, CM Helpline Complaint, Desh Harpal News

High Tension Line का कहर: भोपाल में राखी के दिन भाई की करंट से मौत, सदमे में दादी की भी गई जान

भोपाल के गांधी नगर में राखी के दिन हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई। रायसेन में यह खबर सुनकर दादी की भी मौत हो गई। जानें पूरी घटना। भोपाल। रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार को भोपाल के गांधी नगर में एक दर्दनाक हादसे ने मातम में बदल दिया। शनिवार रात हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर सुभाष सेन (20) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर रायसेन जिले के नूरगंज गांव पहुंची तो सदमे में उसकी दादी ताराबाई (75) ने भी दम तोड़ दिया। सुभाष मूल रूप से रायसेन जिले के नूरगंज का रहने वाला था, लेकिन पिछले दो साल से नरेला शंकरी में अपने मामा के घर रहकर सैलून में काम कर रहा था। शनिवार शाम वह अपनी बहन निधि के घर राखी बंधवाने आया था। बहन ने राखी बांधी, फिर हुआ हादसा जीजा विक्की के मुताबिक, “निधि ने राखी बांधी और सुभाष को खाना खाने के लिए रोक लिया। हम दोनों पहली मंजिल पर बात कर रहे थे, तभी वह बाहर छत पर गया, जहां से हाईटेंशन लाइन बेहद पास से गुजरती है। रिमझिम बारिश के बीच वह करंट की चपेट में आ गया।” उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पहले भी हुई थी इसी जगह करंट की घटना निधि ने बताया, “कुछ महीने पहले मैं भी इसी जगह करंट की चपेट में आकर झुलस गई थी। एक हाथ गंभीर रूप से जल गया था, लेकिन मैं बच गई थी। कभी नहीं सोचा था कि उसी जगह मेरे भाई की जान जाएगी।” विक्की ने बताया कि 13 जनवरी 2025 को उन्होंने CM Helpline पर शिकायत की थी। बिजली विभाग के कर्मचारी आए और लाइन शिफ्टिंग के लिए खर्च का हवाला दिया। मोहल्ले वाले खर्च उठाने को तैयार थे, लेकिन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। स्थानीय लोगों की नाराज़गी रहवासियों के अनुसार, इसी लाइन की वजह से एक साल पहले एक मिस्त्री की भी मौत हो चुकी है। कई बार शिकायत के बावजूद न तो लाइन को कवर किया गया और न ही शिफ्ट किया गया। पुलिस जांच में जुटी गांधी नगर थाना प्रभारी बृजेंद्र मर्सकोले ने बताया कि मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। परिजनों के विस्तृत बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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India Army Chief, Upendra Dwivedi, Pakistan War, Operation Sindoor, Indian Army News, Agnishodh, S-400 Missile, Indian Air Force, Terrorist Strike PoK

थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी : पाकिस्तान से जल्द हो सकता है अगला युद्ध, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भी बड़ा खुलासा

India Army Chief, Upendra Dwivedi, Pakistan War, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने IIT मद्रास में चेतावनी दी कि पाकिस्तान के साथ अगला युद्ध जल्द हो सकता है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की रणनीति और उपलब्धियों पर भी खुलासा किया। नई दिल्ली।देश हरपल न्यूज़ डेस्क थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने IIT मद्रास में आयोजित ‘अग्निशोध’ – इंडियन आर्मी रिसर्च सेल (IARC) के उद्घाटन के दौरान कहा — “अगला युद्ध जल्द हो सकता है। हमें उसी के मुताबिक तैयारी करनी होगी और इस बार हमें यह लड़ाई मिलकर लड़नी होगी।” जनरल द्विवेदी ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सरकार ने सेना को फ्री हैंड दिया था। उन्होंने इसे ग्रे जोन ऑपरेशन बताया — यानी पारंपरिक युद्ध नहीं, बल्कि ऐसी रणनीति जिसमें दुश्मन हमारी चाल नहीं भांप पाता और हम उसकी। जनरल द्विवेदी ने बताया कि 25 अप्रैल को उत्तरी कमान के दौरे के दौरान ऑपरेशन की प्लानिंग हुई। इसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों को टारगेट किया गया, जिनमें से 7 को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में पूरी योजना पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा —
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Greenfield Rail Coach Factory MP, रायसेन रेल कोच फैक्ट्री, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास, Rajnath Singh News, MP Defense Hub, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, CM मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान, रोजगार मध्यप्रदेश, MP में निवेश

Railway और Defence में चमकेगा मध्यप्रदेश, राजनाथ सिंह ने रखी Greenfield Rail Coach Factory की नींव

रायसेन, मध्यप्रदेश | देश हरपल मध्यप्रदेश औद्योगिक और रक्षा क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने जा रहा है। रायसेन जिले के उमरिया में ₹1,800 करोड़ की लागत से Greenfield Rail Coach Factory का आज भूमिपूजन हुआ। इस फैक्ट्री से 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा और यहां तैयार होने वाले कोच देशभर की स्पीड ट्रेनों में लगाए जाएंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बड़े ऐलान अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के पास रक्षा क्षेत्र का हब बनने के सभी गुण हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि “रक्षा क्षेत्र के माध्यम से जो भी संभव होगा, मध्यप्रदेश के लिए मैं हमेशा तैयार रहूंगा।” रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का संदेश रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “यह फैक्ट्री न केवल रेलवे कोच का निर्माण करेगी, बल्कि रेलवे के अलग-अलग प्रोडक्ट्स का भी उत्पादन होगा। इससे रेलवे का पूरा ईको-सिस्टम आगे बढ़ेगा।” कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संकल्प शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह क्षेत्र ‘आइडियल’ क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हित बीजेपी सरकार में हमेशा सुरक्षित रहेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव के विकास वादे सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “भोपाल में मेट्रो आने से पहले ही मेट्रो रेल कोच का निर्माण शुरू हो चुका है। रायसेन की यह फैक्ट्री हजारों युवाओं को रोजगार देगी और यहां स्कूल-कॉलेज खोलने के लिए भी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।” Greenfield Rail Coach Factory न केवल मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिखेगी, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भी राज्य की पहचान को मजबूत करेगी। रोजगार, निवेश और उत्पादन क्षमता में यह प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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Rakhi Business 2025, Bhopal Rakhi Market, Indore Handmade Rakhi, Chinese Rakhi Impact, MP Local Business, राखी व्यापार मध्यप्रदेश, चाइनीज राखी बनाम देसी, ग्रामीण राखी बाजार, इंदौर राखी सेल

Bhopal & Indore में Rakhi Business का ज़बरदस्त धमाका: देसी राखियों की डिमांड बढ़ी, चाइनीज़ उत्पादों में आई गिरावट

भोपाल/इंदौर – राखी का त्योहार सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के लिए करोड़ों के व्यापार का अवसर भी बन चुका है। खासकर राजधानी भोपाल और आर्थिक हब इंदौर में राखियों का व्यापार साल-दर-साल रिकॉर्ड तोड़ रहा है। 2025 में अनुमानित व्यापार इस साल 2025 में भोपाल और इंदौर को मिलाकर करीब ₹250 करोड़ से अधिक का राखी बिज़नेस होने का अनुमान है। पिछले साल यह आँकड़ा ₹210 करोड़ के आसपास था। पूरे मध्यप्रदेश में यह आंकड़ा ₹700 करोड़ के पार पहुंच सकता है। ग्रामीण बनाम शहरी बाज़ार देसी राखियों का जलवा बीते कुछ वर्षों में “Vocal for Local” अभियान का बड़ा असर पड़ा है। इंदौर के राजवाड़ा मार्केट से लेकर भोपाल के न्यू मार्केट तक देसी राखियों की धूम है। चाइनीज़ राखियों की हिस्सेदारी घटी कोविड-19 और भारत-चीन संबंधों में बदलाव के बाद चीनी राखियों की हिस्सेदारी 40% से घटकर 15% के आसपास आ गई है।भोपाल की राखी विक्रेता कविता त्रिपाठी बताती हैं – “पहले पूरा स्टॉक चाइना से आता था, अब ग्राहक खुद कहते हैं – ‘कुछ देसी दिखाओ बहन जी!'” स्थानीय हस्तशिल्प और रोजगार डिजिटल और ई-कॉमर्स का बढ़ता प्रभाव अब लोग Amazon, Flipkart से भी MP की राखियां मंगा रहे हैं। इंदौर के स्टार्टअप्स ने डिज़ाइनर राखियों की वेबसाइट्स और सोशल मीडिया स्टोर शुरू किए हैं। निष्कर्ष: भोपाल और इंदौर इस राखी व्यापार के नए हब बनते जा रहे हैं। चाइनीज़ उत्पादों की चमक अब फीकी पड़ रही है और मध्यप्रदेश की लोककला, स्थानीय हुनर और महिला शक्ति राखी जैसे पारंपरिक त्योहार को रोज़गार और आत्मनिर्भरता के मॉडल में बदल रही है।
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Rahul Gandhi Supreme Court, Priyanka Gandhi statement

“Supreme Court Remarks Row”: प्रियंका गांधी का पलटवार – ‘जज नहीं तय करेंगे कौन है सच्चा भारतीय’

Supreme Court की टिप्पणी के बाद प्रियंका गांधी ने पलटवार करते हुए कहा- ‘जज तय नहीं करेंगे कि सच्चा भारतीय कौन है। जानें पूरा मामला।’ नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट की ‘सच्चे भारतीय’ टिप्पणी को लेकर देश की राजनीति में उबाल है। संसद परिसर में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को तीखा पलटवार करते हुए कहा – “माननीय जजों का पूरा सम्मान करते हुए मैं कहना चाहती हूं कि यह तय करना कि कौन सच्चा भारतीय है, यह काम जजों का नहीं है।” प्रियंका का यह बयान सीधे उस टिप्पणी पर आया है, जिसमें 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की एक पुरानी टिप्पणी पर नाराजगी जताई थी। दरअसल, राहुल गांधी ने 16 दिसंबर 2022 को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कहा था कि – “चीन ने भारत की 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है और अरुणाचल प्रदेश में हमारे सैनिकों की पिटाई हो रही है।” Supreme Court की टिप्पणी क्या थी? सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने राहुल से पूछा: “सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहेगा। आपको कैसे पता कि चीन ने 2000 वर्ग किमी पर कब्जा किया है? क्या आप वहां थे? कोई प्रमाण है?” कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि: “आप विपक्ष के नेता हैं, तो संसद में ये बातें क्यों नहीं कहते? सोशल मीडिया की क्या जरूरत है?” हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ की अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक भी लगा दी और उत्तर प्रदेश सरकार व शिकायतकर्ता को 3 हफ्ते में जवाब दाखिल करने को कहा है। PM मोदी का पलटवार: NDA बैठक में कड़ी टिप्पणी इधर, NDA संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा – “सुप्रीम कोर्ट की इससे बड़ी फटकार और क्या हो सकती है?” यह बयान BJP की ओर से पूरे विवाद को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश माना जा रहा है। Congress का जवाब – ‘IT सेल बना रही फर्जी नैरेटिव’ कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद मणिकम टैगोर ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर कहा: “सुप्रीम कोर्ट का आदेश तो राहुल गांधी और विपक्ष के लिए राहत भरा रहा, लेकिन BJP की IT सेल इसे तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।” उन्होंने आगे जोड़ा कि: “जजों के शब्दों को प्रचारित कर एक अलग नैरेटिव गढ़ा जा रहा है, जो गलत है। संसद में किसी को भी ‘एंटी नेशनल’ कहना असंवैधानिक होगा, ठीक उसी तरह ये भाषा भी न्यायपालिका से नहीं आनी चाहिए।” राहुल का पुराना बयान बना विवाद की जड़ 👉 राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि कई बार भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर सरकार को घेरा था। 👉 उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि: “जब चीन हमारे 4000 वर्ग किमी क्षेत्र पर कब्जा किए बैठा है, तो हमारे विदेश सचिव चीनी राजदूत के साथ केक कैसे काट सकते हैं?” 👉 उन्होंने लोकसभा में कहा था: “हमें सामान्य रिश्तों से ऐतराज नहीं, लेकिन पहले हमारी ज़मीन तो वापस लाएं।” राहुल गांधी के विवादित बयान और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने एक बार फिर से सियासी बहस को गर्म कर दिया है। प्रियंका गांधी का बयान, कांग्रेस का पलटवार और प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी, यह सब मिलकर बता रहे हैं कि ‘सच्चा भारतीय कौन है’ – यह सवाल अब सिर्फ अदालत या संसद का नहीं, बल्कि जनमानस की समझ का हिस्सा बन गया है।
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भोपाल ड्रग्स केस, AIMIM नेता का बेटा गिरफ्तार, तौफीक निजामी, तौकीर निजामी, भूरी की पिस्टल, भोपाल क्राइम ब्रांच, sexual exploitation case, drugs racket bhopal

भोपाल ड्रग्स मामले में AIMIM नेता के बेटे की गिरफ्तारी, ड्रग्स और यौन शोषण केस में नया मोड़

भोपाल में ड्रग्स और यौन शोषण केस में बड़ा खुलासा, AIMIM के पूर्व नेता तौकीर निजामी के बेटे तौफीक की गिरफ्तारी। भूरी की पिस्टल और जिंदा कारतूस भी जब्त। पढ़िए पूरी रिपोर्ट देश हरपल पर।मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर सुर्खियों में है। शहर में जारी बहुचर्चित Drugs और Sexual Exploitation केस में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच एक बड़ा नाम सामने आया है। इस बार गिरफ्त में आया है AIMIM (All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen) के पूर्व नेता तौकीर निजामी का बेटा तौफीक निजामी। भोपाल की Crime Branch Police ने तौफीक को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की, तो उसके पास से भूरी की पिस्टल और एक जिंदा राउंड भी बरामद किया गया। यह गिरफ्तारी न सिर्फ केस में नया मोड़ ला सकती है, बल्कि शहर के drugs और अपराध नेटवर्क की परतें भी खोल सकती है। पूरे मामले में अब तक क्या हुआ? भोपाल में पिछले कुछ हफ्तों से एक high-profile drugs and sexual exploitation racket को लेकर हलचल मची हुई है। इस मामले में कई प्रभावशाली चेहरों के नाम सामने आ चुके हैं, और अब तौफीक निजामी की गिरफ्तारी से पुलिस को मामले से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। कौन है तौफीक निजामी? तौफीक निजामी, AIMIM के पूर्व नेता तौकीर निजामी का बेटा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह लंबे समय से शहर के आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। सूत्रों का कहना है कि तौफीक का नाम इस मामले में तब सामने आया जब पीड़िता के बयान में उसके कई करीबी लोगों के नाम सामने आए। क्या हो सकती है अगली कार्रवाई? क्राइम ब्रांच की मानें तो यह सिर्फ शुरुआत है। मामले में जल्द ही और भी बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस कई डिजिटल एविडेंस, कॉल डिटेल्स और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री को खंगाल रही है।
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Thrilling Win: भारत ने इंग्लैंड को 6 रन से हराकर सीरीज को 2-2 से किया बराबर

Team India ने ओवल टेस्ट में इंग्लैंड को रोमांचक अंदाज़ में 6 रन से हराया। सीरीज 2-2 से ड्रॉ। सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा की धारदार गेंदबाज़ी और शुभमन गिल की कप्तानी में युवा टीम ने रचा इतिहास। पढ़िए पूरा मैच रिव्यू। भारत ने केनिंग्टन ओवल (Kennington Oval) में खेले गए रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को मात्र 6 रन से मात देकर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज को 2-2 की बराबरी पर समाप्त किया। आखिरी दिन जब इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ 35 रन चाहिए थे और उसके पास 4 विकेट शेष थे, तब मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा की अगुआई में भारतीय गेंदबाज़ों ने कमाल कर दिया। भारत की दूसरी पारी रही निर्णायक पहली पारी में 224 रन पर सिमटने के बाद भारत ने दूसरी पारी में 396 रन बनाते हुए इंग्लैंड को 374 रन का लक्ष्य दिया। इस पारी में यशस्वी जायसवाल और आकाश दीप की 107 रन की साझेदारी ने टीम को संभाला। इससे पहले, करुण नायर ने पहली पारी में 57 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। गेंदबाज़ी में सिराज का कहर, कृष्णा भी चमके मो. सिराज ने दूसरी पारी में 5 विकेट, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने 4 विकेट झटके। सिराज ने आखिरी विकेट के रूप में एटकिंसन को यॉर्कर पर बोल्ड कर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। सिराज ने मैच के बाद कहा: “मैं बस यही सोच रहा था कि सही जगह पर गेंद डालनी है। उस कैच को लेकर अफसोस रहेगा, पर जीत की खुशी कहीं बड़ी है।” जो रूट और ब्रुक की संघर्षपूर्ण पारियां इंग्लैंड की दूसरी पारी में जो रूट ने 105 और हैरी ब्रुक ने 111 रन बनाए लेकिन टीम को जीत दिलाने में असफल रहे। जैक क्रॉली ने भी 64 रन का योगदान दिया, लेकिन बाकी बल्लेबाज़ टिक नहीं सके शुभमन गिल की कप्तानी में युवा टीम ने दिखाया कमाल शुभमन गिल की अगुआई में खेल रही इस युवा भारतीय टीम को टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले फेवरेट नहीं माना जा रहा था, लेकिन टीम ने सभी क्रिकेट विशेषज्ञों को गलत साबित करते हुए सीरीज 2-2 से बराबर कर इस जीत ने न केवल भारत को सीरीज में बराबरी दिलाई बल्कि यह साबित किया कि नई पीढ़ी की टीम किसी भी परिस्थिति में फाइटबैक कर सकती है। इस मैच को आने वाले वर्षों तक एक ऐतिहासिक मुकाबले के तौर पर याद किया जाएगा।
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राहुल गांधी के ‘अरुण जेटली धमकी’ बयान पर मचा बवाल, बेटे रोहन जेटली और BJP ने बताया ‘झूठ का पुलिंदा’

नई दिल्ली।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित एनुअल लीगल कॉन्क्लेव 2025 के दौरान एक बड़ा दावा करते हुए राजनीतिक हलचल मचा दी है। राहुल ने कहा कि जब वे कृषि कानूनों का विरोध कर रहे थे, तब दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली को उन्हें धमकाने के लिए भेजा गया था। राहुल ने अपने बयान में कहा – “मुझे वो दिन आज भी याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था। उस समय अरुण जेटली जी को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया था। उन्होंने मुझसे कहा, ‘अगर आप विरोध जारी रखेंगे तो हमें आपके खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे।’मैंने उनकी ओर देखा और कहा – ‘शायद आपको नहीं पता कि आप किससे बात कर रहे हैं।'” BJP और जेटली परिवार का पलटवार – ‘सच का गला घोंटा गया है’ राहुल गांधी के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दी दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने। सिरसा ने कहा कि राहुल गांधी का बयान बेहद शर्मनाक है क्योंकि अरुण जेटली का देहांत अगस्त 2019 में हुआ था, जबकि कृषि कानून 2020 में लाए गए थे। उन्होंने ट्वीट किया – “राहुल गांधी की राजनीति अब बेहद निम्न स्तर पर पहुंच चुकी है। एक दिवंगत सम्मानित नेता के नाम को झूठे बयान से जोड़ना न केवल झूठ है, बल्कि देश का अपमान भी है।” रोहन जेटली का तीखा जवाब – ‘राजनीति के लिए झूठ मत बोलिए’ अरुण जेटली के बेटे और दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील रोहन जेटली ने भी सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने राहुल के बयान को “फर्जी और अमानवीय” बताया। उन्होंने लिखा – राहुल गांधी के इस बयान ने राजनीति में एक बार फिर गरमाहट ला दी है। भाजपा और जेटली परिवार इसे एक ‘सुनियोजित राजनीतिक झूठ’ बता रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने अभी तक कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी है। सवाल यह है कि जब रिकॉर्ड्स और तारीखें स्पष्ट हैं, तब ऐसा बयान देने के पीछे उद्देश्य क्या था?
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फ्रेंडशिप डे कब है

Friendship Day 2025: जब दोस्ती बन जाए आपकी हेल्थ, हैप्पीनेस और हिम्मत की वजह!

Friendship Day 2025 पर जानें क्यों सच्चे दोस्त आपकी मेंटल हेल्थ, लॉन्ग लाइफ और खुशी के सबसे बड़े कारण होते हैं। रिश्ता जो दिल से जुड़ा होता है। Friendship Day 2025: दोस्ती सिर्फ मस्ती नहीं, आपकी लंबी उम्र और खुशियों का राज भी है अगस्त का पहला रविवार पूरी दुनिया में Friendship Day के रूप में मनाया जाता है। यह दिन खास होता है अपने उन दोस्तों को याद करने के लिए, जिनके बिना ज़िंदगी अधूरी सी लगती है। 2025 में फ्रेंडशिप डे 3 अगस्त को मनाया जाएगा, और यह मौका है उन अनमोल रिश्तों को संजोने का जो हमने खुद चुने हैं। दोस्ती का मतलब सिर्फ साथ नहीं, सेहत भी है! अक्सर हम दोस्ती को सिर्फ हंसी-मजाक और मस्ती का जरिया मानते हैं, लेकिन रिसर्च कहती है कि सच्चे दोस्त आपकी हेल्थ को बेहतर बनाने में भी अहम रोल निभाते हैं। एक स्टडी के मुताबिक, पैसा या शोहरत नहीं, बल्कि अच्छे दोस्त ही असली खुशी और लंबी उम्र का राज होते हैं। जब आप अपने दोस्तों के साथ बातचीत करते हैं, तो यह न केवल आपके सामाजिक जुड़ाव को बढ़ाता है, बल्कि आपको मेंटल स्टेबिलिटी भी देता है। इनसाइट:👉 दोस्तों के साथ बिताया गया समय तनाव घटाता है👉 आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान बढ़ाता है👉 हाई ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन और मोटापा कम करने में मदद करता है दोस्ती का रिश्ता दिल से, भरोसे से और बिना किसी शर्त के हम अपने रिश्तेदार नहीं चुन सकते, लेकिन दोस्त हम खुद चुनते हैं। एक अच्छा दोस्त न केवल हमारी खुशियों में शामिल होता है, बल्कि दुःख में भी हमारी ढाल बन जाता है। ये रिश्ता खून से नहीं, दिल से बना होता है — जिसमें न स्वार्थ होता है, न कोई शर्त। अब दोस्ती निभाने का समय भी जरूरी है तेज रफ्तार जिंदगी में हम अक्सर अपने दोस्तों को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन ये याद रखें कि रिश्ते केवल जज्बातों से नहीं, समय देने से भी निभते हैं। इस फ्रेंडशिप डे पर अपने पुराने दोस्तों को कॉल करें, मैसेज करें या मिलने जाएं। यकीन मानिए, वो पांच मिनट की बातचीत भी आपको बहुत बड़ा सुकून दे सकती है। Friendship Day 2025: इसे ऐसे मनाएं
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The Kerala Story’ को मिला बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड, केरल सरकार ने बताया “लोकतंत्र का अपमान”

‘The Kerala Story’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में बेस्ट डायरेक्टर और सिनेमैटोग्राफी का अवॉर्ड मिलने पर केरल सरकार भड़की। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने फैसले को बताया “भारतीय सिनेमा की परंपरा का अपमान”। The Kerala Story को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है। 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में निर्देशक सुदीप्तो सेन को बेस्ट डायरेक्टर और उनकी फिल्म को बेस्ट सिनेमैटोग्राफी का अवॉर्ड मिलने के बाद, केरल सरकार ने कड़ी आलोचना की है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस फैसले को “भारतीय सिनेमा की महान परंपरा का अपमान” करार दिया। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा: उन्होंने आगे लिखा कि केरल हमेशा शांति, सौहार्द और एकता के लिए जाना जाता है, और इस तरह की कहानी को सम्मान देना न केवल मलयाली समाज, बल्कि हर उस व्यक्ति का अपमान है जो लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों में आस्था रखता है। विजयन ने जनता से इस फैसले के खिलाफ आवाज़ उठाने की अपील की। शिक्षा मंत्री ने भी जताई नाराज़गी केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा: “’The Kerala Story’ जैसी फिल्म, जो नफरत और बेबुनियाद आरोपों पर आधारित है, उसे सम्मानित करना बाक़ी सभी विजेताओं की मेहनत और पुरस्कारों की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।” उन्होंने फिल्म से इतर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता उर्वशी, क्रिस्टो टॉमी और विजयराघवन को बधाई भी दी The Kerala Story – विवादों से भरी फिल्म 2023 में रिलीज हुई ‘The Kerala Story’ एक ऐसी फिल्म है जिसे लेकर पहले भी काफी विवाद हुआ था। फिल्म में दावा किया गया कि केरल की कई लड़कियों को ISIS में शामिल किया गया जो तथ्यों के आधार पर जांच में विवादास्पद पाया गया। फिल्म पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दिखाने और केरल को साम्प्रदायिक रंग में प्रस्तुत करने के आरोप लगे। फिल्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा था और कई राज्यों में प्रदर्शन भी हुए थे। लेकिन इसके बावजूद फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छा रिस्पॉन्स मिला और इसे राजनीतिक समर्थन भी मिला। ‘The Kerala Story’ को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से शुरू हुआ विवाद, अब एक राष्ट्रीय बहस का रूप लेता जा रहा है। एक ओर इसे भारतीय सिनेमा में नई दिशा कहा जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर राज्य सरकारें इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बता रही हैं।
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PNB में करोड़ों की Fake Currency का खेल! Saharanpur में CCTV ने बढ़ाया शक, 3 Officers पर Action

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़ा मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान करोड़ों रुपये के संदिग्ध नकली नोट मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं, जबकि विस्तृत जांच में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। वहीं, RBI की जांच के बाद इस पूरे मामले में कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। कैसे सामने आया करोड़ों के नकली नोटों का मामला? मामले की शुरुआत उस समय हुई जब RBI को भेजी गई नकदी में करीब ₹4.36 लाख की कमी सामने आई। इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद बैंक में करेंसी चेस्ट का रिकॉर्ड खंगाला गया और विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच आगे बढ़ी तो बैंक के अंदर रखी नकदी में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। असली Cash की जगह Fake Notes रखने का शक प्रारंभिक जांच में आशंका है कि करेंसी चेस्ट में मौजूद असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि असली रकम कब निकाली गई और नकली नोट बैंक के Cash Vault तक कैसे पहुंचे। बैंक के Cash Movement Records, लॉगबुक, ऑडिट रिपोर्ट और कर्मचारियों की ड्यूटी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध गतिविधि इस पूरे मामले में बैंक का CCTV Footage जांच का अहम हिस्सा बन गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में करेंसी चेस्ट के आसपास एक हाउसकीपिंग कर्मचारी की गतिविधियां दिखाई दी हैं। जांच अधिकारी अब CCTV फुटेज को बैंक के एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और कैश रिकॉर्ड से मिलाकर देख रहे हैं। इससे यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि करेंसी चेस्ट तक किस-किस कर्मचारी की पहुंच थी। 3 PNB Officers Suspended मामले में बैंक के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें करेंसी चेस्ट और कैश से जुड़े अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। बैंक ने तीन अधिकारियों को Suspended कर दिया है। हालांकि, निलंबन का मतलब दोष साबित होना नहीं है। अंतिम जिम्मेदारी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। SIT के हाथ में जांच, RBI भी कर रहा पड़ताल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT (Special Investigation Team) गठित की है। टीम बैंक के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और नकदी के लेन-देन की पूरी कड़ी को खंगाल रही है। दूसरी ओर, RBI से जुड़ी जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोटों का स्रोत क्या था और वे बैंक की करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंचे। ₹17 करोड़ या ₹7.40 करोड़? रकम को लेकर क्यों है Confusion इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा नकली नोटों की रकम को लेकर है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में ₹17 करोड़ तक की रकम का उल्लेख किया गया, जबकि बाद की विस्तृत रिपोर्टों में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात कही गई है। चूंकि जांच और नोटों की गिनती का काम जारी है, इसलिए अंतिम आंकड़ा आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। बैंकिंग सिस्टम की Security पर उठे सवाल सहारनपुर के PNB मामले ने बैंक की करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट बैंक के सुरक्षित Cash Vault तक कैसे पहुंचे? नियमित जांच और ऑडिट के दौरान इनकी पहचान क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच एजेंसियां तलाश रही हैं। आने वाले दिनों में CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है और नकली नोटों की वास्तविक मात्रा, असली रकम के नुकसान और इस मामले में शामिल लोगों को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SCO Summit

SCO Summit में Pakistan की Edited Photo पर बवाल, PM Modi और Iran President गायब

SCO Summit से जुड़ी एक तस्वीर ने भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से चल रही तल्खी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक X अकाउंट से शेयर की गई एक तस्वीर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तस्वीर के एडिटेड वर्जन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथ खड़े ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन नजर नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीर सामने आने के बाद यूजर्स ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक अकाउंट पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। खास बात यह है कि जिस कार्यक्रम की तस्वीर साझा की गई, उसमें भारत और ईरान दोनों के शीर्ष नेता मौजूद थे। Original Photo और Edited Version को लेकर सवाल SCO Summit की ग्रुप फोटो में संगठन के कई सदस्य देशों के नेता एक साथ नजर आए थे। इसी तस्वीर का एक अलग वर्जन पाकिस्तान PMO के X हैंडल से पोस्ट किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दिखाई नहीं देते। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या तस्वीर को जानबूझकर एडिट किया गया था। हालांकि, तस्वीर को लेकर पाकिस्तान सरकार की ओर से ऐसी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है कि पोस्ट में मूल तस्वीर के बजाय बदला हुआ फ्रेम क्यों इस्तेमाल किया गया। PM Modi और Pezeshkian की मुलाकात भी रही अहम SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय हालात पर बातचीत हुई। भारत और ईरान के रिश्ते लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखते हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक Summit के दौरान महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रही। यही वजह है कि ग्रुप फोटो से दोनों नेताओं के गायब होने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। Pakistan PM की भी ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात इस मामले का एक और दिलचस्प पहलू सामने आया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी SCO Summit के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर ईरानी राष्ट्रपति पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी मिले थे, तो ग्रुप फोटो के साझा किए गए वर्जन में उनका नजर नहीं आना आखिर क्यों हुआ। India-Pakistan Relations के बीच बढ़ी चर्चा भारत और पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से सामने आने वाली छोटी-सी तस्वीर भी राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने Summit में आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और सामूहिक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सामने आई कथित Edited Photo ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उठाए सवाल तस्वीर पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने Original Group Photo और पाकिस्तान PMO द्वारा साझा तस्वीर की तुलना करते हुए सवाल पूछे। हालांकि, यह भी जरूरी है कि तस्वीर के पीछे की मंशा को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकाला जाए। पाकिस्तान सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तस्वीर में बदलाव क्यों किया गया था। SCO Summit ने फिर खींचा दुनिया का ध्यान SCO Summit में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा हुई। एक तरफ Summit में भारत का आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश सुर्खियों में रहा, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात ने भारत-ईरान संबंधों को लेकर ध्यान खींचा। अब पाकिस्तान PMO की कथित Edited Photo इस पूरे घटनाक्रम में एक नया विवाद बनकर सामने आई है। सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोगों की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान सरकार इस तस्वीर को लेकर कोई आधिकारिक सफाई देती है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

Jantar Mantar FIR Case: प्रदर्शनकारियों को SC से राहत, CJP ने Delhi March टाला

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च भी वापस ले लिया। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अब इस मार्च का आयोजन नहीं करेगा। यह पूरा मामला जुलाई में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR को वापस लेना आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल था। बाद में इसी मुद्दे को लेकर CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदर्शनकारियों को राहत सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की ओर से प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने को लेकर आवेदन किया गया था। सुनवाई के दौरान इन मामलों को खत्म करने का रास्ता निकाला गया। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन से संबंधित करीब 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाने की बात सामने आई। कुछ ऐसे लोगों के मामले अलग रखे गए हैं, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी गई थी। इस फैसले के बाद आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। लंबे समय से FIR वापसी की मांग कर रहे संगठन के लिए इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। 5 सितंबर का Delhi March क्यों किया गया था? CJP ने 24 अगस्त को 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया था। प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक होना था। संगठन का आरोप था कि 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने के दौरान सरकार की ओर से किए गए कुछ आश्वासनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। CJP ने खास तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि अगर वादे पूरे नहीं हुए तो वह फिर से सड़कों पर उतरेगा। पहले SC ने मार्च पर रोक लगाने से किया था इनकार इस मामले में घटनाक्रम तेजी से बदला। 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने CJP के 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जिससे यह माना जाए कि प्रदर्शन के दौरान अनिवार्य रूप से अप्रिय स्थिति पैदा होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर छोड़ी गई थी। लेकिन इसके अगले ही दिन मामला अलग दिशा में चला गया। 1 सितंबर की सुनवाई के दौरान केंद्र के आश्वासन और कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने खुद 5 सितंबर के मार्च को वापस लेने की घोषणा कर दी। CJP ने क्यों बदला फैसला? सुप्रीम कोर्ट में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन और अदालत के आदेश को देखते हुए संगठन ने मार्च वापस लेने का फैसला किया है। यानी जिस मुद्दे को लेकर दोबारा सड़क पर उतरने की तैयारी थी, उसमें कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। CJI ने भी सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के सकारात्मक रवैये और बातचीत के महत्व पर जोर दिया। अदालत की टिप्पणी का संदेश साफ था कि खुले मन से बातचीत हो तो विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bhopal

Sealing Action पर Bhopal में बवाल: व्यापारियों और पुलिस में भिड़ंत, शंख-डमरू बजाकर प्रदर्शन

Bhopal में Sealing Action को लेकर व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। कार्रवाई के विरोध में जुटे कारोबारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को धक्का-मुक्की हो गई। कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ कारोबारी गिर गए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। Sealing के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए। कारोबारियों का कहना है कि कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर व्यापारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी बीच कुछ कारोबारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। पुलिस और व्यापारियों के बीच इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेड्स के पास हुई धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। आगे बढ़ने की कोशिश में कुछ कारोबारी गिर गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति को संभाल लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी और बढ़ती दिखाई दी। थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार से लगाई गुहार व्यापारियों के विरोध का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए विरोध जताया। व्यापारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और सीलिंग कार्रवाई को लेकर सरकार उनकी मांगों पर विचार करे। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध के जरिए सरकार और प्रशासन तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहते हैं। व्यापारियों की मांग पर अब नजर भोपाल में Sealing Action को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन और कारोबारियों के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद मामला चर्चा में है। व्यापारियों का विरोध यह संकेत दे रहा है कि सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Bus में नाबालिग से कथित गैंगरेप, 47 KM तक चलता रहा सफर; Rahul Gandhi ने पूछा- Checking क्यों नहीं?

दिल्ली-NCR में चलती स्लीपर बस के अंदर नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बस करीब 47 किलोमीटर तक चलती रही, लेकिन रास्ते में किसी चेकपोस्ट पर उसकी जांच नहीं हुई। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया है। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब बस इतने लंबे रूट से होकर गुजरी तो पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? बारिश और अंधेरे के बीच बस में बैठी छात्रा रिपोर्टों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा बारिश और अंधेरे के बीच रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके में पहुंची थी। वह नोएडा में अपने रिश्तेदार के पास जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान एक स्लीपर बस वहां पहुंची। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को मदद का भरोसा देकर बस में बैठाया। इसके बाद बस दिल्ली की तरफ बढ़ गई। पुलिस के अनुसार, परी चौक से कश्मीरी गेट तक का सफर करीब 47 किलोमीटर का था। इसी सफर के दौरान छात्रा के साथ कथित अपराध हुआ। एक दिन पहले भी आरोपियों पर गंभीर आरोप जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से एक दिन पहले भी ड्राइवर और कंडक्टर पर छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बस और उससे जुड़े अन्य सबूतों को कब्जे में लिया है। CCTV फुटेज समेत दूसरे डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है। Driver और Conductor गिरफ्तार पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बस किस रास्ते से गुजरी और रास्ते में किन-किन जगहों पर रुकी। बस की जांच भी की जा रही है ताकि घटना से जुड़े जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। Bus में पर्दे, CCTV को लेकर भी सवाल स्लीपर बसों में यात्रियों की Privacy के लिए पर्दे लगाए जाते हैं, लेकिन इसी व्यवस्था ने सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्टों में बस में CCTV की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में सवाल है कि लंबी दूरी तक चलने वाली स्लीपर बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त Monitoring क्यों नहीं होती? Rahul Gandhi ने Police Checking पर उठाए सवाल मामले पर राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक नाबालिग के साथ बस के अंदर इतनी गंभीर घटना हुई और वाहन करीब 47 किलोमीटर तक चलता रहा। उन्होंने सवाल किया कि रास्ते में मौजूद पुलिस व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। उन्होंने बसों की Checking और Monitoring को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। राहुल गांधी ने इस घटना का संदर्भ देते हुए Nirbhaya Case की याद भी दिलाई और कहा कि वर्षों बाद भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वही सवाल सामने आना चिंताजनक है। 47 KM का सफर और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल इस घटना ने दिल्ली-NCR की Public Transport Safety पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आखिर सड़कों पर चलने वाली बसों की Monitoring किस तरह होती है? क्या संदिग्ध बसों की नियमित Checking होती है? क्या हर स्लीपर बस में CCTV और Emergency Support की पर्याप्त व्यवस्था है? ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल रोजाना हजारों लोग करते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की तस्वीर साफ होगी। यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि Public Transport में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सिस्टम की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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