भोपाल/इंदौर – राखी का त्योहार सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के लिए करोड़ों के व्यापार का अवसर भी बन चुका है। खासकर राजधानी भोपाल और आर्थिक हब इंदौर में राखियों का व्यापार साल-दर-साल रिकॉर्ड तोड़ रहा है।
2025 में अनुमानित व्यापार
इस साल 2025 में भोपाल और इंदौर को मिलाकर करीब ₹250 करोड़ से अधिक का राखी बिज़नेस होने का अनुमान है। पिछले साल यह आँकड़ा ₹210 करोड़ के आसपास था। पूरे मध्यप्रदेश में यह आंकड़ा ₹700 करोड़ के पार पहुंच सकता है।
ग्रामीण बनाम शहरी बाज़ार
- शहरी क्षेत्र (भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर): लगभग 65% व्यापार
- ग्रामीण क्षेत्र (सीहोर, विदिशा, देवास, मंदसौर आदि): 35% व्यापार
ग्रामीण क्षेत्रों में अब स्थानीय महिलाओं द्वारा बनाई गई राखियों की मांग तेजी से बढ़ी है। महिलाओं के Self-Help Groups और कुटीर उद्योगों से राखियां सीधे बाजार में आ रही हैं।
देसी राखियों का जलवा
बीते कुछ वर्षों में “Vocal for Local” अभियान का बड़ा असर पड़ा है। इंदौर के राजवाड़ा मार्केट से लेकर भोपाल के न्यू मार्केट तक देसी राखियों की धूम है।
- सांची, उज्जैन, और खंडवा के महिला समूहों द्वारा बनाई गई राखियाँ इस बार लोगों की पहली पसंद बन रही हैं।
- सिल्क थ्रेड, बीडवर्क, कस्टम फोटो राखियाँ, इको-फ्रेंडली राखियाँ तेजी से बिक रही हैं।
चाइनीज़ राखियों की हिस्सेदारी घटी
कोविड-19 और भारत-चीन संबंधों में बदलाव के बाद चीनी राखियों की हिस्सेदारी 40% से घटकर 15% के आसपास आ गई है।
भोपाल की राखी विक्रेता कविता त्रिपाठी बताती हैं –
“पहले पूरा स्टॉक चाइना से आता था, अब ग्राहक खुद कहते हैं – ‘कुछ देसी दिखाओ बहन जी!'”
स्थानीय हस्तशिल्प और रोजगार
- भोपाल के भदभदा रोड, इंदौर के छत्रीपुरा इलाके में कई महिला उद्यमी राखियों का घरेलू उत्पादन कर रही हैं।
- प्रदेश सरकार भी MSME योजना और स्थानीय मेलों के ज़रिए इन उत्पादों को प्लेटफॉर्म दे रही है।
डिजिटल और ई-कॉमर्स का बढ़ता प्रभाव
अब लोग Amazon, Flipkart से भी MP की राखियां मंगा रहे हैं। इंदौर के स्टार्टअप्स ने डिज़ाइनर राखियों की वेबसाइट्स और सोशल मीडिया स्टोर शुरू किए हैं।
निष्कर्ष:
भोपाल और इंदौर इस राखी व्यापार के नए हब बनते जा रहे हैं। चाइनीज़ उत्पादों की चमक अब फीकी पड़ रही है और मध्यप्रदेश की लोककला, स्थानीय हुनर और महिला शक्ति राखी जैसे पारंपरिक त्योहार को रोज़गार और आत्मनिर्भरता के मॉडल में बदल रही है।
