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नवरात्रि

नवरात्रि में देवी की कृपा पाने के लिए करें ये 9 काम और भूलकर भी न करें ये 9 गलतियां

Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हो रही है। सनातन परंपरा के अनुसार देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए इन 9 नियमों का पालन करें और इन 9 गलतियों से बचें। जानें नवरात्रि पूजा के नियम और वर्जनाएँ। देश हरपल, धर्म डेस्क।सनातन परंपरा में शक्ति की साधना को सभी कष्टों को दूर करने और कामनाओं को पूरा करने वाली मानी गई है। हिंदू मान्यता के अनुसार नवरात्रि के 9 दिनों तक विधि-विधान से देवी दुर्गा की पूजा करने से जीवन से भय दूर होता है और साधक मां भगवती की कृपा से सुख, समृद्धि और शांति प्राप्त करता है। इस बार शारदीय नवरात्रि 2025 (Shardiya Navratri 2025) का आरंभ 22 सितंबर से हो रहा है। मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए भक्तों को कुछ खास नियमों का पालन करना चाहिए और कुछ गलतियों से बचना जरूरी है। आइए जानते हैं कि इस नवरात्रि में कौन से 9 काम जरूर करें और कौन सी 9 गलतियां भूलकर भी न करें। नवरात्रि पूजा के 9 नियम (9 Do’s of Navratri) नवरात्रि पर न करें ये 9 गलतियां (9 Don’ts of Navratri) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Coral Woods Society Club House Sealed: निगम ने लगाया ताला, 550 परिवार संकट में

भोपाल की कोरल वुड्स सोसायटी में प्रॉपर्टी टैक्स न चुकाने पर नगर निगम ने क्लब हाउस को सील कर दिया। बिल्डर और सोसायटी की अनियमितताओं से 550 परिवारों पर सुरक्षा संकट मंडरा रहा है। कोरल वुड्स सोसायटी का क्लब हाउस सील, रहवासी हुए परेशान सुनील भंडारी, भोपाल।भोपाल की चर्चित कोरल वुड्स सोसायटी (Coral Woods Society Bhopal) में चल रहे प्रॉपर्टी टैक्स विवाद ने 550 से अधिक परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नगर निगम ने ₹4.60 लाख से अधिक बकाया संपत्ति कर जमा न होने पर सोसायटी के क्लब हाउस को ताला लगाकर सील कर दिया। इस कार्रवाई से कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी संकट आ गया है, क्योंकि क्लब हाउस में ही सीसीटीवी कंट्रोल रूम और सोसाइटी ऑफिस मौजूद है। निगम की कार्रवाई नगर निगम जोन 13 के अमले ने वार्ड 52 स्थित कोरल वुड्स क्लब हाउस को सील किया। निगम के अनुसार, बिल्डर ऋषि कंस्ट्रक्शन के नाम पर प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था। नोटिस दिए जाने के बावजूद टैक्स जमा नहीं हुआ, जिसके बाद कुर्की और तालाबंदी की कार्रवाई की गई। बिल्डर बनाम सोसायटी विवाद रहवासियों की परेशानी वरिष्ठ रहवासी हरिओम गुप्ता ने कहा:“हम हर महीने मेंटेनेंस दे रहे हैं, फिर भी हमें अपमानित होना पड़ रहा है। क्लब हाउस सील होने से बच्चों की क्लासेस, जिम, इंडोर गेम्स सब बंद हो गए। सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा व्यवस्था की है।” रहवासी प्रफुल्ल दानी ने आरोप लगाया कि भंग समिति ने आर्थिक अनियमितताओं को छिपाया और दो साल से AGM नहीं बुलाई। शिकायत सीएम हेल्पलाइन तक पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का कहना है कि निगम की कार्रवाई से सीधे-सीधे रहवासी दंडित हुए हैं, जबकि असली जिम्मेदार बिल्डर है। निगम को चाहिए कि वह बिल्डर की संपत्तियों को जब्त करे, न कि आम नागरिकों को परेशान करे। आगे की राह रहवासी अब इस विवाद को लेकर रेरा (RERA) में बिल्डर की शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, प्रशासक ने आश्वासन दिया है कि समाधान निकालने की कोशिश जारी है।
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India Beat Pakistan Asia Cup

IND vs PAK Dubai War: पहलगाम पीड़ितों के नाम जीत का पैगाम, सूर्या की कप्तानी पारी से पाकिस्तान ढहा

asia-cup-2025-india-vs-pakistan एशिया कप 2025 भारत बनाम पाकिस्तान मैच में सूर्यकुमार यादव की शानदार कप्तानी पारी से भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया। कुलदीप यादव और अक्षर पटेल की घातक गेंदबाजी ने पाक बल्लेबाजों की कमर तोड़ी। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रविवार को खेले गए Asia Cup 2025 India vs Pakistan महामुकाबले में भारतीय टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि व्हाइट बॉल क्रिकेट का असली बादशाह कौन है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पारी और भारतीय गेंदबाजों के घातक स्पेल की बदौलत भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया। पाकिस्तान की पारी – स्पिनरों ने मचाया कहर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने असहाय नज़र आई। जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या ने शुरुआती झटके दिए, इसके बाद कुलदीप यादव (3/18), अक्षर पटेल (2/18) और वरुण चक्रवर्ती (1/24) ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया। पाकिस्तान 20 ओवर में 9 विकेट पर सिर्फ 127 रन ही बना सकी। अगर शाहीन ने आखिर में आक्रामक पारी नहीं खेली होती तो पाकिस्तान का स्कोर 100 रन भी मुश्किल था। भारत की पारी – अभिषेक शर्मा का तूफानी आगाज़ 128 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत को अभिषेक शर्मा ने तेज़ शुरुआत दिलाई। शाहीन अफरीदी की पहली दो गेंदों पर चौका और छक्का जड़कर उन्होंने मैच का मूड सेट कर दिया। शर्मा ने 13 गेंदों पर 31 रन ठोके। इसके बाद सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा (31 रन) ने तीसरे विकेट के लिए 56 रन की साझेदारी कर भारत को जीत की राह पर डाल दिया। अंत में सूर्या ने छक्का लगाकर मैच खत्म किया और नाबाद लौटे। जीत भारतीय सेना को समर्पित मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा –“मैं हमेशा यह बॉक्स टिक करना चाहता था कि अंत तक टिके रहकर टीम को जीत दिलाऊं। आज वही कर पाया। यह जीत हम अपने देश की सेना और पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिवारों को समर्पित करते हैं।” भारत का दबदबा जारी इस जीत के साथ भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान पर एशिया कप में अपना दबदबा कायम रखा। स्पिनरों का कमाल और बल्लेबाजों की समझदारी ने भारत को आसान जीत दिलाई।
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मोहन भागवत बयान, RSS प्रमुख नागपुर, Tariff Bomb India

Tariff Bomb पर बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत, कहा- भारत की बढ़ती ताकत से डर रहा है विश्व

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में कहा कि भारत पर टैरिफ इसलिए लगाया जा रहा है क्योंकि उसकी बढ़ती ताकत से दुनिया को डर लग रहा है। उन्होंने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि “अगर इंसान ‘मैं’ से ‘हम’ में बदल जाए, तो सारी समस्याएं खत्म हो सकती हैं।” नागपुर।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए Tariff Bomb पर अपनी प्रतिक्रिया दी। नागपुर में आयोजित ब्रह्माकुमारीज विश्व शांति सरोवर के 7वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती ताकत से दुनिया को डर लग रहा है, इसलिए उस पर टैरिफ थोपे जा रहे हैं। भागवत ने बिना अमेरिका का नाम लिए निशाना साधते हुए कहा,“दुनिया में डर यही होता है कि अगर सामने वाला बड़ा हो जाएगा तो मेरा क्या होगा। भारत बड़ा होगा तो हमारा स्थान कहां रहेगा। इसलिए टैरिफ लगा दो। हमने तो कुछ किया नहीं था, लेकिन जिसने किया, उसे पुचकारा जा रहा है ताकि भारत पर दबाव बनाया जा सके।” “मैं” से “हम” में बदलना होगा रवैया आरएसएस प्रमुख ने कहा कि जब तक इंसान और देश अपनी असलियत को नहीं समझेंगे, तब तक समस्याएं बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि अगर इंसान अपने रवैये को “मैं-मेरा” से “हम-हमारा” में बदल ले, तो दुनिया की आधी समस्याएं खत्म हो जाएंगी।“विश्व को आज सॉल्यूशन चाहिए, और समाधान तभी मिलेगा जब करुणा और आपसी विश्वास को प्राथमिकता दी जाएगी।” ब्रह्माकुमारीज की भूमिका मोहन भागवत ने इस दौरान महिलाओं के नेतृत्व वाले ब्रह्माकुमारीज आंदोलन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह यह संस्था आत्मिक चेतना जगाने का काम कर रही है, उसी तरह आरएसएस भी समाज को जोड़ने और भीतर की शक्ति को जागृत करने के लिए कार्य करता है
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Bomb Threat Delhi High Court, Bombay High Court Bomb Threat

दिल्ली और बॉम्बे हाईकोर्ट को बम धमकी वाले ईमेल से खाली कराया गया

दिल्ली हाईकोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट को शुक्रवार को बम धमकी वाले ईमेल मिलने के बाद खाली कराया गया। बम स्क्वॉड की टीम तलाशी में जुटी। धमकी मेल में पाकिस्तान-तमिलनाडु कनेक्शन का जिक्र। नई दिल्ली/मुंबई। देश की न्यायपालिका को लेकर एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। शुक्रवार सुबह दिल्ली हाईकोर्ट को एक संदिग्ध ईमेल भेजा गया जिसमें कोर्ट परिसर में 3 बम लगाए जाने की बात कही गई थी। ईमेल में साफ चेतावनी दी गई कि जुमा की नमाज से पहले यानी दोपहर 2 बजे तक कैंपस को खाली कर दिया जाए। सुरक्षा अलर्ट को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में वकीलों, जजों और स्टाफ को तत्काल बाहर निकाला गया। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंच गई है और कोर्ट रूम्स की गहन तलाशी ली जा रही है। इसी बीच, बॉम्बे हाईकोर्ट को भी बम धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोर्ट को खाली कराया। मुंबई पुलिस और एटीएस की टीम तलाशी में जुट गई है। धमकी मेल का कंटेंट और पाकिस्तान कनेक्शन दिल्ली हाईकोर्ट को भेजे गए मेल के सब्जेक्ट में लिखा था—“पवित्र शुक्रवार विस्फोटों के लिए पाकिस्तान-तमिलनाडु की मिलीभगत, जज रूम/कोर्ट परिसर में 3 बम रखे गए हैं। दोपहर 2 बजे तक खाली कर दें।” इतना ही नहीं, पटना में भी 11 सितंबर की दोपहर एक पाकिस्तानी X हैंडल से धमकी भरा ईमेल भेजा गया। इसमें कहा गया कि शुक्रवार को सार्वजनिक स्थानों पर बम ब्लास्ट किए जाएंगे। ईमेल की कॉपी में डॉ. शाह फैसल नामक एक युवक के पाकिस्तान की आईएसआई सेल से संपर्क का दावा किया गया। इसमें पटना के 1998 ब्लास्ट का जिक्र कर इसे दोहराने की धमकी दी गई। ईमेल में सेक्युलर पार्टियों, डीएमके नेता और यहां तक कि उदयनिधि स्टालिन के परिवार पर हमले की साजिश तक का जिक्र किया गया। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट दिल्ली, मुंबई और पटना में मिले इन धमकी मेल्स के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसियां (NIA), दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और महाराष्ट्र ATS सतर्क हो गई हैं। साइबर सेल ईमेल की IP ट्रैकिंग और टेक्निकल डिटेल्स खंगाल रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह मेल केवल अफवाह फैलाने के लिए भी हो सकता है, लेकिन इसे हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए सभी कोर्ट परिसरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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Vice President Oath 2025, CP Radhakrishnan Vice President, भारत के 15वें उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति भवन शपथ समारोह, उपराष्ट्रपति चुनाव परिणाम, B Sudarshan Reddy vs CP Radhakrishnan, NDA candidate Vice President

सीपी राधाकृष्णन बने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिलाई शपथ

सीपी राधाकृष्णन ने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में हुए भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई बड़े नेता मौजूद रहे। नई दिल्ली। आज का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में एक अहम पड़ाव बन गया है। सीपी राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan) ने शुक्रवार को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति (Vice President of India) के रूप में पद की शपथ ली। यह भव्य समारोह राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) में आयोजित हुआ, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में मौजूद रहे दिग्गज नेता इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री और एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद रहे। हालांकि, एनसीपी नेता अजित पवार समारोह में नहीं पहुंचे, जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दिल्ली पहुंचकर शामिल हुए। इसके अलावा छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और कर्नाटक के राज्यपाल भी समारोह में मौजूद रहे। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मानिक साहा भी राष्ट्रपति भवन पहुंचे। चुनाव में मिली शानदार जीत उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में राधाकृष्णन ने शानदार जीत दर्ज की। उन्हें 452 वोट मिले, जबकि विपक्ष के उम्मीदवार पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट हासिल हुए। कुल 781 सांसदों में से 767 ने वोट डाले, जिसमें 752 वोट वैध थे। इस जीत के बाद राधाकृष्णन ने इसे “राष्ट्रवादी विचारधारा की जीत” बताते हुए कहा: “यह हर भारतीय की जीत है। हमें अब विकास पर ध्यान देना होगा, न कि हर बात में राजनीति करनी होगी। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए मैं काम करूंगा।” पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया था। इसके बाद एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया, जबकि ‘इंडिया ब्लॉक’ (INDIA Bloc) ने पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा। दिलचस्प बात यह रही कि दोनों पक्षों ने अपने उम्मीदवार दक्षिण भारत (South India) से ही चुने। सीपी राधाकृष्णन की यह जीत सिर्फ एनडीए के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति के लिए भी अहम मानी जा रही है। अब पूरे देश की नजरें इस बात पर होंगी कि वे अपने कार्यकाल में किस तरह विकसित भारत 2047 के विज़न को आगे बढ़ाते हैं।
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Muzaffarpur voter list scam बिहार वोटर लिस्ट गड़बड़ी ZEE News खुलासा Muslim names voter list Bihar बिहार चुनाव वोटर लिस्ट फर्जीवाड़ा मुजफ्फरपुर वोटर लिस्ट घोटाला Bihar voter fraud news

बिहार के मुजफ्फरपुर बंद पड़े हिंदू के घरों में मुस्लिम नाम जोड़े गए

ZEE News ने मुजफ्फरपुर (बिहार) से सनसनीखेज खुलासा किया है। गांव में एक भी मुस्लिम परिवार न होने के बावजूद वोटर लिस्ट में मुस्लिम नाम जोड़े गए। बंद पड़े हिंदू घरों में भी फर्जी नाम चढ़ाए गए। पढ़ें पूरी रिपोर्ट। Muzaffarpur voter list scam, बिहार वोटर लिस्ट गड़बड़ीदेश की राजनीति में एक बड़ा भूचाल लाने वाली खबर सामने आई है। ZEE News की विशेष रिपोर्ट में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार मौजूद नहीं है, वहां की वोटर लिस्ट में मुस्लिम नामों को जोड़ा गया है। यही नहीं, कई ऐसे हिंदू परिवार जिनके घर सालों से बंद पड़े हैं, उनकी जगह पर भी मुस्लिम नाम दर्ज कर दिए गए हैं। यह पूरा मामला चुनावी ईमानदारी और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अगर यह साजिश है, तो यह केवल एक गांव की नहीं बल्कि पूरे बिहार चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गहरा असर डाल सकती है। कैसे हुआ खुलासा? ZEE News की टीम ने जब मौके पर जाकर वोटर लिस्ट और जमीनी हकीकत का मिलान किया, तो हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई। कई ऐसे नाम वोटर लिस्ट में पाए गए, जो स्थानीय लोगों को बिल्कुल भी नहीं जानते। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि “गांव में कोई मुस्लिम परिवार कभी रहा ही नहीं।” बंद पड़े घरों पर बने नए नाम और भी चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिन घरों पर ताला लगा हुआ है या जिन परिवारों ने गांव छोड़ दिया है, उनके घरों के पते पर भी नए नाम जोड़ दिए गए। यह फर्जीवाड़ा चुनावी साजिश की ओर इशारा करता है। चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल अब सवाल यह उठ रहा है कि Election Commission की जिम्मेदारी के बावजूद यह गड़बड़ी कैसे हो गई? क्या यह किसी लोकल स्तर की मिलीभगत है या बड़े स्तर पर कोई राजनीतिक दबाव? स्थानीय लोगों की मांग गांव के निवासियों ने चुनाव आयोग से मांग की है कि इस पूरे मामले की तुरंत जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
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द्र ग्रहण 2025, पितृपक्ष 2025,

100 वर्षों बाद पितृपक्ष संग चंद्र ग्रहण, जानें कौन-सी राशियों पर शुभ-अशुभ असर

100 सालों बाद एक दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है जब चंद्र ग्रहण और पितृपक्ष एक साथ पड़ेंगे। जानें किस राशि पर इसका शुभ-अशुभ असर होगा, सूतक काल कब से शुरू होगा और किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। भोपाल, देश हरपल।साल 2025 में एक अद्भुत खगोलीय घटना घटने जा रही है। लगभग 100 वर्षों बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब पितृपक्ष और चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) एक साथ पड़ेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोग मानव जीवन, धार्मिक परंपराओं और विभिन्न राशियों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। कब लगेगा चंद्र ग्रहण और सूतक काल? चंद्र ग्रहण और पितृपक्ष का दुर्लभ संयोग पितृपक्ष हिंदू धर्म में पितरों को तर्पण और श्राद्ध अर्पित करने का विशेष काल होता है। ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि इस बार चंद्र ग्रहण और पितृपक्ष का एक साथ आना ऊर्जा संतुलन और कर्मफल के प्रबल होने का संकेत है। किन राशियों के लिए रहेगा शुभ किन राशियों के लिए रहेगा अशुभ ग्रहण के समय बरतें ये सावधानियां
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Gaganyaan Mission 2025, ISRO Press Conference, Shubhanshu Shukla Astronaut, Gaganyaan Update, ISS India Astronaut, ISRO Chief V Narayanan, अंतरिक्ष मिशन भारत, गगनयान मिशन शुभांशु शुक्ला

Gaganyaan Mission: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से लौटे शुभांशु शुक्ला, ISRO ने बताया 80% काम पूरा

गगनयान मिशन को लेकर इसरो चीफ वी. नारायणन ने बड़ा अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि मिशन का 80% काम पूरा हो चुका है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अनुभव साझा किए और इसे भारत के लिए गर्व का क्षण बताया। नई दिल्ली।भारत के पहले नागरिक अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से वापसी के बाद इसरो (ISRO) ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस मौके पर इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने शुभांशु शुक्ला को सफल मिशन के लिए बधाई दी और गगनयान (Gaganyaan) प्रोजेक्ट की प्रगति पर बड़ा अपडेट साझा किया। शुभांशु शुक्ला का अनुभव शुक्ला ने बताया कि उन्हें क्रू ड्रैगन (Crew Dragon) में बतौर मिशन पायलट यात्रा करने का मौका मिला। उनका मुख्य कार्य कमांडर के साथ मिलकर मिशन की सुरक्षा और संचालन पर ध्यान देना था।उन्होंने कहा – “दो हफ़्ते स्पेस में बिताना अविस्मरणीय अनुभव था। हमें जापान सहित कई जगहों पर ट्रेनिंग दी गई थी। एक भारतीय नागरिक के तौर पर इस मिशन में शामिल होना गर्व की बात है।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ मौजूद प्रशांत बी. नायर ने भावुक अंदाज़ में शुभांशु को “राम” और खुद को “लक्ष्मण” बताया। उन्होंने कहा – “राम-लक्ष्मण की तरह हमें इसरो की टीम ‘वानर सेना’ के रूप में सहयोग दे रही थी। यह सच में दीपावली जैसा क्षण है।” इसरो चीफ का बड़ा अपडेट इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने कहा कि गगनयान मिशन का 80% काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष 20% कार्य अगले साल मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लॉन्चिंग के समय रॉकेट में तकनीकी गड़बड़ी आई थी, लेकिन इसरो की टीम ने उसे सही समय पर चिन्हित कर समाधान किया, जिसकी वजह से सभी चार यात्री सुरक्षित लौट पाए। उन्होंने आगे कहा – “भारत ने पहली बार किसी नागरिक को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन तक भेजा है। यह देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।” भारत को ऊपर से देखना अद्भुत शुभांशु शुक्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब उन्होंने अंतरिक्ष से भारत को देखा, तो वह दृश्य अत्यंत सुंदर और गर्व से भरा हुआ था। उन्होंने कहा –
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Opposition Boycott Tea Meeting

Opposition Boycott: संसद की Tea Meeting से विपक्ष नदारद, पीएम मोदी ने साधा राहुल गांधी पर निशाना

नई दिल्ली।संसद का मॉनसून सत्र आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। जहां सत्ता पक्ष ने इसे उपलब्धियों का सत्र बताया, वहीं विपक्ष ने सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा। इसी बीच, सत्र समापन पर लोकसभा स्पीकर द्वारा आयोजित पारंपरिक Tea Meeting ने सियासी माहौल और गर्मा दिया। विपक्ष ने Tea Meeting का किया Boycott परंपरा के मुताबिक, हर सत्र के अंत में लोकसभा स्पीकर सभी दलों के नेताओं को चाय पर आमंत्रित करते हैं। यह मुलाकात न केवल औपचारिक शिष्टाचार होती है, बल्कि इसमें सहयोगात्मक राजनीति का संदेश भी छिपा होता है।लेकिन इस बार विपक्ष का कोई भी नेता Tea Meeting में नहीं पहुंचा। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने इसे बहिष्कार (Opposition Boycott) कर दिया। पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज विपक्ष की गैरहाजिरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निराशा जताई और राहुल गांधी को निशाने पर लिया।पीएम मोदी ने कहा – “विपक्ष में खासकर कांग्रेस में कई युवा नेता बेहद प्रतिभाशाली हैं, लेकिन परिवारवाद और असुरक्षा की वजह से उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता। संभव है कि यही युवा नेता राहुल गांधी को असुरक्षित महसूस कराते हों। शायद इसी कारण राहुल गांधी उनसे घबरा गए हैं।” राजनीतिक संदेश स्पष्ट राजनीतिक गलियारों में इस Tea Meeting के बहिष्कार को एक बड़े संदेश की तरह देखा जा रहा है। जहां विपक्ष यह जताना चाहता है कि संसद में उनके सवालों की अनदेखी हुई, वहीं सत्ता पक्ष इसे लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी मान रहा है।
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PNB

PNB में करोड़ों की Fake Currency का खेल! Saharanpur में CCTV ने बढ़ाया शक, 3 Officers पर Action

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़ा मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान करोड़ों रुपये के संदिग्ध नकली नोट मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं, जबकि विस्तृत जांच में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। वहीं, RBI की जांच के बाद इस पूरे मामले में कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। कैसे सामने आया करोड़ों के नकली नोटों का मामला? मामले की शुरुआत उस समय हुई जब RBI को भेजी गई नकदी में करीब ₹4.36 लाख की कमी सामने आई। इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद बैंक में करेंसी चेस्ट का रिकॉर्ड खंगाला गया और विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच आगे बढ़ी तो बैंक के अंदर रखी नकदी में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। असली Cash की जगह Fake Notes रखने का शक प्रारंभिक जांच में आशंका है कि करेंसी चेस्ट में मौजूद असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि असली रकम कब निकाली गई और नकली नोट बैंक के Cash Vault तक कैसे पहुंचे। बैंक के Cash Movement Records, लॉगबुक, ऑडिट रिपोर्ट और कर्मचारियों की ड्यूटी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध गतिविधि इस पूरे मामले में बैंक का CCTV Footage जांच का अहम हिस्सा बन गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में करेंसी चेस्ट के आसपास एक हाउसकीपिंग कर्मचारी की गतिविधियां दिखाई दी हैं। जांच अधिकारी अब CCTV फुटेज को बैंक के एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और कैश रिकॉर्ड से मिलाकर देख रहे हैं। इससे यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि करेंसी चेस्ट तक किस-किस कर्मचारी की पहुंच थी। 3 PNB Officers Suspended मामले में बैंक के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें करेंसी चेस्ट और कैश से जुड़े अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। बैंक ने तीन अधिकारियों को Suspended कर दिया है। हालांकि, निलंबन का मतलब दोष साबित होना नहीं है। अंतिम जिम्मेदारी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। SIT के हाथ में जांच, RBI भी कर रहा पड़ताल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT (Special Investigation Team) गठित की है। टीम बैंक के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और नकदी के लेन-देन की पूरी कड़ी को खंगाल रही है। दूसरी ओर, RBI से जुड़ी जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोटों का स्रोत क्या था और वे बैंक की करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंचे। ₹17 करोड़ या ₹7.40 करोड़? रकम को लेकर क्यों है Confusion इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा नकली नोटों की रकम को लेकर है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में ₹17 करोड़ तक की रकम का उल्लेख किया गया, जबकि बाद की विस्तृत रिपोर्टों में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात कही गई है। चूंकि जांच और नोटों की गिनती का काम जारी है, इसलिए अंतिम आंकड़ा आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। बैंकिंग सिस्टम की Security पर उठे सवाल सहारनपुर के PNB मामले ने बैंक की करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट बैंक के सुरक्षित Cash Vault तक कैसे पहुंचे? नियमित जांच और ऑडिट के दौरान इनकी पहचान क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच एजेंसियां तलाश रही हैं। आने वाले दिनों में CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है और नकली नोटों की वास्तविक मात्रा, असली रकम के नुकसान और इस मामले में शामिल लोगों को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SCO Summit

SCO Summit में Pakistan की Edited Photo पर बवाल, PM Modi और Iran President गायब

SCO Summit से जुड़ी एक तस्वीर ने भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से चल रही तल्खी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक X अकाउंट से शेयर की गई एक तस्वीर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तस्वीर के एडिटेड वर्जन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथ खड़े ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन नजर नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीर सामने आने के बाद यूजर्स ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक अकाउंट पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। खास बात यह है कि जिस कार्यक्रम की तस्वीर साझा की गई, उसमें भारत और ईरान दोनों के शीर्ष नेता मौजूद थे। Original Photo और Edited Version को लेकर सवाल SCO Summit की ग्रुप फोटो में संगठन के कई सदस्य देशों के नेता एक साथ नजर आए थे। इसी तस्वीर का एक अलग वर्जन पाकिस्तान PMO के X हैंडल से पोस्ट किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दिखाई नहीं देते। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या तस्वीर को जानबूझकर एडिट किया गया था। हालांकि, तस्वीर को लेकर पाकिस्तान सरकार की ओर से ऐसी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है कि पोस्ट में मूल तस्वीर के बजाय बदला हुआ फ्रेम क्यों इस्तेमाल किया गया। PM Modi और Pezeshkian की मुलाकात भी रही अहम SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय हालात पर बातचीत हुई। भारत और ईरान के रिश्ते लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखते हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक Summit के दौरान महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रही। यही वजह है कि ग्रुप फोटो से दोनों नेताओं के गायब होने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। Pakistan PM की भी ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात इस मामले का एक और दिलचस्प पहलू सामने आया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी SCO Summit के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर ईरानी राष्ट्रपति पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी मिले थे, तो ग्रुप फोटो के साझा किए गए वर्जन में उनका नजर नहीं आना आखिर क्यों हुआ। India-Pakistan Relations के बीच बढ़ी चर्चा भारत और पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से सामने आने वाली छोटी-सी तस्वीर भी राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने Summit में आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और सामूहिक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सामने आई कथित Edited Photo ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उठाए सवाल तस्वीर पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने Original Group Photo और पाकिस्तान PMO द्वारा साझा तस्वीर की तुलना करते हुए सवाल पूछे। हालांकि, यह भी जरूरी है कि तस्वीर के पीछे की मंशा को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकाला जाए। पाकिस्तान सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तस्वीर में बदलाव क्यों किया गया था। SCO Summit ने फिर खींचा दुनिया का ध्यान SCO Summit में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा हुई। एक तरफ Summit में भारत का आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश सुर्खियों में रहा, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात ने भारत-ईरान संबंधों को लेकर ध्यान खींचा। अब पाकिस्तान PMO की कथित Edited Photo इस पूरे घटनाक्रम में एक नया विवाद बनकर सामने आई है। सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोगों की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान सरकार इस तस्वीर को लेकर कोई आधिकारिक सफाई देती है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

Jantar Mantar FIR Case: प्रदर्शनकारियों को SC से राहत, CJP ने Delhi March टाला

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च भी वापस ले लिया। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अब इस मार्च का आयोजन नहीं करेगा। यह पूरा मामला जुलाई में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR को वापस लेना आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल था। बाद में इसी मुद्दे को लेकर CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदर्शनकारियों को राहत सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की ओर से प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने को लेकर आवेदन किया गया था। सुनवाई के दौरान इन मामलों को खत्म करने का रास्ता निकाला गया। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन से संबंधित करीब 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाने की बात सामने आई। कुछ ऐसे लोगों के मामले अलग रखे गए हैं, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी गई थी। इस फैसले के बाद आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। लंबे समय से FIR वापसी की मांग कर रहे संगठन के लिए इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। 5 सितंबर का Delhi March क्यों किया गया था? CJP ने 24 अगस्त को 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया था। प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक होना था। संगठन का आरोप था कि 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने के दौरान सरकार की ओर से किए गए कुछ आश्वासनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। CJP ने खास तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि अगर वादे पूरे नहीं हुए तो वह फिर से सड़कों पर उतरेगा। पहले SC ने मार्च पर रोक लगाने से किया था इनकार इस मामले में घटनाक्रम तेजी से बदला। 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने CJP के 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जिससे यह माना जाए कि प्रदर्शन के दौरान अनिवार्य रूप से अप्रिय स्थिति पैदा होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर छोड़ी गई थी। लेकिन इसके अगले ही दिन मामला अलग दिशा में चला गया। 1 सितंबर की सुनवाई के दौरान केंद्र के आश्वासन और कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने खुद 5 सितंबर के मार्च को वापस लेने की घोषणा कर दी। CJP ने क्यों बदला फैसला? सुप्रीम कोर्ट में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन और अदालत के आदेश को देखते हुए संगठन ने मार्च वापस लेने का फैसला किया है। यानी जिस मुद्दे को लेकर दोबारा सड़क पर उतरने की तैयारी थी, उसमें कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। CJI ने भी सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के सकारात्मक रवैये और बातचीत के महत्व पर जोर दिया। अदालत की टिप्पणी का संदेश साफ था कि खुले मन से बातचीत हो तो विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bhopal

Sealing Action पर Bhopal में बवाल: व्यापारियों और पुलिस में भिड़ंत, शंख-डमरू बजाकर प्रदर्शन

Bhopal में Sealing Action को लेकर व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। कार्रवाई के विरोध में जुटे कारोबारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को धक्का-मुक्की हो गई। कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ कारोबारी गिर गए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। Sealing के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए। कारोबारियों का कहना है कि कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर व्यापारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी बीच कुछ कारोबारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। पुलिस और व्यापारियों के बीच इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेड्स के पास हुई धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। आगे बढ़ने की कोशिश में कुछ कारोबारी गिर गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति को संभाल लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी और बढ़ती दिखाई दी। थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार से लगाई गुहार व्यापारियों के विरोध का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए विरोध जताया। व्यापारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और सीलिंग कार्रवाई को लेकर सरकार उनकी मांगों पर विचार करे। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध के जरिए सरकार और प्रशासन तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहते हैं। व्यापारियों की मांग पर अब नजर भोपाल में Sealing Action को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन और कारोबारियों के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद मामला चर्चा में है। व्यापारियों का विरोध यह संकेत दे रहा है कि सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Bus में नाबालिग से कथित गैंगरेप, 47 KM तक चलता रहा सफर; Rahul Gandhi ने पूछा- Checking क्यों नहीं?

दिल्ली-NCR में चलती स्लीपर बस के अंदर नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बस करीब 47 किलोमीटर तक चलती रही, लेकिन रास्ते में किसी चेकपोस्ट पर उसकी जांच नहीं हुई। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया है। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब बस इतने लंबे रूट से होकर गुजरी तो पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? बारिश और अंधेरे के बीच बस में बैठी छात्रा रिपोर्टों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा बारिश और अंधेरे के बीच रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके में पहुंची थी। वह नोएडा में अपने रिश्तेदार के पास जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान एक स्लीपर बस वहां पहुंची। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को मदद का भरोसा देकर बस में बैठाया। इसके बाद बस दिल्ली की तरफ बढ़ गई। पुलिस के अनुसार, परी चौक से कश्मीरी गेट तक का सफर करीब 47 किलोमीटर का था। इसी सफर के दौरान छात्रा के साथ कथित अपराध हुआ। एक दिन पहले भी आरोपियों पर गंभीर आरोप जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से एक दिन पहले भी ड्राइवर और कंडक्टर पर छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बस और उससे जुड़े अन्य सबूतों को कब्जे में लिया है। CCTV फुटेज समेत दूसरे डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है। Driver और Conductor गिरफ्तार पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बस किस रास्ते से गुजरी और रास्ते में किन-किन जगहों पर रुकी। बस की जांच भी की जा रही है ताकि घटना से जुड़े जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। Bus में पर्दे, CCTV को लेकर भी सवाल स्लीपर बसों में यात्रियों की Privacy के लिए पर्दे लगाए जाते हैं, लेकिन इसी व्यवस्था ने सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्टों में बस में CCTV की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में सवाल है कि लंबी दूरी तक चलने वाली स्लीपर बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त Monitoring क्यों नहीं होती? Rahul Gandhi ने Police Checking पर उठाए सवाल मामले पर राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक नाबालिग के साथ बस के अंदर इतनी गंभीर घटना हुई और वाहन करीब 47 किलोमीटर तक चलता रहा। उन्होंने सवाल किया कि रास्ते में मौजूद पुलिस व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। उन्होंने बसों की Checking और Monitoring को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। राहुल गांधी ने इस घटना का संदर्भ देते हुए Nirbhaya Case की याद भी दिलाई और कहा कि वर्षों बाद भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वही सवाल सामने आना चिंताजनक है। 47 KM का सफर और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल इस घटना ने दिल्ली-NCR की Public Transport Safety पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आखिर सड़कों पर चलने वाली बसों की Monitoring किस तरह होती है? क्या संदिग्ध बसों की नियमित Checking होती है? क्या हर स्लीपर बस में CCTV और Emergency Support की पर्याप्त व्यवस्था है? ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल रोजाना हजारों लोग करते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की तस्वीर साफ होगी। यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि Public Transport में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सिस्टम की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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