सीपी राधाकृष्णन ने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में हुए भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई बड़े नेता मौजूद रहे।
नई दिल्ली। आज का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में एक अहम पड़ाव बन गया है। सीपी राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan) ने शुक्रवार को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति (Vice President of India) के रूप में पद की शपथ ली। यह भव्य समारोह राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) में आयोजित हुआ, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
समारोह में मौजूद रहे दिग्गज नेता
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय मंत्री और एनडीए के कई बड़े नेता मौजूद रहे। हालांकि, एनसीपी नेता अजित पवार समारोह में नहीं पहुंचे, जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दिल्ली पहुंचकर शामिल हुए। इसके अलावा छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और कर्नाटक के राज्यपाल भी समारोह में मौजूद रहे। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मानिक साहा भी राष्ट्रपति भवन पहुंचे।

चुनाव में मिली शानदार जीत
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में राधाकृष्णन ने शानदार जीत दर्ज की। उन्हें 452 वोट मिले, जबकि विपक्ष के उम्मीदवार पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट हासिल हुए। कुल 781 सांसदों में से 767 ने वोट डाले, जिसमें 752 वोट वैध थे। इस जीत के बाद राधाकृष्णन ने इसे “राष्ट्रवादी विचारधारा की जीत” बताते हुए कहा:
“यह हर भारतीय की जीत है। हमें अब विकास पर ध्यान देना होगा, न कि हर बात में राजनीति करनी होगी। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए मैं काम करूंगा।”
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया था। इसके बाद एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया, जबकि ‘इंडिया ब्लॉक’ (INDIA Bloc) ने पूर्व जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा। दिलचस्प बात यह रही कि दोनों पक्षों ने अपने उम्मीदवार दक्षिण भारत (South India) से ही चुने।
सीपी राधाकृष्णन की यह जीत सिर्फ एनडीए के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति के लिए भी अहम मानी जा रही है। अब पूरे देश की नजरें इस बात पर होंगी कि वे अपने कार्यकाल में किस तरह विकसित भारत 2047 के विज़न को आगे बढ़ाते हैं।


