नई दिल्ली।
संसद का मॉनसून सत्र आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। जहां सत्ता पक्ष ने इसे उपलब्धियों का सत्र बताया, वहीं विपक्ष ने सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा। इसी बीच, सत्र समापन पर लोकसभा स्पीकर द्वारा आयोजित पारंपरिक Tea Meeting ने सियासी माहौल और गर्मा दिया।
विपक्ष ने Tea Meeting का किया Boycott
परंपरा के मुताबिक, हर सत्र के अंत में लोकसभा स्पीकर सभी दलों के नेताओं को चाय पर आमंत्रित करते हैं। यह मुलाकात न केवल औपचारिक शिष्टाचार होती है, बल्कि इसमें सहयोगात्मक राजनीति का संदेश भी छिपा होता है।
लेकिन इस बार विपक्ष का कोई भी नेता Tea Meeting में नहीं पहुंचा। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने इसे बहिष्कार (Opposition Boycott) कर दिया।
पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज
विपक्ष की गैरहाजिरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निराशा जताई और राहुल गांधी को निशाने पर लिया।
पीएम मोदी ने कहा –
“विपक्ष में खासकर कांग्रेस में कई युवा नेता बेहद प्रतिभाशाली हैं, लेकिन परिवारवाद और असुरक्षा की वजह से उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता। संभव है कि यही युवा नेता राहुल गांधी को असुरक्षित महसूस कराते हों। शायद इसी कारण राहुल गांधी उनसे घबरा गए हैं।”
राजनीतिक संदेश स्पष्ट
राजनीतिक गलियारों में इस Tea Meeting के बहिष्कार को एक बड़े संदेश की तरह देखा जा रहा है। जहां विपक्ष यह जताना चाहता है कि संसद में उनके सवालों की अनदेखी हुई, वहीं सत्ता पक्ष इसे लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी मान रहा है।


