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व्रत और उपवास में क्या है असली अंतर?

व्रत और उपवास एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन इनके उद्देश्य बिल्कुल अलग हैं। जानिए व्रत और उपवास में गहरा अंतर और इनसे जुड़ी आस्था की परंपरा। भारत की सनातन परंपरा में व्रत और उपवास का विशेष स्थान है। अधिकतर लोग इन दोनों शब्दों को एक ही अर्थ में लेते हैं, लेकिन सच ये है कि ‘व्रत’ और ‘उपवास’ में बुनियादी और उद्देश्यात्मक अंतर होता है। आइए समझते हैं इन दोनों आध्यात्मिक प्रक्रियाओं के पीछे छिपा हुआ गहरा भाव।हिंदू धर्म में व्रत का अर्थ केवल उपवास करना नहीं होता, बल्कि यह एक धार्मिक संकल्प होता है। कोई व्यक्ति जब किसी देवी-देवता को प्रसन्न करने, किसी विशेष फल की कामना करने या किसी ज्योतिषीय दोष को शांत करने के लिए नियमपूर्वक व्रत करता है, तो वह उसके संकल्प और श्रद्धा का प्रतीक बन जाता है। व्रत: आस्था और कामना से जुड़ा अटूट संकल्प हिंदू धर्म में व्रत का अर्थ केवल उपवास करना नहीं होता, बल्कि यह एक धार्मिक संकल्प होता है। कोई व्यक्ति जब किसी देवी-देवता को प्रसन्न करने, किसी विशेष फल की कामना करने या किसी ज्योतिषीय दोष को शांत करने के लिए नियमपूर्वक व्रत करता है, तो वह उसके संकल्प और श्रद्धा का प्रतीक बन जाता है। उपवास: ईश्वर के निकट जाने का आध्यात्मिक माध्यम ‘उपवास’ शब्द संस्कृत के “उप” (निकट) और “वास” (रहना) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है – परमात्मा के समीप रहना। यह केवल भोजन से दूर रहना नहीं, बल्कि सांसारिक इच्छाओं और मोह-माया से ऊपर उठकर आध्यात्मिक चेतना में प्रवेश करने की प्रक्रिया है। व्रत और उपवास में मूल अंतर क्या है? पहलू व्रत उपवास उद्देश्य सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति आत्मा की शुद्धि और मोक्ष प्रक्रिया नियमबद्ध पूजा, दान, आहार संयम ध्यान, मौन, परमात्मा से जुड़ाव भावना आस्था व डर दोनों हो सकते हैं पूर्ण समर्पण और वैराग्य संबंध देवी-देवता या ग्रह से ब्रह्म और आत्मा से धार्मिकभय या भक्ति – क्यों रखते हैं लोग व्रत? आज भी कई लोग व्रत आस्था से नहीं, बल्कि भय से रखते हैं। जैसे अगर किसी की कुंडली में शनि दोष है, तो वे शनिवार का व्रत करते हैं। कई बार घर की स्त्रियां केवल परंपरा के पालन में व्रत करती हैं, जबकि कुछ लोग इसे आत्मिक अनुशासन के रूप में भी अपनाते हैं। हम कह सकते हैं कि व्रत जहां धर्म और कामना की पूर्ति से जुड़ा है, वहीं उपवास एक आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा है। दोनों की पवित्रता अपने-अपने स्तर पर है, बस इनका उद्देश्य और प्रक्रिया अलग-अलग है। इसलिए अगली बार जब आप व्रत या उपवास करें, तो इनकी आंतरिक भावना को समझें, तभी आप इसके वास्तविक लाभ प्राप्त कर सकेंगे। देश हरपल की सलाह:अगर आप भी धार्मिक विषयों से जुड़ी और रोचक जानकारी चाहते हैं तो हमारी धर्म और अध्यात्म श्रेणी को ज़रूर पढ़ें।
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Dr S Jaishankar, संसद बहस

राज्यसभा में जयशंकर बोले – “खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे”

राज्यसभा में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और सिंधु जल संधि पर भारत के सख्त रुख को स्पष्ट किया। जानिए कैसे बदली देश की विदेश नीति और पाकिस्तान को दी गई कड़ी चेतावनी। नई दिल्ली, देश हरपल ब्यूरो –राज्यसभा में मंगलवार को Pahalgam Terror Attack और ‘Operation Sindoor’ को लेकर गहन चर्चा के दूसरे दिन देश के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने विपक्ष के आरोपों पर करारा पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब भारत की विदेश नीति बदल चुकी है और पाकिस्तान को आतंकवाद के हर समर्थन की कीमत चुकानी पड़ेगी। Indus Water Treaty पर कड़ा फैसला – “जब तक आतंकवाद रहेगा, संधि स्थगित रहेगी” जयशंकर ने राज्यसभा को संबोधित करते हुए कहा कि Indus Water Treaty (सिंधु जल संधि) को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने इसे “दुनिया का सबसे असाधारण समझौता” बताया, जिसमें भारत ने अपनी नदियों का पानी बिना अधिकार के पाकिस्तान को दिया। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। “अब पाकिस्तान अगर आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता है, तो सिंधु जल नहीं बहेगा। Blood and water cannot flow together.“ उन्होंने यह भी कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के हितों की चिंता की थी, लेकिन भारतीय राज्यों की अनदेखी कर दी थी। Operation Sindoor के दौरान भारत का रुख स्पष्ट – “कोई मध्यस्थता नहीं” विदेश मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करते हुए बताया कि जब यह अभियान शुरू हुआ तो कई देशों ने भारत से संपर्क किया कि स्थिति कितनी गंभीर है। लेकिन भारत ने सभी को यह स्पष्ट कर दिया कि: “हम किसी मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करते। पाकिस्तान अगर लड़ाई रोकना चाहता है तो उसे डीजीएमओ के माध्यम से Request for Ceasefire करना होगा।” आतंकवाद को Global Agenda पर लाना – मोदी सरकार की उपलब्धि डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत ने बीते वर्षों में आतंकवाद को Global Agenda पर लाने में सफलता पाई है। चाहे वह BRICS हो, SCO, QUAD या अन्य अंतरराष्ट्रीय मंच। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि 26 साल से वांछित आतंकवादी तहव्वुर राणा को भारत लाने में मोदी सरकार सफल रही है और अब उस पर मुकदमा चल रहा है। ट्रंप और मोदी कॉल पर विपक्ष को जवाब – “22 अप्रैल से 16 जून तक कोई कॉल नहीं हुई” डॉ. जयशंकर ने विपक्ष और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथनों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि 22 अप्रैल से 16 जून के बीच प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के बीच कोई बातचीत नहीं हुई थी। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि झूठे प्रचार से बचें। भारत की नई विदेश नीति – आत्मनिर्भर और स्पष्ट जयशंकर का संबोधन केवल एक जवाब नहीं था, बल्कि यह देश की बदली हुई विदेश नीति का एलान था। अब भारत आत्मनिर्भर, स्पष्ट और Zero Tolerance for Terrorism की नीति पर चल रहा है।
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Russia Earthquake 2025, Kamchatka Tsunami Alert, Japan Evacuation, US Hawaii Tsunami, Kuril Islands Bhukamp, Pacific Ocean Earthquake, Desh Harpal World News

Russia Earthquake: रूस में आया 8.8 तीव्रता का भूकंप, 12 देशों में Tsunami Alert, Japan से Hawaii तक खतरे की घंटी

Russia में 8.8 तीव्रता का Earthquake आया, जिससे Kamchatka और Kuril Islands प्रभावित हुए। Japan, USA, New Zealand समेत 12 देशों में Tsunami Alert जारी। 🌊 रूस में शक्तिशाली Earthquake से कांपा पूरा प्रशांत क्षेत्र, Japan से लेकर अमेरिका तक Tsunami Alert जारी देश हरपल डेस्क | वर्ल्ड न्यूज़रूस के सुदूर पूर्वी प्रायद्वीप कामचटका (Kamchatka) में बुधवार तड़के दुनिया के छठे सबसे बड़े भूकंप ने दस्तक दी। इस 8.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने न केवल रूस बल्कि पूरे Northern Pacific को दहला दिया। USGS के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से 19.3 किलोमीटर नीचे था। इससे उठी 4 मीटर ऊंची सुनामी लहरों ने रूस के Kuril Islands और आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 12 से अधिक देशों में Tsunami Alerts जारी कर दिए गए हैं। रूस: Kuril Islands में आई पहली Tsunami लहर सेवेरो-कुरील्स्क (Severo-Kurilsk) में समुद्र का पानी शहर में घुस गया, जिससे कई घरों को नुकसान पहुंचा। स्थानीय गवर्नर वालेरी लिमारेंको के अनुसार, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हालांकि, कोई बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है। कामचटका के गवर्नर व्लादिमीर सोलोदोव ने बताया कि एक किंडरगार्टन को भी नुकसान पहुंचा है। कई लोग चिकित्सा सहायता के लिए अस्पतालों में पहुंचे हैं। जापान: 20 लाख लोगों की Evacuation, Nuclear Plants बंद Japan Meteorological Agency ने Tsunami की 40 सेमी ऊंची लहरों की पुष्टि की है, जो Hokkaido से Tokyo तक देखी गईं। NHK टेलीविजन के मुताबिक, जापान सरकार ने 2 मिलियन से अधिक लोगों को हटाकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है। Fukushima Nuclear Plant समेत कई परमाणु संयंत्रों में कार्य रोक दिया गया है और सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया है। अब तक किसी नुकसान की खबर नहीं है। अमेरिका: Hawaii और California समेत कई क्षेत्रों में चेतावनी Pacific Tsunami Warning Center ने अमेरिका के Hawaii, Alaska और California Coast को लेकर चेतावनी जारी की है। Ventura, Los Angeles, Santa Barbara, और San Luis Obispo काउंटियों में तेज लहरों की आशंका है। ओरेगन स्टेट ने भी तटीय इलाकों में रात 11:40 बजे के बाद 2 फीट तक की लहरें उठने की संभावना जताई है। New Zealand: Entire Coastline पर चेतावनी New Zealand Civil Defence ने समुद्र तटों से दूर रहने की सलाह दी है। चेतावनी दी गई है कि समुद्र में असामान्य और तेज धाराएं, अप्रत्याशित उछाल वाले ज्वार आ सकते हैं। अन्य देशों में भी Tsunami Alert देश स्थिति चीन पूर्वी तट पर 30 से 100 सेंटीमीटर ऊंची लहरों की आशंका। फिलीपींस 1 मीटर तक की संभावित लहरें, तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की चेतावनी। इक्वाडोर गैलापागोस द्वीप समूह में तट खाली करने का आदेश। कनाडा ब्रिटिश कोलंबिया में अलर्ट। पेरू, मेक्सिको, ताइवान, इंडोनेशिया सभी तटीय क्षेत्रों को अलर्ट पर रखा गया है। इतिहास के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में एक USGS के मुताबिक, यह भूकंप विश्व इतिहास के Top 10 सबसे शक्तिशाली Earthquakes में शामिल हो गया है। ⏰ भारतीय समयानुसार भूकंप का समय:बुधवार सुबह 4:54 AM 📍 भूकंप की तीव्रता:8.8 Magnitude 📍 गहराई:19.3 KM निष्कर्ष कामचटका से उठी इस भूचाल की लहरों ने एक बार फिर याद दिलाया कि प्रकृति की शक्ति के आगे कोई भी तैयारियां अपर्याप्त हो सकती हैं। वैज्ञानिकों और आपदा एजेंसियों की तत्परता ने जनहानि को सीमित रखने में मदद की है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। देश हरपल इस developing story पर नजर बनाए हुए है।
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Bhopal Heavy Rain, भोपाल जलभराव, Bhopal School Holiday, Bhopal Dam Water Level, बड़ा तालाब पानी लेवल, भोपाल मौसम अपडेट, कोलार रोड बारिश, इको ग्रीन पार्क जलभराव

Heavy Rain Alert: भोपाल में 18 घंटे की बारिश से जलभराव, स्कूल बंद, डैम्स की स्थिति गंभीर

भोपाल में लगातार 18 घंटे हुई भारी बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया है। इको ग्रीन पार्क, जानकी सोसायटी समेत अनेक इलाकों में हालात बिगड़े। स्कूलों की छुट्टी घोषित, बड़े तालाब समेत सभी डैम्स की स्थिति पर विशेष रिपोर्ट पढ़ें।भोपाल, देश हरपलभोपाल में बीते 18 घंटे से जारी भारी बारिश के चलते शहर के कई क्षेत्रों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई है। सोमवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार शाम तक लगातार जारी रही, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इको ग्रीन पार्क और कोलार रोड स्थित जानकी सोसायटी में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया, और इको ग्रीन पार्क की लगभग 100 से ज्यादा घरों में पानी घुस चुका है। Waterlogging Ground Report: प्रशासन की टीम मौके पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर SDM रवीशकुमार श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। नगर निगम की टीम और फायर ब्रिगेड लगातार पंप के माध्यम से पानी निकालने का प्रयास कर रही है। इंडस टाउन समेत अशोका गार्डन, लिंक रोड नंबर-1, करोंद, नेहरू नगर जैसे इलाकों से भी जलभराव की सूचना सामने आई है। School Holiday Alert: बुधवार को स्कूल बंद भारी बारिश के मद्देनज़र बुधवार को भोपाल के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। कलेक्टर के आदेश पर DEO एनके अहिरवार ने स्कूल बंद रखने का निर्देश जारी किया है। डैम्स की स्थिति पर नजर: Water Level Updates Minal Residency, JK Road और भारत टॉकीज क्षेत्र में गाड़ियों की कतारें जेके रोड पर मिनाल रेजीडेंसी और सीवेट के सामने करीब दो फीट पानी जमा हो चुका है। वहीं, भारत टॉकीज से लेकर अल्पना तिराहा तक के रास्ते में भारी जलभराव की वजह से ट्रैफिक धीमा हो गया। भोपाल रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 🔊 डैम गेट खोलने से पहले सायरन बजा, कलियासोत में टेस्टिंग शुरू कलियासोत डैम के एक गेट को टेस्टिंग के लिए खोला गया। सबसे पहले सायरन बजाकर लोगों को अलर्ट किया गया। भले ही यह टेस्टिंग थी, लेकिन इस मानसून में पहली बार डैम गेट खोला गया है। यदि बड़ा तालाब पूरी तरह भरता है तो भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे, जिससे पानी सीधे कलियासोत डैम में पहुंचेगा। भोपाल में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक बारिश की संभावना जताई है। अब जबकि मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है, उम्मीद की जा रही है कि अगस्त के पहले हफ्ते में तालाब और डैम्स भर जाएंगे। निष्कर्ष:भोपाल में जारी भारी बारिश ने जहां राहत पहुंचाई है, वहीं जलभराव की स्थिति ने परेशानी भी बढ़ा दी है। प्रशासन अलर्ट मोड में है, लेकिन नागरिकों से सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है।
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Operation Sindoor, PM Modi Pakistan Warning, US Vice President Call, भारत पाकिस्तान तनाव, मोदी लोकसभा भाषण, विजयोत्सव, आतंकवाद पर भारत की कार्रवाई, सिंदूर ऑपरेशन

Operation Sindoor: ‘जिन्हें भारत का पक्ष नहीं दिखता, उन्हें आईना दिखाने खड़ा हुआ हूं’, पीएम मोदी 

Operation Sindoor: पीएम मोदी ने संसद में खोला 9 तारीख की रात का राज, अमेरिका और पाकिस्तान को दी थी कड़ी चेतावनी नई दिल्ली, देश हरपल।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के तमाम सवालों का करारा जवाब देते हुए ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को लेकर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा किया। पीएम ने पहली बार बताया कि कैसे 9 तारीख की रात अमेरिका के उपराष्ट्रपति लगातार एक घंटे तक उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वे सेना के साथ महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त थे। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में कहा, किसी ने ऑपरेशन रोकने की नहीं की कोशिश: पीएम मोदी प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि दुनिया के किसी भी नेता ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि यह भारत के आत्मविश्वास और सैन्य ताकत का प्रमाण है। “ये विजयोत्सव आतंक के ठिकानों को मिट्टी में मिलाने का है। ये विजयोत्सव ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का है,” – पीएम मोदी इस पूरे घटनाक्रम में यह भी स्पष्ट हो गया कि भारत अब आतंक के खिलाफ सिर्फ बयान नहीं, एक्शन की नीति पर काम कर रहा है। विपक्ष पर निशाना: ‘विजयोत्सव’ को भी आलोचना का विषय बना दिया प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी हमला बोलते हुए कहा कि वे देश की सुरक्षा और सेना की जीत को भी राजनीति का विषय बना रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि यह समय एकजुट होकर भारत की ताकत दिखाने का है, ना कि सवाल उठाने का।
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Operation Sindoor, Rahul Gandhi Parliament Speech

Operation Sindoor in Parliament: राहुल गांधी का बड़ा हमला, बोला- आपने रात 1:35 पर पाकिस्तान को फोन क्यों किया?

Operation Sindoor पर राहुल गांधी ने संसद में उठाए सवाल, कहा- आपने पाकिस्तान को पहले ही युद्ध विराम का संदेश क्यों भेजा? नई दिल्ली, देश हरपल ब्यूरो: संसद में आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने पाक प्रायोजित Pahalgam attack की कड़ी निंदा करते हुए भारतीय सेना के शौर्य की सराहना की, लेकिन साथ ही सरकार की रणनीति और राजनीतिक इच्छाशक्ति पर तीखे सवाल खड़े किए। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा, “पहलगाम में जो नृशंस हमला हुआ, वो पाकिस्तान सरकार द्वारा प्रायोजित था। इस हमले में निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई, और इस सदन के हर सदस्य ने एकजुट होकर पाकिस्तान की आलोचना की।” उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से पहले ही विपक्ष पूरी तरह से सरकार और सेना के साथ खड़ा था। सेना का सम्मान, पर सरकार की नीति पर सवाल राहुल गांधी ने कहा कि वह Karnal और Kanpur जाकर शहीदों के परिवारों से मिले और उनकी पीड़ा को महसूस किया। “जब मैं सेना के जवानों से हाथ मिलाता हूं, मुझे पता चल जाता है कि वह एक टाइगर है। हमारे सैनिक देश के लिए मरने को तैयार रहते हैं, लेकिन सरकार को भी उनके साथ राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ खड़ा होना चाहिए।” “1:35 AM पर पाकिस्तान को कॉल करना क्या राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाता है?” राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपने खुद बताया कि ऑपरेशन सिंदूर 1:05 AM पर शुरू हुआ और 1:35 AM पर पाकिस्तान को फोन कर कहा गया कि हम गैर-सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। “आपने पाकिस्तान को बता दिया कि आप युद्ध नहीं चाहते। आपने उनकी वायु रक्षा प्रणाली पर हमला करने से मना किया। इससे क्या संदेश गया?” राहुल गांधी ने कहा कि इससे भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति पर प्रश्नचिन्ह लगते हैं। Air Force को ऑपरेशन की स्वतंत्रता क्यों नहीं दी गई? राहुल ने इंडोनेशिया के रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन शिव कुमार का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने कुछ विमान खोए क्योंकि हमारे पायलटों को पाकिस्तान की एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला न करने का आदेश मिला था। “जब आप युद्ध के मैदान में हों, तो वायुसेना को पूर्ण स्वतंत्रता मिलनी चाहिए, जैसे 1971 में इंदिरा गांधी ने मानेकशॉ को दी थी।”
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Coach-Groundsman Clash: ओवल पिच पर गंभीर और क्यूरेटर में भिड़ंत, टीम इंडिया के कैंप में गर्मी

Team India के हेड कोच Gautam Gambhir और ओवल पिच क्यूरेटर Lee Fortis के बीच जोरदार बहस। इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम टेस्ट से पहले मैदान पर हुआ टकराव। जानिए पूरा मामला। पूरा मामला: कोच गंभीर और क्यूरेटर फोर्टिस में तीखी झड़प भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का अंतिम मुकाबला 31 जुलाई से लंदन के ओवल मैदान में खेला जाना है, लेकिन उससे पहले ही मैदान पर गरमा-गरमी का माहौल बन गया। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और ओवल के पिच क्यूरेटर ली फोर्टिस के बीच मंगलवार को विवाद इतना बढ़ गया कि गंभीर को गुस्से में फोर्टिस को जाने का इशारा करते हुए देखा गया। क्या था विवाद का कारण? ईएसपीएनक्रिकइंफो (source) के अनुसार, जब भारतीय टीम वैकल्पिक प्रैक्टिस सेशन के लिए ओवल पहुंची, तब फोर्टिस ने टीम के खिलाड़ियों को पिच के करीब आने से रोका। क्यूरेटर को चिंता थी कि पिच को नुकसान हो सकता है। इस दौरान भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक बातचीत कर ही रहे थे कि गंभीर बीच में आ गए और फोर्टिस से कहने लगे: “आप हमें ये मत बताइए कि हमें क्या करना है। आप सिर्फ एक ग्राउंड्समैन हैं, अपनी हद में रहें।” वीडियो हुआ वायरल, कोटक ने दी सफाई इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला और गरमाया। इसके बाद कोच कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सफाई दी कि उन्होंने और टीम ने रबर स्पाइक्स पहने हुए थे और वे बस विकेट को देखने गए थे। पिच से 2.5 मीटर दूर रहने की हिदायत उन्हें असामान्य लगी क्योंकि मैच अगले दिन था और मैदान पर कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया था। “यह कोई 200 साल पुराना धरोहर नहीं है जिसे छूना मना हो। हम सिर्फ पिच को देख रहे थे,” – कोटक। आखिर क्यों उभरा ये मुद्दा? कोटक के अनुसार, विवाद की असली जड़ बातचीत का लहजा था। उन्होंने इशारा किया कि जब आप विशेषज्ञों से बात करते हैं, तो भाषा और व्यवहार संतुलित होना चाहिए। यह मामला सिर्फ पिच नहीं, बल्कि पेशेवर सम्मान और कम्युनिकेशन पर भी सवाल उठाता है।
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Operation Sindoor, Priyanka Gandhi in Parliament, पहलगाम हमला, TRF आतंकी हमला, Amit Shah जवाब, केंद्र सरकार आलोचना, लोकसभा बहस, सुरक्षा चूक, आतंकवाद जम्मू-कश्मीर, गृह मंत्री पर निशाना

Operation Sindoor: लोकसभा में प्रियंका गांधी का तीखा हमला, बोलीं – सरकार ने लोगों को भगवान भरोसे छोड़ दिया

नई दिल्ली, देश हरपल ब्यूरो।लोकसभा में मंगलवार को Operation Sindoor पर हुई बहस के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले को सुरक्षा में गंभीर चूक बताते हुए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की मांग की। प्रियंका गांधी ने संसद में सवाल उठाते हुए कहा, “पहलगाम की बायसरन घाटी में सुरक्षा क्यों नहीं थी? हजारों लोग वहां जाते हैं, क्या सरकार को इसका अंदाज़ा नहीं था? सरकार ने नागरिकों को भगवान भरोसे छोड़ दिया।” उन्होंने तीखे लहजे में पूछा कि जब वहां कोई सुरक्षा बल मौजूद नहीं था, तो जिम्मेदारी कौन लेगा? जनता भगवान भरोसे, सरकार प्रचार में व्यस्त: प्रियंका प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार केवल इवेंट और प्रचार में व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। “इस सरकार को जनता की चिंता नहीं, सिर्फ अपनी छवि की पड़ी है। जनता के सवालों से ये सरकार हमेशा बचती है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जवाबदेही होती है, लेकिन यहां सिर्फ बहानों और पुराने इतिहास की बातें करके वर्तमान की ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ा जा रहा है। TRF को लेकर भी घेरा, पूछा- किसकी ज़िम्मेदारी? प्रियंका गांधी ने जम्मू-कश्मीर में हमले के लिए ज़िम्मेदार आतंकी संगठन TRF (The Resistance Front) को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “TRF ने कई हमले किए, लेकिन उसे 2023 में आतंकी संगठन घोषित किया गया। क्या सरकार को पहले इसकी भनक तक नहीं लगी?” उन्होंने सवाल किया कि क्या गृह मंत्री या खुफिया एजेंसियों ने अब तक कोई जवाबदेही ली? “क्या किसी ने इस्तीफा दिया? खुफिया विभाग गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है — इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?” उन्होंने यह भी जोड़ा कि 11 वर्षों से केंद्र में एक ही सरकार है, फिर ज़िम्मेदारी से कैसे भागा जा सकता है? अमित शाह को लेकर तीखे तंज प्रियंका गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के भाषण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी के आंसुओं की बात तो करते हैं, लेकिन सीजफायर के फैसले पर चुप हैं। उन्होंने पूछा, “जब हमारे जवान शहीद हो रहे हैं, तब संघर्षविराम क्यों घोषित किया गया? क्या यह जनता और सेना के हित में था या कोई राजनीतिक मजबूरी?” उन्होंने कहा कि देश के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। निष्कर्ष: Operation Sindoor के बहाने संसद में विपक्ष ने सरकार की सुरक्षा नीतियों पर सवाल उठाए हैं। प्रियंका गांधी के इस हमले से सत्तापक्ष को जवाब देना कठिन होता जा रहा है। क्या सरकार अब इन आरोपों पर कोई सफाई देगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
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Operation Sindoor: Lok Sabha में गरजे अमित शाह, बोले– पाकिस्तान को बचाने में क्यों लगी है कांग्रेस?

Operation Sindoor पर लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने पी. चिदंबरम के बयान पर तीखा हमला बोला। बोले- कांग्रेस पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की कोशिश कर रही है। आतंकियों की पहचान हो चुकी है, मददगार पकड़े गए हैं। Operation Sindoor पर लोकसभा में मंगलवार को गहमागहमी देखने को मिली। गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई की पूरी टाइमलाइन रखते हुए कांग्रेस और विशेष रूप से पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “चिदंबरम पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की कोशिश कर रहे हैं और यह बयान देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।” “पाकिस्तान को क्यों बचा रही है कांग्रेस?” – शाह का सीधा सवाल गृह मंत्री ने चिदंबरम के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या पुख्ता सबूत है कि आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे। शाह ने जवाब में कहा, “हमारे पास सबूत हैं – मारे गए आतंकियों के पास पाकिस्तान की बनी चॉकलेट, वोटर ID और हथियार मिले हैं। उनके मददगारों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।” 22 अप्रैल के हमले के बाद कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर? शाह बोले – आतंकवादी मारे गए लेकिन विपक्ष को दुःख है अमित शाह ने कहा, “जब हमने तीन आतंकियों को मारा तो अपेक्षा थी कि पूरे सदन में संतोष होगा, लेकिन विपक्ष के चेहरों पर स्याही छा गई। ऐसा लगता है उन्हें आतंकियों के मारे जाने से दुख है।” 💣 100 KM अंदर घुसकर किया गया पाकिस्तान में हमला – शाह का बड़ा दावा शाह ने कहा कि इस बार की कार्रवाई PoK नहीं बल्कि पाकिस्तान की ज़मीन पर 100 किलोमीटर अंदर घुसकर की गई। उन्होंने बताया कि इसमें हाफिज मोहम्मद जमील, मुदस्सर खादियान और याकूब मलिक जैसे खूंखार आतंकवादी मारे गए। उन्होंने दावा किया कि इस बार सिर्फ आतंकियों के 9 अड्डे तबाह किए गए, कोई सिविलियन नहीं मारा गया। सीजफायर क्यों हुआ? शाह ने बताया कारण 8 मई को पाकिस्तान की ओर से रिहायशी इलाकों पर गोलाबारी के जवाब में भारत ने 9 मई को एयरबेस को टारगेट किया। पाकिस्तान के DGMOs ने 10 मई को फोन कर संघर्ष विराम की मांग की, जिसे भारत ने शाम 5 बजे स्वीकार किया। इतिहास का हवाला: नेहरू और कांग्रेस की भूलें गिनाईं अमित शाह ने कहा, “1948 में नेहरू के एकतरफा सीजफायर ने PoK को स्थायी कर दिया। 1971 के युद्ध में 93 हजार युद्धबंदियों और जीती हुई जमीन को भी कांग्रेस सरकार ने लौटा दिया। सिंधु जल संधि में भी 80% पानी पाकिस्तान को दे दिया गया। क्या यही नीति राष्ट्रहित की थी?” पोटा पर कांग्रेस का विरोध – आतंकवाद को समर्थन? शाह ने बताया कि 2002 में POTA (Prevention of Terrorism Act) लाया गया था जिसे कांग्रेस ने गिरा दिया। 2004 में सत्ता में आते ही इसे हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोटबैंक के लिए आतंकियों को बचाती रही है। निष्कर्ष: ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में हुई चर्चा ने एक बार फिर आतंकवाद पर राजनीतिक मतभेदों को उजागर कर दिया है। जहां सरकार ने इसे ‘स्ट्रेटजिक मास्टरस्ट्रोक’ बताया, वहीं विपक्ष ने सवाल उठाए। लेकिन गृह मंत्री ने तथ्यों, सबूतों और ऐतिहासिक संदर्भों से अपना पक्ष स्पष्ट किया।
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Heavy Rain Alert: मध्यप्रदेश के 25 जिलों में भारी बारिश, कई नदियां उफान पर, स्कूलों में छुट्टी

मध्यप्रदेश के 25 जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, नीमच सहित कई जिलों में जलभराव और नदियों के उफान से जनजीवन प्रभावित। जानें जिलेवार स्थिति।प्रदेश के कई जिलों में बारिश का कहर, जलभराव से लोग बेहाल मध्यप्रदेश में मॉनसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, नीमच, गुना सहित 25 से ज्यादा जिलों में लगातार बारिश हो रही है। कहीं मूसलाधार बारिश तो कहीं रिमझिम बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है। बारिश से नर्मदा, गाडगंगा, ब्राह्मणी, और ताल जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिससे सड़कों पर जलभराव, पुल बंद, और स्कूलों की छुट्टियों की नौबत आ गई है। जिलेवार बारिश और उससे जुड़ी मुख्य घटनाएं शाजापुर, पचमढ़ी, नर्मदापुरम, खरगोन, रतलाम, बालाघाट, सिंगरौली जैसे जिलों में भी रुक-रुक कर बारिश जारी है। भोपाल में सोमवार सुबह से रिमझिम बारिश हो रही है। IMD ने Yellow Alert जारी किया है। राजगढ़ के खिलचीपुर में गाडगंगा नदी उफान पर है, शहर में कई घर और दुकानें जलमग्न हो गए। ब्यावरा में नाले में जलस्तर बढ़ने से घुरेल मार्ग बंद हो गया है। नीमच जिले के सिंगोली क्षेत्र में ब्राह्मणी और ताल नदी के उफान से नीमच-कोटा हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। गुना में अलर्ट के चलते 8वीं तक के स्कूलों में मंगलवार को छुट्टी घोषित की गई है। शिवपुरी में सिद्धेश्वर मंदिर मार्ग पर दो मगरमच्छ खुलेआम घूमते नजर आए। राहगीर ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया। सीहोर के इच्छावर में झरने में डूबे दो छात्रों के शव सोमवार को बरामद हुए। मंदसौर के भानपुरा में ‘बड़े महादेव झरने’ पर प्रशासनिक रोक के बावजूद लोग रील्स बनाते दिखे।
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PNB

PNB में करोड़ों की Fake Currency का खेल! Saharanpur में CCTV ने बढ़ाया शक, 3 Officers पर Action

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़ा मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान करोड़ों रुपये के संदिग्ध नकली नोट मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं, जबकि विस्तृत जांच में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। वहीं, RBI की जांच के बाद इस पूरे मामले में कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। कैसे सामने आया करोड़ों के नकली नोटों का मामला? मामले की शुरुआत उस समय हुई जब RBI को भेजी गई नकदी में करीब ₹4.36 लाख की कमी सामने आई। इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद बैंक में करेंसी चेस्ट का रिकॉर्ड खंगाला गया और विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच आगे बढ़ी तो बैंक के अंदर रखी नकदी में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। असली Cash की जगह Fake Notes रखने का शक प्रारंभिक जांच में आशंका है कि करेंसी चेस्ट में मौजूद असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि असली रकम कब निकाली गई और नकली नोट बैंक के Cash Vault तक कैसे पहुंचे। बैंक के Cash Movement Records, लॉगबुक, ऑडिट रिपोर्ट और कर्मचारियों की ड्यूटी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध गतिविधि इस पूरे मामले में बैंक का CCTV Footage जांच का अहम हिस्सा बन गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में करेंसी चेस्ट के आसपास एक हाउसकीपिंग कर्मचारी की गतिविधियां दिखाई दी हैं। जांच अधिकारी अब CCTV फुटेज को बैंक के एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और कैश रिकॉर्ड से मिलाकर देख रहे हैं। इससे यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि करेंसी चेस्ट तक किस-किस कर्मचारी की पहुंच थी। 3 PNB Officers Suspended मामले में बैंक के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें करेंसी चेस्ट और कैश से जुड़े अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। बैंक ने तीन अधिकारियों को Suspended कर दिया है। हालांकि, निलंबन का मतलब दोष साबित होना नहीं है। अंतिम जिम्मेदारी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। SIT के हाथ में जांच, RBI भी कर रहा पड़ताल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT (Special Investigation Team) गठित की है। टीम बैंक के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और नकदी के लेन-देन की पूरी कड़ी को खंगाल रही है। दूसरी ओर, RBI से जुड़ी जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोटों का स्रोत क्या था और वे बैंक की करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंचे। ₹17 करोड़ या ₹7.40 करोड़? रकम को लेकर क्यों है Confusion इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा नकली नोटों की रकम को लेकर है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में ₹17 करोड़ तक की रकम का उल्लेख किया गया, जबकि बाद की विस्तृत रिपोर्टों में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात कही गई है। चूंकि जांच और नोटों की गिनती का काम जारी है, इसलिए अंतिम आंकड़ा आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। बैंकिंग सिस्टम की Security पर उठे सवाल सहारनपुर के PNB मामले ने बैंक की करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट बैंक के सुरक्षित Cash Vault तक कैसे पहुंचे? नियमित जांच और ऑडिट के दौरान इनकी पहचान क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच एजेंसियां तलाश रही हैं। आने वाले दिनों में CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है और नकली नोटों की वास्तविक मात्रा, असली रकम के नुकसान और इस मामले में शामिल लोगों को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SCO Summit

SCO Summit में Pakistan की Edited Photo पर बवाल, PM Modi और Iran President गायब

SCO Summit से जुड़ी एक तस्वीर ने भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से चल रही तल्खी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक X अकाउंट से शेयर की गई एक तस्वीर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तस्वीर के एडिटेड वर्जन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथ खड़े ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन नजर नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीर सामने आने के बाद यूजर्स ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक अकाउंट पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। खास बात यह है कि जिस कार्यक्रम की तस्वीर साझा की गई, उसमें भारत और ईरान दोनों के शीर्ष नेता मौजूद थे। Original Photo और Edited Version को लेकर सवाल SCO Summit की ग्रुप फोटो में संगठन के कई सदस्य देशों के नेता एक साथ नजर आए थे। इसी तस्वीर का एक अलग वर्जन पाकिस्तान PMO के X हैंडल से पोस्ट किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दिखाई नहीं देते। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या तस्वीर को जानबूझकर एडिट किया गया था। हालांकि, तस्वीर को लेकर पाकिस्तान सरकार की ओर से ऐसी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है कि पोस्ट में मूल तस्वीर के बजाय बदला हुआ फ्रेम क्यों इस्तेमाल किया गया। PM Modi और Pezeshkian की मुलाकात भी रही अहम SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय हालात पर बातचीत हुई। भारत और ईरान के रिश्ते लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखते हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक Summit के दौरान महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रही। यही वजह है कि ग्रुप फोटो से दोनों नेताओं के गायब होने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। Pakistan PM की भी ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात इस मामले का एक और दिलचस्प पहलू सामने आया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी SCO Summit के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर ईरानी राष्ट्रपति पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी मिले थे, तो ग्रुप फोटो के साझा किए गए वर्जन में उनका नजर नहीं आना आखिर क्यों हुआ। India-Pakistan Relations के बीच बढ़ी चर्चा भारत और पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से सामने आने वाली छोटी-सी तस्वीर भी राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने Summit में आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और सामूहिक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सामने आई कथित Edited Photo ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उठाए सवाल तस्वीर पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने Original Group Photo और पाकिस्तान PMO द्वारा साझा तस्वीर की तुलना करते हुए सवाल पूछे। हालांकि, यह भी जरूरी है कि तस्वीर के पीछे की मंशा को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकाला जाए। पाकिस्तान सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तस्वीर में बदलाव क्यों किया गया था। SCO Summit ने फिर खींचा दुनिया का ध्यान SCO Summit में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा हुई। एक तरफ Summit में भारत का आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश सुर्खियों में रहा, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात ने भारत-ईरान संबंधों को लेकर ध्यान खींचा। अब पाकिस्तान PMO की कथित Edited Photo इस पूरे घटनाक्रम में एक नया विवाद बनकर सामने आई है। सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोगों की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान सरकार इस तस्वीर को लेकर कोई आधिकारिक सफाई देती है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

Jantar Mantar FIR Case: प्रदर्शनकारियों को SC से राहत, CJP ने Delhi March टाला

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च भी वापस ले लिया। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अब इस मार्च का आयोजन नहीं करेगा। यह पूरा मामला जुलाई में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR को वापस लेना आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल था। बाद में इसी मुद्दे को लेकर CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदर्शनकारियों को राहत सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की ओर से प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने को लेकर आवेदन किया गया था। सुनवाई के दौरान इन मामलों को खत्म करने का रास्ता निकाला गया। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन से संबंधित करीब 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाने की बात सामने आई। कुछ ऐसे लोगों के मामले अलग रखे गए हैं, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी गई थी। इस फैसले के बाद आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। लंबे समय से FIR वापसी की मांग कर रहे संगठन के लिए इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। 5 सितंबर का Delhi March क्यों किया गया था? CJP ने 24 अगस्त को 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया था। प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक होना था। संगठन का आरोप था कि 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने के दौरान सरकार की ओर से किए गए कुछ आश्वासनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। CJP ने खास तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि अगर वादे पूरे नहीं हुए तो वह फिर से सड़कों पर उतरेगा। पहले SC ने मार्च पर रोक लगाने से किया था इनकार इस मामले में घटनाक्रम तेजी से बदला। 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने CJP के 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जिससे यह माना जाए कि प्रदर्शन के दौरान अनिवार्य रूप से अप्रिय स्थिति पैदा होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर छोड़ी गई थी। लेकिन इसके अगले ही दिन मामला अलग दिशा में चला गया। 1 सितंबर की सुनवाई के दौरान केंद्र के आश्वासन और कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने खुद 5 सितंबर के मार्च को वापस लेने की घोषणा कर दी। CJP ने क्यों बदला फैसला? सुप्रीम कोर्ट में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन और अदालत के आदेश को देखते हुए संगठन ने मार्च वापस लेने का फैसला किया है। यानी जिस मुद्दे को लेकर दोबारा सड़क पर उतरने की तैयारी थी, उसमें कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। CJI ने भी सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के सकारात्मक रवैये और बातचीत के महत्व पर जोर दिया। अदालत की टिप्पणी का संदेश साफ था कि खुले मन से बातचीत हो तो विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bhopal

Sealing Action पर Bhopal में बवाल: व्यापारियों और पुलिस में भिड़ंत, शंख-डमरू बजाकर प्रदर्शन

Bhopal में Sealing Action को लेकर व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। कार्रवाई के विरोध में जुटे कारोबारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को धक्का-मुक्की हो गई। कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ कारोबारी गिर गए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। Sealing के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए। कारोबारियों का कहना है कि कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर व्यापारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी बीच कुछ कारोबारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। पुलिस और व्यापारियों के बीच इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेड्स के पास हुई धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। आगे बढ़ने की कोशिश में कुछ कारोबारी गिर गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति को संभाल लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी और बढ़ती दिखाई दी। थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार से लगाई गुहार व्यापारियों के विरोध का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए विरोध जताया। व्यापारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और सीलिंग कार्रवाई को लेकर सरकार उनकी मांगों पर विचार करे। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध के जरिए सरकार और प्रशासन तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहते हैं। व्यापारियों की मांग पर अब नजर भोपाल में Sealing Action को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन और कारोबारियों के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद मामला चर्चा में है। व्यापारियों का विरोध यह संकेत दे रहा है कि सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Bus में नाबालिग से कथित गैंगरेप, 47 KM तक चलता रहा सफर; Rahul Gandhi ने पूछा- Checking क्यों नहीं?

दिल्ली-NCR में चलती स्लीपर बस के अंदर नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बस करीब 47 किलोमीटर तक चलती रही, लेकिन रास्ते में किसी चेकपोस्ट पर उसकी जांच नहीं हुई। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया है। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब बस इतने लंबे रूट से होकर गुजरी तो पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? बारिश और अंधेरे के बीच बस में बैठी छात्रा रिपोर्टों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा बारिश और अंधेरे के बीच रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके में पहुंची थी। वह नोएडा में अपने रिश्तेदार के पास जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान एक स्लीपर बस वहां पहुंची। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को मदद का भरोसा देकर बस में बैठाया। इसके बाद बस दिल्ली की तरफ बढ़ गई। पुलिस के अनुसार, परी चौक से कश्मीरी गेट तक का सफर करीब 47 किलोमीटर का था। इसी सफर के दौरान छात्रा के साथ कथित अपराध हुआ। एक दिन पहले भी आरोपियों पर गंभीर आरोप जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से एक दिन पहले भी ड्राइवर और कंडक्टर पर छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बस और उससे जुड़े अन्य सबूतों को कब्जे में लिया है। CCTV फुटेज समेत दूसरे डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है। Driver और Conductor गिरफ्तार पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बस किस रास्ते से गुजरी और रास्ते में किन-किन जगहों पर रुकी। बस की जांच भी की जा रही है ताकि घटना से जुड़े जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। Bus में पर्दे, CCTV को लेकर भी सवाल स्लीपर बसों में यात्रियों की Privacy के लिए पर्दे लगाए जाते हैं, लेकिन इसी व्यवस्था ने सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्टों में बस में CCTV की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में सवाल है कि लंबी दूरी तक चलने वाली स्लीपर बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त Monitoring क्यों नहीं होती? Rahul Gandhi ने Police Checking पर उठाए सवाल मामले पर राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक नाबालिग के साथ बस के अंदर इतनी गंभीर घटना हुई और वाहन करीब 47 किलोमीटर तक चलता रहा। उन्होंने सवाल किया कि रास्ते में मौजूद पुलिस व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। उन्होंने बसों की Checking और Monitoring को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। राहुल गांधी ने इस घटना का संदर्भ देते हुए Nirbhaya Case की याद भी दिलाई और कहा कि वर्षों बाद भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वही सवाल सामने आना चिंताजनक है। 47 KM का सफर और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल इस घटना ने दिल्ली-NCR की Public Transport Safety पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आखिर सड़कों पर चलने वाली बसों की Monitoring किस तरह होती है? क्या संदिग्ध बसों की नियमित Checking होती है? क्या हर स्लीपर बस में CCTV और Emergency Support की पर्याप्त व्यवस्था है? ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल रोजाना हजारों लोग करते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की तस्वीर साफ होगी। यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि Public Transport में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सिस्टम की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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