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RSS : दिल्ली में शुरू हुई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक, मोहन भागवत देंगे मार्गदर्शन

RSS meeting 2025 : अखिल भारतीय स्तर पर संघ का मंथन, दिल्ली बना केंद्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक 4 से 6 जुलाई तक केशव कुंज, दिल्ली में आयोजित हो रही है। इसमें मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ के शीर्ष नेतृत्व द्वारा संगठनात्मक कार्यों पर विचार किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की All India Prant Pracharak Meeting 2025 का आयोजन देश की राजधानी दिल्ली स्थित केशव कुंज में 04 से 06 जुलाई तक हो रहा है। तीन दिवसीय इस संगठनात्मक बैठक में संघ के शीर्ष नेतृत्व समेत अखिल भारतीय स्तर के प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। बैठक में पूजनीय सरसंघचालक मोहन भागवत जी, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, सभी सह सरकार्यवाह और विभिन्न कार्य विभागों के प्रमुख उपस्थित हैं। इसके साथ ही संघ प्रेरित 32 विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी इस चर्चा का हिस्सा हैं। क्या होगी इस बैठक की खास बातें? कौन-कौन होते हैं शामिल? बैठक में संगठनात्मक कार्यों से जुड़े वरिष्ठ प्रचारक, सभी प्रांत प्रचारक, सह-प्रांत प्रचारक, विभाग प्रचारक के साथ-साथ आरएसएस प्रेरित संगठनों जैसे –विद्या भारती, सेवा भारती, भारत विकास परिषद, विश्व हिंदू परिषद (VHP), भारतीय मजदूर संघ (BMS), भारतीय किसान संघ (BKS) आदि के संगठन मंत्री भी मौजूद रहते हैं। क्या होता है ‘केशव कुंज’ का महत्व? दिल्ली का केशव कुंज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ऐतिहासिक स्थान है, जिसे संघ के दिल्ली क्षेत्र का मुख्यालय माना जाता है। कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय और विचार मंथन यहीं होते रहे हैं। कब-कब होती है यह बैठक? अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक हर वर्ष जुलाई माह के शुरुआत में होती है। इसी तरह से संघ के अन्य वार्षिक कार्यक्रमों में मार्च-अप्रैल में ‘अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा’ और अक्टूबर में कार्यकारी मंडल बैठक प्रमुख होती है। संगठनात्मक चर्चा, कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं इस बैठक में केवल संगठन के कामकाज, सामाजिक कार्यों, प्रचारकों के अनुभवों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होती है। किसी प्रकार का राजनीतिक एजेंडा या चुनावी रणनीति तय नहीं होती। निष्कर्ष: संगठन की मजबूती के लिए सतत संवाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यह बैठक कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शन का बड़ा अवसर होती है। इसमें संगठन के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से मंथन कर समाज और राष्ट्र के हित में आगे की योजनाएं बनाई जाती हैं।
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Slice Bank UPI ATM, India first UPI ATM,

Game Changing! Slice Bank ने लॉन्च किया India का 1st UPI ATM, अब बिना कार्ड के निकलेगा कैश

भारत की फिनटेक दुनिया में एक और बड़ा इनोवेशन हुआ है। Slice Bank ने देश का पहला UPI ATM लॉन्च कर दिया है। अब आप बिना डेबिट कार्ड के सिर्फ अपने फोन से QR Code स्कैन कर के कैश निकाल सकेंगे। इस कदम को भारतीय बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में एक game-changing innovation माना जा रहा है। क्या है UPI ATM और कैसे करता है काम? यह कोई साधारण ATM नहीं है। UPI ATM एक ऐसा स्मार्ट ATM है जिसमें आपको न तो डेबिट कार्ड लगाने की जरूरत है और न ही PIN डालने की। बस UPI ऐप (जैसे कि PhonePe, Google Pay, Paytm आदि) से QR Code स्कैन करिए और तुरंत कैश निकालिए। UPI ATM से पैसे निकालने का तरीका: Cash Deposit की सुविधा भी जल्द: Slice Bank के मुताबिक मशीन में UPI से cash deposit की सुविधा भी हैं । क्यों खास है Slice Bank का UPI ATM? ✅ बिना कार्ड के कैश निकालने की सुविधा।✅ भारत के डिजिटल पेमेंट को और accessible बनाना।✅ ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में banking सुविधा पहुंचाना।✅ फास्ट और secure transactions। भारत में Fintech का बढ़ता दायरा भारत दुनिया का सबसे बड़ा UPI मार्केट बन चुका है। NPCI के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2025 तक भारत में UPI के जरिए प्रतिदिन 1,200 मिलियन से ज्यादा transactions हो रही हैं। अब UPI ATM के आने से cash withdrawal का तरीका भी पूरी तरह बदलने जा रहा है। Slice Bank कौन है? Slice Bank एक नया-age Fintech platform है, जिसने youth को target करते हुए credit cards, payment apps और BNPL (Buy Now Pay Later) services में नाम कमाया है। अब UPI ATM के जरिए company banking sector में भी बड़ी शुरुआत कर रही है।
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BSNL Profit Comeback

BSNL Profit Comeback: 17 साल बाद भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में ऐतिहासिक वापसी

नई दिल्ली।देश की सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) ने आखिरकार 17 सालों के लंबे घाटे के दौर को पीछे छोड़ते हुए 2024 में मुनाफे की पटरी पर जबरदस्त वापसी की है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में ₹262 करोड़ और चौथी तिमाही में ₹280 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज कर टेलीकॉम इंडस्ट्री को चौंका दिया है। यह उपलब्धि केवल BSNL के लिए आर्थिक सुधार का संकेत नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के विज़न के तहत टेलीकॉम क्षेत्र में सरकारी कंपनियों की मजबूत वापसी का भी प्रतीक है। BSNL के Revival का सफर लंबे समय से घाटे में चल रही BSNL के turnaround के पीछे कई बड़े कदम जिम्मेदार रहे हैं— आर्थिक स्थिति में सुधार के आंकड़े तिमाही मुनाफा (₹ करोड़ में) Q3 FY24 ₹262 करोड़ Q4 FY24 ₹280 करोड़ कुल ₹542 करोड़ इन आंकड़ों से साफ है कि BSNL ने अब स्थायी रूप से लाभ कमाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं। Made in India Network: आत्मनिर्भरता की मिसाल BSNL की सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान का बेहतरीन उदाहरण बन रही है। कंपनी ने अपनी अधिकतर टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर ‘Made in India’ उपकरणों पर आधारित रखा है। Private Players को चुनौती BSNL की इस वापसी से Jio, Airtel और Vodafone Idea जैसी प्राइवेट कंपनियों के लिए भी कॉम्पिटिशन बढ़ा है। जहां एक तरफ ये कंपनियां 5G के विस्तार में लगी हैं, वहीं BSNL सस्ते और ग्रामीण फोकस्ड पैक्स के जरिए अपने यूज़र बेस को तेजी से बढ़ा रही है। आगे की रणनीति क्या होगी? सूत्रों के मुताबिक, BSNL अब जल्द ही 5G नेटवर्क rollout की तैयारी कर रही है और आने वाले दो सालों में भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ा टेलीकॉम नेटवर्क बनने का लक्ष्य लेकर चल रही है। निष्कर्ष BSNL की इस शानदार वापसी ने यह साबित कर दिया है कि अगर सरकारी कंपनियां सही रणनीति के साथ आगे बढ़ें तो वे भी प्राइवेट सेक्टर को टक्कर दे सकती हैं। आने वाले समय में BSNL की यह ग्रोथ इंडियन टेलीकॉम सेक्टर के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक स
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kabaddi player

कुत्ते के पिल्ले के काटने से State level kabaddi player की मौत

State level kabaddi player Brajesh Solanki from Bulandshahr died tragically a month after being bitten by a puppy. He ignored anti-rabies injection, leading to rabies infection. जानिए पूरा मामला इस रिपोर्ट में। Bulandshahr (देश हरपल ब्यूरो)।State-level kabaddi player Brajesh Solanki की दुखद मौत ने सभी को झकझोर दिया है। मौत की वजह जानकर हर कोई हैरान है—1 महीने पहले एक कुत्ते के पिल्ले ने उन्हें काटा था, और उन्होंने एंटी रेबीज़ इंजेक्शन नहीं लगवाया। ये लापरवाही उनके जीवन का अंत बन गई। गांव फराना, खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले ब्रजेश सोलंकी उत्तर प्रदेश के उभरते हुए कबड्डी खिलाड़ियों में गिने जाते थे। खेल में शानदार प्रदर्शन के चलते वे स्टेट लेवल पर अपनी पहचान बना चुके थे। लेकिन एक छोटे से कुत्ते के पिल्ले के साथ दया दिखाना उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गया। क्या हुआ था उस दिन?करीब एक माह पहले, गांव की सड़क पर एक नन्हा पिल्ला फंसा हुआ था। ब्रजेश ने इंसानियत दिखाते हुए उसकी जान बचाई। उसी दौरान पिल्ले ने उन्हें काट लिया। काटने के बाद परिवारवालों और दोस्तों ने उन्हें एंटी रेबीज़ इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने बात को हल्के में ले लिया। रेबीज़ के लक्षण और मौत से पहले की हालत:मौत से पहले सामने आए एक वायरल वीडियो में ब्रजेश असहनीय पीड़ा में दिख रहे हैं। वे बार-बार कह रहे हैं कि उन्हें पानी पीने में तकलीफ हो रही है, जो कि रेबीज़ का सबसे प्रमुख लक्षण होता है। डॉक्टर्स की मानें तो अगर उस वक्त इंजेक्शन लगवा लिया जाता, तो ब्रजेश की जान बच सकती थी। रेबीज़ एक जानलेवा बीमारी है, जो जानवरों के काटने से इंसानों में फैलती है। WHO के अनुसार हर साल लाखों लोग इसकी चपेट में आते हैं, लेकिन समय पर इलाज से इसे रोका जा सकता है। सबक जो हर किसी को समझना चाहिए
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Trump vs Musk 2025

Trump vs Musk: सब्सिडी, EV और ‘Big Beautiful Bill’ पर छिड़ा अमेरिकी पावर वॉर

ट्रम्प बनाम मस्क: अमेरिका में सब्सिडी और भविष्य की जंग वॉशिंगटन – अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और टेस्ला- स्पेसX के CEO एलन मस्क के बीच ज़ुबानी जंग और नीतिगत टकराव खुलकर सामने आ गया है। ताज़ा मामला ट्रम्प के ‘Big Beautiful Bill’ और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सब्सिडी को लेकर उठ खड़ा हुआ है “सब्सिडी बंद, तो मस्क की दुकान बंद” – ट्रम्प का तंज मंगलवार को मीडिया से बातचीत में डोनाल्ड ट्रम्प ने सीधा निशाना साधते हुए कहा, “अगर मस्क को मिलने वाली सब्सिडी बंद हो जाए, तो उन्हें अपनी दुकान समेटकर दक्षिण अफ्रीका लौटना पड़ेगा।” ट्रम्प ने कहा कि इन सरकारी अनुदानों के बिना टेस्ला इलेक्ट्रिक कार नहीं बना पाएगी और न ही स्पेसX अपने रॉकेट या सैटेलाइट लॉन्च कर पाएगी। उन्होंने Department of Government Efficiency (DoGE) को इस मामले की जांच करने का सुझाव दिया ताकि टैक्सपेयर्स के पैसे की बचत की जा सके। मस्क का पलटवार – “ट्रम्प का बिल पागलपन है” टेस्ला और स्पेसX के CEO एलन मस्क ने ट्रम्प के ‘Big Beautiful Bill’ को शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर आड़े हाथों लिया। “यह कानून पूरी तरह से पागलपन है। यह अमेरिका में लाखों नौकरियां खत्म कर देगा और हमारे फ्यूचर इंडस्ट्रीज को खत्म कर देगा।” मस्क ने इसी विवाद के चलते पिछले महीने DoGE प्रमुख पद से इस्तीफा भी दे दिया था। सीनेट में पास हुआ Big Beautiful Bill पर बहस का प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट ने इस बिल पर चर्चा शुरू करने की अनुमति दे दी है। 51-49 के वोटों से यह प्रस्ताव पास हुआ। दो रिपब्लिकन सीनेटरों ने भी इसके खिलाफ वोट दिया। ट्रम्प चाहते हैं कि 4 जुलाई से पहले इस बिल को पारित कर दिया जाए। इस बिल में टैक्स और सरकारी खर्च में कटौती के प्रावधान हैं, लेकिन मस्क का कहना है कि यह फॉसिल फ्यूल आधारित पुराने उद्योगों को बढ़ावा देता है जबकि भविष्य की तकनीक को नुकसान पहुंचाता है। ट्रम्प vs मस्क: टकराव की पृष्ठभूमि दोनों के बीच विवाद तब और बढ़ गया जब ट्रम्प ने एक रैली में कहा, “मैं EV मैंडेट के खिलाफ हूं। मस्क को यह पहले से पता था। इलेक्ट्रिक गाड़ियां अच्छी हो सकती हैं, लेकिन लोगों को जबरन इन्हें खरीदने पर मजबूर करना गलत है।” इसके जवाब में मस्क ने सोशल मीडिया पर ट्रम्प को “एहसान फरामोश” तक कह डाला और दावा किया कि यदि वो समर्थन न करते, तो ट्रम्प पिछला चुनाव हार जाते। क्या है ‘Big Beautiful Bill’? यह बिल अमेरिका में पुराने इंडस्ट्री सेक्टर्स (जैसे कोल और ऑयल) को टैक्स राहत देने के साथ-साथ सरकार के खर्चों में भारी कटौती की बात करता है। ट्रम्प का मानना है कि इससे अमेरिका की चीन पर निर्भरता घटेगी, जबकि मस्क का मानना है कि इससे अमेरिका की तकनीकी बढ़त खत्म हो जाएगी। सोशल मीडिया वॉर: Truth Social बनाम X इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी तूफान ला दिया। ट्रम्प ने अपने Truth Social अकाउंट से मस्क पर कई हमले किए, वहीं मस्क ने X पर ट्रम्प को पुराने वक्तों की याद दिलाते हुए कई ट्वीट्स किए। निष्कर्ष: ट्रम्प बनाम मस्क – सिर्फ विचारधारा नहीं, भविष्य की लड़ाई ये टकराव सिर्फ दो प्रभावशाली लोगों की तकरार नहीं है। यह अमेरिका की भविष्य की दिशा तय करने वाली बहस है – क्या देश पुराने इंडस्ट्री मॉडल पर चलेगा या फिर नवाचार और टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता देगा?
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MP BJP

हेमंत खंडेलवाल निर्विरोध बने मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष

सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने भरवाया हेमंत खंडेलवाल का नामांकन फार्म
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India vs England Birmingham Test 2025

India vs England: Birmingham Test में 3 बड़े बदलाव संभव, Playing-11 में Nitish Reddy और Washington की एंट्री तय!

India vs England: Birmingham Test एजबेस्टन में वापसी की उम्मीदें: भारत 3 बड़े बदलावों के साथ उतरेगा बर्मिंघम टेस्ट में बैटिंग में साई की छुट्टी? करुण नायर नंबर 3 पर! लीड्स टेस्ट की पहली पारी में दोनों ही बल्लेबाज (साई और करुण) खाता नहीं खोल सके थे, और दूसरी पारी में भी कोई बड़ी पारी नहीं आई। अब संभावना है कि करुण नायर को एक और मौका मिल सकता है, जबकि साई सुदर्शन को ड्रॉप किया जा सकता है। यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने पिछली टेस्ट में शतक जड़े थे, जिससे शीर्ष क्रम लगभग तय ह ऑलराउंड डिपार्टमेंट में 2 बदलाव तय! लीड्स टेस्ट में भारत की हार की एक बड़ी वजह ऑलराउंडर्स का फ्लॉप प्रदर्शन रहा। पिछले मैच में टीम इंडिया ने गेंदबाजी में बुमराह की वापसी तय नहीं, कुलदीप को मौका? जसप्रीत बुमराह की फिटनेस पर अब भी संशय बना हुआ है। टीम के असिस्टेंट कोच रायन टेन डोशेट ने साफ किया है कि “बुमराह उपलब्ध हैं, लेकिन अंतिम निर्णय अगले 24 घंटे में होगा।” वहीं, कुलदीप यादव की वापसी तय मानी जा रही है। तेज गेंदबाजी अटैक में सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और यदि फिट हुए तो बुमराह को ही बरकरार रखा जाएगा। भारत की संभावित प्लेइंग-11 – बर्मिंघम टेस्ट 2025 एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में पहला टेस्ट 5 विकेट से हार चुकी भारतीय टीम अब सीरीज में वापसी की तैयारी में जुट गई है। 2 जुलाई से एजबेस्टन (Birmingham) में शुरू होने जा रहे दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया अपनी Playing-11 में 3 बड़े बदलाव के साथ उतर सकती है। सूत्रों की मानें तो टॉप ऑर्डर बल्लेबाज साई सुदर्शन, ऑलराउंडर शार्दूल ठाकुर और रवींद्र जडेजा को बाहर बैठाया जा सकता है। इनकी जगह बैटिंग ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्‌डी, वॉशिंगटन सुंदर, और कुलदीप यादव को मौका मिलने की संभावना है। बैटिंग में साई की छुट्टी? करुण नायर नंबर 3 पर! लीड्स टेस्ट की पहली पारी में दोनों ही बल्लेबाज (साई और करुण) खाता नहीं खोल सके थे, और दूसरी पारी में भी कोई बड़ी पारी नहीं आई। अब संभावना है कि करुण नायर को एक और मौका मिल सकता है, जबकि साई सुदर्शन को ड्रॉप किया जा सकता है। यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने पिछली टेस्ट में शतक जड़े थे, जिससे शीर्ष क्रम लगभग तय है ऑलराउंड डिपार्टमेंट में 2 बदलाव तय! लीड्स टेस्ट में भारत की हार की एक बड़ी वजह ऑलराउंडर्स का फ्लॉप प्रदर्शन रहा। गेंदबाजी में बुमराह की वापसी तय नहीं, कुलदीप को मौका? जसप्रीत बुमराह की फिटनेस पर अब भी संशय बना हुआ है। टीम के असिस्टेंट कोच रायन टेन डोशेट ने साफ किया है कि “बुमराह उपलब्ध हैं, लेकिन अंतिम निर्णय अगले 24 घंटे में होगा।” वहीं, कुलदीप यादव की वापसी तय मानी जा रही है। तेज गेंदबाजी अटैक में सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और यदि फिट हुए तो बुमराह को ही बरकरार रखा जाएगा। भारत की संभावित प्लेइंग-11 – बर्मिंघम टेस्ट 2025 क्रम खिलाड़ी भूमिका 1. यशस्वी जायसवाल ओपनर 2. केएल राहुल ओपनर 3. करुण नायर टॉप ऑर्डर बैटर 4. शुभमन गिल (कप्तान) मिडिल ऑर्डर 5. ऋषभ पंत (विकेटकीपर) मिडिल ऑर्डर 6. नीतीश कुमार रेड्‌डी बैटिंग ऑलराउंडर 7. वॉशिंगटन सुंदर स्पिन ऑलराउंडर 8. कुलदीप यादव लेग स्पिनर 9. मोहम्मद सिराज तेज गेंदबाज 10. प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाज 11. जसप्रीत बुमराह (यदि फिट) तेज गेंदबाज/कैप्टन मटेरियल 🏴 इंग्लैंड की अटूट प्लेइंग-11 इंग्लिश टीम अपनी जीत वाली प्लेइंग-11 के साथ ही मैदान में उतरेगी: Stokes (C), Crawley, Duckett, Pope, Root, Brook, Smith (WK), Woakes, Bashir, Josh Tongue, Brydon Car निष्कर्ष: इंग्लैंड की अटूट प्लेइंग-11 इंग्लिश टीम अपनी जीत वाली प्लेइंग-11 के साथ ही मैदान में उतरेगी: Stokes (C), Crawley, Duckett, Pope, Root, Brook, Smith (WK), Woakes, Bashir, Josh Tongue, Brydon Carse भारत के लिए यह टेस्ट करो या मरो जैसा है। यदि गिल की कप्तानी में टीम इंडिया वापसी करना चाहती है तो एजबेस्टन में नया कॉम्बिनेशन आज़माना ही होगा।
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Gen Z और पॉडकास्टिंग का रिश्ता: नया ट्रेंड या सच्चा प्यार?

🎧 Gen Z का नया प्यार: पॉडकास्ट — जहां बातें बनती हैं, रिश्ते गहराते हैं!

🗓️ 28 जून 2025 | देश हरपल डेस्क | युवा संवाद कभी चाय, कभी चैट… और अब पॉडकास्ट!Gen Z अब न तो टीवी का इंतज़ार करती है और न ही अखबार का। इनकी दुनिया बस एक “प्ले बटन” में सिमट गई है। जहाँ पहले “कुल्फी-चाट” सुकून देती थी, अब वही राहत स्पॉटिफाई की आवाज़ों में मिलती है। हाँ जनाब, बात हो रही है पॉडकास्ट की!पॉडकास्ट — जो पहले रेडियो का कूल वर्जन था, अब Gen Z की पहचान बन गया है। “पॉडकास्ट सुनते हैं, क्योंकि यही आजकल पर्सनैलिटी का पासपोर्ट है!”— दर्शन एस., 24 वर्षीय वकील, चेन्नई पॉडकास्ट: बस सुनो और अपनाओ इन आवाज़ों में वो ‘फॉर्मल इंटरव्यू’ वाली बोरियत नहीं, बल्कि कॉलेज कैंटीन की सी खुलापन है। पॉडकास्ट अब Gen Z के लिए म्यूजिक से ज़्यादा, वीडियो से बेहतर और स्क्रॉलिंग से शांत है। पॉडकास्टर्स: अब सिर्फ़ क्रिएटर नहीं, क्रांतिकारी हैं चेन्नई की Safa Salsabeel Z., 22 वर्षीय साहित्य छात्रा हैं, लेकिन 7 पॉडकास्ट शो की ‘रचयिता’ भी।विषय? “ये कोई टाइम पास नहीं… ये तो सबसे तेज़ रचनात्मक विद्रोह है!”— सफा ज़ेड. Gen Z सुनता क्या है? “Perfect एडिटिंग नहीं चाहिए, दिल से निकली बातें चाहिए।”— कहती हैं आज की युवा पीढ़ी। उनके पसंदीदा टॉपिक्स: मतलब ये कि जब Gen Z ‘शावर’ में होती है, दिमाग पॉडकास्ट बना रहा होता है! प्लेटफॉर्म वही, लेकिन इस्तेमाल नया Spotify, YouTube — सब इनके पसंदीदा अड्डे हैं, लेकिन वीडियो नहीं, बोलने वाला कंटेंट ज़्यादा मायने रखता है। “पॉडकास्ट में हमारे फेवरेट क्रिकेटर भी उतने रियल लगते हैं, जितने गली के चायवाले अंकल!”— दर्शन एस. पॉडकास्ट का असली जादू क्या है? देश हरपल की राय:Gen Z को समझना हो तो उनके पॉडकास्ट सुनिए। ये युवा अब आवाज़ों के सहारे अपना आइडेंटीटी गढ़ रहा है। और शायद यही आने वाले भारत की सबसे सटीक गूंज है। “The Hindu” के लेख “Here’s why Gen Z finds comfort in podcasts” पर आधारित
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mobile voting in Bihar

Mobile e-Voting: बिहार में मोबाइल से होगा मतदान

Mobile e-Voting बिहार ने देश में पहली बार नगर निकाय चुनावों के लिए मोबाइल एप से वोटिंग की शुरुआत की है। जानिए कैसे काम करता है यह ब्लॉकचेन बेस्ड e-Voting सिस्टम और कौन-कौन कर सकता है इसका उपयोग। पटना | देश हरपल डेस्क:भारत के लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, बिहार पहला राज्य बन गया है, जहां नगर निकाय चुनावों में मोबाइल ऐप से ई-वोटिंग (e-Voting) को अनुमति दी गई है। इस डिजिटल वोटिंग प्रणाली की शुरुआत 28 जून 2025 को पटना, रोहतास और पूर्वी चंपारण जिलों की 6 नगर परिषदों में की गई है। यह प्रणाली विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं और प्रवासी वोटर्स के लिए राहत लेकर आई है, जो किसी कारणवश मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते। कैसे काम करता है यह Secure e-Voting सिस्टम? इस मोबाइल वोटिंग सिस्टम को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (Blockchain Technology) और फेस रिकग्निशन (Face Recognition) जैसे अत्याधुनिक तकनीकों से सुरक्षित बनाया गया है। सुरक्षा के विशेष इंतजाम: कैसे करें ई-वोटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन? ई-वोटिंग के लिए e-SECBHR मोबाइल ऐप डाउनलोड करें (फिलहाल यह केवल एंड्रॉयड पर उपलब्ध है): यह सुविधा किनके लिए है? क्या विधानसभा चुनावों में होगा इसका प्रयोग? राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने कहा कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट है। इसकी सफलता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा कि क्या इसे आगामी विधानसभा चुनावों में लागू किया जा सकता है। यह कदम न केवल लोकतंत्र को तकनीकी रूप से उन्नत बना रहा है, बल्कि उन लाखों लोगों को भी जोड़ने की दिशा में है जो पारंपरिक वोटिंग में भाग नहीं ले पाते। देश हरपल की राय: बिहार सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की यह पहल निश्चित ही डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यदि यह प्रयोग सफल होता है तो भविष्य में पूरे देश में इस तकनीक को अपनाया जा सकता है। आपकी क्या राय है? क्या आप मोबाइल से वोट डालने के इस नए सिस्टम को अपनाएंगे?कमेंट कर बताएं, और यह खबर अपने दोस्तों से शेयर करें
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Dr. Sachin Chittawar

Free Diabetes & Hormone Check-up Camp : डायबिटीज और हार्मोन जांच अब बिना खर्च के

डायबिटीज और हार्मोन से जुड़ी समस्याओं के लिए मुफ्त जांच व परामर्श शिविरसागर। मधुमेह और हार्मोन से जुड़ी समस्याओं के निदान और परामर्श हेतु डॉ. सचिन चित्तावार के “360 डिग्री डायबिटीज केयर” द्वारा आगामी रविवार, 29 जून 2025 को एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर सागर जिले के तिली क्षेत्र में स्थित सागर मेडिकल एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स (तिली अस्पताल के सामने, रूद्राक्ष पेट्रोल पंप के पास) पर प्रातः 8 बजे से 2 बजे तक आयोजित होगा। शिविर में आने वाले मरीजों को मुफ्त ब्लड शुगर टेस्ट, थायरॉइड एवं हार्मोन जाँच के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा। “सेहत की मिठास, जीवन का एहसास” के संदेश के साथ चल रही यह पहल “शुगर एक्सप्रेस” के अंतर्गत आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य मधुमेह और हार्मोन संबंधी रोगों को लेकर आमजन में जागरूकता बढ़ाना और समय रहते उचित उपचार प्रदान करना है। डॉ. चित्तावार का मानना है कि समय पर सही जानकारी और जांच से इन रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है। सीमित स्थानों के कारण आयोजक समय पर पधारने का आग्रह कर रहे हैं।
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अक्षर पटेल का ऑलराउंड शो, शुभमन गिल की कप्तानी पारी; भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहला वनडे जीता

बर्मिंघम। ऑलराउंडर अक्षर पटेल के शानदार प्रदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत की। एजबेस्टन मैदान पर खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 262 रन बनाकर हासिल कर लिया। अक्षर पटेल ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। कप्तान शुभमन गिल ने 80 रन बनाए, लेकिन मैच के दौरान क्रैम्प्स की समस्या के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआती झटकों के बाद गिल ने संभाली पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम की पारी को संभाला। श्रेयस 35 रन बनाकर रनआउट हुए, जबकि केएल राहुल बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभालते हुए पांचवें विकेट के लिए 102 रन की अविजित साझेदारी की और भारत को शानदार जीत दिलाई। जो रूट और लियाम डॉसन ने इंग्लैंड को संभाला इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। इंग्लैंड की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने 61 रन तक कोई विकेट नहीं गंवाया, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए महज 19 रन के भीतर 5 विकेट झटक दिए। मध्यक्रम में जो रूट ने 76 रन और लियाम डॉसन ने 68 रन की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से निभाई अहम भूमिका भारतीय गेंदबाजों में अक्षर पटेल सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अक्षर पटेल ने टीम इंडिया की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई और भारत ने सीरीज की शानदार शुरुआत की। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन की पोल: छत्तीसगढ़ में 33% नल कनेक्शन गैर-कार्यशील, ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा

रायपुर। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर खामियों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार कमजोर योजना, धीमा क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हुई है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित ‘छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट’ रिपोर्ट मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद मिशन के कार्यों में तेजी आई है। योजना निर्माण में गंभीर खामियां CAG की रिपोर्ट के मुताबिक जल जीवन मिशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कई स्थानों पर गांव स्तर की कार्ययोजना तैयार किए बिना ही जिला स्तरीय योजनाएं बना दी गईं, जबकि राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार ही नहीं की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर जल सुरक्षा योजना नहीं बनाई गई, जिससे जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव की स्पष्ट रणनीति विकसित नहीं हो सकी। 33 प्रतिशत नल कनेक्शन निकले गैर-कार्यशील रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए। हालांकि, इनमें से 13.31 लाख (करीब 33%) कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। इसके पीछे सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप स्थापित नहीं होना प्रमुख कारण बताए गए हैं। ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा राज्य के 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही इस लक्ष्य तक पहुंच सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी सामने आए, जहां अधूरे कार्यों के बावजूद गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित कर दिया गया। किसी भी जिले में 100% कवरेज नहीं मार्च 2024 तक राज्य के 33 में से किसी भी जिले और 146 में से किसी भी विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज नहीं था। योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज स्कीम में से मार्च 2024 तक केवल 172 योजनाएं पूरी हो सकीं। इनमें भी सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का संचालन सौंपा गया। वहीं, स्वीकृत 70 मल्टी विलेज स्कीम में से मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे करीब 9.85 लाख घरों तक सतही जल स्रोतों से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ। सोलर आधारित योजनाओं में भी अनियमितताएं CAG ने पाया कि कई सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक नल कनेक्शन जोड़ दिए गए। इसके कारण 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी कमियां रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार केंद्र और राज्यांश मिलाकर 6,480.04 करोड़ रुपये की आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही। साथ ही मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि और CSR जैसी योजनाओं के संसाधनों के समन्वय के लिए भी कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई। जल गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कमजोर राज्य की 75 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से केवल 4 प्रयोगशालाएं ही सभी 13 निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं। इसके अलावा 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं को NABL की मान्यता प्राप्त नहीं थी। रिपोर्ट में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार जल गुणवत्ता जांच नहीं होने की बात कही गई है। CAG की प्रमुख सिफारिशें रिपोर्ट में सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार मिशन को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी, जिसके कारण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समय-सीमा 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है। मार्च 2026 में स्वीकृत मिशन के दूसरे चरण को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके।

रायपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा

रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को धार्मिक आस्था, वैदिक परंपराओं और भव्य आयोजन के साथ निकाली जाएगी। वहीं बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा माता सुभद्रा के तीनों रथों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है। भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्तों और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। वर्ष में केवल इसी अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। 11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन रथयात्रा के दिन सुबह 11 वैदिक पंडितों के सान्निध्य में भगवान का विशेष अभिषेक, पूजन और हवन कराया जाएगा। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर सहित विभिन्न सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान को गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्यों की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा की सबसे प्रमुख परंपराओं में शामिल ‘छेरा पहरा’ का निर्वहन इस वर्ष भी किया जाएगा। परंपरा के अनुसार राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। भजन, झांकियों और लोकनृत्य से गूंजेगा शहर रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है। रायपुर और छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सरकार और बोर्ड से 10 दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि “कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता।” हालांकि, नीति को लागू करने में सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBSE और संबंधित पक्षों से 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। यह नीति शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की गई है। इसके तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। इससे कई छात्रों को पहले से पढ़ी जा रही भाषाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। क्या है विवाद? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBSE ने पर्याप्त तैयारी के बिना नई भाषा नीति लागू कर दी है। उनके मुताबिक कई स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक, पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े अहम सवाल और जवाब 1. मामला क्या है? सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। हालांकि, CBSE ने 6 जून को संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि इस वर्ष कक्षा 10 के छात्रों को तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। 2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है? पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच या जर्मन) पढ़ते थे। नए नियम के अनुसार अब तीन भाषाओं में से कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य है। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही चुनी जा सकेगी। 3. याचिका किसने दायर की? यह याचिका छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी की ओर से दायर की गई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर, मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। 4. याचिकाकर्ताओं की मुख्य आपत्ति क्या है? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था अचानक लागू कर दी गई। कई भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक भी नहीं हैं। ऐसे में छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 5. किताबों को लेकर क्या दलील दी गई? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से फिलहाल केवल तीन भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करना व्यवहारिक रूप से कठिन होगा। 6. शिक्षकों की कमी पर क्या कहा गया? याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि नई भारतीय भाषाएं पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता होगी, लेकिन इतने कम समय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण संभव नहीं है। 7. क्या विदेशी भाषाएं बंद हो जाएंगी? नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन इसके साथ उन्हें दो भारतीय भाषाएं भी पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी। 8. क्या तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा होगी? नहीं। CBSE ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का अलग बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त परीक्षा का दबाव न बढ़े। 9. अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी। नई शिक्षा नीति 2020 क्या है? भारत सरकार ने 29 जुलाई 2020 को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को मंजूरी दी थी। यह 34 वर्षों बाद देश की शिक्षा व्यवस्था में किया गया सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है। इससे पहले शिक्षा नीति 1986 में लागू हुई थी, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना, छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकसित करना है। केंद्र सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। चूंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए इसे लागू करने में केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की भूमिका होती है। देश, शिक्षा और करियर से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

बिलासपुर: CM हेल्पलाइन शिकायतों के खराब निराकरण पर PHE के ईई को नोटिस, कलेक्टर ने अधिकारियों को लगाई फटकार

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) रूपेश कुमार धनंजय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। टीएल (समय-सीमा) बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा करने के बजाय उनका गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समय-सीमा का पालन करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एकल शिक्षकीय स्कूलों में जल्द होंगे अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एकल शिक्षकीय स्कूलों में तत्काल अतिथि शिक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी ली जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जर्जर स्कूल भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। ऐसे विद्यालयों के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करने और नए भवन या अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी लगाई फटकार जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डीएमएफ की राशि का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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