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RSS

RSS : दिल्ली में शुरू हुई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक, मोहन भागवत देंगे मार्गदर्शन

RSS meeting 2025 : अखिल भारतीय स्तर पर संघ का मंथन, दिल्ली बना केंद्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक 4 से 6 जुलाई तक केशव कुंज, दिल्ली में आयोजित हो रही है। इसमें मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले सहित संघ के शीर्ष नेतृत्व द्वारा संगठनात्मक कार्यों पर विचार किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की All India Prant Pracharak Meeting 2025 का आयोजन देश की राजधानी दिल्ली स्थित केशव कुंज में 04 से 06 जुलाई तक हो रहा है। तीन दिवसीय इस संगठनात्मक बैठक में संघ के शीर्ष नेतृत्व समेत अखिल भारतीय स्तर के प्रमुख कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। बैठक में पूजनीय सरसंघचालक मोहन भागवत जी, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी, सभी सह सरकार्यवाह और विभिन्न कार्य विभागों के प्रमुख उपस्थित हैं। इसके साथ ही संघ प्रेरित 32 विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री भी इस चर्चा का हिस्सा हैं। क्या होगी इस बैठक की खास बातें? कौन-कौन होते हैं शामिल? बैठक में संगठनात्मक कार्यों से जुड़े वरिष्ठ प्रचारक, सभी प्रांत प्रचारक, सह-प्रांत प्रचारक, विभाग प्रचारक के साथ-साथ आरएसएस प्रेरित संगठनों जैसे –विद्या भारती, सेवा भारती, भारत विकास परिषद, विश्व हिंदू परिषद (VHP), भारतीय मजदूर संघ (BMS), भारतीय किसान संघ (BKS) आदि के संगठन मंत्री भी मौजूद रहते हैं। क्या होता है ‘केशव कुंज’ का महत्व? दिल्ली का केशव कुंज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ऐतिहासिक स्थान है, जिसे संघ के दिल्ली क्षेत्र का मुख्यालय माना जाता है। कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय और विचार मंथन यहीं होते रहे हैं। कब-कब होती है यह बैठक? अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक हर वर्ष जुलाई माह के शुरुआत में होती है। इसी तरह से संघ के अन्य वार्षिक कार्यक्रमों में मार्च-अप्रैल में ‘अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा’ और अक्टूबर में कार्यकारी मंडल बैठक प्रमुख होती है। संगठनात्मक चर्चा, कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं इस बैठक में केवल संगठन के कामकाज, सामाजिक कार्यों, प्रचारकों के अनुभवों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होती है। किसी प्रकार का राजनीतिक एजेंडा या चुनावी रणनीति तय नहीं होती। निष्कर्ष: संगठन की मजबूती के लिए सतत संवाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यह बैठक कार्यकर्ताओं के लिए मार्गदर्शन का बड़ा अवसर होती है। इसमें संगठन के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से मंथन कर समाज और राष्ट्र के हित में आगे की योजनाएं बनाई जाती हैं।
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Slice Bank UPI ATM, India first UPI ATM,

Game Changing! Slice Bank ने लॉन्च किया India का 1st UPI ATM, अब बिना कार्ड के निकलेगा कैश

भारत की फिनटेक दुनिया में एक और बड़ा इनोवेशन हुआ है। Slice Bank ने देश का पहला UPI ATM लॉन्च कर दिया है। अब आप बिना डेबिट कार्ड के सिर्फ अपने फोन से QR Code स्कैन कर के कैश निकाल सकेंगे। इस कदम को भारतीय बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में एक game-changing innovation माना जा रहा है। क्या है UPI ATM और कैसे करता है काम? यह कोई साधारण ATM नहीं है। UPI ATM एक ऐसा स्मार्ट ATM है जिसमें आपको न तो डेबिट कार्ड लगाने की जरूरत है और न ही PIN डालने की। बस UPI ऐप (जैसे कि PhonePe, Google Pay, Paytm आदि) से QR Code स्कैन करिए और तुरंत कैश निकालिए। UPI ATM से पैसे निकालने का तरीका: Cash Deposit की सुविधा भी जल्द: Slice Bank के मुताबिक मशीन में UPI से cash deposit की सुविधा भी हैं । क्यों खास है Slice Bank का UPI ATM? ✅ बिना कार्ड के कैश निकालने की सुविधा।✅ भारत के डिजिटल पेमेंट को और accessible बनाना।✅ ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में banking सुविधा पहुंचाना।✅ फास्ट और secure transactions। भारत में Fintech का बढ़ता दायरा भारत दुनिया का सबसे बड़ा UPI मार्केट बन चुका है। NPCI के आंकड़ों के मुताबिक, जून 2025 तक भारत में UPI के जरिए प्रतिदिन 1,200 मिलियन से ज्यादा transactions हो रही हैं। अब UPI ATM के आने से cash withdrawal का तरीका भी पूरी तरह बदलने जा रहा है। Slice Bank कौन है? Slice Bank एक नया-age Fintech platform है, जिसने youth को target करते हुए credit cards, payment apps और BNPL (Buy Now Pay Later) services में नाम कमाया है। अब UPI ATM के जरिए company banking sector में भी बड़ी शुरुआत कर रही है।
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BSNL Profit Comeback

BSNL Profit Comeback: 17 साल बाद भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में ऐतिहासिक वापसी

नई दिल्ली।देश की सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) ने आखिरकार 17 सालों के लंबे घाटे के दौर को पीछे छोड़ते हुए 2024 में मुनाफे की पटरी पर जबरदस्त वापसी की है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में ₹262 करोड़ और चौथी तिमाही में ₹280 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज कर टेलीकॉम इंडस्ट्री को चौंका दिया है। यह उपलब्धि केवल BSNL के लिए आर्थिक सुधार का संकेत नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के विज़न के तहत टेलीकॉम क्षेत्र में सरकारी कंपनियों की मजबूत वापसी का भी प्रतीक है। BSNL के Revival का सफर लंबे समय से घाटे में चल रही BSNL के turnaround के पीछे कई बड़े कदम जिम्मेदार रहे हैं— आर्थिक स्थिति में सुधार के आंकड़े तिमाही मुनाफा (₹ करोड़ में) Q3 FY24 ₹262 करोड़ Q4 FY24 ₹280 करोड़ कुल ₹542 करोड़ इन आंकड़ों से साफ है कि BSNL ने अब स्थायी रूप से लाभ कमाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं। Made in India Network: आत्मनिर्भरता की मिसाल BSNL की सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान का बेहतरीन उदाहरण बन रही है। कंपनी ने अपनी अधिकतर टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर ‘Made in India’ उपकरणों पर आधारित रखा है। Private Players को चुनौती BSNL की इस वापसी से Jio, Airtel और Vodafone Idea जैसी प्राइवेट कंपनियों के लिए भी कॉम्पिटिशन बढ़ा है। जहां एक तरफ ये कंपनियां 5G के विस्तार में लगी हैं, वहीं BSNL सस्ते और ग्रामीण फोकस्ड पैक्स के जरिए अपने यूज़र बेस को तेजी से बढ़ा रही है। आगे की रणनीति क्या होगी? सूत्रों के मुताबिक, BSNL अब जल्द ही 5G नेटवर्क rollout की तैयारी कर रही है और आने वाले दो सालों में भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ा टेलीकॉम नेटवर्क बनने का लक्ष्य लेकर चल रही है। निष्कर्ष BSNL की इस शानदार वापसी ने यह साबित कर दिया है कि अगर सरकारी कंपनियां सही रणनीति के साथ आगे बढ़ें तो वे भी प्राइवेट सेक्टर को टक्कर दे सकती हैं। आने वाले समय में BSNL की यह ग्रोथ इंडियन टेलीकॉम सेक्टर के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक स
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kabaddi player

कुत्ते के पिल्ले के काटने से State level kabaddi player की मौत

State level kabaddi player Brajesh Solanki from Bulandshahr died tragically a month after being bitten by a puppy. He ignored anti-rabies injection, leading to rabies infection. जानिए पूरा मामला इस रिपोर्ट में। Bulandshahr (देश हरपल ब्यूरो)।State-level kabaddi player Brajesh Solanki की दुखद मौत ने सभी को झकझोर दिया है। मौत की वजह जानकर हर कोई हैरान है—1 महीने पहले एक कुत्ते के पिल्ले ने उन्हें काटा था, और उन्होंने एंटी रेबीज़ इंजेक्शन नहीं लगवाया। ये लापरवाही उनके जीवन का अंत बन गई। गांव फराना, खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले ब्रजेश सोलंकी उत्तर प्रदेश के उभरते हुए कबड्डी खिलाड़ियों में गिने जाते थे। खेल में शानदार प्रदर्शन के चलते वे स्टेट लेवल पर अपनी पहचान बना चुके थे। लेकिन एक छोटे से कुत्ते के पिल्ले के साथ दया दिखाना उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गया। क्या हुआ था उस दिन?करीब एक माह पहले, गांव की सड़क पर एक नन्हा पिल्ला फंसा हुआ था। ब्रजेश ने इंसानियत दिखाते हुए उसकी जान बचाई। उसी दौरान पिल्ले ने उन्हें काट लिया। काटने के बाद परिवारवालों और दोस्तों ने उन्हें एंटी रेबीज़ इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने बात को हल्के में ले लिया। रेबीज़ के लक्षण और मौत से पहले की हालत:मौत से पहले सामने आए एक वायरल वीडियो में ब्रजेश असहनीय पीड़ा में दिख रहे हैं। वे बार-बार कह रहे हैं कि उन्हें पानी पीने में तकलीफ हो रही है, जो कि रेबीज़ का सबसे प्रमुख लक्षण होता है। डॉक्टर्स की मानें तो अगर उस वक्त इंजेक्शन लगवा लिया जाता, तो ब्रजेश की जान बच सकती थी। रेबीज़ एक जानलेवा बीमारी है, जो जानवरों के काटने से इंसानों में फैलती है। WHO के अनुसार हर साल लाखों लोग इसकी चपेट में आते हैं, लेकिन समय पर इलाज से इसे रोका जा सकता है। सबक जो हर किसी को समझना चाहिए
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Trump vs Musk 2025

Trump vs Musk: सब्सिडी, EV और ‘Big Beautiful Bill’ पर छिड़ा अमेरिकी पावर वॉर

ट्रम्प बनाम मस्क: अमेरिका में सब्सिडी और भविष्य की जंग वॉशिंगटन – अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और टेस्ला- स्पेसX के CEO एलन मस्क के बीच ज़ुबानी जंग और नीतिगत टकराव खुलकर सामने आ गया है। ताज़ा मामला ट्रम्प के ‘Big Beautiful Bill’ और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सब्सिडी को लेकर उठ खड़ा हुआ है “सब्सिडी बंद, तो मस्क की दुकान बंद” – ट्रम्प का तंज मंगलवार को मीडिया से बातचीत में डोनाल्ड ट्रम्प ने सीधा निशाना साधते हुए कहा, “अगर मस्क को मिलने वाली सब्सिडी बंद हो जाए, तो उन्हें अपनी दुकान समेटकर दक्षिण अफ्रीका लौटना पड़ेगा।” ट्रम्प ने कहा कि इन सरकारी अनुदानों के बिना टेस्ला इलेक्ट्रिक कार नहीं बना पाएगी और न ही स्पेसX अपने रॉकेट या सैटेलाइट लॉन्च कर पाएगी। उन्होंने Department of Government Efficiency (DoGE) को इस मामले की जांच करने का सुझाव दिया ताकि टैक्सपेयर्स के पैसे की बचत की जा सके। मस्क का पलटवार – “ट्रम्प का बिल पागलपन है” टेस्ला और स्पेसX के CEO एलन मस्क ने ट्रम्प के ‘Big Beautiful Bill’ को शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) पर आड़े हाथों लिया। “यह कानून पूरी तरह से पागलपन है। यह अमेरिका में लाखों नौकरियां खत्म कर देगा और हमारे फ्यूचर इंडस्ट्रीज को खत्म कर देगा।” मस्क ने इसी विवाद के चलते पिछले महीने DoGE प्रमुख पद से इस्तीफा भी दे दिया था। सीनेट में पास हुआ Big Beautiful Bill पर बहस का प्रस्ताव अमेरिकी सीनेट ने इस बिल पर चर्चा शुरू करने की अनुमति दे दी है। 51-49 के वोटों से यह प्रस्ताव पास हुआ। दो रिपब्लिकन सीनेटरों ने भी इसके खिलाफ वोट दिया। ट्रम्प चाहते हैं कि 4 जुलाई से पहले इस बिल को पारित कर दिया जाए। इस बिल में टैक्स और सरकारी खर्च में कटौती के प्रावधान हैं, लेकिन मस्क का कहना है कि यह फॉसिल फ्यूल आधारित पुराने उद्योगों को बढ़ावा देता है जबकि भविष्य की तकनीक को नुकसान पहुंचाता है। ट्रम्प vs मस्क: टकराव की पृष्ठभूमि दोनों के बीच विवाद तब और बढ़ गया जब ट्रम्प ने एक रैली में कहा, “मैं EV मैंडेट के खिलाफ हूं। मस्क को यह पहले से पता था। इलेक्ट्रिक गाड़ियां अच्छी हो सकती हैं, लेकिन लोगों को जबरन इन्हें खरीदने पर मजबूर करना गलत है।” इसके जवाब में मस्क ने सोशल मीडिया पर ट्रम्प को “एहसान फरामोश” तक कह डाला और दावा किया कि यदि वो समर्थन न करते, तो ट्रम्प पिछला चुनाव हार जाते। क्या है ‘Big Beautiful Bill’? यह बिल अमेरिका में पुराने इंडस्ट्री सेक्टर्स (जैसे कोल और ऑयल) को टैक्स राहत देने के साथ-साथ सरकार के खर्चों में भारी कटौती की बात करता है। ट्रम्प का मानना है कि इससे अमेरिका की चीन पर निर्भरता घटेगी, जबकि मस्क का मानना है कि इससे अमेरिका की तकनीकी बढ़त खत्म हो जाएगी। सोशल मीडिया वॉर: Truth Social बनाम X इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी तूफान ला दिया। ट्रम्प ने अपने Truth Social अकाउंट से मस्क पर कई हमले किए, वहीं मस्क ने X पर ट्रम्प को पुराने वक्तों की याद दिलाते हुए कई ट्वीट्स किए। निष्कर्ष: ट्रम्प बनाम मस्क – सिर्फ विचारधारा नहीं, भविष्य की लड़ाई ये टकराव सिर्फ दो प्रभावशाली लोगों की तकरार नहीं है। यह अमेरिका की भविष्य की दिशा तय करने वाली बहस है – क्या देश पुराने इंडस्ट्री मॉडल पर चलेगा या फिर नवाचार और टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता देगा?
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MP BJP

हेमंत खंडेलवाल निर्विरोध बने मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष

सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने भरवाया हेमंत खंडेलवाल का नामांकन फार्म
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India vs England Birmingham Test 2025

India vs England: Birmingham Test में 3 बड़े बदलाव संभव, Playing-11 में Nitish Reddy और Washington की एंट्री तय!

India vs England: Birmingham Test एजबेस्टन में वापसी की उम्मीदें: भारत 3 बड़े बदलावों के साथ उतरेगा बर्मिंघम टेस्ट में बैटिंग में साई की छुट्टी? करुण नायर नंबर 3 पर! लीड्स टेस्ट की पहली पारी में दोनों ही बल्लेबाज (साई और करुण) खाता नहीं खोल सके थे, और दूसरी पारी में भी कोई बड़ी पारी नहीं आई। अब संभावना है कि करुण नायर को एक और मौका मिल सकता है, जबकि साई सुदर्शन को ड्रॉप किया जा सकता है। यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने पिछली टेस्ट में शतक जड़े थे, जिससे शीर्ष क्रम लगभग तय ह ऑलराउंड डिपार्टमेंट में 2 बदलाव तय! लीड्स टेस्ट में भारत की हार की एक बड़ी वजह ऑलराउंडर्स का फ्लॉप प्रदर्शन रहा। पिछले मैच में टीम इंडिया ने गेंदबाजी में बुमराह की वापसी तय नहीं, कुलदीप को मौका? जसप्रीत बुमराह की फिटनेस पर अब भी संशय बना हुआ है। टीम के असिस्टेंट कोच रायन टेन डोशेट ने साफ किया है कि “बुमराह उपलब्ध हैं, लेकिन अंतिम निर्णय अगले 24 घंटे में होगा।” वहीं, कुलदीप यादव की वापसी तय मानी जा रही है। तेज गेंदबाजी अटैक में सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और यदि फिट हुए तो बुमराह को ही बरकरार रखा जाएगा। भारत की संभावित प्लेइंग-11 – बर्मिंघम टेस्ट 2025 एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में पहला टेस्ट 5 विकेट से हार चुकी भारतीय टीम अब सीरीज में वापसी की तैयारी में जुट गई है। 2 जुलाई से एजबेस्टन (Birmingham) में शुरू होने जा रहे दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया अपनी Playing-11 में 3 बड़े बदलाव के साथ उतर सकती है। सूत्रों की मानें तो टॉप ऑर्डर बल्लेबाज साई सुदर्शन, ऑलराउंडर शार्दूल ठाकुर और रवींद्र जडेजा को बाहर बैठाया जा सकता है। इनकी जगह बैटिंग ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्‌डी, वॉशिंगटन सुंदर, और कुलदीप यादव को मौका मिलने की संभावना है। बैटिंग में साई की छुट्टी? करुण नायर नंबर 3 पर! लीड्स टेस्ट की पहली पारी में दोनों ही बल्लेबाज (साई और करुण) खाता नहीं खोल सके थे, और दूसरी पारी में भी कोई बड़ी पारी नहीं आई। अब संभावना है कि करुण नायर को एक और मौका मिल सकता है, जबकि साई सुदर्शन को ड्रॉप किया जा सकता है। यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने पिछली टेस्ट में शतक जड़े थे, जिससे शीर्ष क्रम लगभग तय है ऑलराउंड डिपार्टमेंट में 2 बदलाव तय! लीड्स टेस्ट में भारत की हार की एक बड़ी वजह ऑलराउंडर्स का फ्लॉप प्रदर्शन रहा। गेंदबाजी में बुमराह की वापसी तय नहीं, कुलदीप को मौका? जसप्रीत बुमराह की फिटनेस पर अब भी संशय बना हुआ है। टीम के असिस्टेंट कोच रायन टेन डोशेट ने साफ किया है कि “बुमराह उपलब्ध हैं, लेकिन अंतिम निर्णय अगले 24 घंटे में होगा।” वहीं, कुलदीप यादव की वापसी तय मानी जा रही है। तेज गेंदबाजी अटैक में सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और यदि फिट हुए तो बुमराह को ही बरकरार रखा जाएगा। भारत की संभावित प्लेइंग-11 – बर्मिंघम टेस्ट 2025 क्रम खिलाड़ी भूमिका 1. यशस्वी जायसवाल ओपनर 2. केएल राहुल ओपनर 3. करुण नायर टॉप ऑर्डर बैटर 4. शुभमन गिल (कप्तान) मिडिल ऑर्डर 5. ऋषभ पंत (विकेटकीपर) मिडिल ऑर्डर 6. नीतीश कुमार रेड्‌डी बैटिंग ऑलराउंडर 7. वॉशिंगटन सुंदर स्पिन ऑलराउंडर 8. कुलदीप यादव लेग स्पिनर 9. मोहम्मद सिराज तेज गेंदबाज 10. प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाज 11. जसप्रीत बुमराह (यदि फिट) तेज गेंदबाज/कैप्टन मटेरियल 🏴 इंग्लैंड की अटूट प्लेइंग-11 इंग्लिश टीम अपनी जीत वाली प्लेइंग-11 के साथ ही मैदान में उतरेगी: Stokes (C), Crawley, Duckett, Pope, Root, Brook, Smith (WK), Woakes, Bashir, Josh Tongue, Brydon Car निष्कर्ष: इंग्लैंड की अटूट प्लेइंग-11 इंग्लिश टीम अपनी जीत वाली प्लेइंग-11 के साथ ही मैदान में उतरेगी: Stokes (C), Crawley, Duckett, Pope, Root, Brook, Smith (WK), Woakes, Bashir, Josh Tongue, Brydon Carse भारत के लिए यह टेस्ट करो या मरो जैसा है। यदि गिल की कप्तानी में टीम इंडिया वापसी करना चाहती है तो एजबेस्टन में नया कॉम्बिनेशन आज़माना ही होगा।
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Gen Z और पॉडकास्टिंग का रिश्ता: नया ट्रेंड या सच्चा प्यार?

🎧 Gen Z का नया प्यार: पॉडकास्ट — जहां बातें बनती हैं, रिश्ते गहराते हैं!

🗓️ 28 जून 2025 | देश हरपल डेस्क | युवा संवाद कभी चाय, कभी चैट… और अब पॉडकास्ट!Gen Z अब न तो टीवी का इंतज़ार करती है और न ही अखबार का। इनकी दुनिया बस एक “प्ले बटन” में सिमट गई है। जहाँ पहले “कुल्फी-चाट” सुकून देती थी, अब वही राहत स्पॉटिफाई की आवाज़ों में मिलती है। हाँ जनाब, बात हो रही है पॉडकास्ट की!पॉडकास्ट — जो पहले रेडियो का कूल वर्जन था, अब Gen Z की पहचान बन गया है। “पॉडकास्ट सुनते हैं, क्योंकि यही आजकल पर्सनैलिटी का पासपोर्ट है!”— दर्शन एस., 24 वर्षीय वकील, चेन्नई पॉडकास्ट: बस सुनो और अपनाओ इन आवाज़ों में वो ‘फॉर्मल इंटरव्यू’ वाली बोरियत नहीं, बल्कि कॉलेज कैंटीन की सी खुलापन है। पॉडकास्ट अब Gen Z के लिए म्यूजिक से ज़्यादा, वीडियो से बेहतर और स्क्रॉलिंग से शांत है। पॉडकास्टर्स: अब सिर्फ़ क्रिएटर नहीं, क्रांतिकारी हैं चेन्नई की Safa Salsabeel Z., 22 वर्षीय साहित्य छात्रा हैं, लेकिन 7 पॉडकास्ट शो की ‘रचयिता’ भी।विषय? “ये कोई टाइम पास नहीं… ये तो सबसे तेज़ रचनात्मक विद्रोह है!”— सफा ज़ेड. Gen Z सुनता क्या है? “Perfect एडिटिंग नहीं चाहिए, दिल से निकली बातें चाहिए।”— कहती हैं आज की युवा पीढ़ी। उनके पसंदीदा टॉपिक्स: मतलब ये कि जब Gen Z ‘शावर’ में होती है, दिमाग पॉडकास्ट बना रहा होता है! प्लेटफॉर्म वही, लेकिन इस्तेमाल नया Spotify, YouTube — सब इनके पसंदीदा अड्डे हैं, लेकिन वीडियो नहीं, बोलने वाला कंटेंट ज़्यादा मायने रखता है। “पॉडकास्ट में हमारे फेवरेट क्रिकेटर भी उतने रियल लगते हैं, जितने गली के चायवाले अंकल!”— दर्शन एस. पॉडकास्ट का असली जादू क्या है? देश हरपल की राय:Gen Z को समझना हो तो उनके पॉडकास्ट सुनिए। ये युवा अब आवाज़ों के सहारे अपना आइडेंटीटी गढ़ रहा है। और शायद यही आने वाले भारत की सबसे सटीक गूंज है। “The Hindu” के लेख “Here’s why Gen Z finds comfort in podcasts” पर आधारित
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mobile voting in Bihar

Mobile e-Voting: बिहार में मोबाइल से होगा मतदान

Mobile e-Voting बिहार ने देश में पहली बार नगर निकाय चुनावों के लिए मोबाइल एप से वोटिंग की शुरुआत की है। जानिए कैसे काम करता है यह ब्लॉकचेन बेस्ड e-Voting सिस्टम और कौन-कौन कर सकता है इसका उपयोग। पटना | देश हरपल डेस्क:भारत के लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, बिहार पहला राज्य बन गया है, जहां नगर निकाय चुनावों में मोबाइल ऐप से ई-वोटिंग (e-Voting) को अनुमति दी गई है। इस डिजिटल वोटिंग प्रणाली की शुरुआत 28 जून 2025 को पटना, रोहतास और पूर्वी चंपारण जिलों की 6 नगर परिषदों में की गई है। यह प्रणाली विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं और प्रवासी वोटर्स के लिए राहत लेकर आई है, जो किसी कारणवश मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते। कैसे काम करता है यह Secure e-Voting सिस्टम? इस मोबाइल वोटिंग सिस्टम को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी (Blockchain Technology) और फेस रिकग्निशन (Face Recognition) जैसे अत्याधुनिक तकनीकों से सुरक्षित बनाया गया है। सुरक्षा के विशेष इंतजाम: कैसे करें ई-वोटिंग के लिए रजिस्ट्रेशन? ई-वोटिंग के लिए e-SECBHR मोबाइल ऐप डाउनलोड करें (फिलहाल यह केवल एंड्रॉयड पर उपलब्ध है): यह सुविधा किनके लिए है? क्या विधानसभा चुनावों में होगा इसका प्रयोग? राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने कहा कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट है। इसकी सफलता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा कि क्या इसे आगामी विधानसभा चुनावों में लागू किया जा सकता है। यह कदम न केवल लोकतंत्र को तकनीकी रूप से उन्नत बना रहा है, बल्कि उन लाखों लोगों को भी जोड़ने की दिशा में है जो पारंपरिक वोटिंग में भाग नहीं ले पाते। देश हरपल की राय: बिहार सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की यह पहल निश्चित ही डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यदि यह प्रयोग सफल होता है तो भविष्य में पूरे देश में इस तकनीक को अपनाया जा सकता है। आपकी क्या राय है? क्या आप मोबाइल से वोट डालने के इस नए सिस्टम को अपनाएंगे?कमेंट कर बताएं, और यह खबर अपने दोस्तों से शेयर करें
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Dr. Sachin Chittawar

Free Diabetes & Hormone Check-up Camp : डायबिटीज और हार्मोन जांच अब बिना खर्च के

डायबिटीज और हार्मोन से जुड़ी समस्याओं के लिए मुफ्त जांच व परामर्श शिविरसागर। मधुमेह और हार्मोन से जुड़ी समस्याओं के निदान और परामर्श हेतु डॉ. सचिन चित्तावार के “360 डिग्री डायबिटीज केयर” द्वारा आगामी रविवार, 29 जून 2025 को एक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर सागर जिले के तिली क्षेत्र में स्थित सागर मेडिकल एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स (तिली अस्पताल के सामने, रूद्राक्ष पेट्रोल पंप के पास) पर प्रातः 8 बजे से 2 बजे तक आयोजित होगा। शिविर में आने वाले मरीजों को मुफ्त ब्लड शुगर टेस्ट, थायरॉइड एवं हार्मोन जाँच के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श भी उपलब्ध कराया जाएगा। “सेहत की मिठास, जीवन का एहसास” के संदेश के साथ चल रही यह पहल “शुगर एक्सप्रेस” के अंतर्गत आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य मधुमेह और हार्मोन संबंधी रोगों को लेकर आमजन में जागरूकता बढ़ाना और समय रहते उचित उपचार प्रदान करना है। डॉ. चित्तावार का मानना है कि समय पर सही जानकारी और जांच से इन रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है। सीमित स्थानों के कारण आयोजक समय पर पधारने का आग्रह कर रहे हैं।
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PNB

PNB में करोड़ों की Fake Currency का खेल! Saharanpur में CCTV ने बढ़ाया शक, 3 Officers पर Action

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़ा मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान करोड़ों रुपये के संदिग्ध नकली नोट मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं, जबकि विस्तृत जांच में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। वहीं, RBI की जांच के बाद इस पूरे मामले में कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। कैसे सामने आया करोड़ों के नकली नोटों का मामला? मामले की शुरुआत उस समय हुई जब RBI को भेजी गई नकदी में करीब ₹4.36 लाख की कमी सामने आई। इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद बैंक में करेंसी चेस्ट का रिकॉर्ड खंगाला गया और विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच आगे बढ़ी तो बैंक के अंदर रखी नकदी में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। असली Cash की जगह Fake Notes रखने का शक प्रारंभिक जांच में आशंका है कि करेंसी चेस्ट में मौजूद असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि असली रकम कब निकाली गई और नकली नोट बैंक के Cash Vault तक कैसे पहुंचे। बैंक के Cash Movement Records, लॉगबुक, ऑडिट रिपोर्ट और कर्मचारियों की ड्यूटी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध गतिविधि इस पूरे मामले में बैंक का CCTV Footage जांच का अहम हिस्सा बन गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में करेंसी चेस्ट के आसपास एक हाउसकीपिंग कर्मचारी की गतिविधियां दिखाई दी हैं। जांच अधिकारी अब CCTV फुटेज को बैंक के एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और कैश रिकॉर्ड से मिलाकर देख रहे हैं। इससे यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि करेंसी चेस्ट तक किस-किस कर्मचारी की पहुंच थी। 3 PNB Officers Suspended मामले में बैंक के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें करेंसी चेस्ट और कैश से जुड़े अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। बैंक ने तीन अधिकारियों को Suspended कर दिया है। हालांकि, निलंबन का मतलब दोष साबित होना नहीं है। अंतिम जिम्मेदारी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। SIT के हाथ में जांच, RBI भी कर रहा पड़ताल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT (Special Investigation Team) गठित की है। टीम बैंक के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और नकदी के लेन-देन की पूरी कड़ी को खंगाल रही है। दूसरी ओर, RBI से जुड़ी जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोटों का स्रोत क्या था और वे बैंक की करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंचे। ₹17 करोड़ या ₹7.40 करोड़? रकम को लेकर क्यों है Confusion इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा नकली नोटों की रकम को लेकर है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में ₹17 करोड़ तक की रकम का उल्लेख किया गया, जबकि बाद की विस्तृत रिपोर्टों में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात कही गई है। चूंकि जांच और नोटों की गिनती का काम जारी है, इसलिए अंतिम आंकड़ा आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। बैंकिंग सिस्टम की Security पर उठे सवाल सहारनपुर के PNB मामले ने बैंक की करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट बैंक के सुरक्षित Cash Vault तक कैसे पहुंचे? नियमित जांच और ऑडिट के दौरान इनकी पहचान क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच एजेंसियां तलाश रही हैं। आने वाले दिनों में CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है और नकली नोटों की वास्तविक मात्रा, असली रकम के नुकसान और इस मामले में शामिल लोगों को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SCO Summit

SCO Summit में Pakistan की Edited Photo पर बवाल, PM Modi और Iran President गायब

SCO Summit से जुड़ी एक तस्वीर ने भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से चल रही तल्खी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक X अकाउंट से शेयर की गई एक तस्वीर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तस्वीर के एडिटेड वर्जन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथ खड़े ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन नजर नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीर सामने आने के बाद यूजर्स ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक अकाउंट पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। खास बात यह है कि जिस कार्यक्रम की तस्वीर साझा की गई, उसमें भारत और ईरान दोनों के शीर्ष नेता मौजूद थे। Original Photo और Edited Version को लेकर सवाल SCO Summit की ग्रुप फोटो में संगठन के कई सदस्य देशों के नेता एक साथ नजर आए थे। इसी तस्वीर का एक अलग वर्जन पाकिस्तान PMO के X हैंडल से पोस्ट किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दिखाई नहीं देते। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या तस्वीर को जानबूझकर एडिट किया गया था। हालांकि, तस्वीर को लेकर पाकिस्तान सरकार की ओर से ऐसी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है कि पोस्ट में मूल तस्वीर के बजाय बदला हुआ फ्रेम क्यों इस्तेमाल किया गया। PM Modi और Pezeshkian की मुलाकात भी रही अहम SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय हालात पर बातचीत हुई। भारत और ईरान के रिश्ते लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखते हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक Summit के दौरान महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रही। यही वजह है कि ग्रुप फोटो से दोनों नेताओं के गायब होने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। Pakistan PM की भी ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात इस मामले का एक और दिलचस्प पहलू सामने आया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी SCO Summit के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर ईरानी राष्ट्रपति पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी मिले थे, तो ग्रुप फोटो के साझा किए गए वर्जन में उनका नजर नहीं आना आखिर क्यों हुआ। India-Pakistan Relations के बीच बढ़ी चर्चा भारत और पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से सामने आने वाली छोटी-सी तस्वीर भी राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने Summit में आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और सामूहिक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सामने आई कथित Edited Photo ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उठाए सवाल तस्वीर पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने Original Group Photo और पाकिस्तान PMO द्वारा साझा तस्वीर की तुलना करते हुए सवाल पूछे। हालांकि, यह भी जरूरी है कि तस्वीर के पीछे की मंशा को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकाला जाए। पाकिस्तान सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तस्वीर में बदलाव क्यों किया गया था। SCO Summit ने फिर खींचा दुनिया का ध्यान SCO Summit में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा हुई। एक तरफ Summit में भारत का आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश सुर्खियों में रहा, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात ने भारत-ईरान संबंधों को लेकर ध्यान खींचा। अब पाकिस्तान PMO की कथित Edited Photo इस पूरे घटनाक्रम में एक नया विवाद बनकर सामने आई है। सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोगों की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान सरकार इस तस्वीर को लेकर कोई आधिकारिक सफाई देती है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

Jantar Mantar FIR Case: प्रदर्शनकारियों को SC से राहत, CJP ने Delhi March टाला

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च भी वापस ले लिया। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अब इस मार्च का आयोजन नहीं करेगा। यह पूरा मामला जुलाई में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR को वापस लेना आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल था। बाद में इसी मुद्दे को लेकर CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदर्शनकारियों को राहत सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की ओर से प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने को लेकर आवेदन किया गया था। सुनवाई के दौरान इन मामलों को खत्म करने का रास्ता निकाला गया। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन से संबंधित करीब 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाने की बात सामने आई। कुछ ऐसे लोगों के मामले अलग रखे गए हैं, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी गई थी। इस फैसले के बाद आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। लंबे समय से FIR वापसी की मांग कर रहे संगठन के लिए इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। 5 सितंबर का Delhi March क्यों किया गया था? CJP ने 24 अगस्त को 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया था। प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक होना था। संगठन का आरोप था कि 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने के दौरान सरकार की ओर से किए गए कुछ आश्वासनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। CJP ने खास तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि अगर वादे पूरे नहीं हुए तो वह फिर से सड़कों पर उतरेगा। पहले SC ने मार्च पर रोक लगाने से किया था इनकार इस मामले में घटनाक्रम तेजी से बदला। 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने CJP के 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जिससे यह माना जाए कि प्रदर्शन के दौरान अनिवार्य रूप से अप्रिय स्थिति पैदा होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर छोड़ी गई थी। लेकिन इसके अगले ही दिन मामला अलग दिशा में चला गया। 1 सितंबर की सुनवाई के दौरान केंद्र के आश्वासन और कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने खुद 5 सितंबर के मार्च को वापस लेने की घोषणा कर दी। CJP ने क्यों बदला फैसला? सुप्रीम कोर्ट में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन और अदालत के आदेश को देखते हुए संगठन ने मार्च वापस लेने का फैसला किया है। यानी जिस मुद्दे को लेकर दोबारा सड़क पर उतरने की तैयारी थी, उसमें कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। CJI ने भी सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के सकारात्मक रवैये और बातचीत के महत्व पर जोर दिया। अदालत की टिप्पणी का संदेश साफ था कि खुले मन से बातचीत हो तो विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bhopal

Sealing Action पर Bhopal में बवाल: व्यापारियों और पुलिस में भिड़ंत, शंख-डमरू बजाकर प्रदर्शन

Bhopal में Sealing Action को लेकर व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। कार्रवाई के विरोध में जुटे कारोबारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को धक्का-मुक्की हो गई। कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ कारोबारी गिर गए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। Sealing के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए। कारोबारियों का कहना है कि कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर व्यापारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी बीच कुछ कारोबारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। पुलिस और व्यापारियों के बीच इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेड्स के पास हुई धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। आगे बढ़ने की कोशिश में कुछ कारोबारी गिर गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति को संभाल लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी और बढ़ती दिखाई दी। थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार से लगाई गुहार व्यापारियों के विरोध का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए विरोध जताया। व्यापारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और सीलिंग कार्रवाई को लेकर सरकार उनकी मांगों पर विचार करे। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध के जरिए सरकार और प्रशासन तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहते हैं। व्यापारियों की मांग पर अब नजर भोपाल में Sealing Action को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन और कारोबारियों के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद मामला चर्चा में है। व्यापारियों का विरोध यह संकेत दे रहा है कि सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Bus में नाबालिग से कथित गैंगरेप, 47 KM तक चलता रहा सफर; Rahul Gandhi ने पूछा- Checking क्यों नहीं?

दिल्ली-NCR में चलती स्लीपर बस के अंदर नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बस करीब 47 किलोमीटर तक चलती रही, लेकिन रास्ते में किसी चेकपोस्ट पर उसकी जांच नहीं हुई। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया है। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब बस इतने लंबे रूट से होकर गुजरी तो पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? बारिश और अंधेरे के बीच बस में बैठी छात्रा रिपोर्टों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा बारिश और अंधेरे के बीच रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके में पहुंची थी। वह नोएडा में अपने रिश्तेदार के पास जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान एक स्लीपर बस वहां पहुंची। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को मदद का भरोसा देकर बस में बैठाया। इसके बाद बस दिल्ली की तरफ बढ़ गई। पुलिस के अनुसार, परी चौक से कश्मीरी गेट तक का सफर करीब 47 किलोमीटर का था। इसी सफर के दौरान छात्रा के साथ कथित अपराध हुआ। एक दिन पहले भी आरोपियों पर गंभीर आरोप जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से एक दिन पहले भी ड्राइवर और कंडक्टर पर छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बस और उससे जुड़े अन्य सबूतों को कब्जे में लिया है। CCTV फुटेज समेत दूसरे डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है। Driver और Conductor गिरफ्तार पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बस किस रास्ते से गुजरी और रास्ते में किन-किन जगहों पर रुकी। बस की जांच भी की जा रही है ताकि घटना से जुड़े जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। Bus में पर्दे, CCTV को लेकर भी सवाल स्लीपर बसों में यात्रियों की Privacy के लिए पर्दे लगाए जाते हैं, लेकिन इसी व्यवस्था ने सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्टों में बस में CCTV की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में सवाल है कि लंबी दूरी तक चलने वाली स्लीपर बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त Monitoring क्यों नहीं होती? Rahul Gandhi ने Police Checking पर उठाए सवाल मामले पर राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक नाबालिग के साथ बस के अंदर इतनी गंभीर घटना हुई और वाहन करीब 47 किलोमीटर तक चलता रहा। उन्होंने सवाल किया कि रास्ते में मौजूद पुलिस व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। उन्होंने बसों की Checking और Monitoring को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। राहुल गांधी ने इस घटना का संदर्भ देते हुए Nirbhaya Case की याद भी दिलाई और कहा कि वर्षों बाद भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वही सवाल सामने आना चिंताजनक है। 47 KM का सफर और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल इस घटना ने दिल्ली-NCR की Public Transport Safety पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आखिर सड़कों पर चलने वाली बसों की Monitoring किस तरह होती है? क्या संदिग्ध बसों की नियमित Checking होती है? क्या हर स्लीपर बस में CCTV और Emergency Support की पर्याप्त व्यवस्था है? ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल रोजाना हजारों लोग करते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की तस्वीर साफ होगी। यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि Public Transport में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सिस्टम की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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