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Israel-Iran Ceasefire: नेतन्याहू ने ट्रम्प को बताया था Iran Attack Plan, अमेरिका के साथ और बिना दोनों ऑप्शन थे!

यरुशलम/तेहरान।Israel-Iran War को लेकर बुधवार को एक बड़ा खुलासा हुआ। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उन्होंने फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान पर हमले की पूरी रणनीति पहले ही बता दी थी। यरुशलम में कैबिनेट मीटिंग से पहले नेतन्याहू ने कहा— “मैंने ट्रम्प को दो प्लान दिए थे— एक अमेरिका के साथ और दूसरा अमेरिका के बिना। फैसला ट्रम्प पर छोड़ा कि वो साथ देंगे या नहीं।” वहीं, अमेरिका में नाटो समिट के दौरान ट्रम्प ने मीडिया से कहा कि ईरानी परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों की वजह से 12 दिन तक चली Israel-Iran जंग रुक गई। ट्रम्प ने दावा किया— “ईरान ने 12 दिन तक नर्क झेला। अब वो न्यूक्लियर वेपन बनाने का सपना छोड़ चुका है। अगर उसने फिर से चालाकी की, तो दोबारा हमला होगा।” अमेरिकी मीडिया की राय अलग हालांकि, CNN और New York Times जैसी अमेरिकी मीडिया संस्थाओं ने एक खुफिया रिपोर्ट के हवाले से दावा किया है कि— “अमेरिकी हमलों से ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम पूरी तरह तबाह नहीं हुआ, बस कुछ महीनों के लिए धीमा पड़ा है।” ट्रम्प ने इस रिपोर्ट को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर “Fake News” करार दिया है। 12 दिन बाद इजराइल-ईरान सीजफायर, दोनों देशों ने ‘जीत’ का दावा किया मंगलवार को जंग के 12वें दिन आखिरकार सीजफायर की घोषणा हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सुबह 3:30 बजे Truth Social पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद इजराइल और ईरान दोनों ने सीजफायर की पुष्टि करते हुए खुद को विजेता बताया। नेतन्याहू ने कहा: “हमने ईरान के खिलाफ ऐतिहासिक जीत हासिल की है जो पीढ़ियों तक याद रखी जाएगी।” ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पलटवार करते हुए कहा— “हम परमाणु कार्यक्रम नहीं छोड़ेंगे। यह हमारी मेहनत और वैज्ञानिक बलिदानों का परिणाम है।” Israel-Iran युद्ध भले ही थम गया हो, लेकिन इससे जुड़े राजनयिक, सैन्य और परमाणु सवाल अब भी दुनिया को परेशान कर रहे हैं। जहां एक ओर इजराइल इसे ऐतिहासिक जीत मान रहा है, वहीं ईरान अपनी जिद्द पर अड़ा है। अगला कदम क्या होगा, यह आने वाला वक्त बताएगा।
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“Indian Astronaut Shubhanshu Shukla Reaches Space After 41 Years: Mission Ax-4 Makes History!”

Indian Astronaut Shubhanshu Shukla Reaches ISS After 41 Years: भारत की अंतरिक्ष में वापसी

25 जून, 2025 को इतिहास फिर से लिखा गया जब भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर उड़ान भरी। ये मिशन NASA और ISRO की साझा पहल का हिस्सा है, जिसे SpaceX और Axiom Space ने मिलकर अंजाम दिया। इस ऐतिहासिक मिशन की लॉन्चिंग भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजे फ्लोरिडा स्थित Kennedy Space Center से हुई, जिसमें Falcon-9 रॉकेट और उससे जुड़े Dragon Capsule का इस्तेमाल किया गया। इस क्रू में कुल चार अंतरिक्ष यात्री शामिल थे, जिसमें शुभांशु अकेले भारतीय थे। “What a Ride!”: अंतरिक्ष से पहला संदेश स्पेस में पहुंचने के बाद शुभांशु शुक्ला ने कहा –“What a Ride! मेरे कंधे पर लगा तिरंगा बताता है कि मैं आप सभी के साथ हूं।”उनके इस मैसेज ने पूरे देश को गौरवान्वित कर दिया। उनके माता-पिता आशा शुक्ला और शंभु दयाल शुक्ला इस अवसर पर भावुक हो उठे। मिशन का मकसद: रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इंस्पिरेशन Ax-4 मिशन का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में वैज्ञानिक रिसर्च, माइक्रोग्रैविटी में एक्सपेरिमेंट और नई टेक्नोलॉजी का परीक्षण करना है। इसके साथ-साथ: 6 बार टल चुका था मिशन तारीख रुकावट की वजह 29 मई ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट तैयार नहीं था 8 जून फाल्कन-9 रॉकेट तैयार नहीं था 10 जून खराब मौसम 11 जून ऑक्सीजन लीकेज 19 जून मौसम + क्रू की तबियत 22 जून ISS के सर्विस मॉड्यूल का मूल्यांकन Who is Shubhanshu Shukla? 41 साल बाद फिर एक भारतीय अंतरिक्ष में 1984 के बाद ये पहला मौका है जब कोई भारतीय एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष में गया है। शुभांशु शुक्ला से पहले विंग कमांडर राकेश शर्मा सोवियत मिशन Soyuz T-11 के जरिए अंतरिक्ष यात्रा कर चुके हैं। अब शुभांशु, भारत के पहले क्रू मिशन गगनयान की दिशा में अनुभव लेकर लौटेंगे, जो 2027 में लॉन्च किया जाना है। इस मिशन से भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को नई ऊंचाइयां मिलने की उम्मीद है। गगनयात्री, कॉस्मोनॉट, ताइकोनॉट Shubhanshu Shukla की ये यात्रा सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि 21वीं सदी के भारत की वैश्विक स्पेस रेस में मजबूती से वापसी है। ये सिर्फ एक कदम है, आगे चलकर गगनयान मिशन और प्राइवेट स्पेस सेक्टर में भारत की भूमिका और भी निर्णायक होने वाली है।
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Trump

Trump Modi Phone Call:मोदी एक शानदार व्यक्ति

नई दिल्ली, देश हरपल। मोदी एक शानदार व्यक्ति हैं, मैंने उनसे कनाडा से लौटते समय अमेरिका आने का न्योता दिया था लेकिन उन्होंने स्वीकार नहीं किया। पाकिस्तान एक लोकतांत्रिक देश नहीं है इसलिए मैंने वहां के असली बॉस आसिम मुनीर से मुलाकात की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण टेलीफोनिक बातचीत हुई, जो करीब 35 मिनट तक चली। यह कॉल उस समय हुआ जब ट्रंप को कनाडा के G7 शिखर सम्मेलन से समय से पहले लौटना पड़ा और दोनों नेताओं की पहले से तय मुलाकात रद्द हो गई। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें पाकिस्तान द्वारा संघर्षविराम (Ceasefire) की अपील का मुद्दा प्रमुख था। PM Modi-Trump Phone Call: Pakistan को Ceasefire की Request पर क्यों करना पड़ा मजबूर? बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप को साफ तौर पर बताया कि पाकिस्तान को भारत की सख्त सैन्य कार्यवाही और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते संघर्षविराम की अपील करनी पड़ी। यह कदम भारत की कूटनीतिक और सामरिक नीति की सफलता को दर्शाता है। “यह कोई सद्भावना का कदम नहीं, बल्कि भारत के दबाव में लिया गया निर्णय है,” – पीएम मोदी ने ट्रंप को बताया। G7 Summit में मुलाकात टली, लेकिन बातचीत हुई निर्णायक G7 शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं की भेंट तय थी, लेकिन ट्रंप को अचानक कार्यक्रम बदलना पड़ा। इसके बाद यह टेलीफोनिक बातचीत ही दोनों देशों के बीच रणनीतिक संवाद का माध्यम बनी। इस बातचीत में भारत-अमेरिका व्यापार, एशिया में सुरक्षा स्थिति, और आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने भविष्य में जल्द ही व्यक्तिगत मुलाकात की इच्छा भी जताई। डोनाल्ड जे. ट्रंप, ने आज मिडिया से बात करते हिये कहाँ कि”नरेंद्र मोदी एक अत्यंत प्रभावशाली और दूरदर्शी नेता हैं। जब मैं कनाडा से लौट रहा था, तब मैंने उन्हें अमेरिका आने का औपचारिक निमंत्रण दिया था, किंतु उन्होंने अत्यंत विनम्रता के साथ उसे स्वीकार नहीं किया। जहां तक पाकिस्तान का प्रश्न है, वह एक पूर्णतः लोकतांत्रिक राष्ट्र नहीं है — और इसी कारण मैंने वहां की वास्तविक सत्ता के केंद्र, जनरल आसिम मुनीर से मुलाकात की, जो वहां के प्रमुख निर्णयों को नियंत्रित करते हैं।”
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Ola Zero Commission

Ola Zero Commission Model: ओला का बड़ा फैसला, अब ड्राइवर रख सकेंगे पूरी कमाई

Ola Zero Commission Model: ओला का क्रांतिकारी फैसला, ड्राइवरों को मिलेगा पूरा फायदा देशभर में लाखों लोग कैब, ऑटो और बाइक सर्विस के जरिए अपनी रोज़ी-रोटी कमाते हैं, लेकिन अक्सर यह शिकायत सामने आती रही है कि बड़ी राइड-हेलिंग कंपनियां ड्राइवरों से 20% से 30% तक कमीशन काट लेती हैं। ऐसे में भारत की प्रमुख कैब सर्विस कंपनी ओला (Ola) ने एक ऐतिहासिक और गेम-चेंजर फैसला लिया है। अब ओला अपने ड्राइवर पार्टनर्स से कोई कमीशन नहीं लेगी, यानी Zero Commission Model लागू कर दिया गया है। इसके तहत, ड्राइवर हर राइड से होने वाली पूरी कमाई अपने पास रख सकेंगे। Zero Commission कैसे करेगा काम? अब तक ओला और अन्य कंपनियां ड्राइवर से हर राइड पर कमीशन लेती थीं। इससे उनकी नेट इनकम कम हो जाती थी। लेकिन इस नए मॉडल में: 10 लाख से ज्यादा ड्राइवर होंगे लाभांवित ओला के एक प्रवक्ता ने बताया कि देशभर में 10 लाख से ज्यादा ड्राइवर इस नई स्कीम का लाभ उठाएंगे। इससे न सिर्फ उनकी इनकम बढ़ेगी, बल्कि उनमें काम के प्रति आत्मनिर्भरता और आत्म-सम्मान की भावना भी आएगी। राइडर की सुरक्षा बनी रहेगी प्राथमिकता कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ड्राइवरों को पूरी कमाई देने के साथ-साथ, यात्रियों की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सेफ्टी फीचर्स, रियल टाइम ट्रैकिंग और कस्टमर सपोर्ट पहले की तरह ही उपलब्ध रहेंगे। इंडस्ट्री में मचा हलचल, प्रतिस्पर्धी कंपनियों पर बढ़ा दबाव ओला का यह फैसला न केवल ड्राइवरों के लिए खुशखबरी है, बल्कि Uber, Rapido जैसी अन्य कंपनियों के लिए भी एक बड़ा चैलेंज बनकर सामने आया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दूसरी कंपनियां भी इसी राह पर चलेंगी या नहीं
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FASTag

FASTag Annual Pass निजी वाहनों के लिए ₹3,000 में सालभर टोल फ्री यात्रा, 15 अगस्त से लागू

नई दिल्ली | देश हरपल ब्यूरोदेशभर के लाखों निजी वाहन चालकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने एक ऐतिहासिक पहल की घोषणा करते हुए बताया कि ₹3,000 में FASTag आधारित वार्षिक पास की सुविधा 15 अगस्त 2025 से लागू की जा रही है। क्या है यह ₹3,000 वाला FASTag वार्षिक पास? इस पास के जरिए कोई भी निजी वाहन (Car, Jeep, Van आदि) देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर बिना बार-बार टोल देने के अधिकतम 200 यात्राओं या एक साल तक (जो भी पहले हो) निर्बाध यात्रा कर सकेगा।यह सुविधा केवल गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए है, और इससे टोल प्लाजाओं पर लगने वाली भीड़ और प्रतीक्षा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है। कैसे मिलेगा यह पास? नितिन गडकरी ने ‘X’ (पूर्व Twitter) पर जानकारी दी कि इस वार्षिक पास को Highway Travel App, NHAI और MoRTH की वेबसाइट पर एक अलग लिंक के माध्यम से सक्रिय (activate) किया जा सकेगा।जल्द ही रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण प्रक्रिया को लेकर विस्तृत जानकारी भी जारी की जाएगी 60 KM दायरे की टोल समस्याओं पर सीधा समाधान यह नीति विशेष रूप से उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो रोजाना 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित टोल प्लाजाओं से होकर यात्रा करते हैं।अब उन्हें हर बार टोल देने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि एक सिंगल ट्रांजैक्शन में सालभर के लिए सुविधा मिल जाएगी। क्या बदल जाएगा इस पॉलिसी से? नितिन गडकरी ने क्या कहा? “यह वार्षिक पास नीति, टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने, विवादों को समाप्त करने और निजी वाहन चालकों के लिए एक तेज़ व सहज यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए लाई जा रही है।” — नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्र सरकार की यह पहल जहां आम नागरिकों की जेब पर असर कम करेगी, वहीं इससे डिजिटल टोल भुगतान और इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रैकिंग में भी सुधार होगा। FASTag सिस्टम के जरिए एक डिजिटली कनेक्टेड और ट्रांसपेरेंट टोल मैकेनिज्म की ओर भारत आगे बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Raja Raghuvanshi

Raja Raghuvanshi Murder Mystery मेघालय के जंगलों से सामने आया राजा-सोनम का आखिरी वीडियो

इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी Raja Raghuvanshi की मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने परिवार और प्रशासन दोनों को हिला दिया है। यह वीडियो मेघालय के Double Decker Root Bridge का बताया जा रहा है, जिसमें राजा और सोनम एक साथ दिख रहे हैं। दावा है कि यह उनकी आखिरी रिकॉर्डिंग हो सकती है। वायरल वीडियो का सच क्या है? हरियाणा के सोनीपत निवासी फोटोग्राफर देवेंद्र सिंह (Dev Singh) ने अपने Facebook प्रोफाइल पर यह वीडियो शेयर किया है। उनका दावा है कि यह क्लिप उन्होंने 23 मई 2025 को सुबह 9:45 बजे रिकॉर्ड की थी। वीडियो में सोनम को वही सफेद शर्ट पहने देखा जा सकता है, जो बाद में राजा के पास मिली थी। देव ने लिखा: “मुझे लगता है कि ये उस कपल की आखिरी रिकॉर्डिंग है। जब भी राजा को वीडियो में देखता हूं, बहुत बुरा लगता है। वो सामान्य दिख रहा था।” तेरहवीं में उमड़ा दर्द, भाई ने उठाए कई सवाल इंदौर में Raja Raghuvanshi की तेरहवीं पर सिर्फ परिवार और करीबी रिश्तेदार ही शामिल हुए। कार्यक्रम में राजा की पसंद का भोजन – गुलाब जामुन, मंचूरियन, नूडल्स और दाल-चावल आदि परोसे गए। इस दौरान सोनम का भाई गोविंद भी मौजूद रहा। राजा के भाई सचिन रघुवंशी ने कहा: “हमारे मन में बस एक ही सवाल है – सोनम ने ऐसा क्यों किया? आखिर क्या वजह थी कि शादी के चंद दिनों बाद ही उसे यह कदम उठाना पड़ा?” Narco Test की मांग, दो लड़कों पर शक सचिन ने बताया कि गाजीपुर से उजाला यादव नाम की युवती ने उन्हें फोन किया था। उजाला का दावा है कि उसने सोनम को बस में देखा था, जहां दो लड़के उसे छोड़ने आए थे। सोनम ने उस दौरान राजा की रील देखने पर उसे टोका भी था। “अगर सोनम सब कुछ कबूल लेती तो बात वहीं खत्म हो जाती, लेकिन अब हमें Narco Test की जरूरत है।” वीडियो में दिखे तीन और संदिग्ध फोटोग्राफर देव सिंह ने एक और बड़ा खुलासा किया: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ahmedabad

Ahmedabad Plane Crash हादसे से पहले एक तस्वीर और ज्योतिषीय चेतावनी ने बढ़ाया रहस्य

हादसा या संयोग? एयर इंडिया Ahmedabad AI171 फ्लाइट क्रैश से पहले छपा विज्ञापन और ज्योतिषी की भविष्यवाणी बना सोशल मीडिया पर मिस्ट्री पॉइंट 12 जून 2025 को एयर इंडिया की Ahmedabad से लंदन (गैटविक) जाने वाली फ्लाइट AI171, टेक-ऑफ के कुछ मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह विमान बोइंग 787 ड्रीमलाइनर था, जिसमें 242 लोग सवार थे। दुखद रूप से, इस हादसे में सिर्फ एक यात्री ही जीवित बच पाया — जिसे “चमत्कारी उत्तरजीवी” कहा जा रहा है। Ahmedabad घटना ने पूरे देश को गहरे शोक और सदमे में डाल दिया है, लेकिन इसके साथ ही एक रहस्यमयी संयोग ने सबका ध्यान खींचा है — जिसने इस क्रैश को सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक रहस्य और चेतावनी में बदल दिया। KidZania का विज्ञापन या भविष्य की झलक? गुजरात के लोकप्रिय दैनिक अखबार मिड-डे के उसी दिन, यानी 12 जून के संस्करण के पहले पन्ने पर छपा एक विज्ञापन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह विज्ञापन बच्चों के मनोरंजन व लर्निंग हब KidZania से जुड़ा था, जिसमें एक Air India विमान की तस्वीर दिखाई गई थी — जो एक मिनिएचर शहर की इमारत से उड़ता हुआ प्रतीत हो रहा था। ज्योतिषी गौरव पुरोहित की भविष्यवाणी फिर चर्चा में इस बीच ज्योतिषाचार्य गौरव पुरोहित का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने इस तरह की संभावित वायु मार्ग दुर्घटना को लेकर पहले ही चेतावनी दी थी। गौरव जी पिछले 5 वर्षों से राजनीति, युद्ध, सामाजिक घटनाओं पर ज्योतिषीय विश्लेषण करते आ रहे हैं। उनका दावा है: क्या यह महज संयोग था या चेतावनी? जहां विज्ञान इस दुर्घटना की तकनीकी जांच में जुटा है, वहीं आमजन अब यह सवाल पूछ रहे हैं – क्या यह सब ‘कॉस्मिक अलर्ट’ था? भारत में कई लोग इस दुर्घटना और विज्ञापन के मेल को “दिव्य संयोग” मान रहे हैं, और सोशल मीडिया पर #AI171Coincidence ट्रेंड कर रहा है। 242 में से एक उत्तरजीवी: उम्मीद की एक किरण फिलहाल सभी की निगाहें उस एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति पर हैं, जो शायद दुनिया को इस हादसे की सच्ची कहानी सुना सके।सरकारी जांच एजेंसियां, DGCA और एयर इंडिया हादसे की जाँच में जुटी हैं, और ब्लैक बॉक्स रिकवर भी हो चुका है। जहां एक ओर यह हादसा तकनीकी खामियों की संभावनाओं के साथ जांच के घेरे में है, वहीं लोगों के मन में इसके रहस्यमयी पहलू भी सवाल खड़े कर रहे हैं। क्या यह सिर्फ संयोग था, या कोई आभास, कोई ज्योतिषीय चेतावनी? देश एक गहरे शोक में डूबा है, लेकिन यह घटना विज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के बीच एक नई बहस भी छेड़ गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर! यदि आप इस विषय पर अपनी राय देना चाहते हैं, तो कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।
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Kerala school rivalry news in Hindi

Kerala school rivalry news: 50 साल पुरानी रंजिश में दो बुजुर्गों ने पूर्व सहपाठी पर किया हमला

केरल के कासरगोड में 50 साल पुराना स्कूल विवाद बना हिंसा का कारण Kerala school rivalry news – केरल के कासरगोड जिले के मलोम कस्बे से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां स्कूल टाइम की 50 साल पुरानी रंजिश ने दो बुजुर्गों को हिंसा के रास्ते पर धकेल दिया। बालाल ग्राम पंचायत स्थित नटक्कल्लू एडेड स्कूल में साथ पढ़ने वाले तीन पूर्व सहपाठी—वी.जे. बाबू (62), मालोथु बालकृष्णन, और मैथ्यू वलियप्लक्कल—के बीच वर्षों पुराना विवाद फिर से उभर आया। होटल के बाहर हुआ हमला, टूटा दोस्ती का दिखावा घटना सोमवार को जनग्राम होटल के बाहर हुई, जब तीनों की आकस्मिक मुलाकात हो गई। बातचीत के दौरान पुरानी रंजिश फिर से भड़क उठी। रिपोर्ट के मुताबिक, बालकृष्णन ने बाबू को पकड़ लिया और मैथ्यू ने एक बड़ा पत्थर उठाकर बाबू के चेहरे और शरीर पर हमला कर दिया। इस हमले में बाबू के दो दांत टूट गए और उन्हें गंभीर हालत में परियारम स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज, कन्नूर में भर्ती कराया गया। गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज, हो सकती है जेल वेल्लरिकुंड पुलिस थाने के निरीक्षक टी.के. मुकुंदन के अनुसार, अगर मेडिकल रिपोर्ट में यह साबित हुआ कि बाबू के दांत हमले के कारण टूटे हैं, तो यह अपराध गैर-जमानती हो जाएगा। हमले के आरोप में बालकृष्णन और मैथ्यू पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं में केस दर्ज किया गया है: ₹1.5 लाख में सुलह की पेशकश, शराब की भी संभावना पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, घायल वी.जे. बाबू ने इस मामले को कोर्ट से बाहर सुलझाने की इच्छा जताई है, लेकिन बदले में ₹1.5 लाख की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी बयान दिया कि हमले के समय हमलावरों द्वारा शराब का सेवन किया गया हो सकता है। 50 साल पुरानी दुश्मनी का मनोवैज्ञानिक पहलू Kerala school rivalry news- विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूल में हुए छोटे-छोटे बुलींग या टकराव का असर लंबे समय तक मानसिक रूप से बना रह सकता है, खासकर अगर उसे सुलझाया न जाए। यह घटना बताती है कि बचपन की घटनाएं, अगर मन में बैठ जाएं, तो बुजुर्ग अवस्था में भी हिंसा का रूप ले सकती हैं।
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Ice Hockey Surprise

Ice Hockey India! भारतीय महिला आइस हॉकी टीम ने रचा इतिहास, IIHF एशिया कप 2025 में जीता ब्रॉन्ज़ मेडल

India women’s ice hockey team, IIHF Asia Cup 2025, Ice Hockey India भारत की बेटियों का ‘हिम’कालीन कारनामा, इतिहास में दर्ज हुई जीत UAE के अल ऐन शहर में, जहाँ रेत और गर्मी की पहचान है, वहीं बर्फ़ पर तैरते भारतीय जज़्बे ने इतिहास रच दिया। भारत की महिला आइस हॉकी टीम ने IIHF Asia and Oceania Championship 2025 में पहला अंतरराष्ट्रीय मेडल जीतकर वो कर दिखाया, जो आज से कुछ साल पहले सपना भी नहीं लगता था। संघर्ष से सम्मान तक – ब्रॉन्ज़ मेडल का कारवां टीम इंडिया ने फिलीपींस, UAE, ईरान, मलेशिया और किर्गिस्तान जैसी टीमों को टक्कर दी और दमदार खेल दिखाते हुए ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम किया। यह केवल एक जीत नहीं, बल्कि हिम्मत, जुनून और भरोसे की मिसाल है। Ice Hockey और India? हां, अब यह संभव है! भारत में जहां क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी की बात होती है, वहां Ice Hockey का नाम तक कम सुना जाता है। लेकिन लेह और लद्दाख की बेटियों ने एक नई शुरुआत की है। इन्हीं लड़कियों ने अपने संसाधन खुद बनाए, सोशल मीडिया से फंड जुटाया, और बर्फ़ की दुनिया में भारत का झंडा बुलंद किया। खिलाड़ियों की प्रेरणादायक बातें “हमने सिर्फ़ मैच नहीं खेला, हमने रास्ता बनाया।“ टीम की कप्तान डोलकर लोंगदेन ने यह शब्द बोले तो पूरे देश को उनके संघर्ष की झलक मिली। इन लड़कियों ने सिर्फ विरोधी टीमों को नहीं, बल्कि सिस्टम की चुप्पी, समाज की उम्मीदों और सुविधाओं की कमी को भी हराया। भारत सरकार और खेल मंत्रालय को अब क्या करना चाहिए? यह जीत सिर्फ़ एक ट्रॉफी नहीं है, बल्कि नीति-निर्माताओं को एक संदेश है कि भारत की बेटियाँ कुछ भी कर सकती हैं — बस उन्हें सही समर्थन चाहिए। उम्मीद है कि अब सरकार इस खेल को राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कैटेगरी में लाने पर विचार करेगी। देश हरपल उन्हें सलाम करता है!
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RCB Celebration Stampede

RCB Celebration Stampede: आरसीबी ने पुलिस की अनुमति के बिना की विक्ट्री परेड

बेंगलुरु, 5 जून | देश हरपल आईपीएल 2025 (IPL 2025) में RCB की जीत का जश्न बुधवार को बेंगलुरु के M. Chinnaswamy Stadium में एक भयावह हादसे में बदल गया, जब भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक घायल हो गए। कर्नाटक हाई कोर्ट ने लिया Suo Motu Cognizance गुरुवार को कर्नाटक हाई कोर्ट ने इस दर्दनाक हादसे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सरकार से जवाब तलब किया। कोर्ट की पीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति सीएम जोशी शामिल थे। सरकार बनाम डिप्टी CM का आंकड़ा राज्य सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता शशिकिरण शेट्टी ने कोर्ट को बताया कि स्टेडियम और उसके आसपास 1000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे, जिसमें Commissioner, DCP और ACP जैसे अधिकारी शामिल थे।वहीं, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बुधवार को दावा किया था कि 5000 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मौजूद थे। “हम कोई प्रतिकूल रुख नहीं अपना रहे हैं। अदालत जो भी निर्देश देगी, हम उसे मानेंगे।” – महाधिवक्ता शशिकिरण शेट्टी क्या फेल हुई Crowd Management? आरसीबी ने पुलिस की अनुमति के बिना विक्ट्री परेड के बारे में एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था और एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में फ्री एंट्री पास की घोषणा की थी. सूत्रों की मानें तो इसी सोशल मीडिया पोस्ट के बाद स्टेडियम के बाहर भीड़ बढ़ गई और बाद में भगदड़ हो गयी सरकार ने यह भी बताया कि स्टेडियम के बाहर Water Tankers, Ambulance और Command Control Vehicles भी लगाए गए थे। लेकिन जब 2.5 लाख से ज्यादा लोग पहुंच गए, तो हालात बेकाबू हो गए। स्टेडियम की क्षमता मात्र 35,000 है, और आमतौर पर सिर्फ 30,000 टिकट बिकते हैं। कई लोग यह सोचकर पहुंचे थे कि शायद स्टेडियम में Free Entry है, जिससे भीड़ और बेकाबू हो गई। हाई कोर्ट का बड़ा सवाल कोर्ट ने स्पष्ट किया कि: “जश्न मनाने के इरादे से त्रासदी हुई है। हम यह जानना चाहते हैं कि क्या यह रोकी जा सकती थी, और भविष्य में इससे बचने के लिए क्या कदम उठाए जाएं।“ इस मामले में कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) और RCB मैनेजमेंट को भी नोटिस दिया जाएगा Celebration or Negligence? इस हादसे ने एक बार फिर से बड़ी आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। सवाल सिर्फ आंकड़ों का नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी और पारदर्शिता का भी है। अब देखना यह है कि कोर्ट की सख्ती के बाद क्या कर्नाटक सरकार और क्रिकेट प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाते हैं या नहीं।
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अक्षर पटेल का ऑलराउंड शो, शुभमन गिल की कप्तानी पारी; भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहला वनडे जीता

बर्मिंघम। ऑलराउंडर अक्षर पटेल के शानदार प्रदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत की। एजबेस्टन मैदान पर खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 262 रन बनाकर हासिल कर लिया। अक्षर पटेल ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। कप्तान शुभमन गिल ने 80 रन बनाए, लेकिन मैच के दौरान क्रैम्प्स की समस्या के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआती झटकों के बाद गिल ने संभाली पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम की पारी को संभाला। श्रेयस 35 रन बनाकर रनआउट हुए, जबकि केएल राहुल बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभालते हुए पांचवें विकेट के लिए 102 रन की अविजित साझेदारी की और भारत को शानदार जीत दिलाई। जो रूट और लियाम डॉसन ने इंग्लैंड को संभाला इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। इंग्लैंड की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने 61 रन तक कोई विकेट नहीं गंवाया, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए महज 19 रन के भीतर 5 विकेट झटक दिए। मध्यक्रम में जो रूट ने 76 रन और लियाम डॉसन ने 68 रन की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से निभाई अहम भूमिका भारतीय गेंदबाजों में अक्षर पटेल सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अक्षर पटेल ने टीम इंडिया की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई और भारत ने सीरीज की शानदार शुरुआत की। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन की पोल: छत्तीसगढ़ में 33% नल कनेक्शन गैर-कार्यशील, ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा

रायपुर। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर खामियों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार कमजोर योजना, धीमा क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हुई है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित ‘छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट’ रिपोर्ट मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद मिशन के कार्यों में तेजी आई है। योजना निर्माण में गंभीर खामियां CAG की रिपोर्ट के मुताबिक जल जीवन मिशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कई स्थानों पर गांव स्तर की कार्ययोजना तैयार किए बिना ही जिला स्तरीय योजनाएं बना दी गईं, जबकि राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार ही नहीं की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर जल सुरक्षा योजना नहीं बनाई गई, जिससे जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव की स्पष्ट रणनीति विकसित नहीं हो सकी। 33 प्रतिशत नल कनेक्शन निकले गैर-कार्यशील रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए। हालांकि, इनमें से 13.31 लाख (करीब 33%) कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। इसके पीछे सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप स्थापित नहीं होना प्रमुख कारण बताए गए हैं। ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा राज्य के 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही इस लक्ष्य तक पहुंच सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी सामने आए, जहां अधूरे कार्यों के बावजूद गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित कर दिया गया। किसी भी जिले में 100% कवरेज नहीं मार्च 2024 तक राज्य के 33 में से किसी भी जिले और 146 में से किसी भी विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज नहीं था। योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज स्कीम में से मार्च 2024 तक केवल 172 योजनाएं पूरी हो सकीं। इनमें भी सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का संचालन सौंपा गया। वहीं, स्वीकृत 70 मल्टी विलेज स्कीम में से मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे करीब 9.85 लाख घरों तक सतही जल स्रोतों से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ। सोलर आधारित योजनाओं में भी अनियमितताएं CAG ने पाया कि कई सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक नल कनेक्शन जोड़ दिए गए। इसके कारण 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी कमियां रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार केंद्र और राज्यांश मिलाकर 6,480.04 करोड़ रुपये की आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही। साथ ही मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि और CSR जैसी योजनाओं के संसाधनों के समन्वय के लिए भी कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई। जल गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कमजोर राज्य की 75 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से केवल 4 प्रयोगशालाएं ही सभी 13 निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं। इसके अलावा 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं को NABL की मान्यता प्राप्त नहीं थी। रिपोर्ट में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार जल गुणवत्ता जांच नहीं होने की बात कही गई है। CAG की प्रमुख सिफारिशें रिपोर्ट में सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार मिशन को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी, जिसके कारण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समय-सीमा 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है। मार्च 2026 में स्वीकृत मिशन के दूसरे चरण को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके।

रायपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा

रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को धार्मिक आस्था, वैदिक परंपराओं और भव्य आयोजन के साथ निकाली जाएगी। वहीं बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा माता सुभद्रा के तीनों रथों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है। भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्तों और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। वर्ष में केवल इसी अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। 11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन रथयात्रा के दिन सुबह 11 वैदिक पंडितों के सान्निध्य में भगवान का विशेष अभिषेक, पूजन और हवन कराया जाएगा। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर सहित विभिन्न सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान को गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्यों की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा की सबसे प्रमुख परंपराओं में शामिल ‘छेरा पहरा’ का निर्वहन इस वर्ष भी किया जाएगा। परंपरा के अनुसार राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। भजन, झांकियों और लोकनृत्य से गूंजेगा शहर रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है। रायपुर और छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सरकार और बोर्ड से 10 दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि “कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता।” हालांकि, नीति को लागू करने में सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBSE और संबंधित पक्षों से 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। यह नीति शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की गई है। इसके तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। इससे कई छात्रों को पहले से पढ़ी जा रही भाषाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। क्या है विवाद? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBSE ने पर्याप्त तैयारी के बिना नई भाषा नीति लागू कर दी है। उनके मुताबिक कई स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक, पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े अहम सवाल और जवाब 1. मामला क्या है? सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। हालांकि, CBSE ने 6 जून को संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि इस वर्ष कक्षा 10 के छात्रों को तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। 2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है? पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच या जर्मन) पढ़ते थे। नए नियम के अनुसार अब तीन भाषाओं में से कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य है। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही चुनी जा सकेगी। 3. याचिका किसने दायर की? यह याचिका छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी की ओर से दायर की गई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर, मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। 4. याचिकाकर्ताओं की मुख्य आपत्ति क्या है? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था अचानक लागू कर दी गई। कई भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक भी नहीं हैं। ऐसे में छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 5. किताबों को लेकर क्या दलील दी गई? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से फिलहाल केवल तीन भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करना व्यवहारिक रूप से कठिन होगा। 6. शिक्षकों की कमी पर क्या कहा गया? याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि नई भारतीय भाषाएं पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता होगी, लेकिन इतने कम समय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण संभव नहीं है। 7. क्या विदेशी भाषाएं बंद हो जाएंगी? नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन इसके साथ उन्हें दो भारतीय भाषाएं भी पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी। 8. क्या तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा होगी? नहीं। CBSE ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का अलग बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त परीक्षा का दबाव न बढ़े। 9. अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी। नई शिक्षा नीति 2020 क्या है? भारत सरकार ने 29 जुलाई 2020 को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को मंजूरी दी थी। यह 34 वर्षों बाद देश की शिक्षा व्यवस्था में किया गया सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है। इससे पहले शिक्षा नीति 1986 में लागू हुई थी, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना, छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकसित करना है। केंद्र सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। चूंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए इसे लागू करने में केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की भूमिका होती है। देश, शिक्षा और करियर से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

बिलासपुर: CM हेल्पलाइन शिकायतों के खराब निराकरण पर PHE के ईई को नोटिस, कलेक्टर ने अधिकारियों को लगाई फटकार

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) रूपेश कुमार धनंजय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। टीएल (समय-सीमा) बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा करने के बजाय उनका गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समय-सीमा का पालन करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एकल शिक्षकीय स्कूलों में जल्द होंगे अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एकल शिक्षकीय स्कूलों में तत्काल अतिथि शिक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी ली जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जर्जर स्कूल भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। ऐसे विद्यालयों के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करने और नए भवन या अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी लगाई फटकार जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डीएमएफ की राशि का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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