Ola Zero Commission Model: ओला का क्रांतिकारी फैसला, ड्राइवरों को मिलेगा पूरा फायदा
देशभर में लाखों लोग कैब, ऑटो और बाइक सर्विस के जरिए अपनी रोज़ी-रोटी कमाते हैं, लेकिन अक्सर यह शिकायत सामने आती रही है कि बड़ी राइड-हेलिंग कंपनियां ड्राइवरों से 20% से 30% तक कमीशन काट लेती हैं। ऐसे में भारत की प्रमुख कैब सर्विस कंपनी ओला (Ola) ने एक ऐतिहासिक और गेम-चेंजर फैसला लिया है।
अब ओला अपने ड्राइवर पार्टनर्स से कोई कमीशन नहीं लेगी, यानी Zero Commission Model लागू कर दिया गया है। इसके तहत, ड्राइवर हर राइड से होने वाली पूरी कमाई अपने पास रख सकेंगे।
Zero Commission कैसे करेगा काम?
अब तक ओला और अन्य कंपनियां ड्राइवर से हर राइड पर कमीशन लेती थीं। इससे उनकी नेट इनकम कम हो जाती थी। लेकिन इस नए मॉडल में:
- ड्राइवर से प्रति राइड कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा
- इसके बदले में वे डेली या मंथली फिक्स प्लेटफॉर्म फी का विकल्प चुन सकेंगे
- ड्राइवर को स्वतंत्रता मिलेगी कि वह कब और कैसे योजना चुने
- यह मॉडल कैब, ऑटो और बाइक सभी पर लागू होगा
10 लाख से ज्यादा ड्राइवर होंगे लाभांवित
ओला के एक प्रवक्ता ने बताया कि देशभर में 10 लाख से ज्यादा ड्राइवर इस नई स्कीम का लाभ उठाएंगे। इससे न सिर्फ उनकी इनकम बढ़ेगी, बल्कि उनमें काम के प्रति आत्मनिर्भरता और आत्म-सम्मान की भावना भी आएगी।

राइडर की सुरक्षा बनी रहेगी प्राथमिकता
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ड्राइवरों को पूरी कमाई देने के साथ-साथ, यात्रियों की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सेफ्टी फीचर्स, रियल टाइम ट्रैकिंग और कस्टमर सपोर्ट पहले की तरह ही उपलब्ध रहेंगे।
इंडस्ट्री में मचा हलचल, प्रतिस्पर्धी कंपनियों पर बढ़ा दबाव
ओला का यह फैसला न केवल ड्राइवरों के लिए खुशखबरी है, बल्कि Uber, Rapido जैसी अन्य कंपनियों के लिए भी एक बड़ा चैलेंज बनकर सामने आया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दूसरी कंपनियां भी इसी राह पर चलेंगी या नहीं
