आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलकिरेन रिजिजू का आरोप- भारत में भी हिंसा भड़काने की रची गई थी साजिश, बोले- सत्ता परिवर्तन सिर्फ चुनाव से होगा◆BREAKINGदेश-हरपलग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास भीषण हादसा, ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला; 15 की मौत, 26 घायल◆BREAKINGहेल्थBreast Cancer Alert: 30 और 35 साल की महिलाओं ने गांठ को समझा सामान्य, इलाज के बाद मां बनने की उम्मीद◆BREAKINGप्रदेशभोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से आक्रोश:पिता बोले- बेटी को बचा नहीं सके, आरोपी को हमारे हवाले कर दो◆BREAKINGBreaking NewsImran Khan News: भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर, OCI Card रद्द करने पर मांगा गया जवाब◆BREAKINGBreaking NewsWeather Update: केदारनाथ में बर्फबारी से बढ़ी ठंड, राजस्थान-महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश; यूपी में बाढ़ जैसे हालात◆BREAKINGBreaking NewsFrance Protest: महंगाई के खिलाफ फ्रांस में सड़कों पर उतरे लाखों लोग, पेरिस समेत कई शहरों में आगजनी और लूटपाट◆BREAKINGBreaking NewsKolkata Stampede: कोलकाता भगदड़ में 19 लोगों की मौत, 5 ICU में भर्ती; शाह अस्पताल पहुंचे◆BREAKINGदेश-हरपलकिरेन रिजिजू का आरोप- भारत में भी हिंसा भड़काने की रची गई थी साजिश, बोले- सत्ता परिवर्तन सिर्फ चुनाव से होगा◆BREAKINGदेश-हरपलग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास भीषण हादसा, ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला; 15 की मौत, 26 घायल◆BREAKINGहेल्थBreast Cancer Alert: 30 और 35 साल की महिलाओं ने गांठ को समझा सामान्य, इलाज के बाद मां बनने की उम्मीद◆BREAKINGप्रदेशभोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से आक्रोश:पिता बोले- बेटी को बचा नहीं सके, आरोपी को हमारे हवाले कर दो◆BREAKINGBreaking NewsImran Khan News: भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर, OCI Card रद्द करने पर मांगा गया जवाब◆BREAKINGBreaking NewsWeather Update: केदारनाथ में बर्फबारी से बढ़ी ठंड, राजस्थान-महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश; यूपी में बाढ़ जैसे हालात◆BREAKINGBreaking NewsFrance Protest: महंगाई के खिलाफ फ्रांस में सड़कों पर उतरे लाखों लोग, पेरिस समेत कई शहरों में आगजनी और लूटपाट◆BREAKINGBreaking NewsKolkata Stampede: कोलकाता भगदड़ में 19 लोगों की मौत, 5 ICU में भर्ती; शाह अस्पताल पहुंचे◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

3 अप्रैल 2025 (गुरुवार) – दैनिक राशिफल

सभी 12 राशियों का आज का राशिफल मेष: रुके हुए काम पूरे होंगे, आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।वृषभ: परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे, धन लाभ के योग हैं।मिथुन: अनावश्यक खर्चों से बचें, बचत पर ध्यान दें।कर्क: कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, धैर्य रखें।सिंह: सेहत में सुधार होगा, लेकिन बाहर के खाने से बचें।कन्या: नए अवसर मिलेंगे, करियर में तरक्की होगी।तुला: प्रेम जीवन में अच्छा समय रहेगा, पार्टनर से सरप्राइज मिल सकता है।वृश्चिक: मानसिक तनाव से बचें, योग और ध्यान करें।धनु: कार्यक्षेत्र में नई चुनौतियां आ सकती हैं, सतर्क रहें।मकर: घर-परिवार में खुशहाली रहेगी, अचानक धन लाभ हो सकता है।कुंभ: मित्रों का सहयोग मिलेगा, किसी खास व्यक्ति से मुलाकात होगी।मीन: विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है, करियर में नई दिशा मिलेगी।
Read more
Trump

ट्रंप का ‘डर्टी-15’ लिस्ट: किन देशों पर गिरेगी भारी टैरिफ की गाज?

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और 2024 के चुनावी दौड़ में फिर से मैदान में उतरे डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संभावित आर्थिक एजेंडे का एक बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने ‘डर्टी-15’ नाम से उन 15 देशों की सूची तैयार की है, जिन पर वह भारी टैरिफ लगाने की योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि ये देश अमेरिका के साथ व्यापार में “अनुचित लाभ” उठा रहे हैं और इसलिए इन्हें ‘रिसिप्रोकल टैरिफ’ (पारस्परिक शुल्क) देना होगा। क्या है ट्रंप की ‘डर्टी-15’ लिस्ट? ट्रंप ने अमेरिका के व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए उन देशों की पहचान की है, जिन पर नए टैरिफ लगाए जाएंगे। इनमें चीन, भारत, मैक्सिको, जर्मनी, वियतनाम, जापान, कनाडा और कई अन्य देश शामिल हैं। ट्रंप के मुताबिक, ये देश अमेरिका के बाजारों से फायदा उठाते हैं लेकिन बदले में समान अवसर नहीं देते। किन देशों को झेलनी पड़ेगी टैरिफ की मार? इस लिस्ट में प्रमुख रूप से वे देश हैं जो अमेरिका को बड़े पैमाने पर निर्यात करते हैं, लेकिन बदले में अमेरिकी सामान पर ऊंचे शुल्क लगाते हैं या व्यापार में असंतुलन बनाए रखते हैं। भारत और चीन खासतौर पर इस नीति से प्रभावित हो सकते हैं क्योंकि दोनों देश अमेरिका को बड़े पैमाने पर टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटोमोबाइल और आईटी सेक्टर में सेवाएं और उत्पाद निर्यात करते हैं। ट्रंप की व्यापार नीति और प्रभाव ट्रंप का यह कदम उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे अमेरिका में कुछ उद्योगों को फायदा हो सकता है, लेकिन कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों और निर्यात पर निर्भर देशों को बड़ा झटका लग सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ट्रंप 2024 का चुनाव जीतते हैं, तो उनकी टैरिफ नीति वैश्विक व्यापार को अस्थिर कर सकती है और चीन, भारत जैसे देशों के साथ आर्थिक संबंधों को प्रभावित कर सकती है। भारत पर असर? भारत, जो अमेरिका के लिए एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार है, ट्रंप की इस नई नीति से प्रभावित हो सकता है। अगर ट्रंप भारी टैरिफ लगाते हैं, तो भारत के टेक्सटाइल, आईटी और फार्मास्युटिकल उद्योगों को नुकसान हो सकता है। क्या ट्रंप का यह फैसला वाकई अमेरिका के हित में होगा या वैश्विक व्यापार के लिए एक नई चुनौती खड़ी करेगा? यह आने वाले समय में साफ होगा।
Read more

22 की उम्र में बनीं IPS, 28 में दिया इस्तीफा: बिहार की ‘लेडी सिंघम’ काम्या मिश्रा की पूरी कहानी

बिहार कैडर की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मात्र 22 साल की उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस बनीं काम्या ने अब 28 वर्ष की उम्र में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले ने न केवल प्रशासनिक हलकों बल्कि आम जनता के बीच भी हलचल मचा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों एक काबिल और लोकप्रिय अधिकारी ने छह साल की सेवा के बाद पुलिस विभाग को अलविदा कह दिया? आइए जानते हैं उनकी पूरी कहानी। शुरुआत से लेकर आईपीएस बनने तक काम्या मिश्रा बिहार के एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहने वाली काम्या ने बेहद कम उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर देश की सबसे कठिन परीक्षा में अपना लोहा मनवाया। 22 साल की उम्र में जब ज्यादातर युवा अपने करियर की दिशा तय कर रहे होते हैं, तब उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में कदम रख लिया था। बिहार कैडर मिलने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दीं। उनकी कार्यशैली, बेबाक अंदाज और निष्पक्ष रवैया लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहा। अपराधियों के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई के चलते लोग उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से बुलाने लगे। पुलिस सेवा में शानदार कार्यकाल काम्या मिश्रा ने बिहार के कई संवेदनशील जिलों में अपनी सेवाएं दीं। अपराध और भ्रष्टाचार पर उनकी कड़ी निगरानी ने उन्हें जनता के बीच खास पहचान दिलाई। महिला सुरक्षा को लेकर किए गए उनके प्रयासों की भी खूब सराहना हुई। उन्होंने कई जिलों में महिला हेल्पलाइन और स्पेशल टास्क फोर्स के जरिए महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने की कोशिश की। उनका नाम तब और ज्यादा चर्चा में आया जब उन्होंने संगठित अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। कई बार उनकी पोस्टिंग राजनीतिक दबाव में भी चर्चा का विषय बनी, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। आखिर क्यों दिया इस्तीफा? काम्या मिश्रा के अचानक इस्तीफे ने सभी को चौंका दिया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने पिछले साल अगस्त में ही इस्तीफा देने का मन बना लिया था और इसकी वजह पारिवारिक कारण बताए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि काम्या मिश्रा प्रशासनिक व्यवस्था से संतुष्ट नहीं थीं और उनकी कार्यशैली को लेकर अक्सर राजनीतिक दबाव बनाया जाता था। हालांकि, उन्होंने खुद अभी तक अपने इस्तीफे की असली वजह सार्वजनिक रूप से नहीं बताई है। लेकिन यह तय है कि बिहार की ‘लेडी सिंघम’ के रूप में मशहूर काम्या मिश्रा का यह फैसला पुलिस सेवा के लिए एक बड़ी क्षति मानी जा रही है। आगे क्या करेंगी काम्या मिश्रा? काम्या मिश्रा के आगे की योजनाओं को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि वे शिक्षा या सामाजिक सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे निजी क्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। बहरहाल, उनकी आगे की राह चाहे जो भी हो, लेकिन काम्या मिश्रा का नाम उन गिने-चुने अधिकारियों में शामिल रहेगा जिन्होंने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी सेवा दी। उनके फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और जनता उनके भविष्य को लेकर उत्सुकता से इंतजार कर रही है। देश हरपल के लिए विशेष रिपोर्ट
Read more

वक्फ संशोधन विधेयक 2025: आज लोकसभा में पेश होगा, NDA के समर्थन के बावजूद विपक्ष हमलावर

नई दिल्ली: लोकसभा में आज वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया जाएगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू प्रश्नकाल के बाद दोपहर 12 बजे इसे सदन में चर्चा के लिए रखेंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस बिल पर 8 घंटे की चर्चा का समय निर्धारित किया है, जिसमें से NDA को 4 घंटे 40 मिनट का समय मिलेगा, जबकि शेष समय विपक्ष को दिया गया है। TDP और JDU का समर्थन, सभी सांसदों को व्हिप जारी विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने समर्थन देने की घोषणा कर दी है। इन दोनों दलों ने अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप भी जारी किया है। TDP और JDU के समर्थन के बाद NDA के पास सदन में विधेयक को पारित कराने की पर्याप्त संख्या बल है। विपक्ष हमलावर, चर्चा का समय बढ़ाने की मांग विपक्ष इस विधेयक के विरोध में एकजुट हो रहा है। मुख्य विपक्षी दलों के अलावा, कुछ तटस्थ मानी जाने वाली पार्टियां भी विरोध में आ गई हैं। इनमें तमिलनाडु की अन्नाद्रमुक (AIADMK), नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (BJD) और के चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (BRS) शामिल हैं। इन दलों ने भी I.N.D.I.A गठबंधन के दलों के साथ मिलकर विधेयक का विरोध करने का फैसला किया है। बिल पर अपनी रणनीति तय करने के लिए बीते दिन I.N.D.I.A ब्लॉक के नेताओं ने संसद भवन में बैठक की। विपक्ष का कहना है कि 8 घंटे का समय पर्याप्त नहीं है, इसलिए उन्होंने चर्चा का समय बढ़ाकर 12 घंटे करने की मांग की है। रिजिजू बोले- समय बढ़ाने पर विचार संभव इस मांग के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस पर विचार कर सकती है। उन्होंने कहा,“देश भी जानना चाहता है कि किस पार्टी का क्या स्टैंड है। अगर विपक्ष को और समय चाहिए, तो हम इस पर विचार कर सकते हैं।” क्या है वक्फ संशोधन विधेयक 2025? वक्फ संपत्तियों से जुड़े प्रावधानों में बदलाव लाने के लिए यह विधेयक लाया जा रहा है। इस विधेयक को लेकर सरकार का कहना है कि इससे वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता बढ़ेगी और विवादों को सुलझाने की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाएगा। हालांकि, विपक्ष को इसमें कई आपत्तियां हैं और वे इसे संप्रदाय विशेष के खिलाफ बताया जा रहा है। क्या होगा आगे? आज लोकसभा में होने वाली चर्चा के दौरान इस पर तीखी बहस होने की संभावना है। जहां NDA के पास इस बिल को पारित कराने के लिए संख्याबल है, वहीं विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बनाने के मूड में है। अगर चर्चा का समय बढ़ाया जाता है, तो विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए और अधिक अवसर मिलेंगे। अब देखना होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच इस पर क्या समझौता होता है और विधेयक किन संशोधनों के साथ पारित होता है। देश हरपल के लिए रिपोर्टिंग 🚩
Read more

2 अप्रैल 2025 (बुधवार) –दैनिक राशिफल

सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल मेष: नौकरी में बदलाव के योग हैं, धैर्य बनाए रखें।वृषभ: व्यापार में सफलता मिलेगी, लेकिन लापरवाही से बचें।मिथुन: पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा, मानसिक शांति मिलेगी।कर्क: अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें, नहीं तो विवाद हो सकता है।सिंह: किसी अनजान व्यक्ति से दोस्ती महंगी पड़ सकती है।कन्या: जीवनसाथी से तालमेल बैठाना जरूरी होगा, रिश्ते को प्राथमिकता दें।तुला: अचानक धन लाभ हो सकता है, शेयर बाजार में निवेश से फायदा मिलेगा।वृश्चिक: विद्यार्थियों के लिए दिन शुभ रहेगा, परीक्षा में सफलता मिलेगी।धनु: छोटी यात्रा लाभदायक होगी, नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं।मकर: पारिवारिक विवादों से दूर रहें, किसी बड़े का आशीर्वाद मिलेगा।कुंभ: प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी, सिंगल लोगों को नया रिश्ता मिल सकता है।मीन: मानसिक तनाव दूर होगा, कोई बड़ा निर्णय लेने का सही समय है
Read more
Travel Pass

Paytm Travel ने किया Travel Pass सब्सक्रिप्शन लॉन्च, जिसमें मुफ्त रद्दीकरण, बीमा, और ₹15,200 तक की सीट बुकिंग छूट शामिल

Paytm Travel Pass: व्यवसायिक यात्रियों और फ्रीक्वेंट फ्लायर्स के लिए एक नई सुविधा भारत की प्रमुख भुगतान और वित्तीय सेवा वितरण कंपनी Paytm (One97 Communications Limited) ने हाल ही में एक नई सेवा, Paytm Travel Pass, लॉन्च की है। यह विशेष रूप से उन यात्रियों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है जो नियमित रूप से यात्रा करते हैं या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उड़ानें भरते हैं। ₹1,299 में उपलब्ध यह सब्सक्रिप्शन-आधारित पास यात्रियों को कई फायदे प्रदान करता है, जिनमें लागत में बचत, यात्रा सुरक्षा, और बदलाव की सुविधा शामिल है। Paytm Travel Pass की विशेषताएँ: Vikash Jalan, CEO – Paytm Travel, ने इस पहल पर कहा:“हमारा उद्देश्य उन यात्रियों को सेवाएँ प्रदान करना है जो अक्सर यात्रा करते हैं और व्यावसायिक यात्रियों के बढ़ते वर्ग को लक्षित कर रहे हैं। Paytm Travel Pass के साथ, यात्रियों को मुफ्त रद्दीकरण, यात्रा बीमा और सीट छूट का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी यात्रा और अधिक सुखद और किफायती बनेगी। यह हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें हम यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए अभिनव समाधान प्रदान कर रहे हैं।” इस नई पेशकश से यात्रियों को न केवल वित्तीय लचीलापन मिलेगा, बल्कि यात्रा की मानसिक शांति भी मिलेगी। Paytm Travel Pass एक ऐसा आदर्श समाधान बनता जा रहा है जो यात्रियों के लिए किफायती, सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करता है।
Read more
Mod. Yunus

चिकन नेक कॉरिडोर पर यूनुस का बयान: ‘हम बांग्लादेश को तोड़कर समंदर तक अपना रास्ता बना सकते हैं…’, पूर्वोत्तर में भड़के विरोध के स्वर

नई दिल्ली। बांग्लादेश के नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के एक बयान ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है। यूनुस ने कथित तौर पर कहा कि अगर बांग्लादेश भारत के खिलाफ खड़ा हो जाए, तो वह समुद्र तक अपना रास्ता बना सकता है। यह टिप्पणी भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम चिकन नेक कॉरिडोर को लेकर की गई, जिसे देश के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ने वाली पतली ज़मीन की पट्टी माना जाता है। यूनुस का विवादित बयान और पृष्ठभूमि खबरों के मुताबिक, मोहम्मद यूनुस हाल ही में चीन की यात्रा पर थे, जहां उन्होंने कथित तौर पर बांग्लादेश को चीन के साथ मजबूत आर्थिक साझेदारी की जरूरत बताई। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश एक लैंडलॉक्ड (चारों ओर से भूमि से घिरा) देश नहीं है और अगर वह भारत से टकराने को तैयार हो, तो समुद्र तक अपनी पहुंच बना सकता है। यूनुस के इस बयान के बाद पूर्वोत्तर भारत के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई नेताओं और संगठनों ने इसे भारत की अखंडता के खिलाफ खुली धमकी बताया है। क्या है चिकन नेक कॉरिडोर? चिकन नेक या सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के लिए एक अत्यंत संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्र है। यह सिर्फ 22 किलोमीटर चौड़ी भूमि पट्टी है, जो देश के पूर्वोत्तर राज्यों को बाकी भारत से जोड़ती है। चीन और बांग्लादेश की सीमा के बेहद करीब स्थित इस क्षेत्र को रणनीतिक और सैन्य दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है। यदि इस क्षेत्र पर किसी तरह का बाहरी खतरा उत्पन्न होता है, तो पूर्वोत्तर राज्यों का भारत से संपर्क कट सकता है। पूर्वोत्तर में भड़का गुस्सा यूनुस के बयान के बाद असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया है। असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के नेताओं ने इस बयान को पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा के खिलाफ गंभीर खतरा बताया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा,“भारत का कोई भी हिस्सा, खासकर पूर्वोत्तर, बाहरी ताकतों के लिए कभी कमजोर नहीं रहा। हम अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और कोई भी व्यक्ति या देश हमारी संप्रभुता को चुनौती नहीं दे सकता।” इसके अलावा, कई राष्ट्रवादी संगठनों और छात्र संघों ने भी यूनुस के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारत की सुरक्षा पर असर? विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बांग्लादेश के भीतर ऐसी भावनाएं पनपती हैं, तो यह भारत-बांग्लादेश संबंधों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, भारत और बांग्लादेश के रिश्ते अभी तक सकारात्मक रहे हैं और दोनों देशों के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध मजबूत हैं। लेकिन इस तरह की बयानबाजी से पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है। बांग्लादेश सरकार की प्रतिक्रिया अब तक बांग्लादेश सरकार की ओर से यूनुस के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, बांग्लादेश के कई राजनीतिक विशेषज्ञों ने इस बयान को व्यक्तिगत विचार बताते हुए कहा कि यह सरकारी नीति का प्रतिनिधित्व नहीं करता। निष्कर्ष मोहम्मद यूनुस का यह बयान भारत के लिए सिर्फ एक राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि एक रणनीतिक चेतावनी भी है। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर पहले से ही संवेदनशील माहौल में ऐसे बयान आग में घी डालने का काम कर सकते हैं। अब देखना होगा कि भारत सरकार और पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा एजेंसियां इस मामले पर क्या कदम उठाती हैं।
Read more

BREAKING NEWS:वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में कल 12 बजे होगी चर्चा: सरकार और विपक्ष आमने-सामने, बड़ा सियासी संग्राम तय

नई दिल्ली: वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन से जुड़े वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। यह विधेयक कल दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा, जिस पर 8 घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है। हालांकि, विपक्ष ने इस चर्चा को 12 घंटे तक बढ़ाने की मांग की है, जिससे यह साफ हो गया है कि इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा टकराव हो सकता है। क्या है वक्फ संशोधन विधेयक? वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन भारत में वक्फ अधिनियम, 1995 के तहत किया जाता है। वक्फ बोर्ड मुस्लिम समुदाय की धार्मिक और सामाजिक संपत्तियों को नियंत्रित करता है। हालांकि, समय-समय पर इस अधिनियम को लेकर विवाद होते रहे हैं। नए संशोधन में क्या बदलाव किए जा रहे हैं? विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध इस विधेयक को लेकर विपक्ष ने तीखा विरोध जताया है। समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे समुदाय के खिलाफ बताया और कहा,“सरकार बिना सभी पक्षों को सुने यह विधेयक लाना चाहती है, जो पूरी तरह अनुचित है। यह मुसलमानों की धार्मिक और सामाजिक संपत्तियों पर हमला है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और पूरी ताकत से इसका विरोध करेंगे।” कांग्रेस, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने भी विधेयक पर चर्चा का समय बढ़ाने की मांग की है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा,“यह कानून देश के लाखों लोगों को प्रभावित करेगा, इसलिए इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। केवल 8 घंटे की चर्चा काफी नहीं है।” योगी आदित्यनाथ का समर्थन, कहा- बदलाव समय की मांग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विधेयक का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा,“देश में वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग बहुत ज़रूरी है। यह संशोधन पारदर्शिता लाने और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए किया जा रहा है।” योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि,“वक्फ संपत्तियों को लेकर वर्षों से विवाद और अनियमितताएं रही हैं। अगर कोई बदलाव किया जा रहा है, तो वह राष्ट्रहित और समाजहित में है।” विधेयक के समर्थक और विरोधी कौन? इस विधेयक को लेकर दो खेमे बन चुके हैं।✅ समर्थक (BJP, JDU, AIADMK) – इन दलों का कहना है कि यह विधेयक संपत्तियों का सही प्रबंधन सुनिश्चित करेगा और भ्रष्टाचार को रोकेगा।❌ विरोधी (SP, Congress, TMC, AIMIM, Left) – विपक्षी दलों का मानना है कि सरकार इस कानून के ज़रिए वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करना चाहती है और अल्पसंख्यकों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही है। अब आगे क्या होगा? निष्कर्ष: वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर संसद में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल सकता है। सरकार इसे भ्रष्टाचार रोकने वाला कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ साजिश करार दे रहा है। कल संसद में होने वाली बहस के बाद ही यह तय होगा कि यह विधेयक पास होगा या नहीं।
Read more

क्या राणा सांगा ने बाबर को भारत आने का निमंत्रण दिया था? इतिहासकारों की राय और प्रमाण

देश हरपल एक्सक्लूसिव मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर का भारत आगमन इतिहास के सबसे चर्चित विषयों में से एक है। एक लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि क्या मेवाड़ के राजा राणा सांगा ने वास्तव में बाबर को भारत पर आक्रमण करने के लिए आमंत्रित किया था या नहीं। इस सवाल का जवाब खोजने के लिए हमने कई प्रामाणिक ऐतिहासिक स्रोतों और इतिहासकारों की राय को खंगाला। क्या था ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य? 16वीं शताब्दी के प्रारंभ में उत्तर भारत छोटे-छोटे राज्यों में बंटा हुआ था। दिल्ली की सत्ता लोदी वंश के हाथों में थी, लेकिन सुल्तान इब्राहिम लोदी के खिलाफ कई विरोधी शासक थे, जिनमें राणा सांगा प्रमुख थे। दूसरी ओर, बाबर मध्य एशिया का एक शक्तिशाली शासक था, जिसने समरकंद और काबुल पर शासन किया था और उसकी नजरें हिंदुस्तान पर थीं। इतिहासकारों की राय और प्रमुख ग्रंथों का उल्लेख खानवा की लड़ाई: विश्वासघात या गलतफहमी? निष्कर्ष इतिहासकारों और प्रामाणिक ग्रंथों के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि राणा सांगा ने बाबर को भारत आने का कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया था। हां, इब्राहिम लोदी के खिलाफ एक अनकहा गठबंधन जरूर था, लेकिन बाबर ने भारत पर अपने हितों के कारण आक्रमण किया था, न कि राणा सांगा के निमंत्रण पर। बाद में जब राणा सांगा को एहसास हुआ कि बाबर वापस नहीं जाने वाला, तो उन्होंने उसके खिलाफ युद्ध किया। (लेखक: देश हरपल न्यूज़ डेस्क)
Read more

1 अप्रैल 2025 (मंगलवार) – दैनिक राशिफल

सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल मेष: मजाक-मस्ती के चक्कर में कोई बड़ा काम हाथ से निकल सकता है।वृषभ: कार्यस्थल पर कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है।मिथुन: किसी से झूठ न बोलें, वरना मुश्किल में पड़ सकते हैं।कर्क: पैसों के लेन-देन में सतर्क रहें, फालतू खर्चों पर नियंत्रण रखें।सिंह: मन प्रसन्न रहेगा, रुके हुए काम पूरे होंगे।कन्या: करियर में नए अवसर मिल सकते हैं, समय का सही उपयोग करें।तुला: कोई बड़ा निर्णय लेने से पहले अनुभवी व्यक्ति से सलाह लें।वृश्चिक: पुराने निवेश से लाभ मिलेगा, लेकिन स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें।धनु: पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी, आत्मविश्वास बढ़ेगा।मकर: ऑफिस में प्रशंसा मिलेगी, लेकिन सहकर्मियों से विवाद न करें।कुंभ: सेहत को लेकर लापरवाही न करें, खानपान पर ध्यान दें।मीन: आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी, किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं।
Read more
1 … 32 33 34 35 36

Trending News

Editor's Picks

किरेन रिजिजू का आरोप- भारत में भी हिंसा भड़काने की रची गई थी साजिश, बोले- सत्ता परिवर्तन सिर्फ चुनाव से होगा

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया है कि फ्रांस और बांग्लादेश में हुई हिंसक घटनाओं जैसी साजिश भारत में भी रची गई थी। उन्होंने दावा किया कि कुछ नेताओं ने युवाओं को भड़काकर सड़कों पर हिंसा फैलाने की कोशिश की। रिजिजू ने कहा कि ऐसी साजिश रचने वाले यह भूल गए कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव के जरिए ही हो सकता है, किसी बाहरी ताकत के माध्यम से नहीं। राहुल गांधी और नेहा बोरा का वीडियो किया शेयर किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करने के साथ एक वीडियो भी साझा किया। इस वीडियो में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और नेहा बोरा को दिखाया गया है। दरअसल, 14 अक्टूबर को नेहा बोरा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों के समर्थन में बोलती दिखाई दी थीं। रिजिजू ने इसी संदर्भ में वीडियो साझा करते हुए भारत में हिंसा भड़काने की कथित कोशिशों का आरोप लगाया। बोले- सत्ता परिवर्तन चुनाव से, सोरोस के जरिए नहीं रिजिजू ने अपने बयान में कहा कि भारत में सरकार बदलने का अधिकार जनता के पास है और यह प्रक्रिया चुनावों के माध्यम से पूरी होती है। उन्होंने कहा, “भारत में सत्ता परिवर्तन बिल्कुल हो सकता है, लेकिन केवल चुनावों के जरिए, सोरोस के जरिए नहीं।” केंद्रीय मंत्री के बयान में विदेशी प्रभाव और देश में कथित तौर पर युवाओं को भड़काने की कोशिशों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, भारत में ऐसी किसी साजिश के आरोपों के समर्थन में इस बयान के साथ कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।

ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास भीषण हादसा, ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला; 15 की मौत, 26 घायल

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार देर रात शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं पर तेज रफ्तार ट्रक चढ़ गया। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मियों समेत 26 लोग घायल हुए हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ढलान पर बेकाबू हुआ धान से भरा ट्रक हादसा देर रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर ढलान के पास हुआ। श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के लिए सड़क किनारे कतार में खड़े थे। इसी दौरान चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक ढलान पर बेकाबू हो गया। बताया गया कि ट्रक करीब 90 डिग्री के तीखे ढलान से नीचे उतर रहा था। इस दौरान वह पुलिस चेकपोस्ट को तोड़ते हुए श्रद्धालुओं को कुचलता चला गया। इसके बाद ट्रक मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकरा गया, जिससे दीवार ढह गई। हादसे में कई लोग मलबे में दब गए। ड्राइवर ने बताया- ब्रेक फेल हो गए थे प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ट्रक चालक गूगल मैप की मदद से रास्ते पर आगे बढ़ रहा था। हादसे के बाद चालक ने पुलिस को बताया कि ट्रक के ब्रेक फेल हो गए थे। हालांकि, दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप हादसे के बाद मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। घटना में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मामले में ट्रक चालक और ट्रक मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। सिटी एसपी हटाए गए, 8 अफसर-पुलिसकर्मी सस्पेंड हादसे के बाद सरकार ने ग्वालियर के सिटी एसपी को हटा दिया है। इसके अलावा आठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। निलंबित किए गए लोगों में चार थाना प्रभारी (टीआई) भी शामिल हैं। फिलहाल हादसे की जांच जारी है। दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिवारों में शोक का माहौल है, जबकि घायल अस्पताल में उपचार करा रहे हैं।
Breast Cancer Alert: 30 और 35 साल की महिलाओं ने गांठ को समझा सामान्य, इलाज के बाद मां बनने की उम्मीद

Breast Cancer Alert: 30 और 35 साल की महिलाओं ने गांठ को समझा सामान्य, इलाज के बाद मां बनने की उम्मीद

कम उम्र में ब्रेस्ट कैंसर का पता चलना कई महिलाओं के लिए बड़ा झटका हो सकता है। 30 और 35 साल की महिलाओं से जुड़ी इन घटनाओं में गांठ को सामान्य समझने की बात सामने आई है। हालांकि, इन दोनों महिलाओं की व्यक्तिगत मेडिकल जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसलिए उनके इलाज और आगे की स्थिति के बारे में पक्के दावे करना सही नहीं होगा। डॉक्टरों के मुताबिक, स्तन में होने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन किसी भी नई गांठ या असामान्य बदलाव की जांच कराना जरूरी है। खासकर तब, जब गांठ बनी रहे या स्तन की त्वचा, आकार अथवा निप्पल में बदलाव दिखाई दे। Alcohol और Smoking से कैसे बढ़ सकता है खतरा? शराब का सेवन ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है। शोध में यह भी संकेत मिले हैं कि धूम्रपान कई प्रकार के कैंसर का कारण बनता है और ब्रेस्ट कैंसर के साथ इसके संबंध पर भी अध्ययन जारी हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति को कैंसर होने के पीछे केवल एक ही कारण हो, यह जरूरी नहीं है। उम्र, पारिवारिक इतिहास, आनुवंशिक बदलाव और दूसरे स्वास्थ्य संबंधी कारक भी भूमिका निभाते हैं। <Cite refs={[“turn391271search0″,”turn391271search1″,”turn687346search1”]}/> क्या ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के बाद मां बन सकती हैं महिलाएं? ब्रेस्ट कैंसर का इलाज कराने के बाद भी कुछ महिलाओं के लिए गर्भधारण करना संभव होता है। हालांकि, यह कैंसर के प्रकार, उसकी अवस्था और इलाज में इस्तेमाल की गई दवाओं पर निर्भर करता है। कीमोथेरेपी और कुछ हार्मोनल उपचार प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए जिन महिलाओं को भविष्य में मां बनना है, उन्हें इलाज शुरू करने से पहले अपने कैंसर विशेषज्ञ और फर्टिलिटी विशेषज्ञ से विकल्पों पर चर्चा करनी चाहिए। जरूरत के अनुसार एग फ्रीजिंग या एम्ब्रियो फ्रीजिंग जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। <Cite refs={[“turn391271search2″,”turn687346search2”]}/> ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों को न करें नजरअंदाज स्तन में नई गांठ, बगल में सूजन, त्वचा में बदलाव, निप्पल का अंदर की ओर खिंचना या असामान्य स्राव जैसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जांच कराएं। इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन जांच में देरी नहीं करनी चाहिए।
भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से आक्रोश:पिता बोले- बेटी को बचा नहीं सके, आरोपी को हमारे हवाले कर दो

भोपाल में 12 साल की बच्ची की हत्या से आक्रोश:पिता बोले- बेटी को बचा नहीं सके, आरोपी को हमारे हवाले कर दो

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ इलाके में 12 साल की बच्ची की हत्या के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। बेटी को खोने के गम में परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, स्थानीय लोगों ने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। बच्ची के पिता का दर्द उनके शब्दों में साफ झलक रहा है। उन्होंने कहा कि वे अपनी बेटी को बचा नहीं सके। अब परिवार आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहता है। खंडहर में मिला बच्ची का शव यह घटना भोपाल के बैरागढ़ इलाके की है। 15 अक्टूबर की रात बच्ची घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिवार ने उसकी तलाश की और पुलिस को सूचना दी। 16 अक्टूबर की सुबह कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे एक पुराने खंडहरनुमा भवन में बच्ची का शव मिला। घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में शोक और गुस्से का माहौल बन गया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए। जांच के आधार पर एक 23 वर्षीय संदिग्ध को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी की खबर भी सामने आई। थाने के बाहर प्रदर्शन, आरोपी को सौंपने की मांग बच्ची की मौत की खबर फैलने के बाद परिजन और स्थानीय लोग बैरागढ़ थाने के बाहर जुट गए। लोगों ने आरोपी को उनके हवाले करने या उसे कड़ी सजा देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने थाने में घुसने की कोशिश भी की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात किया। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। परिवार और स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की गंभीरता से जांच हो और दोषी को कानून के तहत सख्त सजा मिले। पुलिस जांच में जुटी, कार्रवाई पर सबकी नजर पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। बच्ची की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर होना जरूरी है। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है। अब उनकी उम्मीद है कि जांच जल्द पूरी हो और उन्हें न्याय मिले। नोट: आरोपी के खिलाफ आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अदालत के अंतिम फैसले से पहले सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
Imran Khan News: भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर, OCI Card रद्द करने पर मांगा गया जवाब

Imran Khan News: भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर, OCI Card रद्द करने पर मांगा गया जवाब

नई दिल्ली: अभिनेता Imran Khan ने भारत छोड़ने के नोटिस को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने इस नोटिस को गैरकानूनी बताया है। यह मामला उनके Overseas Citizen of India (OCI) कार्ड को रद्द करने की प्रक्रिया से भी जुड़ा है। अधिकारियों की ओर से इस संबंध में अभिनेता से जवाब मांगा गया है। क्या है पूरा मामला? इमरान खान को भारत छोड़ने से संबंधित नोटिस जारी किया गया है। अभिनेता ने इस नोटिस पर आपत्ति जताते हुए इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका कहना है कि यह नोटिस गैरकानूनी है। इस मामले में उनके OCI कार्ड को रद्द करने को लेकर भी सवाल उठे हैं। संबंधित अधिकारियों ने इस संबंध में उनसे जवाब मांगा है। अब इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। क्या होता है OCI Card? OCI यानी Overseas Citizen of India कार्ड भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को भारत में रहने और कई सुविधाओं का लाभ लेने के लिए दिया जाता है। हालांकि, यह भारतीय नागरिकता नहीं है। कुछ कानूनी परिस्थितियों में OCI कार्ड रद्द भी किया जा सकता है। आगे क्या होगा? इमरान खान की याचिका पर हाईकोर्ट में होने वाली कार्यवाही से इस मामले की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, अभिनेता ने नोटिस को चुनौती दी है और OCI कार्ड रद्द करने से जुड़े मामले में जवाब मांगे जाने का मुद्दा भी सामने है। इस मामले में अदालत का रुख और संबंधित अधिकारियों की अगली कार्रवाई अहम होगी।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.