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Daily Horoscope:8 अप्रैल 2025 (मंगलवार)

मेष: आज का दिन ऊर्जा से भरपूर रहेगा। साहसिक निर्णय लेंगे।वृषभ: धन संबंधित मामलों में सतर्क रहें। भावनाओं में बहकर निर्णय न लें।मिथुन: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन मिल सकता है। व्यापार में नए सौदे होंगे।कर्क: घरेलू कार्यों में व्यस्तता रहेगी। माता-पिता का आशीर्वाद मिलेगा।सिंह: आज आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। नेतृत्व क्षमता निखरेगी।कन्या: स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। खानपान में सावधानी बरतें।तुला: दोस्तों के साथ समय बिताएंगे। पुराने रिश्ते फिर जुड़ सकते हैं।वृश्चिक: कामकाज में स्थिरता आएगी। अधिकारी वर्ग से सहयोग मिलेगा।धनु: यात्रा से लाभ होगा। छात्रों को सफलता मिलेगी।मकर: जीवनसाथी के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें।कुंभ: नए संपर्क लाभकारी रहेंगे। सामाजिक मान-सम्मान मिलेगा।मीन: आज कोई नया विचार आएगा। क्रिएटिव कार्यों में मन लगेगा।
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जबलपुर: भगवान श्रीराम पर अभद्र टिप्पणी करने वाला स्कूल संचालक अखिलेश मेबन केरल से गिरफ्तार, भारी सुरक्षा में लाया गया जबलपुर

देश हरपल संवाददाता | 7 अप्रैल 2025 भगवान श्रीराम के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वाले स्कूल संचालक अखिलेश मेबन को जबलपुर पुलिस ने केरल के कोच्चि एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को उसे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच जबलपुर लाया गया। वर्तमान में उसे पुलिस कंट्रोल रूम में कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे और हर स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए थे। 📍क्या है पूरा मामला? अखिलेश मेबन जबलपुर में ‘जॉय स्कूल’ नाम से एक निजी शिक्षण संस्थान का संचालन करता था। हाल ही में उसने सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का प्रयोग करते हुए टिप्पणी की थी। इस पोस्ट के वायरल होते ही जबलपुर और आसपास के इलाकों में जन आक्रोश फूट पड़ा। विभिन्न हिन्दू संगठनों और आम नागरिकों ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी । 🚓 फरार होने के बाद के घटनाक्रम सूत्रों के मुताबिक, जब इस पूरे मामले में पुलिस ने जांच शुरू की, तो अखिलेश मेबन जबलपुर से फरार हो गया था। प्रारंभिक जानकारी में पता चला कि वह उमरिया जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बांधवगढ़ में स्थित एक रिसॉर्ट में छिपा हुआ था। जब पुलिस की टीम वहां पहुँची, तब तक वह वहाँ से निकल चुका था। इसके बाद लोकेशन ट्रेस करते हुए पता चला कि वह केरल भाग गया है। ✈️ कोच्चि एयरपोर्ट से दबोचा गया मध्य प्रदेश पुलिस ने केरल पुलिस की सहायता से ऑपरेशन को अंजाम दिया और कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अखिलेश को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच फ्लाइट से जबलपुर लाया गया, जहाँ अब उसे पुलिस कंट्रोल रूम में रखा गया है। 🔐 पुलिस की अगली कार्यवाही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में देश की धार्मिक भावनाओं को आहत करने, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और साइबर अपराध की धाराओं के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी। पुलिस साइबर सेल के जरिए यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह टिप्पणी किसी प्रोपेगेंडा का हिस्सा तो नहीं थी। 🗣️ जनता और हिन्दू संगठनों की प्रतिक्रिया इस गिरफ्तारी से जनता में संतोष का माहौल है, वहीं हिन्दू संगठनों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना की है। लेकिन साथ ही यह मांग भी की है कि आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
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Petrol – Diesel  पर 2 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ी, आम जनता की जेब पर फिर पड़ेगा असर

नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2025 | देश हरपल ब्यूरो Government Increased Excise Duty: सरकार ने सोमवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीज़ल पर एक्साइज ड्यूटी मेंआज रात 12 बजे से 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। यह फैसला आज रात 12 बजे से ही लागू हो जायेगा, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। सरकार के इस कदम को आर्थिक राजस्व बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन इससे महंगाई की मार झेल रही जनता पर और बोझ बढ़ेगा। क्या है फैसला?वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, अब पेट्रोल और डीज़ल दोनों पर बेसिक एक्साइज ड्यूटी 2 रुपये बढ़ाकर लागू की गई है। भारत में वर्तमान में पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइस करीब 32 रुपये है. इस पर केंद्र सरकार 33 रुपये एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है और बाद में अलग-अलग राज्य सरकारें अपने-अपने हिसाब से वैट और सेस वसूलती हैं, जिससे डीजल और पेट्रोल के दाम तीन गुना तक बढ़ जाते हैं. क्यों बढ़ाई गई ड्यूटी?सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम केंद्र सरकार द्वारा राजस्व में वृद्धि के प्रयासों के तहत उठाया गया है। हाल ही में सरकार की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ा है, खासकर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी खर्चों को देखते हुए। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव का असर भारत पर पड़ा है। जनता की प्रतिक्रियादिल्ली, मुंबई, पटना, भोपाल जैसे शहरों में लोगों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। एक ऑटो चालक ने “देश हरपल” से बातचीत में कहा, “कमाई पहले ही कम हो रही है, अब पेट्रोल और डीज़ल की कीमत बढ़ने से रोज़ाना का खर्चा और बढ़ जाएगा। सरकार को आम लोगों की स्थिति समझनी चाहिए।“ विशेषज्ञों की रायआर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि यह कदम अल्पकालिक राजस्व वृद्धि तो देगा, लेकिन इससे महंगाई दर में और उछाल आने की संभावना है। परिवहन लागत बढ़ने से फल-सब्ज़ी, अनाज, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं। राजनीतिक हलचलविपक्षी दलों ने इस बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार चुनावी वादों को भूल चुकी है और अब सिर्फ टैक्स वसूली के जरिए आम आदमी को दबा रही है। निष्कर्ष:एक्साइज ड्यूटी में इस बढ़ोतरी से जहां सरकार को तात्कालिक लाभ मिलेगा, वहीं इसका सीधा असर आम जनता की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में महंगाई और सार्वजनिक प्रतिक्रिया इस फैसले की वास्तविक कीमत तय करेंगे।
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इंडियन आइडल 15 की विनर बनी मंशी घोष, जीते 15 लाख रुपये और चमचमाती ट्रॉफी

– “देश हरपल” विशेष रिपोर्ट लोकप्रिय सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल सीजन 15 को उसका विनर मिल गया है। इस सीज़न की ट्रॉफी जीतने वालीं प्रतिभाशाली गायिका मंशी घोष ने अपने बेहतरीन परफॉर्मेंस और दमदार आवाज़ से न सिर्फ जजों का, बल्कि करोड़ों दर्शकों का दिल जीत लिया। मंशी को विनर घोषित किए जाने पर उन्हें एक ट्रॉफी के साथ-साथ 15 लाख रुपये का इनाम भी दिया गया। 🎤 मंशी घोष का सफर पश्चिम बंगाल से आने वाली मंशी घोष की संगीत यात्रा संघर्षों से भरी रही, लेकिन उनकी मेहनत, लगन और समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया। शो के दौरान उनकी आवाज़ में जो भावनाएं और गहराई थी, उसने हर प्रस्तुति को यादगार बना दिया। चाहे क्लासिकल हो या बॉलीवुड, मंशी ने हर शैली में खुद को साबित किया। 🏆 फिनाले की रात इंडियन आइडल 15 का ग्रैंड फिनाले बेहद शानदार रहा, जिसमें छह फाइनलिस्ट्स के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। मंशी घोष को फिनाले के बाद जब विनर घोषित किया गया, तो पूरे मंच पर जश्न का माहौल था। 👨‍⚖️ निर्णायक मंडल इस सीज़न में जजों की भूमिका में तीन बड़े नाम रहे – श्रेया घोषाल, बादशाह और विशाल ददलानी। शो को होस्ट किया अभिनेता और गायक आदित्य नारायण ने। सभी जजों ने मंशी की प्रतिभा की खुले दिल से तारीफ की और उन्हें एक उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। 💬 मंशी ने क्या कहा? विजेता बनने के बाद मंशी ने कहा – “यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा पल है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इंडियन आइडल जीतूंगी। यह मेरे माता-पिता, गुरुजनों और उन सभी दर्शकों की जीत है जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया।” 📺 शो की लोकप्रियता इंडियन आइडल 15 को दर्शकों से ज़बरदस्त प्यार मिला। हर हफ्ते इसके एपिसोड्स ने टीआरपी लिस्ट में टॉप पोजीशन बनाई रखी। शो के कंटेस्टेंट्स की विविधता और उनकी आवाज़ों ने पूरे देश को जोड़कर रखा। “देश हरपल” की तरफ से मंशी घोष को ढेरों बधाइयाँ! संगीत के इस नए सितारे से देश को बहुत उम्मीदें हैं। मंशी जैसी प्रतिभाएं भारतीय माटी की पहचान हैं, जो अपने हुनर से विश्व पटल पर भारत का नाम रोशन करने में सक्षम हैं। Desh Harpal – देश के हर पल से जुड़ी खबरें
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Daily Horoscope :7 अप्रैल 2025 (सोमवार)दैनिक राशिफल

मेष: आज कार्य में तेजी आएगी। कोई रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।वृषभ: किसी नजदीकी व्यक्ति से मतभेद हो सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें।मिथुन: नौकरी में तरक्की के योग हैं। मान-सम्मान बढ़ेगा।कर्क: कार्यक्षेत्र में नया अवसर मिलेगा। यात्रा से लाभ संभव है।सिंह: मन अशांत रह सकता है। किसी पुरानी बात को लेकर तनाव हो सकता है।कन्या: प्रेम संबंधों में सुधार होगा। व्यवसाय में लाभ मिलेगा।तुला: परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। धन लाभ के संकेत हैं।वृश्चिक: कामकाज में व्यस्तता रहेगी। कोई नया कार्य शुरू कर सकते हैं।धनु: शिक्षा व प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। दोस्तों से सहयोग मिलेगा।मकर: आज निवेश सोच-समझकर करें। घर में मेहमान आ सकते हैं।कुंभ: भाग्य का साथ मिलेगा। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है।मीन: वाहन चलाते समय सावधानी रखें। अनावश्यक वाद-विवाद से बचें।
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भाजपा का समर्थ भारत निर्माण में अतुलनीय योगदान

सत्येंद्र जैन ,स्तंभकार विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा ने स्थापना के 46 वे वर्ष में प्रवेश किया है।भाजपा के संस्थापक अटल बिहारी वाजपेयी,लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी,कुशा भाऊ ठाकरे, राजमाता विजयाराजे सिंधिया,सुन्दरलाल पटवा,प्यारेलाल खण्डेलवाल आदि नेताओं ने 1980 में पार्टी स्थापना के समय यह कल्पना भी नहीं की होगी कि इतने कम समय में ही भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का गौरव अर्जित कर लेगी।1984 में भाजपा की यात्रा मात्र 2 लोकसभा सीट से प्रारम्भ होकर वर्ष 2019 में 303 सीट तक पहुँची है।वर्तमान में भाजपा के 240 सांसद हैं। भाजपा चार दशकों की यात्रा में ही भारतीय राजनीति में शून्य से चलकर शिखर पर आरोहित हो गई है।विश्व की सर्वोच्च राजनीतिक पार्टी बन गई है। वर्तमान में भाजपा के लगभग 13 करोड़ से अधिक सदस्य हैं। मध्यप्रदेश भाजपा ने पौने दो करोड़ सदस्य बना कर देश में अग्रणी भूमिका निभा कर कीर्तिमान स्थापित किया है।भाजपा का शिखर पर आरोहण सामान्य बात नहीं है ।यह अतुलनीय विलक्षण उपलब्धि है। यह उपलब्धि भाजपा की भारतीय मूल्यों ,पंच निष्ठाओं एवं एकात्म मानववाद के सिद्धांत को आत्मरूप आधार मानकर ही हुई है।भाजपा के संविधान में भी एकात्म मानववाद और पंच निष्ठाओं को आधारभूत तत्व माना गया है ।जो भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रीय मूल्यों को संवर्धित करते हैं।विचार परिवार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से राष्ट्र निर्माण के मंत्र,दिशा निर्देश सतत प्राप्त होने से उत्कृष्टता के पथ पर अग्रसर है।भाजपा ने अनेक संकल्प भारतीय जनसंघ की स्थापना के समय से ही अपने संकल्प पत्र, घोषणापत्र में सम्मिलित किए हैं।जम्मू कश्मीर में धारा 370 को निष्प्रभावी करना,अयोध्या में दिव्य,भव्य,नव्य राम मंदिर का निर्माण करना,समान नागरिक संहिता को लागू करना जैसे संकल्पों को सदैव घोषणापत्र में सम्मिलित किया है।उत्तराखंड में यूनीफॉर्म सिविल कोड लागू कर दिया गया है।अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति,पिछड़े वर्ग के साथ सामान्य निर्धन वर्ग को भी अब आरक्षण मिल रहा है।नारी शक्ति वंदन अधिनियम द्वारा देश की महिलाओं को राजनैतिक क्षेत्र लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण कार्य भाजपा ने किया है।भाजपा ने गौरवशाली,वैभवशाली,समृद्धशाली, शक्तिशाली,समर्थ भारत निर्माण के रोड मेप को जनता के समक्ष प्रस्तुत किया है।शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग, रक्षा,विनिर्माण आदि क्षेत्रों में स्व तत्व की प्रधानता को महत्व दिया है। मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि आगामी शताब्दी में भी भाजपा का भविष्य उज्जवल रहेगा। भाजपा की सतत उन्नति की यह यात्रा महा विजय की यात्रा सिद्ध होगी। वर्तमान भाजपा की सफलता चार पीढ़ियों के सतत,अथक परिश्रम से ही संभव हुई है।भाजपा को विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनाने का कीर्तिमान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री, तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को जाता है ।अमित शाह ने राष्ट्र व्यापी सदस्यता अभियान चला कर,चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को सदस्य संख्या में पछाड़ दिया। 11 करोड़ सदस्य बनाकर संसार की सर्वोच्च पार्टी बनाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में सदस्यता अभियान को गति दी गई है।आज विश्व के 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भारतीय जनता पार्टी के संगठन विस्तार की सफलता का अध्ययन करने के लिए भारत आ चुके हैं।राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से भेंट कर चुके हैं।मध्य प्रदेश में प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा से एवं अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष से भेंट कर चुके हैं।भाजपा की अप्रतिम सफलता से कार्यकर्ताओं, प्रतिनिधियों को गौरव बोध होता है।उनके दल की संरचना को समझने के लिए विश्व के देशों से प्रतिनिधि आ रहे हैं हैं ।दूसरे शब्दों में कहें कि भाजपा की संगठन रचना,भागीरथी परिश्रम की विपुल सफ़लता से हमारे राष्ट्र भारतवर्ष का विश्व में सम्मान बढ़ रहा है।यह हम सभी 140 करोड़ भारतीयों के लिए स्वाभिमान का विषय है। वर्तमान में राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने विश्व के 20 से अधिक देश जैसे अमेरिका,ऑस्ट्रेलिया जापान,जर्मनी,फ्रांस,ब्रिटेन आदि देशों के राजनीतिक दलों को भारतीय लोकतंत्र के उत्सव लोकसभा चुनाव 2024 को निकटता से देखने के लिए निमंत्रित भी किया था।यह अनूठी एवं सराहनीय पहल है। स्वतंत्रता के चौसठ वर्षों के बाद भाजपा की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की पूर्ण बहुमत की सरकार लगातार तीन बार से केंद्र में बनी है ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुयोग्य नेतृत्व में भारत का,भारत के लोगों का सर्वांगीण उत्थान हो रहा है।देश के 21 राज्यों – केंद्र शासित प्रदेशों में भाजपा एवं सहयोगी दलों की सरकारें हैं।देश भर में एक हजार तीन सौ से अधिक कार्यालयों का निर्माण हो रहा है।पाँच सौ से अधिक कार्यालय निर्मित होकर सुचारु रूप में प्रारंभ हो चुके हैं। मध्यप्रदेश में भाजपा की संरचना पर प्रकाश डालेंगे तो पाते हैं कि वर्तमान में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा एवं संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की त्रिदेव रूपी त्रिवेणी, ट्रिनिटी के चमत्कारी नेतृत्व में प्रदेश भाजपा इकाई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।लोकसभा चुनाव में सभी 29 सीट जीत कर कांग्रेस को शून्य पर ला दिया है।वोट शेयर भी लगभग 59 प्रतिशत अर्जित कर कीर्तिमान रचा है।वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पाँचवीं बार भाजपा की सरकार बनी है।163 विधायक विजयी हुए हैं। वोट शेयर भी बढ़कर लगभग 49 प्रतिशत हुआ है।प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा पुनः शुभंकर सिद्ध हुए हैं ।लगभग 64000 से अधिक बूथ्स का डिजिटलाइजेशन एवं लाख कार्यकर्ताओं का कैलाश पर्वत बूथ स्तर पर अपना कार्य कर रहा है।बूथ विजय संकल्प को सार्थक कर रहा है।अनेक अवसर पर विष्णु दत्त शर्मा के भागीरथी परिश्रम, बूथ डिजिटलाइजेशन के कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने मुक्त कंठ से की है।देश के समस्त राज्य की इकाइयों को मध्यप्रदेश के संगठन से सीखने का आह्वान किया गया है।सदस्यता अभियान के संगठन महापर्व में मध्य प्रदेश का भाजपा संगठन अग्रणी है।विगत चुनाव में अभूतपूर्व सफलता भाजपा के संगठन कौशल,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार और मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव की सरकार के द्वारा चलाई जा रही सैकड़ों योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन के परिणाम स्वरुप ही संभव हो पायी है।भविष्य के गौरवशाली,वैभवशाली,समृद्धशाली, शक्तिशाली,समर्थ भारत निर्माण में भाजपा का अतुलनीय योगदान है।
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Conocarpus tree Harmful Effects-भोपाल स्मार्ट सिटी पार्क में लगा ‘खतरनाक’ कॉनोकर्पस पेड़! इंसानी सेहत और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा, तीन राज्यों में पहले ही लग चुका है बैन

भोपाल, देश हरपल।राजधानी भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित स्मार्ट सिटी पार्क में लगे पेड़ अब विवाद का कारण बनते जा रहे हैं। यहां बड़े पैमाने पर लगाए गए कॉनोकर्पस (Conocarpus) नामक पेड़ को लेकर विशेषज्ञों ने गंभीर चिंता जताई है। बताया जा रहा है कि यह पेड़ मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और जैव विविधता के लिए बेहद हानिकारक है। यही वजह है कि इस पेड़ को गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों में प्रतिबंधित कर दिया गया है। लेकिन भोपाल जैसे शहर में इसे बड़े पैमाने पर लगाया जा रहा है, जो एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या है कॉनोकर्पस? कॉनोकर्पस एक विदेशी प्रजाति का पेड़ है, जो मूल रूप से खाड़ी देशों और अमेरिका में पाया जाता है। इसे इसकी तेज़ बढ़त और कम समय में हरियाली देने की क्षमता के कारण भारत के कई हिस्सों में लगाया गया था। परंतु विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल दिखावटी हरियाली है, इसकी जड़ें बेहद आक्रामक होती हैं और यह जमीन के नीचे की पाइपलाइनों, सीवरेज सिस्टम और यहां तक कि भवनों की नींव को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। क्यों है खतरनाक? पर्यावरणविदों और विशेषज्ञों की चेतावनी पर्यावरणविदों का कहना है कि स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाओं में कॉनोकर्पस जैसे पेड़ लगाना पूरी तरह गलत और खतरनाक फैसला है। भोपाल जैसे शहर, जो झीलों और प्राकृतिक विविधता के लिए जाना जाता है, वहां इस तरह की पेड़ लगाने से भविष्य में गंभीर पारिस्थितिक संकट खड़ा हो सकता है। सरकार और नगर निगम की चुप्पी सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब यह पेड़ पहले से ही तीन राज्यों में प्रतिबंधित हो चुका है, तब भी भोपाल में इसका बड़े पैमाने पर रोपण किया जा रहा है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या नगर निगम और स्मार्ट सिटी मिशन के अधिकारी इस प्रजाति के पेड़ के खतरों से अनजान हैं या जानबूझकर इसे नजरअंदाज कर रहे हैं? क्या हो अगला कदम? देश हरपल की अपील:भोपाल के नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों को चाहिए कि वे इस विषय में स्वर उठाएं और प्रशासन से जवाब मांगें। केवल दिखावटी हरियाली नहीं, बल्कि स्थायी और सुरक्षित हरियाली ही स्मार्ट सिटी की असली पहचान होनी चाहिए।
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Amit Shah Visit to Dantewada:बस्तर में अमित शाह का गरिमामय स्वागत,

दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़), देश हरपल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह शनिवार को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में आयोजित बस्तर पंडुम महोत्सव में शामिल हुए। यहां उनके स्वागत के लिए खास इंतज़ाम किए गए थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें गौर सींग मुकुट पहनाकर सम्मानित किया और कोंडागांव की विश्वप्रसिद्ध ढोकरा आर्ट की कलाकृति भेंट की। साथ ही बस्तर पंडुम का प्रतीक चिह्न भी उन्हें प्रदान किया गया। बस्तर पंडुम एक पारंपरिक आदिवासी उत्सव है, जो बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को दुनिया के सामने लाने का माध्यम बनता जा रहा है। इस वर्ष यह आयोजन और भी भव्य रूप में सामने आया, जिसमें ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत विभिन्न राज्यों के 27 हजार कलाकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “जहां पहले गोलियों की आवाजें गूंजती थीं, अब वहां स्कूल की घंटियां बज रही हैं।” उन्होंने कहा कि यह बदलाव प्रधानमंत्री मोदी के ‘डबल इंजन सरकार’ के संकल्प और गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा बलों की मेहनत का परिणाम है। इससे पहले गृहमंत्री शाह जगदलपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा दंतेवाड़ा पहुंचे और मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन कर राज्य और बस्तर की शांति व समृद्धि की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि “मां दंतेश्वरी की पूजा कर हमने नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है।” सीएम साय ने कहा कि बस्तर में विकास की नई रफ्तार देखी जा रही है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी मंच साझा करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि अगले एक साल में बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाए।” उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के कैंप खुलने से गांवों में शांति और शिक्षा का माहौल बन रहा है। बस्तर पंडुम का यह आयोजन न सिर्फ एक सांस्कृतिक पर्व बन गया है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि बस्तर अब भय नहीं, उत्सव की धरती है। जहां पहले नक्सलवाद की छाया थी, अब वहां विकास और विश्वास का उजाला फैल रहा है।
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China ने USA पर 34% जवाबी टैरिफ लगाया, राष्ट्रपति ट्रम्प बोले – ‘वो डर गए हैं, ये कदम उन्हें भारी पड़ेगा’

“देश हरपल” विशेष रिपोर्ट 📅 दिनांक: 4 अप्रैल 2025✍🏻 देश हरपल ब्यूरो अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक जंग ने एक बार फिर तगड़ा मोड़ ले लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, जो 2024 में दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं, अब चीन को आर्थिक मोर्चे पर घेरने में पूरी आक्रामकता दिखा रहे हैं। अमेरिका ने लगाया 34% टैरिफ, चीन ने दिया जवाब हाल ही में राष्ट्रपति ट्रम्प ने 60 देशों पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जिसमें चीन पर 34% अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया। इससे पहले ट्रम्प प्रशासन ने एक महीने में दो बार चीन पर 10-10% टैरिफ लगाया था। अब चीन पर कुल मिलाकर 54% आयात शुल्क लागू हो चुका है।इसके जवाब में चीन ने भी अमेरिका पर 34% का जवाबी टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है, जो 10 अप्रैल 2025 से लागू होगा। ट्रम्प ने इस मुद्दे पर ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा: “चीन ने गलत कदम उठाया है। वे घबरा गए हैं। यह एक ऐसी चीज है जिसे वे बर्दाश्त नहीं कर सकते। चीन का जवाबी टैरिफ उन्हें बहुत भारी पड़ेगा।” चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “अमेरिका का यह कदम WTO नियमों का उल्लंघन है। इससे चीन के कानूनी व्यापारिक अधिकारों का हनन हो रहा है। हम अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे।” ट्रम्प की नीति: ‘अमेरिका फर्स्ट’ 2.0 ट्रम्प के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से ही उन्होंने व्यापारिक मोर्चे पर ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को और तेज़ कर दिया है। ट्रम्प का मानना है कि चीन वर्षों से अमेरिकी व्यापार और टेक्नोलॉजी का शोषण करता आया है और अब समय आ गया है कि अमेरिका मजबूत जवाब दे। ट्रम्प प्रशासन का दावा है कि नए टैरिफ से चीन की अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा और अमेरिकी उद्योगों को फायदा होगा। वैश्विक बाजारों पर असर इस व्यापार युद्ध के कारण वैश्विक बाजारों में हलचल देखने को मिल रही है। एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट आई है, वहीं डॉलर में मजबूती देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव लंबा चला, तो इससे वैश्विक सप्लाई चेन और आर्थिक स्थिरता पर बुरा असर पड़ सकता है। भारत के लिए अवसर या चुनौती? भारत के लिए यह परिस्थिति दोधारी तलवार की तरह है। एक ओर जहां अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते तनाव से भारत को वैकल्पिक सप्लायर बनने का मौका मिल सकता है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का असर भारत की निर्यात नीति पर भी पड़ सकता है। निष्कर्ष:डोनाल्ड ट्रम्प की चीन को लेकर आक्रामक नीति एक बार फिर वैश्विक व्यापार जगत को नई दिशा दे रही है। आने वाले हफ्तों में इस व्यापार युद्ध का असर न केवल अमेरिका और चीन, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखेगा। 👉 देश-विदेश से जुड़ी ऐसी ही बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहिए देश हरपल – हरपल आपके साथ।
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5 अप्रैल 2025 (शनिवार) – दैनिक राशिफल

सभी 12 राशियों का आज का राशिफल मेष: अचानक धन लाभ के योग हैं, लेकिन सावधानी जरूरी है।वृषभ: करियर में सकारात्मक बदलाव होगा, प्रमोशन के योग हैं।मिथुन: सेहत में उतार-चढ़ाव रहेगा, खानपान पर ध्यान दें।कर्क: नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी में निर्णय न लें।सिंह: यात्रा लाभदायक रहेगी, नया संपर्क फायदेमंद हो सकता है।कन्या: मानसिक तनाव रहेगा, योग और ध्यान करें।तुला: व्यापार में सफलता मिलेगी, निवेश करने से लाभ होगा।वृश्चिक: परिवार में कोई शुभ समाचार मिलेगा, रिश्ते मजबूत होंगे।धनु: खर्च बढ़ सकता है, बजट का ध्यान रखें।मकर: किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है, यादें ताजा होंगी।कुंभ: प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी, कोई खास पल बिताएंगे।मीन: सेहत पर ध्यान दें, कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी उपलब्धि मिल सकती है।
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Editor's Picks

Jitendra Mishra

Operation Sindoor के कमांडर अब Ram Mandir के CEO, Jitendra Mishra की नई भूमिका

राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (Jitendra Mishra) को राम मंदिर का पहला Chief Executive Officer (CEO) नियुक्त किया है। भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले मिश्रा अब अयोध्या में मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था संभालेंगे। जीतेंद्र मिश्रा का नाम इसलिए भी खास है क्योंकि वह भारतीय वायुसेना की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह Western Air Command के प्रमुख रह चुके हैं और Operation Sindoor के दौरान भी पश्चिमी क्षेत्र में वायुसेना की कमान उनके पास थी। देवरिया से Air Force की ऊंची कमान तक का सफर उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपतपुरा गांव से आने वाले जीतेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक का करियर बनाया। सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और अंत में वायुसेना की शीर्ष कमान में शामिल हुए। उनका सफर इसलिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है कि अब सैन्य जीवन के बाद उन्हें देश के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में से एक की व्यवस्था की जिम्मेदारी मिली है। Operation Sindoor के दौरान भी संभाली थी कमान जीतेंद्र मिश्रा उस समय Western Air Command का नेतृत्व कर रहे थे, जब Operation Sindoor हुआ। इस दौरान पश्चिमी मोर्चे पर वायुसेना की ऑपरेशनल जिम्मेदारियां बेहद अहम थीं। सैन्य क्षेत्र में उनके अनुभव और बड़े स्तर पर ऑपरेशन को संभालने की क्षमता को देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से उन्हें CEO की जिम्मेदारी देना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Ram Mandir CEO के तौर पर क्या होगी जिम्मेदारी? अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और विस्तार के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित तरीके से चलाना अपने आप में बड़ी चुनौती है। CEO के तौर पर जीतेंद्र मिश्रा के सामने मंदिर की administrative management, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, अलग-अलग एजेंसियों के बीच coordination और रोजमर्रा के संचालन को बेहतर बनाने जैसी जिम्मेदारियां होंगी। उनका सैन्य अनुभव खास तौर पर बड़े स्तर पर लोगों और संसाधनों के प्रबंधन में काम आ सकता है। ट्रस्ट में professional management पर जोर राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को CEO की जिम्मेदारी दिया जाना मंदिर प्रशासन में professional management की बढ़ती भूमिका का संकेत माना जा रहा है। मंदिर अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं रह गया है। हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, सुविधाएं और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत रखना लगातार जरूरी होता जा रहा है। जीतेंद्र मिश्रा के अनुभव से ट्रस्ट को इन व्यवस्थाओं को और बेहतर तरीके से संचालित करने की उम्मीद है। अब अयोध्या में नई भूमिका एक ओर देवरिया के भोपतपुरा गांव से निकलकर भारतीय वायुसेना की शीर्ष जिम्मेदारियों तक पहुंचने वाले जीतेंद्र मिश्रा का सैन्य सफर उल्लेखनीय रहा है, वहीं अब उनकी नई भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। Air Marshal से Ram Mandir CEO तक का यह सफर जीतेंद्र मिश्रा के करियर का एक नया अध्याय है। अब नजर इस बात पर होगी कि उनके नेतृत्व में राम मंदिर की प्रशासनिक और श्रद्धालु सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं में किस तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood Crisis: 1127 मौतें, हजारों Missing; PM Balen Shah ने India की मदद को सराहा

नेपाल (Nepal) इन दिनों एक ऐसी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, जिसने हजारों परिवारों की जिंदगी बदल दी है। लगातार बारिश, Flash Flood और भूस्खलन के बाद कई इलाकों में हालात बेहद मुश्किल बने हुए हैं। राहत और बचाव अभियान को शुरू हुए करीब एक सप्ताह हो चुका है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। Nepal में बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 1,127 लोगों की मौत की खबर है। वहीं, करीब 4,800 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। सुरक्षा बलों और Rescue Teams की मदद से प्रभावित इलाकों में तलाश अभियान लगातार चलाया जा रहा है। PM बालेन्द्र शाह ने Parliament में भारत का जताया आभार मुश्किल हालात के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने संसद में भारत समेत पड़ोसी देशों की मदद का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय पड़ोसी देशों ने सही समय पर सहायता पहुंचाई। भारत की ओर से नेपाल को राहत सामग्री और बचाव दल उपलब्ध कराए गए हैं। इस मदद को लेकर नेपाली प्रधानमंत्री ने भारत के प्रति आभार जताया। दोनों देशों के बीच आपदा के समय सहयोग की यह भूमिका एक बार फिर सामने आई है। India ने भेजी Relief और Rescue Team नेपाल में आपदा की खबर सामने आने के बाद भारत ने राहत अभियान में मदद बढ़ाई। भारत की ओर से जरूरी दवाइयां और राहत सामग्री भेजी गई। इसके अलावा भारतीय Rescue Team को भी नेपाल भेजा गया, ताकि मुश्किल इलाकों में फंसे लोगों की तलाश और बचाव में स्थानीय एजेंसियों की मदद की जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बातचीत कर आपदा में हुई जनहानि पर संवेदना जताई। भारत ने इस कठिन समय में नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया। 7 दिन बाद भी जारी है Search Operation आपदा के एक सप्ताह बाद भी नेपाल में Search and Rescue Operation थमा नहीं है। कई इलाकों में बाढ़ का पानी और मलबा जमा होने के कारण बचाव दलों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कें और संपर्क मार्ग भी राहत कार्य में बड़ी बाधा बने हुए हैं। कई स्थानों तक पहुंचने के लिए सुरक्षा बलों और बचाव टीमों को बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। लापता लोगों के परिवार लगातार उनकी खबर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। Infrastructure को भी भारी नुकसान बाढ़ ने नेपाल में सिर्फ लोगों की जान ही नहीं ली, बल्कि Infrastructure को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। सड़कें, पुल, बिजली व्यवस्था और Hydropower Projects प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर मलबा जमा होने से सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। अब सरकार के सामने राहत पहुंचाने के साथ-साथ प्रभावित लोगों के Rehabilitation और Infrastructure Reconstruction की चुनौती भी है। China और दूसरे देशों से भी मिली मदद नेपाल की इस आपदा के बाद भारत के अलावा चीन और कुछ अन्य देशों की ओर से भी सहायता पहुंचाई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Rescue और Relief Efforts में सहयोग दिया जा रहा है। फिलहाल नेपाल के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और जरूरी सेवाओं को दोबारा बहाल करना है। संकट की घड़ी में पड़ोसी का साथ नेपाल की इस त्रासदी के बीच भारत की मदद का जिक्र दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। प्राकृतिक आपदा के वक्त राजनीतिक मतभेदों से अलग हटकर मानवीय मदद सबसे महत्वपूर्ण होती है। नेपाल में हजारों परिवार अभी भी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में Rescue Operation से लेकर राहत और पुनर्वास तक आने वाले दिनों में सरकार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है।
Cabinet

Modi Cabinet में बड़ा फेरबदल संभव! Vaishnaw-Gadkari को लेकर चर्चाएं, नए चेहरों की भी एंट्री

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में एक बार फिर Cabinet Reshuffle को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सत्ता के गलियारों में संभावित फेरबदल को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। चर्चा है कि सरकार में कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, कुछ को नई जिम्मेदारी मिल सकती है और कई नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से कैबिनेट में बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक सूची या घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए सामने आ रही जानकारियों को फिलहाल संभावनाओं और राजनीतिक चर्चाओं के तौर पर ही देखा जा रहा है। Ashwini Vaishnaw की भूमिका पर सबकी नजर संभावित Modi Cabinet Reshuffle में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का नाम खास तौर पर चर्चा में है। मौजूदा समय में उनके पास कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि फेरबदल हुआ तो उनकी भूमिका में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। वैष्णव को लेकर कहीं बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है तो कहीं उनके विभागों में फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि तभी होगी जब सरकार की ओर से आधिकारिक फैसला सामने आएगा। Nitin Gadkari के मंत्रालय को लेकर भी अटकलें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लेकर भी संभावित बदलाव की चर्चा ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। कुछ रिपोर्ट्स में उनके मंत्रालय में बदलाव की संभावना जताई गई है। गडकरी लंबे समय से सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय संभाल रहे हैं और देश में हाईवे तथा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट उनके कार्यकाल में आगे बढ़े हैं। ऐसे में अगर उनके विभाग में बदलाव होता है तो यह कैबिनेट फेरबदल का अहम हिस्सा माना जाएगा। 17 नए चेहरों की चर्चा, लेकिन तस्वीर साफ नहीं कैबिनेट में संभावित बदलाव को लेकर 17 नए चेहरों को शामिल किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्ट्स में नए मंत्रियों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे हैं। यही वजह है कि फिलहाल 17 नए चेहरों वाली बात को अंतिम सूची मानना सही नहीं होगा। कौन-कौन से नेता मोदी सरकार में मंत्री बनेंगे, यह फैसला बीजेपी नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा। कई मंत्रियों के विभागों में हो सकता है बदलाव मोदी सरकार में कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के पास एक से ज्यादा मंत्रालयों की जिम्मेदारी है। ऐसे में संभावित फेरबदल के दौरान विभागों का बंटवारा दोबारा किया जा सकता है। माना जा रहा है कि सरकार प्रशासनिक कामकाज को ज्यादा प्रभावी बनाने के साथ-साथ राजनीतिक और क्षेत्रीय संतुलन पर भी ध्यान दे सकती है। नए चेहरों को मौका देने के साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव संभव है। Performance भी बन सकता है बड़ा आधार कैबिनेट में बदलाव की चर्चाओं के बीच मंत्रियों के कामकाज और उनके मंत्रालयों की Performance पर भी नजर होने की बात सामने आ रही है। मंत्रालयों की उपलब्धियां, लंबित योजनाएं और सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर उनकी प्रगति जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हो सकते हैं। अगर फेरबदल होता है तो यह सिर्फ चेहरों को बदलने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार के अगले चरण की प्राथमिकताओं का संकेत भी दे सकता है। चुनावी राज्यों को लेकर भी रणनीति आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए कैबिनेट में क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन भी अहम हो सकता है। बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के बीच प्रतिनिधित्व को लेकर भी समीकरण बनाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। खासकर उन राज्यों पर नजर रहेगी जहां आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में संभावित Cabinet Expansion में नए राजनीतिक चेहरों को जगह मिलने की चर्चा स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है। आधिकारिक ऐलान के बाद ही खुलेगा पूरा पत्ता फिलहाल मोदी कैबिनेट में फेरबदल को लेकर चर्चाएं जरूर जोर पकड़ रही हैं, लेकिन Vaishnaw को प्रमोशन, Gadkari के मंत्रालय में बदलाव या 17 नए चेहरों जैसे दावों पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। इसलिए इन खबरों को अभी संभावित बदलाव के तौर पर ही देखना बेहतर होगा। अगर केंद्र सरकार की ओर से Cabinet Reshuffle का ऐलान होता है, तभी यह साफ होगा कि किस मंत्री की जिम्मेदारी बदली गई और किन नए चेहरों को सरकार में जगह मिली। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Amarjeet Kaur

PM Modi को लेकर Amarjeet Kaur की टिप्पणी पर घमासान, BJP ने जताई कड़ी आपत्ति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर CPI नेता अमरजीत कौर (Amarjeet Kaur) की एक टिप्पणी ने सियासी माहौल गर्म कर दिया है। उनके बयान के सामने आने के बाद BJP ने कड़ा विरोध जताया और इसे लेकर माफी की मांग की। मामला अब सिर्फ बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे लेकर BJP और वामपंथी दलों के बीच जुबानी जंग भी तेज होती दिखाई दे रही है। अमरजीत कौर के बयान पर क्यों मचा विवाद? रिपोर्टों के मुताबिक, अमरजीत कौर ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर तीखी टिप्पणी की। उनके बयान को BJP ने आपत्तिजनक बताते हुए निशाने पर लिया। अमरजीत कौर की टिप्पणी सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस पर चर्चा तेज हो गई। BJP ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। BJP ने किया जोरदार पलटवार CPI नेता के बयान पर BJP की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने अमरजीत कौर के बयान की आलोचना करते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की। BJP का कहना है कि राजनीतिक मतभेदों को व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणियों तक नहीं ले जाना चाहिए। पार्टी ने अमरजीत कौर की टिप्पणी को लेकर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की बात कही। माफी मांगने से अमरजीत कौर का इनकार विवाद बढ़ने के बाद जब अमरजीत कौर से माफी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने अपने रुख से पीछे हटने के संकेत नहीं दिए। रिपोर्टों के अनुसार, CPI नेता ने अपने बयान को लेकर सफाई दी और BJP की आपत्ति को खारिज किया। उनका तर्क है कि विपक्षी दलों को सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री के बयानों पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है। इसी बात को लेकर अब दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बयान से फिर आमने-सामने BJP और Left अमरजीत कौर के बयान ने एक बार फिर BJP और Left parties के बीच राजनीतिक मतभेद को सामने ला दिया है। एक ओर BJP इसे लेकर माफी की मांग कर रही है, तो दूसरी ओर CPI अपने नेता के रुख को लेकर पीछे हटती नजर नहीं आ रही। राजनीति में तीखी बयानबाजी कोई नई बात नहीं है, लेकिन ऐसे बयानों को लेकर अक्सर सियासी विवाद बड़ा रूप ले लेते हैं। फिलहाल इस मामले में भी यही होता दिखाई दे रहा है। आगे क्या? अमरजीत कौर के बयान और BJP की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमा सकता है। दोनों पक्षों की ओर से लगातार बयान आने की संभावना है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि विवाद यहीं थमता है या फिर यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Silver

Gold-Silver Rate में बड़ा बदलाव! चांदी ₹9,000 और सोना ₹4,500 तक टूटा

सोना (Gold) और चांदी (Silver) खरीदने वालों के लिए इन दिनों बाजार का रुख थोड़ा बदलता नजर आ रहा है। लगातार तेजी के बाद दोनों precious metals की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले दो कारोबारी दिनों में चांदी करीब ₹9,000 प्रति किलो तक सस्ती हुई, जबकि सोने के भाव में भी लगभग ₹4,500 तक की कमी दर्ज की गई। कीमती धातुओं के दाम में आई इस गिरावट के बीच PM Modi की Gold खरीदारी को लेकर की गई अपील भी चर्चा में है। हालांकि, बाजार के जानकारों के मुताबिक सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट को केवल इस अपील से जोड़ना सही नहीं होगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों की उम्मीद और वैश्विक तनाव जैसे कई factors कीमतों को प्रभावित करते हैं। Silver Price में तेज गिरावट चांदी में हालिया गिरावट ने निवेशकों को खास तौर पर चौंकाया है। कुछ ही कारोबारी सत्रों में इसकी कीमत में हजारों रुपये की कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 1 सितंबर को चांदी करीब ₹6,780 प्रति किलो तक नीचे आई थी। चांदी की कीमत पर घरेलू मांग के साथ-साथ international market का भी असर पड़ता है। इसलिए वैश्विक स्तर पर कीमतों में कमजोरी आने पर भारतीय बाजार में भी इसका असर दिखाई देता है। Gold Price भी हुआ कमजोर चांदी के साथ सोने के भाव में भी गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना तीन सप्ताह से ज्यादा के निचले स्तर तक पहुंच गया। रिपोर्टों के अनुसार, Spot Gold करीब 4,321 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में अमेरिकी interest rates को लेकर बदलती उम्मीदों का भी असर सोने पर पड़ा है। आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ती है तो सोने जैसी बिना ब्याज वाली asset की मांग पर दबाव आ सकता है। PM Modi की Gold खरीदारी टालने की अपील क्यों? सोने की कीमतों के बीच PM Modi की Gold खरीदारी को लेकर अपील एक बार फिर चर्चा में है। प्रधानमंत्री पहले भी लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी को कुछ समय के लिए टालने की अपील कर चुके हैं। इसके पीछे बड़ी वजह देश का Gold Import Bill और विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाला दबाव है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से सोना मंगाकर पूरा करता है। ऐसे में Gold Import बढ़ने पर देश से बड़ी मात्रा में foreign exchange बाहर जाता है। रिपोर्टों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का Gold Import Bill करीब 72 अरब डॉलर रहा। क्या PM Modi की अपील से Gold-Silver सस्ता हुआ? यह सवाल इस समय सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। लेकिन सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट को केवल प्रधानमंत्री की अपील का असर मानना सही नहीं होगा। International market में चल रही हलचल, अमेरिकी monetary policy, डॉलर की चाल, महंगाई और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे कई factors कीमती धातुओं के भाव तय करते हैं। हालिया रिपोर्टों में भी सोने की कीमतों पर अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बनी उम्मीदों और पश्चिम एशिया के तनाव के असर का उल्लेख किया गया है। यानी PM Modi की अपील ने Gold को लेकर चर्चा जरूर बढ़ाई है, लेकिन बाजार में कीमतों की गिरावट के पीछे कई आर्थिक और वैश्विक कारण एक साथ काम कर रहे हैं। Jewellery Market पर भी नजर सोने की खरीदारी को लेकर अपील के बीच jewellery industry भी बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अगर ग्राहक कुछ समय के लिए Gold खरीदने से दूरी बनाते हैं तो इसका असर ज्वैलरी कारोबार पर पड़ सकता है। खासकर त्योहारों और शादी के सीजन में सोने की मांग काफी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में ज्वैलर्स के लिए आने वाले दिनों में Gold demand एक अहम factor रहने वाला है। आगे कैसी रहेगी Gold-Silver की चाल? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सोना और चांदी आगे भी सस्ते होंगे या फिर दोबारा तेजी लौटेगी। इसका जवाब कई global factors पर निर्भर करेगा। अमेरिकी interest rate policy, डॉलर की मजबूती, crude oil prices, global inflation और geopolitical tensions आने वाले दिनों में Gold-Silver Price की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए अगर आप सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो केवल एक दिन की गिरावट देखकर फैसला लेने के बजाय बाजार के ताजा भाव और आगे के trend पर नजर रखना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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