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सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ममता बनर्जी की कड़ी प्रतिक्रिया, 25,000 शिक्षकों की बर्खास्तगी को बताया अन्याय

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य में 25,000 शिक्षकों की बर्खास्तगी को बरकरार रखने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि वह इस निर्णय का समर्थन नहीं कर सकतीं। गौरतलब है कि शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहले ही इन नियुक्तियों को अवैध करार दिया था और इन शिक्षकों को नौकरी से हटाने का आदेश दिया था। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने भी हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा, जिससे राज्य के हजारों शिक्षकों को बड़ा झटका लगा है। ममता बनर्जी का बयान ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “मैं इस फैसले का समर्थन नहीं कर सकती। हजारों शिक्षक जो ईमानदारी से काम कर रहे थे, उन्हें एक झटके में नौकरी से निकाल दिया गया। यह लाखों परिवारों की रोजी-रोटी का सवाल है।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस मामले में शिक्षकों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी। क्या है पूरा मामला? यह मामला पश्चिम बंगाल में स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती से जुड़ा है, जिसमें कथित घोटाले की बात सामने आई थी। एसएससी (स्टाफ सिलेक्शन कमीशन) द्वारा की गई इस भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद हाईकोर्ट ने 25,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए उन्हें बर्खास्त करने का आदेश दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के इस फैसले पर मुहर लगा दी है। शिक्षकों का विरोध और सरकार की चुनौती फैसले के बाद राज्यभर में प्रभावित शिक्षक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे ममता सरकार से अपील कर रहे हैं कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए कानूनी रास्ते तलाशे जाएं। शिक्षकों का कहना है कि सभी को गलत तरीके से नौकरी नहीं मिली थी और उनकी मेहनत बेकार जा रही है। ममता बनर्जी ने इस फैसले पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार इन शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं होने देगी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि राज्य सरकार इस फैसले के खिलाफ कोई नई अपील करेगी या प्रभावित शिक्षकों को कोई वैकल्पिक समाधान प्रदान करेगी। राजनीतिक तकरार भी तेज इस मामले को लेकर बंगाल में राजनीतिक घमासान भी तेज हो गया है। बीजेपी ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी जीत बताया है और ममता सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) का कहना है कि शिक्षकों की इतनी बड़ी संख्या में बर्खास्तगी से राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। आगे क्या होगा? अब देखना यह होगा कि ममता बनर्जी इस फैसले के खिलाफ कोई नया कदम उठाती हैं या नहीं। प्रभावित शिक्षकों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए अदालत से लेकर सड़कों तक संघर्ष करेंगे। वहीं, सरकार के रुख से यह स्पष्ट है कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और सियासी हलचल देखने को मिल सकती है। (देश हरपल के लिए विशेष रिपोर्ट)
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3 अप्रैल 2025 (गुरुवार) – दैनिक राशिफल

सभी 12 राशियों का आज का राशिफल मेष: रुके हुए काम पूरे होंगे, आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।वृषभ: परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे, धन लाभ के योग हैं।मिथुन: अनावश्यक खर्चों से बचें, बचत पर ध्यान दें।कर्क: कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, धैर्य रखें।सिंह: सेहत में सुधार होगा, लेकिन बाहर के खाने से बचें।कन्या: नए अवसर मिलेंगे, करियर में तरक्की होगी।तुला: प्रेम जीवन में अच्छा समय रहेगा, पार्टनर से सरप्राइज मिल सकता है।वृश्चिक: मानसिक तनाव से बचें, योग और ध्यान करें।धनु: कार्यक्षेत्र में नई चुनौतियां आ सकती हैं, सतर्क रहें।मकर: घर-परिवार में खुशहाली रहेगी, अचानक धन लाभ हो सकता है।कुंभ: मित्रों का सहयोग मिलेगा, किसी खास व्यक्ति से मुलाकात होगी।मीन: विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है, करियर में नई दिशा मिलेगी।
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Trump

ट्रंप का ‘डर्टी-15’ लिस्ट: किन देशों पर गिरेगी भारी टैरिफ की गाज?

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और 2024 के चुनावी दौड़ में फिर से मैदान में उतरे डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संभावित आर्थिक एजेंडे का एक बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने ‘डर्टी-15’ नाम से उन 15 देशों की सूची तैयार की है, जिन पर वह भारी टैरिफ लगाने की योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि ये देश अमेरिका के साथ व्यापार में “अनुचित लाभ” उठा रहे हैं और इसलिए इन्हें ‘रिसिप्रोकल टैरिफ’ (पारस्परिक शुल्क) देना होगा। क्या है ट्रंप की ‘डर्टी-15’ लिस्ट? ट्रंप ने अमेरिका के व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए उन देशों की पहचान की है, जिन पर नए टैरिफ लगाए जाएंगे। इनमें चीन, भारत, मैक्सिको, जर्मनी, वियतनाम, जापान, कनाडा और कई अन्य देश शामिल हैं। ट्रंप के मुताबिक, ये देश अमेरिका के बाजारों से फायदा उठाते हैं लेकिन बदले में समान अवसर नहीं देते। किन देशों को झेलनी पड़ेगी टैरिफ की मार? इस लिस्ट में प्रमुख रूप से वे देश हैं जो अमेरिका को बड़े पैमाने पर निर्यात करते हैं, लेकिन बदले में अमेरिकी सामान पर ऊंचे शुल्क लगाते हैं या व्यापार में असंतुलन बनाए रखते हैं। भारत और चीन खासतौर पर इस नीति से प्रभावित हो सकते हैं क्योंकि दोनों देश अमेरिका को बड़े पैमाने पर टेक्सटाइल, फार्मा, ऑटोमोबाइल और आईटी सेक्टर में सेवाएं और उत्पाद निर्यात करते हैं। ट्रंप की व्यापार नीति और प्रभाव ट्रंप का यह कदम उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति का हिस्सा माना जा रहा है। इससे अमेरिका में कुछ उद्योगों को फायदा हो सकता है, लेकिन कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों और निर्यात पर निर्भर देशों को बड़ा झटका लग सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ट्रंप 2024 का चुनाव जीतते हैं, तो उनकी टैरिफ नीति वैश्विक व्यापार को अस्थिर कर सकती है और चीन, भारत जैसे देशों के साथ आर्थिक संबंधों को प्रभावित कर सकती है। भारत पर असर? भारत, जो अमेरिका के लिए एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार है, ट्रंप की इस नई नीति से प्रभावित हो सकता है। अगर ट्रंप भारी टैरिफ लगाते हैं, तो भारत के टेक्सटाइल, आईटी और फार्मास्युटिकल उद्योगों को नुकसान हो सकता है। क्या ट्रंप का यह फैसला वाकई अमेरिका के हित में होगा या वैश्विक व्यापार के लिए एक नई चुनौती खड़ी करेगा? यह आने वाले समय में साफ होगा।
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22 की उम्र में बनीं IPS, 28 में दिया इस्तीफा: बिहार की ‘लेडी सिंघम’ काम्या मिश्रा की पूरी कहानी

बिहार कैडर की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मात्र 22 साल की उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईपीएस बनीं काम्या ने अब 28 वर्ष की उम्र में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले ने न केवल प्रशासनिक हलकों बल्कि आम जनता के बीच भी हलचल मचा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों एक काबिल और लोकप्रिय अधिकारी ने छह साल की सेवा के बाद पुलिस विभाग को अलविदा कह दिया? आइए जानते हैं उनकी पूरी कहानी। शुरुआत से लेकर आईपीएस बनने तक काम्या मिश्रा बिहार के एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहने वाली काम्या ने बेहद कम उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर देश की सबसे कठिन परीक्षा में अपना लोहा मनवाया। 22 साल की उम्र में जब ज्यादातर युवा अपने करियर की दिशा तय कर रहे होते हैं, तब उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में कदम रख लिया था। बिहार कैडर मिलने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दीं। उनकी कार्यशैली, बेबाक अंदाज और निष्पक्ष रवैया लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहा। अपराधियों के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई के चलते लोग उन्हें ‘लेडी सिंघम’ के नाम से बुलाने लगे। पुलिस सेवा में शानदार कार्यकाल काम्या मिश्रा ने बिहार के कई संवेदनशील जिलों में अपनी सेवाएं दीं। अपराध और भ्रष्टाचार पर उनकी कड़ी निगरानी ने उन्हें जनता के बीच खास पहचान दिलाई। महिला सुरक्षा को लेकर किए गए उनके प्रयासों की भी खूब सराहना हुई। उन्होंने कई जिलों में महिला हेल्पलाइन और स्पेशल टास्क फोर्स के जरिए महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने की कोशिश की। उनका नाम तब और ज्यादा चर्चा में आया जब उन्होंने संगठित अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। कई बार उनकी पोस्टिंग राजनीतिक दबाव में भी चर्चा का विषय बनी, लेकिन उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। आखिर क्यों दिया इस्तीफा? काम्या मिश्रा के अचानक इस्तीफे ने सभी को चौंका दिया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने पिछले साल अगस्त में ही इस्तीफा देने का मन बना लिया था और इसकी वजह पारिवारिक कारण बताए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि काम्या मिश्रा प्रशासनिक व्यवस्था से संतुष्ट नहीं थीं और उनकी कार्यशैली को लेकर अक्सर राजनीतिक दबाव बनाया जाता था। हालांकि, उन्होंने खुद अभी तक अपने इस्तीफे की असली वजह सार्वजनिक रूप से नहीं बताई है। लेकिन यह तय है कि बिहार की ‘लेडी सिंघम’ के रूप में मशहूर काम्या मिश्रा का यह फैसला पुलिस सेवा के लिए एक बड़ी क्षति मानी जा रही है। आगे क्या करेंगी काम्या मिश्रा? काम्या मिश्रा के आगे की योजनाओं को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि वे शिक्षा या सामाजिक सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं, जबकि कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे निजी क्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। बहरहाल, उनकी आगे की राह चाहे जो भी हो, लेकिन काम्या मिश्रा का नाम उन गिने-चुने अधिकारियों में शामिल रहेगा जिन्होंने ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपनी सेवा दी। उनके फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और जनता उनके भविष्य को लेकर उत्सुकता से इंतजार कर रही है। देश हरपल के लिए विशेष रिपोर्ट
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वक्फ संशोधन विधेयक 2025: आज लोकसभा में पेश होगा, NDA के समर्थन के बावजूद विपक्ष हमलावर

नई दिल्ली: लोकसभा में आज वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पेश किया जाएगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू प्रश्नकाल के बाद दोपहर 12 बजे इसे सदन में चर्चा के लिए रखेंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस बिल पर 8 घंटे की चर्चा का समय निर्धारित किया है, जिसमें से NDA को 4 घंटे 40 मिनट का समय मिलेगा, जबकि शेष समय विपक्ष को दिया गया है। TDP और JDU का समर्थन, सभी सांसदों को व्हिप जारी विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने समर्थन देने की घोषणा कर दी है। इन दोनों दलों ने अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप भी जारी किया है। TDP और JDU के समर्थन के बाद NDA के पास सदन में विधेयक को पारित कराने की पर्याप्त संख्या बल है। विपक्ष हमलावर, चर्चा का समय बढ़ाने की मांग विपक्ष इस विधेयक के विरोध में एकजुट हो रहा है। मुख्य विपक्षी दलों के अलावा, कुछ तटस्थ मानी जाने वाली पार्टियां भी विरोध में आ गई हैं। इनमें तमिलनाडु की अन्नाद्रमुक (AIADMK), नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (BJD) और के चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (BRS) शामिल हैं। इन दलों ने भी I.N.D.I.A गठबंधन के दलों के साथ मिलकर विधेयक का विरोध करने का फैसला किया है। बिल पर अपनी रणनीति तय करने के लिए बीते दिन I.N.D.I.A ब्लॉक के नेताओं ने संसद भवन में बैठक की। विपक्ष का कहना है कि 8 घंटे का समय पर्याप्त नहीं है, इसलिए उन्होंने चर्चा का समय बढ़ाकर 12 घंटे करने की मांग की है। रिजिजू बोले- समय बढ़ाने पर विचार संभव इस मांग के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इस पर विचार कर सकती है। उन्होंने कहा,“देश भी जानना चाहता है कि किस पार्टी का क्या स्टैंड है। अगर विपक्ष को और समय चाहिए, तो हम इस पर विचार कर सकते हैं।” क्या है वक्फ संशोधन विधेयक 2025? वक्फ संपत्तियों से जुड़े प्रावधानों में बदलाव लाने के लिए यह विधेयक लाया जा रहा है। इस विधेयक को लेकर सरकार का कहना है कि इससे वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता बढ़ेगी और विवादों को सुलझाने की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाएगा। हालांकि, विपक्ष को इसमें कई आपत्तियां हैं और वे इसे संप्रदाय विशेष के खिलाफ बताया जा रहा है। क्या होगा आगे? आज लोकसभा में होने वाली चर्चा के दौरान इस पर तीखी बहस होने की संभावना है। जहां NDA के पास इस बिल को पारित कराने के लिए संख्याबल है, वहीं विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बनाने के मूड में है। अगर चर्चा का समय बढ़ाया जाता है, तो विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए और अधिक अवसर मिलेंगे। अब देखना होगा कि सरकार और विपक्ष के बीच इस पर क्या समझौता होता है और विधेयक किन संशोधनों के साथ पारित होता है। देश हरपल के लिए रिपोर्टिंग 🚩
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2 अप्रैल 2025 (बुधवार) –दैनिक राशिफल

सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल मेष: नौकरी में बदलाव के योग हैं, धैर्य बनाए रखें।वृषभ: व्यापार में सफलता मिलेगी, लेकिन लापरवाही से बचें।मिथुन: पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा, मानसिक शांति मिलेगी।कर्क: अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें, नहीं तो विवाद हो सकता है।सिंह: किसी अनजान व्यक्ति से दोस्ती महंगी पड़ सकती है।कन्या: जीवनसाथी से तालमेल बैठाना जरूरी होगा, रिश्ते को प्राथमिकता दें।तुला: अचानक धन लाभ हो सकता है, शेयर बाजार में निवेश से फायदा मिलेगा।वृश्चिक: विद्यार्थियों के लिए दिन शुभ रहेगा, परीक्षा में सफलता मिलेगी।धनु: छोटी यात्रा लाभदायक होगी, नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं।मकर: पारिवारिक विवादों से दूर रहें, किसी बड़े का आशीर्वाद मिलेगा।कुंभ: प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी, सिंगल लोगों को नया रिश्ता मिल सकता है।मीन: मानसिक तनाव दूर होगा, कोई बड़ा निर्णय लेने का सही समय है
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Travel Pass

Paytm Travel ने किया Travel Pass सब्सक्रिप्शन लॉन्च, जिसमें मुफ्त रद्दीकरण, बीमा, और ₹15,200 तक की सीट बुकिंग छूट शामिल

Paytm Travel Pass: व्यवसायिक यात्रियों और फ्रीक्वेंट फ्लायर्स के लिए एक नई सुविधा भारत की प्रमुख भुगतान और वित्तीय सेवा वितरण कंपनी Paytm (One97 Communications Limited) ने हाल ही में एक नई सेवा, Paytm Travel Pass, लॉन्च की है। यह विशेष रूप से उन यात्रियों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है जो नियमित रूप से यात्रा करते हैं या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उड़ानें भरते हैं। ₹1,299 में उपलब्ध यह सब्सक्रिप्शन-आधारित पास यात्रियों को कई फायदे प्रदान करता है, जिनमें लागत में बचत, यात्रा सुरक्षा, और बदलाव की सुविधा शामिल है। Paytm Travel Pass की विशेषताएँ: Vikash Jalan, CEO – Paytm Travel, ने इस पहल पर कहा:“हमारा उद्देश्य उन यात्रियों को सेवाएँ प्रदान करना है जो अक्सर यात्रा करते हैं और व्यावसायिक यात्रियों के बढ़ते वर्ग को लक्षित कर रहे हैं। Paytm Travel Pass के साथ, यात्रियों को मुफ्त रद्दीकरण, यात्रा बीमा और सीट छूट का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी यात्रा और अधिक सुखद और किफायती बनेगी। यह हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें हम यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए अभिनव समाधान प्रदान कर रहे हैं।” इस नई पेशकश से यात्रियों को न केवल वित्तीय लचीलापन मिलेगा, बल्कि यात्रा की मानसिक शांति भी मिलेगी। Paytm Travel Pass एक ऐसा आदर्श समाधान बनता जा रहा है जो यात्रियों के लिए किफायती, सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करता है।
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Mod. Yunus

चिकन नेक कॉरिडोर पर यूनुस का बयान: ‘हम बांग्लादेश को तोड़कर समंदर तक अपना रास्ता बना सकते हैं…’, पूर्वोत्तर में भड़के विरोध के स्वर

नई दिल्ली। बांग्लादेश के नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के एक बयान ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है। यूनुस ने कथित तौर पर कहा कि अगर बांग्लादेश भारत के खिलाफ खड़ा हो जाए, तो वह समुद्र तक अपना रास्ता बना सकता है। यह टिप्पणी भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम चिकन नेक कॉरिडोर को लेकर की गई, जिसे देश के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ने वाली पतली ज़मीन की पट्टी माना जाता है। यूनुस का विवादित बयान और पृष्ठभूमि खबरों के मुताबिक, मोहम्मद यूनुस हाल ही में चीन की यात्रा पर थे, जहां उन्होंने कथित तौर पर बांग्लादेश को चीन के साथ मजबूत आर्थिक साझेदारी की जरूरत बताई। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश एक लैंडलॉक्ड (चारों ओर से भूमि से घिरा) देश नहीं है और अगर वह भारत से टकराने को तैयार हो, तो समुद्र तक अपनी पहुंच बना सकता है। यूनुस के इस बयान के बाद पूर्वोत्तर भारत के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई नेताओं और संगठनों ने इसे भारत की अखंडता के खिलाफ खुली धमकी बताया है। क्या है चिकन नेक कॉरिडोर? चिकन नेक या सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के लिए एक अत्यंत संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्र है। यह सिर्फ 22 किलोमीटर चौड़ी भूमि पट्टी है, जो देश के पूर्वोत्तर राज्यों को बाकी भारत से जोड़ती है। चीन और बांग्लादेश की सीमा के बेहद करीब स्थित इस क्षेत्र को रणनीतिक और सैन्य दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है। यदि इस क्षेत्र पर किसी तरह का बाहरी खतरा उत्पन्न होता है, तो पूर्वोत्तर राज्यों का भारत से संपर्क कट सकता है। पूर्वोत्तर में भड़का गुस्सा यूनुस के बयान के बाद असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया है। असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के नेताओं ने इस बयान को पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा के खिलाफ गंभीर खतरा बताया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा,“भारत का कोई भी हिस्सा, खासकर पूर्वोत्तर, बाहरी ताकतों के लिए कभी कमजोर नहीं रहा। हम अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और कोई भी व्यक्ति या देश हमारी संप्रभुता को चुनौती नहीं दे सकता।” इसके अलावा, कई राष्ट्रवादी संगठनों और छात्र संघों ने भी यूनुस के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारत की सुरक्षा पर असर? विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बांग्लादेश के भीतर ऐसी भावनाएं पनपती हैं, तो यह भारत-बांग्लादेश संबंधों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, भारत और बांग्लादेश के रिश्ते अभी तक सकारात्मक रहे हैं और दोनों देशों के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध मजबूत हैं। लेकिन इस तरह की बयानबाजी से पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है। बांग्लादेश सरकार की प्रतिक्रिया अब तक बांग्लादेश सरकार की ओर से यूनुस के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, बांग्लादेश के कई राजनीतिक विशेषज्ञों ने इस बयान को व्यक्तिगत विचार बताते हुए कहा कि यह सरकारी नीति का प्रतिनिधित्व नहीं करता। निष्कर्ष मोहम्मद यूनुस का यह बयान भारत के लिए सिर्फ एक राजनीतिक विवाद नहीं बल्कि एक रणनीतिक चेतावनी भी है। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा और संप्रभुता को लेकर पहले से ही संवेदनशील माहौल में ऐसे बयान आग में घी डालने का काम कर सकते हैं। अब देखना होगा कि भारत सरकार और पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा एजेंसियां इस मामले पर क्या कदम उठाती हैं।
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BREAKING NEWS:वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में कल 12 बजे होगी चर्चा: सरकार और विपक्ष आमने-सामने, बड़ा सियासी संग्राम तय

नई दिल्ली: वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन से जुड़े वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। यह विधेयक कल दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा, जिस पर 8 घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है। हालांकि, विपक्ष ने इस चर्चा को 12 घंटे तक बढ़ाने की मांग की है, जिससे यह साफ हो गया है कि इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा टकराव हो सकता है। क्या है वक्फ संशोधन विधेयक? वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन भारत में वक्फ अधिनियम, 1995 के तहत किया जाता है। वक्फ बोर्ड मुस्लिम समुदाय की धार्मिक और सामाजिक संपत्तियों को नियंत्रित करता है। हालांकि, समय-समय पर इस अधिनियम को लेकर विवाद होते रहे हैं। नए संशोधन में क्या बदलाव किए जा रहे हैं? विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध इस विधेयक को लेकर विपक्ष ने तीखा विरोध जताया है। समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे समुदाय के खिलाफ बताया और कहा,“सरकार बिना सभी पक्षों को सुने यह विधेयक लाना चाहती है, जो पूरी तरह अनुचित है। यह मुसलमानों की धार्मिक और सामाजिक संपत्तियों पर हमला है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और पूरी ताकत से इसका विरोध करेंगे।” कांग्रेस, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने भी विधेयक पर चर्चा का समय बढ़ाने की मांग की है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा,“यह कानून देश के लाखों लोगों को प्रभावित करेगा, इसलिए इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। केवल 8 घंटे की चर्चा काफी नहीं है।” योगी आदित्यनाथ का समर्थन, कहा- बदलाव समय की मांग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विधेयक का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा,“देश में वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग बहुत ज़रूरी है। यह संशोधन पारदर्शिता लाने और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए किया जा रहा है।” योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि,“वक्फ संपत्तियों को लेकर वर्षों से विवाद और अनियमितताएं रही हैं। अगर कोई बदलाव किया जा रहा है, तो वह राष्ट्रहित और समाजहित में है।” विधेयक के समर्थक और विरोधी कौन? इस विधेयक को लेकर दो खेमे बन चुके हैं।✅ समर्थक (BJP, JDU, AIADMK) – इन दलों का कहना है कि यह विधेयक संपत्तियों का सही प्रबंधन सुनिश्चित करेगा और भ्रष्टाचार को रोकेगा।❌ विरोधी (SP, Congress, TMC, AIMIM, Left) – विपक्षी दलों का मानना है कि सरकार इस कानून के ज़रिए वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करना चाहती है और अल्पसंख्यकों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही है। अब आगे क्या होगा? निष्कर्ष: वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर संसद में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल सकता है। सरकार इसे भ्रष्टाचार रोकने वाला कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ साजिश करार दे रहा है। कल संसद में होने वाली बहस के बाद ही यह तय होगा कि यह विधेयक पास होगा या नहीं।
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क्या राणा सांगा ने बाबर को भारत आने का निमंत्रण दिया था? इतिहासकारों की राय और प्रमाण

देश हरपल एक्सक्लूसिव मुगल साम्राज्य के संस्थापक बाबर का भारत आगमन इतिहास के सबसे चर्चित विषयों में से एक है। एक लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि क्या मेवाड़ के राजा राणा सांगा ने वास्तव में बाबर को भारत पर आक्रमण करने के लिए आमंत्रित किया था या नहीं। इस सवाल का जवाब खोजने के लिए हमने कई प्रामाणिक ऐतिहासिक स्रोतों और इतिहासकारों की राय को खंगाला। क्या था ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य? 16वीं शताब्दी के प्रारंभ में उत्तर भारत छोटे-छोटे राज्यों में बंटा हुआ था। दिल्ली की सत्ता लोदी वंश के हाथों में थी, लेकिन सुल्तान इब्राहिम लोदी के खिलाफ कई विरोधी शासक थे, जिनमें राणा सांगा प्रमुख थे। दूसरी ओर, बाबर मध्य एशिया का एक शक्तिशाली शासक था, जिसने समरकंद और काबुल पर शासन किया था और उसकी नजरें हिंदुस्तान पर थीं। इतिहासकारों की राय और प्रमुख ग्रंथों का उल्लेख खानवा की लड़ाई: विश्वासघात या गलतफहमी? निष्कर्ष इतिहासकारों और प्रामाणिक ग्रंथों के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि राणा सांगा ने बाबर को भारत आने का कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं दिया था। हां, इब्राहिम लोदी के खिलाफ एक अनकहा गठबंधन जरूर था, लेकिन बाबर ने भारत पर अपने हितों के कारण आक्रमण किया था, न कि राणा सांगा के निमंत्रण पर। बाद में जब राणा सांगा को एहसास हुआ कि बाबर वापस नहीं जाने वाला, तो उन्होंने उसके खिलाफ युद्ध किया। (लेखक: देश हरपल न्यूज़ डेस्क)
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सागर में शराब के पैसे नहीं देने पर बुजुर्ग पर हमला, कंधे में चाकू घोंपकर फरार हुए बदमाश

सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे नहीं देने पर बदमाशों ने एक बुजुर्ग पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने बुजुर्ग के बाएं कंधे के पास चाकू घोंप दिया, जो शरीर में ही धंस गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें घायल बुजुर्ग कंधे में चाकू फंसे होने के बावजूद सड़क पर पैदल चलते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार घटना शुक्रवार देर रात की है। वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों की संख्या करीब पांच थी। बदमाशों ने शराब पीने के लिए पैसे मांगे थे। जब बुजुर्ग ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने हमला कर दिया। घायल बुजुर्ग को लहूलुहान हालत में सड़क पर चलते देख राहगीरों ने मदद की। लोगों ने तुरंत उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित बड़ी माता मंदिर क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मोतीनगर पुलिस अलर्ट हो गई है। थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस टीम अस्पताल पहुंचकर घायल के बयान दर्ज कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com

यूरोप टूर पर गए रायपुर के कारोबारी अजय निहलानी का लिस्बन में निधन, हार्ट अटैक की आशंका

रायपुर के कारोबारी अजय सुंदर निहलानी का पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में निधन हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। वे भारत से गए 40 सदस्यीय दल के साथ एजुकेशनल टूर पर यूरोप गए थे। इस दल में रायपुर से दो लोग शामिल थे। बताया जा रहा है कि यात्रा के दौरान अजय निहलानी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही रायपुर में परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। परिवार के अनुसार जल्द ही उनका पार्थिव शरीर रायपुर लाया जाएगा। अजय निहलानी के भाई संजय कुमार निहलानी ने बताया कि टूर में उनके साथ मौजूद नीरज बाजपेयी पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं। परिवार ने स्थानीय प्रशासन, भारतीय दूतावास, एयरलाइन प्रतिनिधियों और संबंधित एजेंसियों से सहयोग की अपील की है, ताकि प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके और पार्थिव शरीर को रायपुर लाकर अंतिम संस्कार किया जा सके। परिजनों का कहना है कि सभी जरूरी दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अजय निहलानी का पार्थिव शरीर रायपुर लाया जाएगा। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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CBI Investigation: ट्विशा शर्मा केस में 3D स्कैनिंग और डमी टेस्ट से खुलेगा मौत का रहस्य, जांच में नया मोड़

भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामला: 3D तकनीक और डमी टेस्ट से सुलझेगी गुत्थी? भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब नए और अत्याधुनिक तरीके से आगे बढ़ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए घटनास्थल का 3D स्कैन कराया है और अब 80 किलो वजन वाली डमी के जरिए घटनाक्रम को दोबारा रीक्रिएट करने की तैयारी की है। जांच एजेंसी का मानना है कि केवल बयान और दस्तावेजों के आधार पर नहीं, बल्कि घटनास्थल के वैज्ञानिक पुनर्निर्माण से भी कई अहम सवालों के जवाब मिल सकते हैं। 3D स्कैनिंग से तैयार होगा पूरा घटनाक्रम CBI की टीम ने भोपाल स्थित घर का 3D स्कैन कराया है, जहां ट्विशा शर्मा मृत पाई गई थीं। इस तकनीक के जरिए घर का डिजिटल मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिससे घटना के समय की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी घर के हर कमरे, वस्तुओं की स्थिति और घटनास्थल के लेआउट का अध्ययन कर रही है ताकि किसी भी विसंगति की पहचान की जा सके। ‘टनल व्यू’ तकनीक से बनाई जा रही मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन CBI ने जांच में “टनल व्यू” नामक आधुनिक तकनीक का भी उपयोग शुरू किया है। इसके तहत CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड, इंटरनेट गतिविधियां, वाई-फाई लॉग और गवाहों के बयानों को जोड़कर एक डिजिटल टाइमलाइन तैयार की जा रही है। इस प्रक्रिया से यह समझने की कोशिश की जा रही है कि घटना वाले दिन आखिर क्या-क्या हुआ और किस समय कौन-कौन व्यक्ति घर में मौजूद था। 80 किलो की डमी से होगा घटनाक्रम का पुनर्निर्माण CBI अब 80 किलो वजन की डमी का इस्तेमाल कर उस स्थिति को दोबारा तैयार करेगी, जैसा आरोपियों ने अपने बयानों में बताया है। एजेंसी यह जांचना चाहती है कि क्या घटनास्थल पर बताए गए तरीके से शव को नीचे उतारना वास्तव में संभव था या नहीं। इस प्रक्रिया के दौरान आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को भी घटनास्थल पर ले जाया जा सकता है ताकि उनके दावों की सत्यता परखी जा सके। CBI हिरासत में आरोपी मामले में बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब विशेष अदालत ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को CBI की हिरासत में भेज दिया। एजेंसी दोनों से पूछताछ कर रही है और घटनाओं की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने संभाली जांच मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच CBI को सौंपी गई। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने FIR दोबारा दर्ज कर जांच शुरू की और भोपाल पुलिस से सभी दस्तावेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लिए। क्या है पूरा मामला? ट्विशा शर्मा की मई 2026 में भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार ने दहेज प्रताड़ना और अन्य गंभीर आरोप लगाए। मामला लगातार तूल पकड़ता गया और अंततः जांच CBI को सौंप दी गई।

अवैध शराब पर कार्रवाई में लापरवाही, गोबरा नवापारा थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल निलंबित

रायपुर ग्रामीण पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए गोबरा नवापारा थाना प्रभारी निरीक्षक दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं करने और कार्रवाई के दौरान संदिग्ध व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। यह आदेश रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने जारी किया है। जानकारी के अनुसार गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद अवैध कारोबार जारी रहने की बात सामने आई। मामला 29 मई को सामने आया, जब ACCU रायपुर की देहात टीम ने गोबरा नवापारा स्थित लल्ला सोनवानी के ढाबे पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वहां अवैध शराब बिक्री होती मिली। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल भी मौके पर पहुंचे थे। एसपी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी का व्यवहार संदिग्ध पाया गया। आरोप है कि उन्होंने आरोपी लल्ला सोनवानी से अलग जाकर बातचीत की, जिसके बाद उनकी भूमिका पर सवाल खड़े हुए। पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए दीपेश जायसवाल को निलंबित कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर ग्रामीण से संबद्ध कर दिया है। मामले की प्राथमिक जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अभिषेक झा को सौंपी गई है। उन्हें सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। रायपुर ग्रामीण पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध शराब कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com

सागर में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश से मिली राहत, तापमान में आई गिरावट

उत्तर-पश्चिम भारत से आ रही गर्म हवाओं और बंगाल की खाड़ी से बढ़ी नमी के असर से सागर के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। शुक्रवार शाम अचानक मौसम बदला और आसमान में घने बादल छा गए। देर रात शहर सहित ग्रामीण इलाकों में तेज हवा और आंधी के साथ बारिश हुई। बंडा क्षेत्र में झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम बदलने के बाद दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिन का तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया, जबकि रात का पारा 30 डिग्री से गिरकर 22.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तापमान में कमी आने से लोगों को गर्म हवाओं और उमस से राहत महसूस हुई। शनिवार सुबह भी शहर में बादलों की आवाजाही बनी रही। धूप जरूर निकली, लेकिन सामान्य दिनों की तुलना में उसकी तपिश कम रही। सुबह सागर का अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 2 जून तक के लिए पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के मुताबिक शनिवार को भी आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। फिलहाल हीटवेव का कोई अलर्ट नहीं है। अगले 48 से 72 घंटों तक मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा। दिन में गर्मी रहेगी, जबकि शाम के समय बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा और आंधी चलने का अनुमान जताया है। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें deshharpal.com

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