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Daily Horoscope:10 अप्रैल 2025 (गुरुवार)

10 अप्रैल 2025 (गुरुवार) मेष: नई शुरुआत के लिए शुभ दिन। धार्मिक कार्यों में मन लगेगा।वृषभ: विवादों से दूर रहें। धन संबंधी समस्या आ सकती है।मिथुन: स्वास्थ्य बेहतर होगा। कार्यक्षेत्र में मन लगेगा।कर्क: नौकरी में बदलाव संभव है। वरिष्ठों से सराहना मिलेगी।सिंह: पारिवारिक मामलों में सामंजस्य बना रहेगा। शुभ समाचार मिलेगा।कन्या: बिज़नेस में साझेदारी लाभदायक रहेगी। खर्च बढ़ सकते हैं।तुला: बौद्धिक कामों में सफलता मिलेगी। सम्मान प्राप्त होगा।वृश्चिक: नई योजनाओं पर कार्य शुरू कर सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।धनु: दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। घर में सुख-शांति बनी रहेगी।मकर: किसी पुराने मित्र से मुलाकात होगी। भाग्य का सहयोग मिलेगा।कुंभ: संचार माध्यम से लाभ होगा। फालतू बातों से बचें।मीन: मानसिक शांति मिलेगी। आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी।
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Mahavir Jayanti 2025

10 अप्रैल 2025: जब महावीर जयंती और प्रदोष व्रत साथ आएंगे – जानिए इस शुभ दिन को खास बनाने के उपाय!

Mahavir Jayanti 2025 10 अप्रैल 2025 को महावीर जयंती और प्रदोष व्रत एक ही दिन आ रहे हैं, जो आध्यात्मिक दृष्टिकोण से एक अत्यंत पावन संयोग है। यदि इस दिन व्यक्ति सत्य, संयम और भक्ति के साथ दिन बिताता है, तो न केवल आत्मिक शांति मिलती है बल्कि जीवन में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि भी आती है। महावीर स्वामी जयंती और प्रदोष व्रत 2025: क्यों और कैसे मनाएं, क्या करें और क्या न करें? 🔶 महावीर स्वामी जयंती 2025: तारीख – 10 अप्रैल 2025 (गुरुवार)म🌼 महावीर स्वामी जयंती क्यों मनाई जाती है? भगवान महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर थे। उनका जन्म चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को बिहार के कुंडलपुर में हुआ था। अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जैसे सिद्धांतों पर आधारित उनका जीवन आज भी मानवता के लिए प्रेरणा है। इस दिन को जैन समुदाय विशेष श्रद्धा, ध्यान और परोपकार के कार्यों के साथ मनाता है। 🙏 कैसे मनाएं महावीर जयंती 2025 को? 🔹 प्रभात फेरी एवं शोभा यात्रा – भगवान महावीर की प्रतिमा के साथ नगर भ्रमण🔹 जप और ध्यान – ‘नवकार मंत्र’ का जाप करें और आत्म-शुद्धि हेतु ध्यान करें🔹 पंचशील व्रत का पालन – अहिंसा, सत्य, चोरी न करना, ब्रह्मचर्य और त्याग🔹 परोपकार – जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या दवाई दान करें🔹 स्व-शुद्धि – आज के दिन मन, वचन और कर्म से किसी को आघात न पहुँचाएं🔹 भोजन में संयम – उपवास रखें या सादा सात्विक भोजन ग्रहण करें 🛑 क्या न करें इस दिन? 🚫 मांस, मदिरा या तामसिक भोजन का सेवन🚫 किसी जीव को नुकसान पहुँचाना या हिंसा🚫 असत्य भाषण, लालच या अपमानजनक आचरण 🕉️ क्या करने से मिलेगा विशेष फल? 🔶 प्रदोष व्रत 2025 (10 अप्रैल – गुरुवार प्रदोष): महत्व – प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और यह त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। जब यह व्रत गुरुवार को आता है, तो इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है, जो विशेष फलदायी माना जाता है। ✅ कैसे करें प्रदोष व्रत: 🌟 क्या करने से विशेष लाभ मिलेगा? ❌ इन बातों से बचें दोनों अवसरों पर:
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84वां कांग्रेस अधिवेशन अहमदाबाद

84वां कांग्रेस अधिवेशन : Rahul Gandhi ने फिर उठाई जाति जनगणना की मांग, खड़गे ने ईवीएम और मोदी सरकार पर बोला हमला

अहमदाबाद (गुजरात), 9 अप्रैल 2025 – गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवरफ्रंट पर Congress का 84वां अधिवेशन दो दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित हुआ। इस अधिवेशन को ‘न्यायपथ: संकल्प, समर्पण, और संघर्ष’ थीम पर केंद्रित किया गया, जिसमें देशभर से 1700 से अधिक कांग्रेस प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी रही, हालांकि प्रियंका गांधी इसमें शामिल नहीं हुईं। जातिगत जनगणना की मांग को राहुल ने फिर दोहराया राहुल गांधी ने अधिवेशन के मंच से एक बार फिर जाति आधारित जनगणना की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि देश को यह जानने का हक है कि “कितने अल्पसंख्यक और गरीब हैं।” उन्होंने ऐलान किया, “लोकसभा और राज्यसभा में हम कानून पास करेंगे, जाति जनगणना यहीं से निकलेगी।” राहुल ने तेलंगाना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की 90 प्रतिशत आबादी OBC, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों से है, लेकिन इन वर्गों को मालिकों, CEO और वरिष्ठ प्रबंधन की लिस्ट में जगह नहीं मिलती। उन्होंने कहा, “मैं जानता हूं कि तेलंगाना की हालत हर प्रदेश की है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार देश के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ रही है और हाशिये के वर्गों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। विदेश नीति पर भी किया हमला राहुल गांधी ने बांग्लादेश को लेकर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत के खिलाफ बयान दे रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां के नेता से मुलाकात के दौरान एक शब्द तक नहीं कहा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा, “कहां गई 56 इंच की छाती?” EVM पर खड़गे का बड़ा बयान, बैलेट पेपर की मांग कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ईवीएम की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए चुनावों को बैलेट पेपर से कराने की मांग की। उन्होंने कहा, “सरकार ने ऐसी तकनीक बनाई है जिससे उन्हें फायदा और विपक्ष को नुकसान हो।” उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, “150 सीटों पर चुनाव लड़ा और 138 पर जीत मिली। ये 90 प्रतिशत जीत है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। ये सब जालसाजी है। चोर कितना भी तेज क्यों न हो, एक न एक दिन पकड़ा ही जाएगा।” मोदी सरकार पर सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का आरोप खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए कहा, “नेहरू जी ने जो देश के लिए संस्थान बनाए, मोदी सरकार उन्हें खत्म कर रही है। देश को बेचा जा रहा है और उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा सरकार के पास देश के लिए कोई विज़न नहीं है, वे केवल कांग्रेस को गाली देने में व्यस्त हैं। गुजरात में संगठन को मजबूत करने का प्रयास कांग्रेस पार्टी के मुताबिक, यह अधिवेशन न केवल एक राजनीतिक सम्मेलन था, बल्कि गुजरात में संगठन को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए रणनीतिक रोडमैप तैयार करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी था। आयोजन स्थल पर VVIP डोम और आधुनिक सुविधाओं के साथ व्यवस्था की गई थी, जो कांग्रेस के बदले तेवर और तैयारी को दर्शाता है। निष्कर्ष:84वें अधिवेशन में कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह आगामी चुनावों में जातिगत जनगणना, सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए मोदी सरकार पर सीधा हमला किया और जनता को “न्यायपथ” की राह पर चलने का संदेश दिया। ✍️ रिपोर्ट – देश हरपल न्यूज़ डेस्क, अहमदाबाद
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Whooping cough: New research से कूकर खांसी के भविष्य के Vaccines में आ सकती है क्रांतिकारी सुधार

नई दिल्ली – एक समय था जब कूकर खांसी (जिसे हूपिंग कफ या पर्टुसिस भी कहा जाता है) बच्चों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण हुआ करती थी, खासकर अमेरिका और दुनिया के अन्य हिस्सों में। लेकिन 1940 के दशक में जब इसका टीका अस्तित्व में आया, तब इस जानलेवा बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सका। हालांकि, बीते कुछ दशकों में यह देखने को मिला है कि टीकाकरण के बावजूद whooping cough(हूपिंग कफ) के मामले दोबारा बढ़ रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि मौजूदा टीकों की प्रभावशीलता समय के साथ घट जाती है, जिससे इस बीमारी के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। अब एक नई रिसर्च ने इस दिशा में आशा की किरण दिखाई है। इस शोध में यह समझने की कोशिश की गई है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) किस प्रकार हूपिंग कफ के बैक्टीरिया बोर्डेटेला पर्टुसिस पर प्रतिक्रिया करता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि मौजूदा टीके शरीर में “मेमोरी टी-सेल्स” को उतनी मजबूती से सक्रिय नहीं करते, जो कि दीर्घकालिक प्रतिरक्षा के लिए जरूरी हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि हम इस प्रतिक्रिया को बेहतर ढंग से समझ पाएं, तो ऐसे नए टीके विकसित किए जा सकते हैं जो लंबे समय तक प्रभावी रहेंगे और बच्चों को दोबारा इस बीमारी के खतरे से बचा सकेंगे। अमेरिका में हुए इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से बच्चों और किशोरों में प्रतिरक्षा प्रणाली की गतिविधियों का विश्लेषण किया। इसके अलावा उन्होंने यह भी अध्ययन किया कि क्यों वर्तमान टीके समय के साथ कम प्रभावी हो जाते हैं। यह शोध आने वाले समय में टीका वैज्ञानिकों को ऐसे फार्मूले बनाने में मदद करेगा, जो न केवल लंबे समय तक प्रभावी होंगे, बल्कि महामारी जैसी स्थितियों में भी ज्यादा सुरक्षा प्रदान कर पाएंगे। निष्कर्षयह रिसर्च इस बात की ओर इशारा करती है कि केवल बीमारी से बचाव ही नहीं, बल्कि टीकों की गुणवत्ता और टिकाऊपन में सुधार करना अब समय की मांग है। यदि यह नई रिसर्च सफलतापूर्वक प्रैक्टिकल रूप में लागू होती है, तो हूपिंग कफ जैसी घातक बीमारी को पूरी तरह खत्म करने का सपना जल्द ही साकार हो सकता है।
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प्रभु देवा और विष्णु मंचू ने यूपी सीएम योगी से की मुलाकात, फिल्म ‘कन्नप्पा’ के प्रमोशन को लेकर हुई चर्चा

लखनऊ | 9 अप्रैल 2025 देश हरपल न्यूज़ | मनोरंजन डेस्क दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता-निर्देशक प्रभु देवा और अभिनेता-निर्माता विष्णु मंचू ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। यह मुलाकात फिल्म ‘कन्नप्पा’ के प्रमोशन के सिलसिले में लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई। फिल्म ‘कन्नप्पा’ एक पौराणिक कथा पर आधारित मेगा बजट फिल्म है, जो भगवान शिव के एक महान भक्त कन्नप्पा की कहानी पर केंद्रित है। यह फिल्म न केवल भक्ति और आस्था को दर्शाएगी, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को विश्वपटल पर पहुंचाने का एक बड़ा माध्यम मानी जा रही है। इस भेंट के दौरान प्रभु देवा और विष्णु मंचू ने मुख्यमंत्री योगी को फिल्म की थीम, निर्माण से जुड़ी प्रमुख बातें और इसके आध्यात्मिक महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘कन्नप्पा’ का उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी को भारतीय पौराणिक गाथाओं से जोड़ना है, ताकि उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी फिल्म की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की फिल्में भारतीय संस्कृति को पुनर्जीवित करने और सनातन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने फिल्म की सफलता की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार भी धार्मिक व सांस्कृतिक फिल्मों को प्रोत्साहित करने के लिए हमेशा तत्पर है। गौरतलब है कि ‘कन्नप्पा’ में प्रभु देवा, मोहन बाबू, काजल अग्रवाल, मोहनलाल और अक्षय कुमार जैसे दिग्गज सितारे नजर आने वाले हैं। इस फिल्म की शूटिंग भारत के साथ-साथ विदेशी लोकेशनों पर भी की जा रही है। इसे तमिल, तेलुगु, हिंदी सहित कई भाषाओं में रिलीज किया जाएगा। फिल्म से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह न सिर्फ मनोरंजन बल्कि आध्यात्मिक चेतना जगाने का एक भव्य प्रयास है, जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशेष पहचान दिलाने की योजना है। 👉 देश हरपल न्यूज़ पर बने रहें मनोरंजन और संस्कृति से जुड़ी ऐसी ही विशेष ख़बरों के लिए।
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Daily Horoscope: 9 अप्रैल 2025 (बुधवार)

मेष: मेहनत का फल मिलेगा। कार्य में सफलता संभव है।वृषभ: भावनात्मक संतुलन रखें। परिवार में कुछ तनाव हो सकता है।मिथुन: रुका हुआ कार्य पूरा होगा। धन लाभ के योग हैं।कर्क: दिन शुभ है, पुराने विवाद सुलझ सकते हैं।सिंह: करियर में नया मोड़ आ सकता है। नौकरी बदलने का विचार बनेगा।कन्या: किसी से उपहार मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा।तुला: कानूनी मामलों में राहत मिल सकती है। यात्रा टालें।वृश्चिक: व्यवसाय में सफलता मिलेगी। निवेश से लाभ संभव है।धनु: कोई पुराना मित्र मिलेगा। पुराने सपने पूरे होने की संभावना।मकर: जीवनसाथी के साथ समय बिताएं। रोमांटिक दिन रहेगा।कुंभ: कोई बड़ा फैसला न लें। संयम जरूरी है।मीन: संतान पक्ष से चिंता हो सकती है। धैर्य रखें।
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एमपी अजब है! प्रोफेसर की बीमारी में चपरासी ने जांच दी यूनिवर्सिटी की कॉपियां, 5000 रुपए में छात्रों के भविष्य से खेल

देश हरपल न्यूज़ | पिपरिया, नर्मदापुरम (मध्य प्रदेश) मध्य प्रदेश एक बार फिर अपने “अजब-गजब” कारनामों के लिए चर्चा में है। ताजा मामला नर्मदापुरम जिले के पिपरिया स्थित शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का है, जहां यूनिवर्सिटी परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किसी प्रोफेसर ने नहीं, बल्कि एक चपरासी ने कर डाला। यह घटना जनवरी 2025 की है, जब कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पन्नालाल पठारिया द्वारा यूनिवर्सिटी की परीक्षा कॉपियां जांचते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा गया कि पन्नालाल, जो कि कॉलेज में चपरासी के पद पर कार्यरत हैं, बड़े आराम से उत्तर पुस्तिकाएं जांच रहे हैं और उन्हें नंबर भी दे रहे हैं। चौंकाने वाला खुलासा: 5000 में हुआ सौदा, छात्रों का भविष्य दांव पर जांच में खुलासा हुआ कि यह कॉपियां कॉलेज की गेस्ट फैकल्टी खुशबू पगारे को जांचने के लिए सौंपी गई थीं। लेकिन खुशबू पगारे ने कथित तौर पर तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए यह ज़िम्मेदारी कॉलेज के बुक लिफ्टर राकेश मेहर को 7000 रुपए में दे दी। राकेश ने बदले में 5000 रुपए में यह जिम्मेदारी चपरासी पन्नालाल पठारिया को सौंप दी। यानी प्रोफेसर की बीमारी, बिचौलिए की कमाई और चपरासी की मेहनत ने मिलकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर डाला। इतना ही नहीं, छात्रों की मेहनत और यूनिवर्सिटी की साख दोनों पर सवालिया निशान खड़े हो गए। छात्र पहुंचे विधायक के पास, उच्च शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप वीडियो वायरल होते ही छात्रों में रोष फैल गया। उन्होंने स्थानीय विधायक ठाकुरदास नागवंशी से इस मामले की शिकायत की और वीडियो सबूत के तौर पर सौंपा। मामला उच्च शिक्षा विभाग तक पहुंचा और प्रोफेसर खुशबू पगारे को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही चपरासी और बुक लिफ्टर के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं। सवाल बड़े हैं: शिक्षा का ये स्तर? यह घटना सिर्फ एक कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठाती है। जब परीक्षा कॉपियों की जांच जैसे संवेदनशील कार्य को बिना योग्यता वाले कर्मचारी को सौंप दिया जाए, तो फिर छात्रों की योग्यता और मेहनत का क्या मूल्य रह जाता है? क्या यह लापरवाही नहीं, बल्कि एक आपराधिक लापरवाही है? क्या ऐसे मामलों पर सिर्फ सस्पेंशन ही काफी है या कड़ी कानूनी कार्रवाई भी जरूरी है? देश हरपल की अपील: देश हरपल न्यूज़ इस घटना की कड़ी निंदा करता है और मांग करता है कि ऐसी लापरवाहियों पर सख्त कार्रवाई हो, जिससे देश के युवाओं और शिक्षा प्रणाली पर विश्वास बना रहे।
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Indore Girl Video

Indore Girl Video: 56 दुकान पर ब्रा और शॉर्ट्स पहनकर रील बनाना पड़ा महंगा, सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए बोली- “मुझे माफ कर दो”

देश हरपल डेस्क, इंदौर।मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की मशहूर जगह 56 दुकान इन दिनों एक अनोखे और विवादित मामले को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला न तो किसी खाद्य पदार्थ का है, न ही ट्रैफिक का, बल्कि एक ऐसी सोशल मीडिया रील का, जिसने पूरे शहर के माहौल को हिला कर रख दिया। दरअसल, कुछ दिन पहले एक युवती ने 56 दुकान इलाके में एक रील शूट की थी। इस रील में वह लाल रंग की ब्रा और शॉर्ट्स पहनकर खुलेआम घूमती नजर आई थी। चारों ओर फैमिली क्राउड, महिलाएं और बच्चे मौजूद थे, लेकिन युवती बेपरवाह होकर रील बनाती रही। बाद में इस रील को उसने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। पुलिस ने दर्ज की FIR, युवती के खिलाफ कार्रवाई शुरूवीडियो वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने इसे अश्लीलता फैलाने का प्रयास बताया और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर पुलिस ने युवती के खिलाफ सार्वजनिक स्थल पर अश्लीलता फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान भी आया सामनेवीडियो के विरोध में कई हिंदू संगठनों ने भी सड़कों पर उतरकर कार्रवाई की मांग की। इस मामले पर मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी बयान जारी करते हुए कहा – “हमारा देश स्वतंत्र है, हर किसी को खाने, पीने, पहनने की आज़ादी है। लेकिन जब इस स्वतंत्रता का दुरुपयोग होने लगे तो प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। समाज को भी ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए जो हमारी सांस्कृतिक मर्यादाओं को तोड़ते हैं।” विवाद बढ़ा तो युवती ने मांगी माफी, कहा- “मुझे माफ कर दो”मामले के तूल पकड़ने के बाद युवती ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर माफी मांगी। वीडियो में उसने कहा – “मुझे एहसास हुआ है कि मैंने सार्वजनिक जगह पर ऐसे कपड़े पहनकर गलती की है। मैं दोबारा ऐसा कभी नहीं करूंगी। मुझे माफ कर दीजिए।” हालांकि शुरुआत में युवती ने एक अलग ही रुख अपनाया था। उसने कहा था कि – “ऐसे कपड़े बहुत सी लड़कियां पहनती हैं, मैंने कुछ नया नहीं किया। जिसने भी मेरे खिलाफ शिकायत की है, वो मेरा पता पुलिस को दे दें ताकि वो मुझसे मिल सकें।” लेकिन सोशल मीडिया पर जब ट्रोलिंग और आलोचना तेज हो गई तो उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली। वीडियो में क्या है?वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवती जैसे ही लाल ब्रा और शॉर्ट्स में 56 दुकान की सड़कों पर चलती है, राह चलते लोग हैरान रह जाते हैं। कई लोग मुड़-मुड़ कर उसे देखते हैं, एक लड़का तो शर्म से आंखें भी बंद कर लेता है। कुछ लोग हँसते हुए भी नजर आते हैं, लेकिन यह हंसी ज्यादा देर तक नहीं टिकती, क्योंकि वीडियो ने विवाद का रूप ले लिया। एडिशनल DCP राम स्नेही मिश्र का बयानइंदौर पुलिस के एडिशनल डीसीपी राम स्नेही मिश्र ने कहा – “हमें यह जांचना होगा कि युवती ने छोटे कपड़ों में इस तरह का वीडियो क्यों बनाया। क्या इसका उद्देश्य सिर्फ वायरल होना था या इसके पीछे कोई मानसिक दबाव या व्यक्तिगत कारण थे। साथ ही हम उसके पारिवारिक वातावरण की भी जांच करेंगे।” देश हरपल की टिप्पणीयह मामला केवल फैशन या अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नहीं है, यह उस सामाजिक मर्यादा की बात करता है जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर सभी वर्गों का आना-जाना होता है – बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और पूरा परिवार। सोशल मीडिया की ‘लाइक और वायरल’ संस्कृति अब वास्तविक जीवन की सीमाओं को तोड़ने लगी है। ऐसे में ज़रूरत है संतुलन और समझदारी की, ताकि हमारी सामाजिक संवेदनाएं और संविधान दोनों सुरक्षित रह सकें। देश हरपल ऐसे हर मुद्दे को उठाता रहेगा, जो हमारी संस्कृति, कानून और सामाजिक चेतना से जुड़ा हो।आपका क्या विचार है इस पर? नीचे कमेंट करके जरूर बताएं।
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कोल्लम मंदिर में RSS के प्रार्थना गीत को लेकर विवाद: मंदिर कमेटी भंग करने की प्रक्रिया शुरू, पुलिस ने मामला दर्ज किया

कोल्लम, केरल | देश हरपल न्यूज | 8 अप्रैल 2025 कोल्लम जिले के एक मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रार्थना गीत बजाए जाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। घटना चटयमंगलम तालुक के अंतर्गत आने वाले वझाप्पल्ली मंदिर की है, जहां एक कार्यक्रम के दौरान संघ का पारंपरिक गीत “नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे” बजाया गया। इस पर वामपंथी दल सीपीएम और उनके समर्थकों ने तीखी आपत्ति जताई, जिसके चलते विवाद गहराता गया। घटना का विवरण: मंदिर में पारंपरिक अनुष्ठानों के दौरान यह गीत बजाया गया, जिसे कुछ स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद सीपीएम कार्यकर्ताओं ने इसे ‘संघीकरण’ का प्रयास करार देते हुए तीव्र विरोध जताया। हालांकि, मंदिर का प्रबंधन देख रही देवस्वंम बोर्ड के अधीनस्थ चटयमंगलम सबग्रुप ऑफिसर दीप्ती ने कहा कि इस घटना को लेकर किसी ने कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने दर्ज किया मामला: मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए केरल मंदिर अधिनियम और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच कर रही है कि किसकी अनुमति से यह गीत बजाया गया और क्या इससे मंदिर परंपराओं का उल्लंघन हुआ है। मंदिर कमेटी होगी भंग: केरल ट्रावणकोर देवस्वंम बोर्ड (TDB) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदिर समिति को भंग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। TDB के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंदिरों में राजनीतिक या वैचारिक झुकाव के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती, चाहे वह किसी भी विचारधारा से संबंधित हो। राजनीतिक प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया: स्थानीय लोगों में इस मुद्दे को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ लोगों का मानना है कि मंदिरों में इस तरह के गीत बजाना कोई अपराध नहीं है, जबकि कुछ लोगों ने इसे धार्मिक स्थलों का राजनीतिक उपयोग बताया है। 🔗 स्रोत: मातृभूमि समाचार, ANI न्यूज़
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मुंबई में बढ़ते साइबर अपराधों पर बोले डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस, कहा – नई तकनीक से लड़नी होगी ये लड़ाई

मुंबई | देश हरपलदेशभर में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर अब सरकारें गंभीर होती जा रही हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि राज्य सरकार साइबर अपराधों के खिलाफ एक संगठित और तकनीकी रूप से सशक्त योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अब अपराधियों से मुकाबला सिर्फ पुलिस की लाठी या हथकड़ी से नहीं, बल्कि तकनीक के ज़रिए किया जाएगा। फडणवीस ने यह बात मुंबई पुलिस की साइबर शाखा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कही, जिसमें साइबर सुरक्षा, डेटा चोरी, ऑनलाइन फ्रॉड, और डिजिटल ट्रैकिंग जैसे विषयों पर चर्चा की गई। उन्होंने माना कि साइबर अपराध अब सिर्फ तकनीकी लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिक, व्यापारी, छात्र, यहां तक कि वरिष्ठ नागरिक भी इसके शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों में साइबर क्राइम के मामलों में भारी इजाफा हुआ है। हर दिन सैकड़ों की संख्या में ठगी, फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़र्ज़ी वेबसाइट्स और सोशल मीडिया हैकिंग की शिकायतें आ रही हैं। फडणवीस ने कहा, “अब लड़ाई अपराधियों से नहीं, उनके तकनीकी हथियारों से है। हमें पुलिस को तकनीक से लैस करना होगा।” इस मौके पर उन्होंने महाराष्ट्र में ‘साइबर पुलिस स्टेशन’ की संख्या बढ़ाने, साइबर विशेषज्ञों की नियुक्ति, और आम जनता के लिए साइबर जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस दिशा में एक ‘साइबर इंटेलिजेंस नेटवर्क’ खड़ा कर रही है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले साइबर हमलों को ट्रैक करने में सक्षम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), डाटा ऐनालिटिक्स, और ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस को और अधिक सक्षम बनाया जाएगा। कार्यक्रम में मौजूद साइबर विशेषज्ञों ने भी इस बात पर ज़ोर दिया कि साइबर सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। देश हरपल विशेष रिपोर्ट में हम आपको बता दें कि देश में 2024 में कुल साइबर अपराधों की संख्या में लगभग 35% की वृद्धि देखी गई है, और इसमें सबसे अधिक मामले ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, OTP हैकिंग, और सोशल मीडिया हैकिंग से जुड़े हैं।
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PNB

PNB में करोड़ों की Fake Currency का खेल! Saharanpur में CCTV ने बढ़ाया शक, 3 Officers पर Action

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़ा मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान करोड़ों रुपये के संदिग्ध नकली नोट मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं, जबकि विस्तृत जांच में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। वहीं, RBI की जांच के बाद इस पूरे मामले में कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। कैसे सामने आया करोड़ों के नकली नोटों का मामला? मामले की शुरुआत उस समय हुई जब RBI को भेजी गई नकदी में करीब ₹4.36 लाख की कमी सामने आई। इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद बैंक में करेंसी चेस्ट का रिकॉर्ड खंगाला गया और विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच आगे बढ़ी तो बैंक के अंदर रखी नकदी में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। असली Cash की जगह Fake Notes रखने का शक प्रारंभिक जांच में आशंका है कि करेंसी चेस्ट में मौजूद असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि असली रकम कब निकाली गई और नकली नोट बैंक के Cash Vault तक कैसे पहुंचे। बैंक के Cash Movement Records, लॉगबुक, ऑडिट रिपोर्ट और कर्मचारियों की ड्यूटी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध गतिविधि इस पूरे मामले में बैंक का CCTV Footage जांच का अहम हिस्सा बन गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में करेंसी चेस्ट के आसपास एक हाउसकीपिंग कर्मचारी की गतिविधियां दिखाई दी हैं। जांच अधिकारी अब CCTV फुटेज को बैंक के एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और कैश रिकॉर्ड से मिलाकर देख रहे हैं। इससे यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि करेंसी चेस्ट तक किस-किस कर्मचारी की पहुंच थी। 3 PNB Officers Suspended मामले में बैंक के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें करेंसी चेस्ट और कैश से जुड़े अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। बैंक ने तीन अधिकारियों को Suspended कर दिया है। हालांकि, निलंबन का मतलब दोष साबित होना नहीं है। अंतिम जिम्मेदारी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। SIT के हाथ में जांच, RBI भी कर रहा पड़ताल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT (Special Investigation Team) गठित की है। टीम बैंक के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और नकदी के लेन-देन की पूरी कड़ी को खंगाल रही है। दूसरी ओर, RBI से जुड़ी जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोटों का स्रोत क्या था और वे बैंक की करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंचे। ₹17 करोड़ या ₹7.40 करोड़? रकम को लेकर क्यों है Confusion इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा नकली नोटों की रकम को लेकर है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में ₹17 करोड़ तक की रकम का उल्लेख किया गया, जबकि बाद की विस्तृत रिपोर्टों में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात कही गई है। चूंकि जांच और नोटों की गिनती का काम जारी है, इसलिए अंतिम आंकड़ा आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। बैंकिंग सिस्टम की Security पर उठे सवाल सहारनपुर के PNB मामले ने बैंक की करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट बैंक के सुरक्षित Cash Vault तक कैसे पहुंचे? नियमित जांच और ऑडिट के दौरान इनकी पहचान क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच एजेंसियां तलाश रही हैं। आने वाले दिनों में CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है और नकली नोटों की वास्तविक मात्रा, असली रकम के नुकसान और इस मामले में शामिल लोगों को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SCO Summit

SCO Summit में Pakistan की Edited Photo पर बवाल, PM Modi और Iran President गायब

SCO Summit से जुड़ी एक तस्वीर ने भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से चल रही तल्खी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक X अकाउंट से शेयर की गई एक तस्वीर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तस्वीर के एडिटेड वर्जन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथ खड़े ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन नजर नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीर सामने आने के बाद यूजर्स ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक अकाउंट पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। खास बात यह है कि जिस कार्यक्रम की तस्वीर साझा की गई, उसमें भारत और ईरान दोनों के शीर्ष नेता मौजूद थे। Original Photo और Edited Version को लेकर सवाल SCO Summit की ग्रुप फोटो में संगठन के कई सदस्य देशों के नेता एक साथ नजर आए थे। इसी तस्वीर का एक अलग वर्जन पाकिस्तान PMO के X हैंडल से पोस्ट किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दिखाई नहीं देते। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या तस्वीर को जानबूझकर एडिट किया गया था। हालांकि, तस्वीर को लेकर पाकिस्तान सरकार की ओर से ऐसी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है कि पोस्ट में मूल तस्वीर के बजाय बदला हुआ फ्रेम क्यों इस्तेमाल किया गया। PM Modi और Pezeshkian की मुलाकात भी रही अहम SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय हालात पर बातचीत हुई। भारत और ईरान के रिश्ते लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखते हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक Summit के दौरान महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रही। यही वजह है कि ग्रुप फोटो से दोनों नेताओं के गायब होने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। Pakistan PM की भी ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात इस मामले का एक और दिलचस्प पहलू सामने आया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी SCO Summit के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर ईरानी राष्ट्रपति पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी मिले थे, तो ग्रुप फोटो के साझा किए गए वर्जन में उनका नजर नहीं आना आखिर क्यों हुआ। India-Pakistan Relations के बीच बढ़ी चर्चा भारत और पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से सामने आने वाली छोटी-सी तस्वीर भी राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने Summit में आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और सामूहिक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सामने आई कथित Edited Photo ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उठाए सवाल तस्वीर पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने Original Group Photo और पाकिस्तान PMO द्वारा साझा तस्वीर की तुलना करते हुए सवाल पूछे। हालांकि, यह भी जरूरी है कि तस्वीर के पीछे की मंशा को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकाला जाए। पाकिस्तान सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तस्वीर में बदलाव क्यों किया गया था। SCO Summit ने फिर खींचा दुनिया का ध्यान SCO Summit में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा हुई। एक तरफ Summit में भारत का आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश सुर्खियों में रहा, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात ने भारत-ईरान संबंधों को लेकर ध्यान खींचा। अब पाकिस्तान PMO की कथित Edited Photo इस पूरे घटनाक्रम में एक नया विवाद बनकर सामने आई है। सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोगों की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान सरकार इस तस्वीर को लेकर कोई आधिकारिक सफाई देती है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

Jantar Mantar FIR Case: प्रदर्शनकारियों को SC से राहत, CJP ने Delhi March टाला

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च भी वापस ले लिया। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अब इस मार्च का आयोजन नहीं करेगा। यह पूरा मामला जुलाई में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR को वापस लेना आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल था। बाद में इसी मुद्दे को लेकर CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदर्शनकारियों को राहत सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की ओर से प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने को लेकर आवेदन किया गया था। सुनवाई के दौरान इन मामलों को खत्म करने का रास्ता निकाला गया। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन से संबंधित करीब 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाने की बात सामने आई। कुछ ऐसे लोगों के मामले अलग रखे गए हैं, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी गई थी। इस फैसले के बाद आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। लंबे समय से FIR वापसी की मांग कर रहे संगठन के लिए इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। 5 सितंबर का Delhi March क्यों किया गया था? CJP ने 24 अगस्त को 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया था। प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक होना था। संगठन का आरोप था कि 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने के दौरान सरकार की ओर से किए गए कुछ आश्वासनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। CJP ने खास तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि अगर वादे पूरे नहीं हुए तो वह फिर से सड़कों पर उतरेगा। पहले SC ने मार्च पर रोक लगाने से किया था इनकार इस मामले में घटनाक्रम तेजी से बदला। 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने CJP के 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जिससे यह माना जाए कि प्रदर्शन के दौरान अनिवार्य रूप से अप्रिय स्थिति पैदा होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर छोड़ी गई थी। लेकिन इसके अगले ही दिन मामला अलग दिशा में चला गया। 1 सितंबर की सुनवाई के दौरान केंद्र के आश्वासन और कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने खुद 5 सितंबर के मार्च को वापस लेने की घोषणा कर दी। CJP ने क्यों बदला फैसला? सुप्रीम कोर्ट में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन और अदालत के आदेश को देखते हुए संगठन ने मार्च वापस लेने का फैसला किया है। यानी जिस मुद्दे को लेकर दोबारा सड़क पर उतरने की तैयारी थी, उसमें कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। CJI ने भी सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के सकारात्मक रवैये और बातचीत के महत्व पर जोर दिया। अदालत की टिप्पणी का संदेश साफ था कि खुले मन से बातचीत हो तो विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bhopal

Sealing Action पर Bhopal में बवाल: व्यापारियों और पुलिस में भिड़ंत, शंख-डमरू बजाकर प्रदर्शन

Bhopal में Sealing Action को लेकर व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। कार्रवाई के विरोध में जुटे कारोबारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को धक्का-मुक्की हो गई। कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ कारोबारी गिर गए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। Sealing के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए। कारोबारियों का कहना है कि कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर व्यापारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी बीच कुछ कारोबारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। पुलिस और व्यापारियों के बीच इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेड्स के पास हुई धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। आगे बढ़ने की कोशिश में कुछ कारोबारी गिर गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति को संभाल लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी और बढ़ती दिखाई दी। थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार से लगाई गुहार व्यापारियों के विरोध का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए विरोध जताया। व्यापारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और सीलिंग कार्रवाई को लेकर सरकार उनकी मांगों पर विचार करे। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध के जरिए सरकार और प्रशासन तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहते हैं। व्यापारियों की मांग पर अब नजर भोपाल में Sealing Action को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन और कारोबारियों के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद मामला चर्चा में है। व्यापारियों का विरोध यह संकेत दे रहा है कि सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Bus में नाबालिग से कथित गैंगरेप, 47 KM तक चलता रहा सफर; Rahul Gandhi ने पूछा- Checking क्यों नहीं?

दिल्ली-NCR में चलती स्लीपर बस के अंदर नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बस करीब 47 किलोमीटर तक चलती रही, लेकिन रास्ते में किसी चेकपोस्ट पर उसकी जांच नहीं हुई। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया है। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब बस इतने लंबे रूट से होकर गुजरी तो पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? बारिश और अंधेरे के बीच बस में बैठी छात्रा रिपोर्टों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा बारिश और अंधेरे के बीच रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके में पहुंची थी। वह नोएडा में अपने रिश्तेदार के पास जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान एक स्लीपर बस वहां पहुंची। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को मदद का भरोसा देकर बस में बैठाया। इसके बाद बस दिल्ली की तरफ बढ़ गई। पुलिस के अनुसार, परी चौक से कश्मीरी गेट तक का सफर करीब 47 किलोमीटर का था। इसी सफर के दौरान छात्रा के साथ कथित अपराध हुआ। एक दिन पहले भी आरोपियों पर गंभीर आरोप जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से एक दिन पहले भी ड्राइवर और कंडक्टर पर छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बस और उससे जुड़े अन्य सबूतों को कब्जे में लिया है। CCTV फुटेज समेत दूसरे डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है। Driver और Conductor गिरफ्तार पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बस किस रास्ते से गुजरी और रास्ते में किन-किन जगहों पर रुकी। बस की जांच भी की जा रही है ताकि घटना से जुड़े जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। Bus में पर्दे, CCTV को लेकर भी सवाल स्लीपर बसों में यात्रियों की Privacy के लिए पर्दे लगाए जाते हैं, लेकिन इसी व्यवस्था ने सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्टों में बस में CCTV की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में सवाल है कि लंबी दूरी तक चलने वाली स्लीपर बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त Monitoring क्यों नहीं होती? Rahul Gandhi ने Police Checking पर उठाए सवाल मामले पर राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक नाबालिग के साथ बस के अंदर इतनी गंभीर घटना हुई और वाहन करीब 47 किलोमीटर तक चलता रहा। उन्होंने सवाल किया कि रास्ते में मौजूद पुलिस व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। उन्होंने बसों की Checking और Monitoring को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। राहुल गांधी ने इस घटना का संदर्भ देते हुए Nirbhaya Case की याद भी दिलाई और कहा कि वर्षों बाद भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वही सवाल सामने आना चिंताजनक है। 47 KM का सफर और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल इस घटना ने दिल्ली-NCR की Public Transport Safety पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आखिर सड़कों पर चलने वाली बसों की Monitoring किस तरह होती है? क्या संदिग्ध बसों की नियमित Checking होती है? क्या हर स्लीपर बस में CCTV और Emergency Support की पर्याप्त व्यवस्था है? ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल रोजाना हजारों लोग करते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की तस्वीर साफ होगी। यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि Public Transport में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सिस्टम की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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