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Waqf Act SC Hearing LIVE: संसद ने हिंदुओं पर भी कानून बनाया है… सिब्बल की दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी प्रतिक्रिया

Desh Harpal Special Report| नई दिल्ली | 16 अप्रैल 2025 Waqf Act SC Hearing LIVE – सुप्रीम कोर्ट में आज Waqf Act को लेकर एक बेहद अहम सुनवाई हुई, जिसमें वकील कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार के हालिया Waqf Act Amendment पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे एकतरफा और धर्म विशेष को लक्षित करने वाला बताया। लेकिन कोर्ट ने सिब्बल की दलीलों पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा, “Parliament ने केवल मुसलमानों के लिए नहीं, हिंदुओं के लिए भी कानून बनाए हैं।“ क्या है Waqf Act Amendment? केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में Waqf Act 1995 में संशोधन किया गया है। यह संशोधन 5 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद कानून बना और तुरंत प्रभाव से लागू भी हो गया। संशोधित कानून के तहत Waqf properties के रिकॉर्ड, उनके उपयोग और प्रबंधन को लेकर सख्त प्रावधान किए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह बदलाव पारदर्शिता और accountability सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था। विरोध और विवाद Waqf Act में बदलाव के बाद देश के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। कई जगहों पर violent clashes की खबरें भी आईं। मुस्लिम समुदाय के कुछ संगठनों ने आरोप लगाया कि यह कानून उनकी संपत्ति और धार्मिक अधिकारों को सीमित करता है। कोर्ट में क्या हुआ? आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा कि क्या इस कानून से किसी खास धर्म को निशाना बनाया गया है? जब सिब्बल ने इसे “धर्म विशेष को नियंत्रित करने वाला कानून” कहा, तो कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा: “Parliament ने हिंदू धर्म के लिए भी कानून बनाए हैं जैसे Hindu Religious and Charitable Endowments Act। इसलिए यह कहना गलत है कि केवल एक धर्म के खिलाफ कानून बनाया जा रहा है।“ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कहा कि कानून की वैधता को धर्म के चश्मे से नहीं देखा जा सकता। सरकार का पक्ष केंद्र सरकार की ओर से Solicitor General Tushar Mehta ने कहा कि संशोधन का मकसद किसी धर्म को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि Waqf Boards की जवाबदेही तय करना है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार Waqf properties के दुरुपयोग की शिकायतें आई हैं, जिन्हें रोकना आवश्यक है। आगे की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को दो सप्ताह के भीतर अपने विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 मई 2025 की तारीख तय की है। Desh Harpal इस संवेदनशील मामले की हर अपडेट आपको LIVE और निष्पक्ष रूप में पहुंचाता रहेगा। Waqf Act से जुड़े सामाजिक, कानूनी और धार्मिक प्रभावों पर हम जल्द ही एक विशेष रिपोर्ट भी लेकर आएंगे।
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Bihar Politics: Tejashwi Yadav ने Mahagathbandhan

Tejashwi Yadav CM Face , सीट शेयरिंग पर खोले पत्ते, Delhi में Congress-RJD की बैठक के बाद सियासत गरमाई

Bihar Politics: Tejashwi Yadav, Rahul gandhi Mahagathbandhan Bihar की राजनीति में एक बार फिर उबाल है। 2025 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, Mahagathbandhan के अंदर चल रही खींचतान और रणनीतियों की परतें खुलने लगी हैं। इसी सिलसिले में दिल्ली में Congress और RJD के बीच एक अहम बैठक हुई जिसमें Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi और Tejashwi Yadav जैसे बड़े नेता शामिल हुए। बैठक के बाद जब मीडिया ने Tejashwi Yadav से पूछा कि Mahagathbandhan का CM Face कौन होगा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया— “बातचीत के बाद सारी चीज़ें सामने आ जाएंगी।” इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि फॉर्मूला 70 पर चर्चा चल रही है और बहुत जल्द इसका खुलासा होगा। क्या है फॉर्मूला 70? बताया जा रहा है कि ‘फॉर्मूला 70’ का मतलब यह हो सकता है कि RJD 70 से ज़्यादा सीटें अपने पास रखेगा और बाकी सीटों पर Congress, Left पार्टियां, VIP और अन्य सहयोगी दलों के साथ समझौता होगा। लेकिन इसी फॉर्मूले को लेकर अभी भी महागठबंधन के भीतर seat sharing पर रस्साकशी बनी हुई है। Delhi में मंथन, Patna में समीकरण Patna में जहां पार्टी वर्कर्स और जमीनी स्तर पर संगठन एक्टिव हो चुका है, वहीं Delhi में मंथन जारी है। Congress चाहती है कि उसे पिछले चुनाव की तुलना में ज्यादा सीटें मिलें, वहीं RJD का दावा है कि वह सबसे बड़ी पार्टी है और उसी के पास नेतृत्व रहना चाहिए। कुर्बानी कौन देगा? बात सिर्फ सीटों की नहीं, बल्कि leadership की भी है। सूत्रों के मुताबिक Congress यह संकेत दे रही है कि अगर उसे ज़्यादा सीटें नहीं मिलतीं, तो वह campaign में अपने बड़े चेहरों को झोंकने से परहेज़ कर सकती है। वहीं RJD का फोकस Tejashwi Yadav को ही एकमात्र CM Face के तौर पर प्रोजेक्ट करने पर है। Left और VIP का रोल Mahagathbandhan में Left पार्टियां और VIP जैसे दल भी शामिल हैं। इनकी मांगें भी equation को complex बना रही हैं। Left पार्टियां जनाधार के आधार पर अधिक सीटें चाहती हैं, जबकि VIP जैसी छोटी पार्टियां symbolic सीटों से संतुष्ट नहीं हैं। Desh Harpal की Exclusive जानकारी के अनुसार, Mallikarjun Kharge और Rahul Gandhi ने Tejashwi Yadav को भरोसा दिलाया है कि सभी दलों की सहमति से एक common minimum programme और CM Face पर फैसला लिया जाएगा। लेकिन सीट शेयरिंग को लेकर आखिरी निर्णय मई के पहले हफ्ते तक आ सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या Bihar में Mahagathbandhan अपने अंदरुनी मतभेद सुलझाकर एक united front के रूप में सामने आएगा या फिर सीटों और leadership की ‘कुर्बानी’ की राजनीति उसे कमजोर कर देगी। Desh Harpal आपके लिए आगे भी इस developing political story पर नजर बनाए रखेगा।
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Bhopal

भोपाल के एक युवा ने ChatGPT से यह सवाल किया कि “यदि भोपाल पर अंग्रेजों का कब्जा नहीं होता और नवाबों का ही शासन होता तो भोपाल कैसा दिखता?”

भोपाल, 15 अप्रैल | देश हरपल ब्यूरो भोपाल के एक युवा द्वारा की गई एक साधारण सी कल्पना आधारित पूछताछ अब चर्चा का विषय बन चुकी है। कुछ दिन पहले इस युवा ने दुनिया के सबसे लोकप्रिय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल ChatGPT से यह सवाल किया कि “यदि भोपाल पर अंग्रेजों का कब्जा नहीं होता और नवाबों का ही शासन बना रहता तो भोपाल कैसा दिखता?” इस सवाल के जवाब में AI ने एक काल्पनिक छवि तैयार की, जिसमें भोपाल को पूरी तरह एक इस्लामिक राजशाही प्रभाव वाले शहर की तरह दिखाया गया है। तस्वीर में ऊँची-ऊँची मीनारें, विशाल गुम्बद वाली मस्जिदें, मुग़ल शैली की इमारतें और हरियाली लिए हरे रंग के गुंबद प्रमुख रूप से दिखाई दे रहे हैं। हालांकि AI द्वारा बनाई गई यह तस्वीर कल्पनाशीलता पर आधारित है, लेकिन इसमें भोपाल की विविध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का अभाव महसूस किया गया। शहर के कई नागरिकों और इतिहास के जानकारों का कहना है कि भोपाल की पहचान केवल नवाबी शासन या मुग़ल वास्तुकला तक सीमित नहीं रही है। भोपाल की वास्तुकला में जहाँ एक ओर ताज-उल-मस्जिद जैसी ऐतिहासिक मस्जिदें हैं, वहीं भारत भवन, भीम बेटका की गुफाएं और आदिवासी संस्कृति की छाप भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मुद्दा उठता है — क्या AI जैसे प्लेटफॉर्म भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से विविध देश की पूरी तस्वीर पेश करने में सक्षम हैं? टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों का मानना है कि AI अपने उत्तरों को प्रशिक्षित डेटा और एल्गोरिदम के आधार पर बनाता है, जिसमें कभी-कभी एकपक्षीय छवि उभर सकती है। ऐसे में यूज़र्स को भी यह समझना होगा कि AI द्वारा दी गई तस्वीरें या जवाब कल्पना आधारित हो सकते हैं, और उनका ऐतिहासिक या सामाजिक संतुलन जरूरी नहीं। देश हरपल इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में विशेषज्ञों, इतिहासकारों और तकनीकी विशेषज्ञों की राय के साथ एक विस्तृत चर्चा प्रकाशित करेगा।
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SP MLA Indrajeet Saroj:

SP MLA Indrajeet Saroj: ‘श्राप दे देते भगवान ताकि भस्म हो जाते मुसलमान…’

Controversial Statement Again by SP MLA Indrajeet Saroj: Desh Harpal | 15 अप्रैल 2025 | उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर विवाद की चिंगारी सुलग उठी है। Samajwadi Party के कद्दावर नेता और मौजूदा विधायक इंद्रजीत सरोज ने एक विवादित बयान देकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। पहले मंदिरों और हिंदू देवी-देवताओं को लेकर दिये गए उनके पुराने बयान ने खूब तूल पकड़ा था, और अब एक बार फिर उन्होंने अपने उसी बयान को दोहराते हुए कहा है – “अगर भगवान चाहते तो मुसलमानों को श्राप दे देते और वे भस्म हो जाते।” क्या है पूरा मामला? दरअसल, इंद्रजीत सरोज का ये बयान तब आया जब उनसे मीडिया ने उनके पुराने बयान पर प्रतिक्रिया मांगी, जिसमें उन्होंने कहा था कि “अगर भगवान वाकई होते तो वो मंदिरों को तोड़ने वालों को भस्म कर देते।” इस पर सफाई देने के बजाय इंद्रजीत सरोज ने और भी तीखा बयान दे डाला। उन्होंने कहा कि जब मुगलों ने मंदिर तोड़े, तब भगवान ने कुछ नहीं किया, इसका मतलब भगवान नहीं थे या फिर वो सिर्फ किताबों में हैं। उन्होंने ये भी कहा कि “अगर भगवान होते तो मस्जिदों में तो नहीं रहते, फिर मंदिरों में ही क्यों नहीं बचा पाए खुद को?” इस बयान ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और अब BJP समेत कई हिन्दू संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। सियासी घमासान BJP नेताओं ने इस बयान को Hindu sentiments के खिलाफ बताया है और तुरंत माफी मांगने की मांग की है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर ज़बरदस्त बवाल मचा है। कई users ने इंद्रजीत सरोज को “Hinduphobic” कहा है, तो कुछ ने उन्हें पार्टी से निकालने की मांग की है। Akhilesh Yadav की चुप्पी पर सवाल अब सवाल उठ रहा है कि क्या Samajwadi Party इस बयान से खुद को अलग करेगी या फिर Akhilesh Yadav इस पर चुप्पी साधे रहेंगे? क्योंकि पहले भी पार्टी के कुछ नेताओं के विवादित बयानों पर पार्टी ने कोई ठोस एक्शन नहीं लिया था। Desh Harpal का विश्लेषण ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में धार्मिक भावनाएं बेहद संवेदनशील मुद्दा हैं। किसी भी राजनेता को ऐसा बयान देने से पहले यह सोचना चाहिए कि उसके शब्द समाज पर क्या असर डाल सकते हैं। इंद्रजीत सरोज का यह बयान सिर्फ राजनीतिक विवाद ही नहीं बल्कि समाज में वैमनस्य फैलाने वाला है। Desh Harpal यह मानता है कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी है। खासतौर पर उन नेताओं के लिए जो लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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“Coca-Cola ने मुसलमानों के लिए की पीली केप वाली कोल्ड ड्रिंक….?

Coca-Cola Special Coldrink Only For One Religion? Here’s The Truth | देश हरपल स्पेशल रिपोर्ट Coca-Cola की एक खास बोतल चर्चा में है — जिसकी कैप है पीले रंग की, और बताया जा रहा है कि यह केवल एक खास धर्म के लिए बनाई गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दावे ने कई लोगों को चौंका दिया है। दावा ये भी किया जा रहा है कि यह “Special Coldrink” सिर्फ रमज़ान के महीने में बनाई जाती है और इसमें इस्तेमाल होने वाले Ingredients बाकी कोल्ड्रिंक्स से अलग हैं। लेकिन क्या यह सच है? चलिए देश हरपल पर जानते हैं इसकी पूरी सच्चाई। वायरल क्या हुआ? कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर Coca-Cola की एक बोतल की तस्वीर वायरल हो रही है जिसकी Yellow Cap है। दावा किया जा रहा है कि ये बोतल सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लिए बनाई गई है और इसमें इस्तेमाल किए गए प्रोडक्ट्स को Halal Certified किया गया है। ये Yellow Cap आखिर है क्या? असल में, कोका-कोला कंपनी रमज़ान के मौके पर Middle East और कुछ अन्य मुस्लिम देशों में एक खास पैकेजिंग के साथ अपने प्रोडक्ट्स लॉन्च करती है। ये Yellow Cap उसी कस्टम पैकेजिंग का हिस्सा है। लेकिन इसका मतलब ये कतई नहीं है कि यह सिर्फ एक धर्म विशेष के लिए है। Coca-Cola का क्या कहना है? Coca-Cola Middle East की ओर से स्पष्ट किया गया है कि Yellow Cap Bottles में ऐसा कुछ भी नहीं है जो केवल किसी एक धर्म विशेष के लिए बनाया गया हो। बल्कि, यह Marketing Strategy है, ताकि रमज़ान के दौरान consumers को special feel दिया जा सके। इसके साथ ही ये Cap कुछ खास Instructions को Represent करता है जैसे कि “Halal Certified” होने की जानकारी। Halal Certification क्या होता है? Halal एक Arabic Word है जिसका मतलब होता है “वो जो अनुमति प्राप्त हो”। खाने-पीने के Products के लिए Halal Certification यह बताता है कि उसमें ऐसा कोई Ingredient नहीं है जो इस्लामिक कानून के विरुद्ध हो। भारत सहित कई देशों में Halal और Vegetarian दोनों तरह के Certification आम हैं। क्या भारत में भी यह Yellow Cap Bottle मिलती है? नहीं। यह पैकेजिंग केवल Middle East और कुछ चुनिंदा देशों में ही उपलब्ध है। भारत में फिलहाल ऐसी कोई Coca-Cola Bottle officially Launch नहीं की गई है। अफवाह क्यों फैली? Social Media पर आधी-अधूरी जानकारी के साथ Sensational Claims करना आजकल आम हो गया है। कुछ लोगों ने बिना पुख्ता जानकारी के सिर्फ Cap के रंग को देखकर यह मान लिया कि पूरी Drink एक धर्म विशेष के लिए बनाई गई है, जो कि ग़लत है। Coca-Cola की Yellow Cap वाली Bottle कोई धार्मिक पक्षपात नहीं बल्कि एक खास त्योहार के लिए मार्केटिंग रणनीति है। यह Drink सभी के लिए है, और इसमें ऐसा कुछ नहीं जो किसी एक धर्म के लिए Exclusively बनाया गया हो। Desh Harpal आपसे अपील करता है कि ऐसी अफवाहों से बचें और किसी भी खबर को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता ज़रूर जांचें।
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Robert Vadra

Robert Vadra पहुंचें ED ऑफिस – बोले, “Parliament में Rahul की आवाज़ दबाई जाती है, यहां मेरी…”

दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति और बिज़नेसमैन Robert Vadra आज एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पेश हुए। यह पेशी गुरुग्राम के शिकोहपुर जमीन सौदे (Shikohpur Land Deal) को लेकर है, जिसमें Vadra की कंपनी Skylight Hospitality पर अवैध रूप से जमीन खरीदने और बेचने के आरोप हैं। यह मामला हरियाणा के NTC यानी National Tasking Committee की रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर उभरा है। क्या है पूरा मामला? दरअसल, Skylight Hospitality ने गुरुग्राम के शिकोहपुर इलाके में 3.5 एकड़ जमीन खरीदी थी। आरोप है कि इस जमीन की कीमत बाज़ार मूल्य से बहुत कम दिखाई गई थी, और बाद में इसे भारी मुनाफे पर DLF जैसी बड़ी रियल एस्टेट कंपनी को बेच दिया गया। इस डील में सरकारी नियमों की अनदेखी और राजनीतिक प्रभाव के इस्तेमाल का आरोप है। ED की तरफ से Vadra को दूसरी बार समन भेजा गया, जिसके बाद आज वे दिल्ली स्थित कार्यालय पहुंचे। उनसे पूछताछ में प्रॉपर्टी डील के दस्तावेज़, लेन-देन की जानकारी, और संबंधित अधिकारियों से संपर्कों के बारे में सवाल किए गए। Vadra का पलटवार – सरकार पर लगाया बड़ा आरोप ED ऑफिस पहुंचने से पहले Robert Vadra ने मीडिया से बात करते हुए कहा – राजनीतिक रंग लेता मामला इस केस ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार selective targeting कर रही है, ताकि विपक्ष को दबाया जा सके। वहीं, भाजपा का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और no one is above the law। आगे क्या? ED इस मामले में दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी। अगर Vadra जांच में सहयोग नहीं करते हैं या आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला लंबा खिंच सकता है और कानूनी पेंच और भी गहरे हो सकते हैं। Desh Harpal इस मामले से जुड़ी हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा। बने रहिए हमारे साथ।
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Aligarh Saas Damad Love Story

Aligarh Saas Damad Love Story: में हर दिन नया ड्रामा, Gujarat तक पहुंचा मामला!

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले की एक Aligarh Saas Damad Love Story ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस कहानी में किरदार हैं—एक होने वाला दामाद और उसकी होने वाली सास, जो शादी से ठीक पहले भाग निकले। अब यह सास-दामाद की unexpected प्रेम कहानी पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुकी है। भागे प्रेमियों की तलाश में जुटी पुलिस मडराक थाना क्षेत्र के मनोहरपुर कायस्त गांव की एक युवती की शादी 16 अप्रैल को दादों निवासी युवक से तय हुई थी। लेकिन इससे पहले ही युवती की मां अपने होने वाले दामाद संग फरार हो गई। फिलहाल दोनों का कुछ अता-पता नहीं है। पुलिस ने युवक के पिता, बहनोई और अन्य परिजनों से पूछताछ की है। शुरुआती लोकेशन उत्तराखंड मिलने पर टीम वहां भेजने की बात हुई थी, लेकिन अब नया अंदेशा है कि वे Gujarat में भी हो सकते हैं। युवक के कुछ दोस्तों पर इन्हें भगाने में मदद करने का शक है, इसलिए पुलिस अब उनसे कड़ी पूछताछ कर रही है। CO इगलास महेश कुमार ने बताया कि जानकारी मिलते ही टीमें संभावित ठिकानों पर भेजी जाएंगी। ताबीज से वशीकरण का आरोप युवक के पिता ने चौंकाने वाला आरोप लगाया है कि उसकी सास ने उसे ताबीज देकर वशीकरण कर लिया। उनके अनुसार, जब वह महिला बेटे की तबीयत खराब होने पर घर आई थी, तब वह दो ताबीज लेकर आई—एक गर्दन में और एक कमर में बांधने के लिए। इसके बाद से ही बेटे का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। उन्होंने मीडिया से कहा, “अब यह साफ हो गया है कि हमारा बेटा किसी तंत्र-मंत्र के जाल में फंस गया है। वह महिला ही उसे बहका कर ले गई है। समाज में हमारी बहुत बदनामी हो गई है। इसलिए अब हम उसे घर नहीं लाएंगे और उसे संपत्ति से भी बेदखल किया जाएगा।” महिला के पति ने तोड़ी चुप्पी इस प्रेम-कांड में महिला के पति ने भी अब चुप्पी तोड़ी है। मिडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि रात करीब 10 बजे उन्होंने अपने होने वाले दामाद को कॉल किया था। पहले तो उसने बात टालनी चाही, लेकिन जब शक गहराया तो उसने धमकी देते हुए कहा, “तुमने 19 साल की शादी में अपनी पत्नी को बहुत परेशान किया है। अब उसे भूल जाओ, नहीं तो तुम्हारा घर वीरान कर दूंगा।” महिला के पति ने यह भी बताया कि उसी ने जिद करके अपने दामाद को मोबाइल दिलवाया था। जबकि वह अपनी होने वाली पत्नी से सिर्फ चंद मिनट बात करता था, लेकिन महिला से दिन भर बातें करता था। यह रिश्ता कब emotional affair बन गया, उन्हें अंदाज़ा नहीं हुआ। दोनों परिवारों ने तोड़ा रिश्ता अब इस लव स्टोरी का अंजाम यह है कि दोनों ही परिवारों ने महिला और युवक से रिश्ता खत्म कर दिया है। युवती व उसके पिता ने महिला को अपनाने से इनकार कर दिया है, वहीं युवक के परिवार ने भी साफ कह दिया है कि अब वह उनके लिए मरा हुआ है। अब दोनों परिवारों की सिर्फ एक ही मांग है—पुलिस जल्द से जल्द उन्हें ढूंढ़कर सामने लाए और जो जेवर-नकदी वे ले गए हैं, वह वापस करा दे। Aligarh की ये unconventional love story हर रोज़ नए मोड़ ले रही है—वशीकरण, भागना, धमकी, सामाजिक बदनामी और पारिवारिक टूटन सब कुछ इसमें है। पुलिस अपनी जांच में जुटी हुई है, लेकिन फिलहाल यह मामला और भी रहस्यमय होता जा रहा है। Desh Harpal इस अजीब प्रेम कहानी पर नज़र बनाए हुए है। आगे के अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए।
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Rohit Sharma

Nita Ambani से Rohit Sharma को लेकर एक फेन ने की Emotional Appeal -देखिये Video

देश हरपल न्यूज पोर्टल के लिए विशेष रिपोर्ट IPL 2025 में मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) की टीम को लेकर एक फैन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक भावुक फैन टीम की मालकिन नीता अंबानी (Nita Ambani) के सामने हाथ जोड़कर Rohit Sharma को वापस टीम की कप्तानी सौंपने की गुज़ारिश करता नज़र आ रहा है। यह घटना एक पब्लिक इवेंट की है, जहां नीता अंबानी लोगों से मिल रही थीं। तभी एक युवा फैन, जो टीम का सच्चा समर्थक बताया जा रहा है, उनके सामने आया और भावुक होकर बोला –“मैम, हम आपसे रिक्वेस्ट करते हैं कि Rohit Sharma को वापस Captain बना दीजिए। वो हमारे लिए सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि इमोशन हैं।”फैन की आंखों में आंसू और आवाज़ में तड़प देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। गौरतलब है कि पिछले IPL सीजन से पहले Hardik Pandya को Mumbai Indians की कप्तानी सौंपी गई थी। इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर काफी विवाद हुआ था और फैंस ने इसे Rohit Sharma का अपमान बताया था। Rohit ने मुंबई को 5 बार IPL का चैंपियन बनाया है, और इसी वजह से उनके चाहने वाले उन्हें फिर से लीडर के रूप में देखना चाहते हैं। फैन का यह वीडियो अब लाखों बार देखा जा चुका है और Twitter से लेकर Instagram तक पर लोग इसे शेयर करते हुए टीम मैनेजमेंट को टैग कर रहे हैं। कुछ कमेंट्स में लिखा गया –“He is not just a cricketer, he is the soul of MI.”“Bring back Rohit, bring back the glory!” अब देखना यह है कि क्या इस वायरल अपील के बाद मुंबई इंडियंस के मालिकान फैंस की भावनाओं को समझकर कोई बड़ा फैसला लेंगे या नहीं। देश हरपल इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए है। आप भी बताइए – क्या Rohit Sharma को दोबारा कप्तान बनना चाहिए
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PM Modi in Hisar: हिसार एयरपोर्ट का उद्घाटन, कांग्रेस पर तीखा हमला और वक्फ कानून पर बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के दो महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। सुबह 10 बजे उन्होंने हिसार में हरियाणा के पहले Domestic Airport का उद्घाटन किया और वहीं से हिसार-अयोध्या के लिए सीधी Flight को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद उन्होंने हिसार एयरपोर्ट परिसर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस, वक्फ कानून और संविधान के दुरुपयोग पर जमकर निशाना साधा। 🛫 “हवाई चप्पल पहनने वाला भी जहाज में उड़ेगा” PM मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का सपना है कि आम आदमी भी हवाई सफर का अनुभव कर सके। उन्होंने कहा, “अब श्रीकृष्ण की पावन भूमि हरियाणा सीधे श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से जुड़ गई है। बहुत जल्द हिसार से देश के अन्य शहरों के लिए भी उड़ानें शुरू होंगी।”मोदी ने बताया कि 2014 से पहले देश में 74 एयरपोर्ट थे, लेकिन आज यह संख्या 150 के पार हो चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि, “10 साल में करोड़ों भारतीयों ने पहली बार हवाई यात्रा की है। हमने उन स्थानों पर भी एयरपोर्ट बनाए, जहां पहले अच्छे रेलवे स्टेशन तक नहीं थे।” 🧕 “वक्फ कानून से मुसलमानों का नहीं, कांग्रेस का भला हुआ” PM ने वक्फ कानून को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “आजादी के बाद से 2013 तक वक्फ कानून चला, लेकिन 2013 में कांग्रेस ने उसमें बदलाव कर दिया ताकि चुनाव में वोट पा सके। ऐसा कानून बनाया कि बाबा साहेब के संविधान की धज्जियां उड़ गईं। अगर इस कानून का सही उपयोग हुआ होता तो मुस्लिम समाज को साइकिल के पंचर बनाने तक की नौबत नहीं आती।” मोदी ने कांग्रेस से सीधा सवाल किया कि “अगर उनके दिल में वाकई मुसलमानों के लिए हमदर्दी है तो अपनी पार्टी का अध्यक्ष किसी मुसलमान को क्यों नहीं बनाते?” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सिर्फ लोगों के अधिकार छीनना चाहती है। 📜 “कांग्रेस ने बाबा साहेब को हराया, संविधान को कुचला” PM मोदी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा, “कांग्रेस ने उन्हें दो बार चुनाव हराकर अपमानित किया। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने SC, ST और OBC को मिलने वाली Pension तक धर्म के आधार पर बाट दी।”उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान को सत्ता हथियाने का एक Tool मानती है, जबकि BJP संविधान की आत्मा को बचाने का काम कर रही है। ⚖️ “UCC का विरोध कर संविधान की भावना को मारा” प्रधानमंत्री ने Uniform Civil Code (UCC) पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा, “जब भी कांग्रेस को सत्ता खतरे में नजर आई, उन्होंने संविधान को कुचल दिया। संविधान कहता है कि सभी के लिए एक समान नागरिक संहिता होनी चाहिए, लेकिन कांग्रेस ने UCC का हमेशा विरोध किया।”उन्होंने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां BJP सरकार ने संविधान की भावना को लागू करते हुए UCC को सख्ती से लागू किया। 🔌 अब यमुनानगर में रखेंगे 800 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट की नींव हिसार कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री यमुनानगर के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वह 800 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट का शिलान्यास करेंगे और एक और जनसभा को संबोधित करेंगे। Desh Harpal पर जुड़े रहिए देशभर की बड़ी खबरों के लिए — जहां हर मुद्दा आपकी सोच को दिशा देता है।
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13 अप्रैल 2025 (रविवार) का राशिफल

Daily Horoscope 13 अप्रैल 2025 रविवार दैनिक राशिफल 🐏 मेष: पारिवारिक मामलों में समय अच्छा रहेगा। कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।🐂 वृषभ: धन लाभ के योग हैं लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं। सेहत का ध्यान रखें।👫 मिथुन: मित्रों से मदद मिलेगी। यात्रा के योग बन रहे हैं।🦀 कर्क: नौकरी में तरक्की के योग हैं। बॉस से सराहना मिलेगी।🦁 सिंह: किसी धार्मिक आयोजन में भाग ले सकते हैं। मन शांत रहेगा।👩‍⚖ कन्या: गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें।⚖ तुला: वैवाहिक जीवन में मिठास आएगी। पार्टनर का सहयोग मिलेगा।🦂 वृश्चिक: कामकाज में मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है। स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें।🏹 धनु: प्रेम संबंध मजबूत होंगे। कोई शुभ समाचार मिलेगा।🐐 मकर: घर में कोई नया सामान आ सकता है। परिवार संग समय बिताएं।🏺 कुंभ: संचार माध्यमों से लाभ होगा। पुराने दोस्तों से मुलाकात संभव।🐟 मीन: धन के लेन-देन में सावधानी बरतें। फालतू खर्च से बचें
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PNB

PNB में करोड़ों की Fake Currency का खेल! Saharanpur में CCTV ने बढ़ाया शक, 3 Officers पर Action

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़ा मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान करोड़ों रुपये के संदिग्ध नकली नोट मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं, जबकि विस्तृत जांच में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। वहीं, RBI की जांच के बाद इस पूरे मामले में कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। कैसे सामने आया करोड़ों के नकली नोटों का मामला? मामले की शुरुआत उस समय हुई जब RBI को भेजी गई नकदी में करीब ₹4.36 लाख की कमी सामने आई। इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद बैंक में करेंसी चेस्ट का रिकॉर्ड खंगाला गया और विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच आगे बढ़ी तो बैंक के अंदर रखी नकदी में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। असली Cash की जगह Fake Notes रखने का शक प्रारंभिक जांच में आशंका है कि करेंसी चेस्ट में मौजूद असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि असली रकम कब निकाली गई और नकली नोट बैंक के Cash Vault तक कैसे पहुंचे। बैंक के Cash Movement Records, लॉगबुक, ऑडिट रिपोर्ट और कर्मचारियों की ड्यूटी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध गतिविधि इस पूरे मामले में बैंक का CCTV Footage जांच का अहम हिस्सा बन गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में करेंसी चेस्ट के आसपास एक हाउसकीपिंग कर्मचारी की गतिविधियां दिखाई दी हैं। जांच अधिकारी अब CCTV फुटेज को बैंक के एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और कैश रिकॉर्ड से मिलाकर देख रहे हैं। इससे यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि करेंसी चेस्ट तक किस-किस कर्मचारी की पहुंच थी। 3 PNB Officers Suspended मामले में बैंक के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें करेंसी चेस्ट और कैश से जुड़े अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। बैंक ने तीन अधिकारियों को Suspended कर दिया है। हालांकि, निलंबन का मतलब दोष साबित होना नहीं है। अंतिम जिम्मेदारी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। SIT के हाथ में जांच, RBI भी कर रहा पड़ताल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT (Special Investigation Team) गठित की है। टीम बैंक के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और नकदी के लेन-देन की पूरी कड़ी को खंगाल रही है। दूसरी ओर, RBI से जुड़ी जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोटों का स्रोत क्या था और वे बैंक की करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंचे। ₹17 करोड़ या ₹7.40 करोड़? रकम को लेकर क्यों है Confusion इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा नकली नोटों की रकम को लेकर है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में ₹17 करोड़ तक की रकम का उल्लेख किया गया, जबकि बाद की विस्तृत रिपोर्टों में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात कही गई है। चूंकि जांच और नोटों की गिनती का काम जारी है, इसलिए अंतिम आंकड़ा आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। बैंकिंग सिस्टम की Security पर उठे सवाल सहारनपुर के PNB मामले ने बैंक की करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट बैंक के सुरक्षित Cash Vault तक कैसे पहुंचे? नियमित जांच और ऑडिट के दौरान इनकी पहचान क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच एजेंसियां तलाश रही हैं। आने वाले दिनों में CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है और नकली नोटों की वास्तविक मात्रा, असली रकम के नुकसान और इस मामले में शामिल लोगों को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SCO Summit

SCO Summit में Pakistan की Edited Photo पर बवाल, PM Modi और Iran President गायब

SCO Summit से जुड़ी एक तस्वीर ने भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से चल रही तल्खी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक X अकाउंट से शेयर की गई एक तस्वीर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तस्वीर के एडिटेड वर्जन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथ खड़े ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन नजर नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीर सामने आने के बाद यूजर्स ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक अकाउंट पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। खास बात यह है कि जिस कार्यक्रम की तस्वीर साझा की गई, उसमें भारत और ईरान दोनों के शीर्ष नेता मौजूद थे। Original Photo और Edited Version को लेकर सवाल SCO Summit की ग्रुप फोटो में संगठन के कई सदस्य देशों के नेता एक साथ नजर आए थे। इसी तस्वीर का एक अलग वर्जन पाकिस्तान PMO के X हैंडल से पोस्ट किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दिखाई नहीं देते। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या तस्वीर को जानबूझकर एडिट किया गया था। हालांकि, तस्वीर को लेकर पाकिस्तान सरकार की ओर से ऐसी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है कि पोस्ट में मूल तस्वीर के बजाय बदला हुआ फ्रेम क्यों इस्तेमाल किया गया। PM Modi और Pezeshkian की मुलाकात भी रही अहम SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय हालात पर बातचीत हुई। भारत और ईरान के रिश्ते लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखते हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक Summit के दौरान महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रही। यही वजह है कि ग्रुप फोटो से दोनों नेताओं के गायब होने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। Pakistan PM की भी ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात इस मामले का एक और दिलचस्प पहलू सामने आया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी SCO Summit के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर ईरानी राष्ट्रपति पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी मिले थे, तो ग्रुप फोटो के साझा किए गए वर्जन में उनका नजर नहीं आना आखिर क्यों हुआ। India-Pakistan Relations के बीच बढ़ी चर्चा भारत और पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से सामने आने वाली छोटी-सी तस्वीर भी राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने Summit में आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और सामूहिक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सामने आई कथित Edited Photo ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उठाए सवाल तस्वीर पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने Original Group Photo और पाकिस्तान PMO द्वारा साझा तस्वीर की तुलना करते हुए सवाल पूछे। हालांकि, यह भी जरूरी है कि तस्वीर के पीछे की मंशा को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकाला जाए। पाकिस्तान सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तस्वीर में बदलाव क्यों किया गया था। SCO Summit ने फिर खींचा दुनिया का ध्यान SCO Summit में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा हुई। एक तरफ Summit में भारत का आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश सुर्खियों में रहा, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात ने भारत-ईरान संबंधों को लेकर ध्यान खींचा। अब पाकिस्तान PMO की कथित Edited Photo इस पूरे घटनाक्रम में एक नया विवाद बनकर सामने आई है। सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोगों की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान सरकार इस तस्वीर को लेकर कोई आधिकारिक सफाई देती है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

Jantar Mantar FIR Case: प्रदर्शनकारियों को SC से राहत, CJP ने Delhi March टाला

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च भी वापस ले लिया। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अब इस मार्च का आयोजन नहीं करेगा। यह पूरा मामला जुलाई में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR को वापस लेना आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल था। बाद में इसी मुद्दे को लेकर CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदर्शनकारियों को राहत सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की ओर से प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने को लेकर आवेदन किया गया था। सुनवाई के दौरान इन मामलों को खत्म करने का रास्ता निकाला गया। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन से संबंधित करीब 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाने की बात सामने आई। कुछ ऐसे लोगों के मामले अलग रखे गए हैं, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी गई थी। इस फैसले के बाद आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। लंबे समय से FIR वापसी की मांग कर रहे संगठन के लिए इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। 5 सितंबर का Delhi March क्यों किया गया था? CJP ने 24 अगस्त को 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया था। प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक होना था। संगठन का आरोप था कि 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने के दौरान सरकार की ओर से किए गए कुछ आश्वासनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। CJP ने खास तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि अगर वादे पूरे नहीं हुए तो वह फिर से सड़कों पर उतरेगा। पहले SC ने मार्च पर रोक लगाने से किया था इनकार इस मामले में घटनाक्रम तेजी से बदला। 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने CJP के 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जिससे यह माना जाए कि प्रदर्शन के दौरान अनिवार्य रूप से अप्रिय स्थिति पैदा होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर छोड़ी गई थी। लेकिन इसके अगले ही दिन मामला अलग दिशा में चला गया। 1 सितंबर की सुनवाई के दौरान केंद्र के आश्वासन और कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने खुद 5 सितंबर के मार्च को वापस लेने की घोषणा कर दी। CJP ने क्यों बदला फैसला? सुप्रीम कोर्ट में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन और अदालत के आदेश को देखते हुए संगठन ने मार्च वापस लेने का फैसला किया है। यानी जिस मुद्दे को लेकर दोबारा सड़क पर उतरने की तैयारी थी, उसमें कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। CJI ने भी सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के सकारात्मक रवैये और बातचीत के महत्व पर जोर दिया। अदालत की टिप्पणी का संदेश साफ था कि खुले मन से बातचीत हो तो विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bhopal

Sealing Action पर Bhopal में बवाल: व्यापारियों और पुलिस में भिड़ंत, शंख-डमरू बजाकर प्रदर्शन

Bhopal में Sealing Action को लेकर व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। कार्रवाई के विरोध में जुटे कारोबारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को धक्का-मुक्की हो गई। कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ कारोबारी गिर गए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। Sealing के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए। कारोबारियों का कहना है कि कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर व्यापारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी बीच कुछ कारोबारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। पुलिस और व्यापारियों के बीच इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेड्स के पास हुई धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। आगे बढ़ने की कोशिश में कुछ कारोबारी गिर गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति को संभाल लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी और बढ़ती दिखाई दी। थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार से लगाई गुहार व्यापारियों के विरोध का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए विरोध जताया। व्यापारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और सीलिंग कार्रवाई को लेकर सरकार उनकी मांगों पर विचार करे। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध के जरिए सरकार और प्रशासन तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहते हैं। व्यापारियों की मांग पर अब नजर भोपाल में Sealing Action को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन और कारोबारियों के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद मामला चर्चा में है। व्यापारियों का विरोध यह संकेत दे रहा है कि सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Bus में नाबालिग से कथित गैंगरेप, 47 KM तक चलता रहा सफर; Rahul Gandhi ने पूछा- Checking क्यों नहीं?

दिल्ली-NCR में चलती स्लीपर बस के अंदर नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बस करीब 47 किलोमीटर तक चलती रही, लेकिन रास्ते में किसी चेकपोस्ट पर उसकी जांच नहीं हुई। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया है। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब बस इतने लंबे रूट से होकर गुजरी तो पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? बारिश और अंधेरे के बीच बस में बैठी छात्रा रिपोर्टों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा बारिश और अंधेरे के बीच रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके में पहुंची थी। वह नोएडा में अपने रिश्तेदार के पास जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान एक स्लीपर बस वहां पहुंची। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को मदद का भरोसा देकर बस में बैठाया। इसके बाद बस दिल्ली की तरफ बढ़ गई। पुलिस के अनुसार, परी चौक से कश्मीरी गेट तक का सफर करीब 47 किलोमीटर का था। इसी सफर के दौरान छात्रा के साथ कथित अपराध हुआ। एक दिन पहले भी आरोपियों पर गंभीर आरोप जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से एक दिन पहले भी ड्राइवर और कंडक्टर पर छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बस और उससे जुड़े अन्य सबूतों को कब्जे में लिया है। CCTV फुटेज समेत दूसरे डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है। Driver और Conductor गिरफ्तार पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बस किस रास्ते से गुजरी और रास्ते में किन-किन जगहों पर रुकी। बस की जांच भी की जा रही है ताकि घटना से जुड़े जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। Bus में पर्दे, CCTV को लेकर भी सवाल स्लीपर बसों में यात्रियों की Privacy के लिए पर्दे लगाए जाते हैं, लेकिन इसी व्यवस्था ने सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्टों में बस में CCTV की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में सवाल है कि लंबी दूरी तक चलने वाली स्लीपर बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त Monitoring क्यों नहीं होती? Rahul Gandhi ने Police Checking पर उठाए सवाल मामले पर राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक नाबालिग के साथ बस के अंदर इतनी गंभीर घटना हुई और वाहन करीब 47 किलोमीटर तक चलता रहा। उन्होंने सवाल किया कि रास्ते में मौजूद पुलिस व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। उन्होंने बसों की Checking और Monitoring को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। राहुल गांधी ने इस घटना का संदर्भ देते हुए Nirbhaya Case की याद भी दिलाई और कहा कि वर्षों बाद भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वही सवाल सामने आना चिंताजनक है। 47 KM का सफर और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल इस घटना ने दिल्ली-NCR की Public Transport Safety पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आखिर सड़कों पर चलने वाली बसों की Monitoring किस तरह होती है? क्या संदिग्ध बसों की नियमित Checking होती है? क्या हर स्लीपर बस में CCTV और Emergency Support की पर्याप्त व्यवस्था है? ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल रोजाना हजारों लोग करते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की तस्वीर साफ होगी। यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि Public Transport में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सिस्टम की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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