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Terror Attack in Pahalgam

Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam: हिंदुओं को निशाना बनाकर की गई बर्बरता, 26 की मौत, honeymoon पर आए कपल को भी नहीं छोड़ा

Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam- जम्मू-कश्मीर के शांत और सुरम्य पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर घाटी की शांति को खून से लाल कर दिया। आतंकियों ने ‘मिनी स्विट्ज़रलैंड’ कहे जाने वाले बैसारन घाटी में टूरिस्ट्स को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 26 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए। यह हमला 2019 के पुलवामा अटैक के बाद का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। हनीमून पर आए थे शुभम, नाम पूछकर सिर में मारी गोली घटना मंगलवार दोपहर करीब 2:45 बजे की है। यूपी से आए शुभम द्विवेदी अपने honeymoonपर पत्नी के साथ पहलगाम पहुंचे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने उनसे नाम पूछा और जैसे ही उन्होंने अपना नाम बताया, तुरंत सिर में गोली मार दी। शुभम की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। उनकी पत्नी इस हादसे के बाद बेसुध हालत में है। लोकल पुलिस की वर्दी में थे आतंकी, जबरन पढ़वाया ‘कलमा’ पुणे से पहलगाम घूमने आईं आसावरी ने आजतक से बातचीत में बताया कि हमलावर लोकल पुलिस की वर्दी में और मास्क लगाए हुए थे। उन्होंने पर्यटकों, खासकर हिंदू यात्रियों से जबरन ‘कलमा’ पढ़वाने की कोशिश की, और जो नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी। आसावरी ने रोते हुए बताया कि “मेरे सामने मेरे पापा को तीन गोलियां मारी गईं, और वो वहीं गिर पड़े।” Jammu-Kashmir Terror Attack in Pahalgam: लश्कर-ए-तैयबा ने ली हमले की जिम्मेदारी हमले के कुछ घंटों बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। शुरू में प्रशासन ने केवल 1 मौत की पुष्टि की थी, लेकिन करीब 4 घंटे बाद मीडिया रिपोर्ट्स में 26 मौतों की पुष्टि हुई। मारे गए पर्यटकों के नाम (राज्यवार सूची) घायलों की सूची सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हलचल पर्यटकों के लिए हेल्पलाइन नंबर घाटी की शांति पर फिर सवाल जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाएं अब एक बार फिर हिंदुओं और टूरिज्म को निशाना बना रही हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक सद्भावना के लिए बड़ा खतरा है। पहलगाम जैसे सुरक्षित माने जाने वाले टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर हमला बताता है कि अब आतंकियों की रणनीति बदल गई है। 👉 Desh Harpal इस हृदयविदारक घटना की कड़ी निंदा करता है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।सरकार से मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त से सख्त सजा दी जाए।
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Anurag Kashyap Controversy

🎬 Anurag Kashyap Controversy: सोशल मीडिया पर दिए Unfiltered जवाब से मचा बवाल, मांगी सार्वजनिक माफी

📰 Desh Harpal स्पेशल रिपोर्ट: Anurag Kashyap का नाम एक बार फिर विवादों में आ गया है, लेकिन इस बार मामला उनकी किसी फिल्म या बयान से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी से जुड़ा है। मामला इतना बढ़ गया कि दिल्ली, मुंबई, जयपुर और इंदौर सहित कई शहरों में उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज की गईं। विरोध में उनके पुतले जलाए गए और बॉयकॉट की मांग तेज़ हो गई। अंततः अनुराग कश्यप को Instagram पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। उन्होंने लिखा –“मैं गुस्से में एक व्यक्ति को जवाब देते हुए अपनी मर्यादा भूल गया और पूरे ब्राह्मण समाज के प्रति अपशब्द कह दिए। यह समाज मेरी ज़िंदगी में हमेशा सहयोगी रहा है। मेरे परिवार, मेरे साथी और जिन बुद्धिजीवियों की मैं इज्जत करता हूं – सब मुझसे आहत हैं। मैं तहे दिल से माफी मांगता हूं और आगे से ऐसी गलती नहीं दोहराऊंगा।” विवाद की जड़ – फिल्म “Phule” और जातिवाद पर चर्चा इस पूरे विवाद की शुरुआत हुई प्रतीक गांधी और पत्रलेखा स्टारर फिल्म ‘Phule’ से, जो समाज सुधारक ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के जीवन पर आधारित है। फिल्म का ट्रेलर आते ही उस पर जातिवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगने लगे। सेंसर बोर्ड ने भी फिल्म में बदलाव के सुझाव दिए। अनुराग कश्यप का इस फिल्म से कोई सीधा संबंध नहीं था, लेकिन उन्होंने सेंसर बोर्ड के रवैये और freedom of expression पर सोशल मीडिया पर अपनी राय रखी। इसी पोस्ट पर एक यूज़र ने ब्राह्मणों को लेकर एक आपत्तिजनक कमेंट किया – “ब्राह्मण तुम्हारे बाप हैं…”, जिस पर कश्यप ने जवाब दिया – और वही जवाब उनके लिए मुसीबत बन गया। सोशल मीडिया पर आग, जमीन पर प्रदर्शन अनुराग का कमेंट वायरल होते ही ब्राह्मण संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। पहले भी विवादों में रहे हैं अनुराग कश्यप यह पहला मौका नहीं है जब अनुराग कश्यप ने विवादों में घिरे हों: 🔹 Manmarziyaan फिल्म में सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने पर उन्होंने माफी मांगी थी।🔹 The Hindu को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बॉलीवुड को “Toxic” करार देते हुए कहा था कि वो Mumbai छोड़ना चाहते हैं क्योंकि यहां creativity की कद्र नहीं रह गई।🔹 साल 2020 में KRK (कमाल राशिद खान) ने उनके मरने की झूठी खबर पोस्ट की थी, जिस पर कश्यप ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। अनुराग का निजी जीवन भी रहा है चर्चा में फिल्मों से इतर अनुराग का निजी जीवन भी सुर्खियों में रहा। उन्होंने आरती बजाज से शादी की थी, जिनसे उन्हें एक बेटी आलिया है। बाद में तलाक हुआ और फिर उन्होंने अभिनेत्री कल्कि कोचलिन से शादी की, जो कुछ ही साल में टूट गई। अब सवाल ये है कि… क्या अनुराग कश्यप की ये माफी जनता और ब्राह्मण समाज को संतुष्ट कर पाएगी? या सोशल मीडिया की ये लहर और कानूनी शिकंजा उन्हें आने वाले दिनों में और मुश्किल में डाल देगा? जो भी हो, इतना तय है कि एक बार फिर एक कलाकार का गुस्सा public platform पर भारी पड़ गया है।
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Terrorist Attack in Pahalgam

🔴 Terrorist Attack in Pahalgam: पर्यटकों पर हमला, एक की मौत, घोड़े भी घायल

Terrorist Attack in Pahalgam: जम्मू-कश्मीर के टूरिस्ट हॉटस्पॉट पहलगाम के बैसरन इलाके में सोमवार को आतंकियों ने अचानक घुड़सवारी कर रहे पर्यटकों पर फायरिंग कर दी। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि तीन पर्यटकों समेत कुल सात लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। तीन स्थानीय निवासी भी इस हमले में घायल हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों की संख्या दो से तीन बताई जा रही है और वे पुलिस या आर्मी की यूनिफॉर्म में थे, जिससे किसी को उन पर शक नहीं हुआ। हमले में न केवल इंसानों को बल्कि घोड़ों को भी निशाना बनाया गया, जिन पर गोलियां चलीं। कई घोड़े गंभीर रूप से घायल हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए CRPF की अतिरिक्त Quick Reaction Team (QRT) को मौके पर भेजा गया है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और टूरिस्ट ज़ोन को पूरी तरह सील कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि आतंक का यह नया चेहरा सीधे घाटी की टूरिज़्म इंडस्ट्री को निशाना बना रहा है, जिससे ना सिर्फ स्थानीय रोजगार प्रभावित होगा बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा पर भी सवाल उठे हैं। हमले के वक्त टूरिस्ट ग्रुप घुड़सवारी का आनंद ले रहा था, तभी अचानक गोलियों की बौछार शुरू हो गई, जिससे भगदड़ मच गई। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मृतक की पहचान की जा रही है। यह हमला उस वक्त हुआ है जब गर्मियों का टूरिस्ट सीजन शुरू हो चुका है और पहलगाम में टूरिस्ट्स की संख्या लगातार बढ़ रही थी। सुरक्षा एजेंसियां इस एंगल से भी जांच कर रही हैं कि कहीं हमलावरों का मकसद घाटी में डर का माहौल बनाकर टूरिज़्म को नुकसान पहुंचाना तो नहीं। Desh Harpal इस घटना की पल-पल की अपडेट्स आप तक पहुंचाता रहेगा।
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Congress

Judicial Politics और Congress का ‘संविधान बचाओ’ ड्रामा – निशिकांत दुबे का तगड़ा वार

(Desh Harpal l News Desk):BJP सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर Congress पर करारा हमला बोला है, लेकिन इस बार उनका निशाना बना एक ऐसा नाम जिसे लेकर राजनीति और न्यायपालिका के संबंधों पर गंभीर सवाल उठाए जा सकते हैं – Justice Baharul Islam. निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया और संसद में Judicial Politics और Congress का ‘संविधान बचाओ’ ड्रामा – निशिकांत दुबे का तगड़ा वार की संविधान बचाओ मुहिम को ‘मजेदार कहानी’ बताते हुए तंज कसा कि Judicial Politics और Congress का ‘संविधान बचाओ’ ड्रामा – निशिकांत दुबे का तगड़ा वारही वो पार्टी है जो जब सत्ता में थी, तब उसने कैसे न्यायपालिका का अपने हिसाब से इस्तेमाल किया। उन्होंने Justice Baharul Islam का उदाहरण देते हुए कहा: “1977 में जब इंदिरा गांधी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे, तब Baharul Islam ने वह सभी केस तन्मयता से समाप्त कर दिए। इसके इनामस्वरूप कांग्रेस ने उन्हें 1983 में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर करवा कर तीसरी बार राज्यसभा में भेज दिया।” निशिकांत दुबे के इस बयान की पुष्टि सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट से भी होती है, जहाँ के अनुसार: निशिकांत दुबे ने इस इतिहास को उजागर करते हुए पूछा कि “क्या यही है कांग्रेस की न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा?” इस बयान के जरिए BJP सांसद ने न केवल कांग्रेस की राजनीतिक नीयत पर सवाल उठाया, बल्कि वर्तमान में जारी Judiciary vs Politics बहस को भी एक नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि ये पार्टी सिर्फ जब विपक्ष में होती है, तभी उसे संविधान और न्यायपालिका की याद आती है। अब देखना ये होगा कि कांग्रेस इस गंभीर आरोप का क्या जवाब देती है। लेकिन इतना तो तय है कि Baharul Islam का यह केस एक बार फिर Judicial Appointments और Political Rewards के बीच की ‘Thin Line’ को लोगों के सामने ला रहा है।
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सप्ताह के व्रत -त्यौहार

22 अप्रैल से 27 अप्रैल 2025 के व्रत और त्योहार प्रत्येक पर्व की तिथि, महत्व और परंपरागत रूप से मनाने के विधान

22 April se 27 April ke vrat aur tyohar 🌍 22 अप्रैल 2025 (मंगलवार) – पृथ्वी दिवस 🙏 24 अप्रैल 2025 (गुरुवार) – वरुथिनी एकादशी 🕉️ 25 अप्रैल 2025 (शुक्रवार) – प्रदोष व्रत 🕉️ 26 अप्रैल 2025 (शनिवार) – मासिक शिवरात्रि 🌑 27 अप्रैल 2025 (रविवार) – वैशाख अमावस्या इस सप्ताह के व्रत और त्योहार आध्यात्मिक उन्नति, पर्यावरण संरक्षण और पारिवारिक कल्याण के लिए महत्वपूर्णहं।इन अवसरों पर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर और समाज सेवा करके आप अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकतेहैं।
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rashifal

22 अप्रैल 2025 (मंगलवार | Tuesday) दैनिक राशिफल (Daily Horoscope)

♈ मेष (Aries) – सोच-समझकर फैसले लें।♉ वृषभ (Taurus) – प्रॉपर्टी से जुड़ा लाभ संभव।♊ मिथुन (Gemini) – छोटे-छोटे कामों में फायदा।♋ कर्क (Cancer) – फैमिली टाइम अच्छा बीतेगा।♌ सिंह (Leo) – ऑफिस में प्रशंसा होगी।♍ कन्या (Virgo) – मानसिक स्थिरता ज़रूरी है।♎ तुला (Libra) – बिज़नेस डील्स फाइनल हो सकती हैं।♏ वृश्चिक (Scorpio) – पुराने दोस्त मिल सकते हैं।♐ धनु (Sagittarius) – फिजूलखर्च से बचें।♑ मकर (Capricorn) – प्रमोशन के योग बन रहे हैं।♒ कुंभ (Aquarius) – घर में हल्का तनाव हो सकता है।♓ मीन (Pisces) – रोमांटिक टाइम एंजॉय करेंगे।
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Breaking: पोप फ्रांसिस(Pope Francis) का निधन – वेटिकन में शोक की लहर

21 अप्रैल 2025 को वेटिकन सिटी में पोप फ्रांसिस का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वेटिकन के कैमरलेंगो कार्डिनल केविन फैरेल ने उनके निधन की पुष्टि की। पिछले कुछ महीनों से वे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, जिसमें दोनों फेफड़ों में निमोनिया प्रमुख था। ​ अंतिम क्षण और स्वास्थ्य स्थिति पोप फ्रांसिस को फरवरी 2025 में ब्रोंकाइटिस के कारण रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी स्थिति बिगड़ती गई और उन्हें डबल निमोनिया हो गया, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी रही। हालांकि मार्च में उनकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ था, लेकिन वे पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो पाए। ​ 12 वर्षों की प्रेरणादायक पोपाई 2013 में चुने गए पोप फ्रांसिस पहले लैटिन अमेरिकी और जेसुइट पोप थे। उनकी पोपाई सुधारों, करुणा और समावेशिता के लिए जानी जाती है। उन्होंने LGBTQ समुदाय, पुनर्विवाहित तलाकशुदा व्यक्तियों और प्रवासियों के लिए सहानुभूति और समर्थन दिखाया। उनकी प्रसिद्ध टिप्पणी “Who am I to judge?” ने चर्च के रूढ़िवादी दृष्टिकोण को चुनौती दी। ​Latest news & breaking headlines अंतिम संस्कार और अगला कदम पोप फ्रांसिस के निधन के बाद वेटिकन में नौ दिवसीय शोक अवधि (Novemdiales) शुरू हो गई है। इस दौरान सेंट पीटर्स स्क्वायर में विशेष मास आयोजित किए जाएंगे। पोप का अंतिम संस्कार चौथे से छठे दिन के बीच किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें सेंट पीटर्स बेसिलिका में दफनाया जाएगा। ​АТВ दुनिया भर से श्रद्धांजलियाँ दुनिया भर के नेता, धार्मिक प्रमुख और आम लोग पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उनकी करुणा, सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता और समावेशी दृष्टिकोण को याद किया जा रहा है।​ पोप फ्रांसिस की विरासत उनके सुधारवादी दृष्टिकोण, करुणा और समावेशिता के लिए हमेशा याद की जाएगी।​
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IPL 2025 में MI vs CSK मैच बना भावनाओं का मैदान, 17 साल के Ayush Mhatre की बैटिंग देख भावुक हुआ भाई

(देश हरपल lक्रिकेट सवंदाता द्वारा )IPL 2025 का रोमांच अपने चरम पर है, लेकिन रविवार को खेले गए Mumbai Indians vs Chennai Super Kings के मुकाबले में जो दृश्य सामने आया, उसने क्रिकेट को सिर्फ खेल नहीं बल्कि भावना का संगम साबित कर दिया। इस हाई-वोल्टेज मैच में चेन्नई की टीम की ओर से डेब्यू करने वाले 17 वर्षीय आयुष म्हात्रे (Ayush Mhatre) ने मैदान पर ऐसी तूफानी पारी खेली कि उनके भाई की आंखें भर आईं। चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम की ओर से खेलने वाले आयुष म्हात्रे अब तक के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। अपने पहले ही मैच में उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में 32 रन बनाए, जिसमें 4 शानदार चौके और 2 दमदार छक्के शामिल थे। उन्होंने ना सिर्फ टीम को मजबूती दी, बल्कि स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के साथ-साथ अपने परिवार के लिए भी यह पल यादगार बना दिया। मैच के दौरान जैसे ही आयुष ने लगातार दो चौके और फिर एक छक्का लगाया, कैमरा स्टेडियम में बैठे उनके भाई की ओर गया – जो अपनी जगह पर खड़े होकर तालियां बजा रहा था और उसकी आंखों से आंसू छलक रहे थे। यह पल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह एक भावनात्मक मोड़ बन गया है। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में CSK कप्तान ने भी आयुष की तारीफ करते हुए कहा, “उसने दबाव में बेहतरीन बैटिंग की, और आने वाले समय में वो टीम का एक मजबूत हिस्सा बनेगा।” आयुष म्हात्रे की यह पारी क्रिकेट की उन कहानियों में शामिल हो गई है जो सिर्फ रन और रिकॉर्ड से नहीं, बल्कि जज़्बात और जुनून से लिखी जाती हैं। देखें Video:MI vs CSK: भावुक पल का वीडियो
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Joint Operation में Security Forces की बड़ी कामयाबी, भारी मात्रा में Arms और Ammunition बरामद

Joint Operation में Security Forces की बड़ी कामयाबी, भारी मात्रा में Arms और Ammunition बरामद

Manipur में जारी तनावपूर्ण हालातों के बीच Security Forces को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। Assam Rifles और Manipur Police की Joint Operation टीम ने हाल ही में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में arms और ammunition बरामद किए हैं। यह ऑपरेशन Imphal East, Thoubal और Kakching जिलों में अलग-अलग जगहों पर चलाया गया। Security agencies को इन इलाकों में illegal weapons की movement की intelligence inputs मिली थी, जिसके बाद ये coordinated operations शुरू किए गए। तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों ने कुल 6 arms, जिनमें एक AK series rifle, दो Single Barrel Guns, एक .303 Rifle और दो Improvised weapons शामिल हैं, को बरामद किया। इसके साथ-साथ लगभग 17 hand grenades, 5 types के mortars, detonators और बड़ी मात्रा में live ammunition भी जब्त की गई है। इन हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी से साफ है कि कुछ असामाजिक तत्व राज्य में फिर से हिंसा भड़काने की साजिश में लगे हुए हैं। Security Forces की सजगता और सटीक action के चलते एक बड़ी अनहोनी टल गई। इस Joint operation में local police की active भागीदारी भी सराहनीय रही, जिन्होंने ground level पर intelligence sharing और coordination में अहम भूमिका निभाई। Authorities के अनुसार, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि राज्य में peace और stability को सुनिश्चित किया जा सके। State government ने भी इन efforts की सराहना करते हुए कहा है कि किसी भी कीमत पर law and order की स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। देश हरपल की रिपोर्टManipur में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, लेकिन अभी भी challenges बाकी हैं। ऐसे में इस तरह की joint operations न सिर्फ आतंक के मंसूबों को नाकाम कर रहे हैं, बल्कि आम जनता में सुरक्षा को लेकर विश्वास भी जगा रहे हैं।
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Nishikant Dubye

Supreme Court, Contempt, Nishikant Dubey – अब कानूनी घेरे में घिरते दिख रहे हैं बीजेपी सांसद?

नई दिल्ली।Supreme Court के खिलाफ की गई कथित ‘अवमाननापूर्ण टिप्पणी’ अब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकती है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब वरिष्ठ अधिवक्ता शिवकुमार त्रिपाठी ने देश के Attorney General (एटॉर्नी जनरल) को एक आधिकारिक चिट्ठी भेजकर निशिकांत दुबे के खिलाफ Contempt of Court (कोर्ट की अवमानना) की कार्यवाही की अनुमति मांगी। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब दुबे ने उच्चतम न्यायालय के एक आदेश को लेकर आपत्ति जताते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर ऐसी टिप्पणी की, जिसे न्यायपालिका के सम्मान और स्वायत्तता पर सीधा हमला माना जा रहा है। शिवकुमार त्रिपाठी की इस चिट्ठी में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ इस तरह की सार्वजनिक टिप्पणियां न केवल अदालत की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि आम जनता में न्यायिक व्यवस्था के प्रति विश्वास को भी कमजोर करती हैं। उन्होंने मांग की है कि सांसद दुबे पर Contempt of Court Act, 1971 के तहत कार्यवाही होनी चाहिए। त्रिपाठी ने चिट्ठी में यह भी उल्लेख किया है कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते निशिकांत दुबे को न्यायपालिका की स्वतंत्रता और गरिमा का सम्मान करना चाहिए था, न कि उस पर उंगली उठानी चाहिए। हालांकि, इस मामले पर अब तक दुबे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन यह साफ है कि अगर एटॉर्नी जनरल इस चिट्ठी को गंभीरता से लेते हैं और सहमति देते हैं, तो निशिकांत दुबे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की विधिवत सुनवाई शुरू हो सकती है। इस प्रकरण ने एक बार फिर Judiciary vs Legislature की पुरानी बहस को हवा दे दी है, जिसमें यह सवाल उठ रहा है कि क्या लोकसभा सदस्य न्यायपालिका की आलोचना की आड़ में अपनी सीमाएं लांघ रहे हैं? अब सबकी निगाहें Attorney General की प्रतिक्रिया और Supreme Court के रुख पर टिकी हैं। क्या यह मामला आने वाले दिनों में संसद और अदालत के बीच टकराव का कारण बनेगा? देश हरपल इस प्रकरण से जुड़ी हर अहम जानकारी आपको सबसे पहले देगा।
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Editor's Picks

PNB

PNB में करोड़ों की Fake Currency का खेल! Saharanpur में CCTV ने बढ़ाया शक, 3 Officers पर Action

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़ा मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान करोड़ों रुपये के संदिग्ध नकली नोट मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं, जबकि विस्तृत जांच में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। वहीं, RBI की जांच के बाद इस पूरे मामले में कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। कैसे सामने आया करोड़ों के नकली नोटों का मामला? मामले की शुरुआत उस समय हुई जब RBI को भेजी गई नकदी में करीब ₹4.36 लाख की कमी सामने आई। इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद बैंक में करेंसी चेस्ट का रिकॉर्ड खंगाला गया और विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच आगे बढ़ी तो बैंक के अंदर रखी नकदी में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। असली Cash की जगह Fake Notes रखने का शक प्रारंभिक जांच में आशंका है कि करेंसी चेस्ट में मौजूद असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि असली रकम कब निकाली गई और नकली नोट बैंक के Cash Vault तक कैसे पहुंचे। बैंक के Cash Movement Records, लॉगबुक, ऑडिट रिपोर्ट और कर्मचारियों की ड्यूटी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध गतिविधि इस पूरे मामले में बैंक का CCTV Footage जांच का अहम हिस्सा बन गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में करेंसी चेस्ट के आसपास एक हाउसकीपिंग कर्मचारी की गतिविधियां दिखाई दी हैं। जांच अधिकारी अब CCTV फुटेज को बैंक के एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और कैश रिकॉर्ड से मिलाकर देख रहे हैं। इससे यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि करेंसी चेस्ट तक किस-किस कर्मचारी की पहुंच थी। 3 PNB Officers Suspended मामले में बैंक के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें करेंसी चेस्ट और कैश से जुड़े अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। बैंक ने तीन अधिकारियों को Suspended कर दिया है। हालांकि, निलंबन का मतलब दोष साबित होना नहीं है। अंतिम जिम्मेदारी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। SIT के हाथ में जांच, RBI भी कर रहा पड़ताल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT (Special Investigation Team) गठित की है। टीम बैंक के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और नकदी के लेन-देन की पूरी कड़ी को खंगाल रही है। दूसरी ओर, RBI से जुड़ी जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोटों का स्रोत क्या था और वे बैंक की करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंचे। ₹17 करोड़ या ₹7.40 करोड़? रकम को लेकर क्यों है Confusion इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा नकली नोटों की रकम को लेकर है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में ₹17 करोड़ तक की रकम का उल्लेख किया गया, जबकि बाद की विस्तृत रिपोर्टों में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात कही गई है। चूंकि जांच और नोटों की गिनती का काम जारी है, इसलिए अंतिम आंकड़ा आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। बैंकिंग सिस्टम की Security पर उठे सवाल सहारनपुर के PNB मामले ने बैंक की करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट बैंक के सुरक्षित Cash Vault तक कैसे पहुंचे? नियमित जांच और ऑडिट के दौरान इनकी पहचान क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच एजेंसियां तलाश रही हैं। आने वाले दिनों में CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है और नकली नोटों की वास्तविक मात्रा, असली रकम के नुकसान और इस मामले में शामिल लोगों को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SCO Summit

SCO Summit में Pakistan की Edited Photo पर बवाल, PM Modi और Iran President गायब

SCO Summit से जुड़ी एक तस्वीर ने भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से चल रही तल्खी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक X अकाउंट से शेयर की गई एक तस्वीर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तस्वीर के एडिटेड वर्जन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथ खड़े ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन नजर नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीर सामने आने के बाद यूजर्स ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक अकाउंट पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। खास बात यह है कि जिस कार्यक्रम की तस्वीर साझा की गई, उसमें भारत और ईरान दोनों के शीर्ष नेता मौजूद थे। Original Photo और Edited Version को लेकर सवाल SCO Summit की ग्रुप फोटो में संगठन के कई सदस्य देशों के नेता एक साथ नजर आए थे। इसी तस्वीर का एक अलग वर्जन पाकिस्तान PMO के X हैंडल से पोस्ट किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दिखाई नहीं देते। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या तस्वीर को जानबूझकर एडिट किया गया था। हालांकि, तस्वीर को लेकर पाकिस्तान सरकार की ओर से ऐसी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है कि पोस्ट में मूल तस्वीर के बजाय बदला हुआ फ्रेम क्यों इस्तेमाल किया गया। PM Modi और Pezeshkian की मुलाकात भी रही अहम SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय हालात पर बातचीत हुई। भारत और ईरान के रिश्ते लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखते हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक Summit के दौरान महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रही। यही वजह है कि ग्रुप फोटो से दोनों नेताओं के गायब होने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। Pakistan PM की भी ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात इस मामले का एक और दिलचस्प पहलू सामने आया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी SCO Summit के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर ईरानी राष्ट्रपति पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी मिले थे, तो ग्रुप फोटो के साझा किए गए वर्जन में उनका नजर नहीं आना आखिर क्यों हुआ। India-Pakistan Relations के बीच बढ़ी चर्चा भारत और पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से सामने आने वाली छोटी-सी तस्वीर भी राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने Summit में आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और सामूहिक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सामने आई कथित Edited Photo ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उठाए सवाल तस्वीर पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने Original Group Photo और पाकिस्तान PMO द्वारा साझा तस्वीर की तुलना करते हुए सवाल पूछे। हालांकि, यह भी जरूरी है कि तस्वीर के पीछे की मंशा को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकाला जाए। पाकिस्तान सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तस्वीर में बदलाव क्यों किया गया था। SCO Summit ने फिर खींचा दुनिया का ध्यान SCO Summit में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा हुई। एक तरफ Summit में भारत का आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश सुर्खियों में रहा, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात ने भारत-ईरान संबंधों को लेकर ध्यान खींचा। अब पाकिस्तान PMO की कथित Edited Photo इस पूरे घटनाक्रम में एक नया विवाद बनकर सामने आई है। सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोगों की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान सरकार इस तस्वीर को लेकर कोई आधिकारिक सफाई देती है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

Jantar Mantar FIR Case: प्रदर्शनकारियों को SC से राहत, CJP ने Delhi March टाला

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च भी वापस ले लिया। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अब इस मार्च का आयोजन नहीं करेगा। यह पूरा मामला जुलाई में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR को वापस लेना आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल था। बाद में इसी मुद्दे को लेकर CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदर्शनकारियों को राहत सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की ओर से प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने को लेकर आवेदन किया गया था। सुनवाई के दौरान इन मामलों को खत्म करने का रास्ता निकाला गया। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन से संबंधित करीब 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाने की बात सामने आई। कुछ ऐसे लोगों के मामले अलग रखे गए हैं, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी गई थी। इस फैसले के बाद आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। लंबे समय से FIR वापसी की मांग कर रहे संगठन के लिए इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। 5 सितंबर का Delhi March क्यों किया गया था? CJP ने 24 अगस्त को 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया था। प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक होना था। संगठन का आरोप था कि 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने के दौरान सरकार की ओर से किए गए कुछ आश्वासनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। CJP ने खास तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि अगर वादे पूरे नहीं हुए तो वह फिर से सड़कों पर उतरेगा। पहले SC ने मार्च पर रोक लगाने से किया था इनकार इस मामले में घटनाक्रम तेजी से बदला। 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने CJP के 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जिससे यह माना जाए कि प्रदर्शन के दौरान अनिवार्य रूप से अप्रिय स्थिति पैदा होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर छोड़ी गई थी। लेकिन इसके अगले ही दिन मामला अलग दिशा में चला गया। 1 सितंबर की सुनवाई के दौरान केंद्र के आश्वासन और कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने खुद 5 सितंबर के मार्च को वापस लेने की घोषणा कर दी। CJP ने क्यों बदला फैसला? सुप्रीम कोर्ट में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन और अदालत के आदेश को देखते हुए संगठन ने मार्च वापस लेने का फैसला किया है। यानी जिस मुद्दे को लेकर दोबारा सड़क पर उतरने की तैयारी थी, उसमें कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। CJI ने भी सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के सकारात्मक रवैये और बातचीत के महत्व पर जोर दिया। अदालत की टिप्पणी का संदेश साफ था कि खुले मन से बातचीत हो तो विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bhopal

Sealing Action पर Bhopal में बवाल: व्यापारियों और पुलिस में भिड़ंत, शंख-डमरू बजाकर प्रदर्शन

Bhopal में Sealing Action को लेकर व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। कार्रवाई के विरोध में जुटे कारोबारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को धक्का-मुक्की हो गई। कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ कारोबारी गिर गए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। Sealing के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए। कारोबारियों का कहना है कि कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर व्यापारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी बीच कुछ कारोबारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। पुलिस और व्यापारियों के बीच इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेड्स के पास हुई धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। आगे बढ़ने की कोशिश में कुछ कारोबारी गिर गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति को संभाल लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी और बढ़ती दिखाई दी। थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार से लगाई गुहार व्यापारियों के विरोध का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए विरोध जताया। व्यापारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और सीलिंग कार्रवाई को लेकर सरकार उनकी मांगों पर विचार करे। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध के जरिए सरकार और प्रशासन तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहते हैं। व्यापारियों की मांग पर अब नजर भोपाल में Sealing Action को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन और कारोबारियों के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद मामला चर्चा में है। व्यापारियों का विरोध यह संकेत दे रहा है कि सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Bus में नाबालिग से कथित गैंगरेप, 47 KM तक चलता रहा सफर; Rahul Gandhi ने पूछा- Checking क्यों नहीं?

दिल्ली-NCR में चलती स्लीपर बस के अंदर नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बस करीब 47 किलोमीटर तक चलती रही, लेकिन रास्ते में किसी चेकपोस्ट पर उसकी जांच नहीं हुई। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया है। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब बस इतने लंबे रूट से होकर गुजरी तो पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? बारिश और अंधेरे के बीच बस में बैठी छात्रा रिपोर्टों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा बारिश और अंधेरे के बीच रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके में पहुंची थी। वह नोएडा में अपने रिश्तेदार के पास जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान एक स्लीपर बस वहां पहुंची। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को मदद का भरोसा देकर बस में बैठाया। इसके बाद बस दिल्ली की तरफ बढ़ गई। पुलिस के अनुसार, परी चौक से कश्मीरी गेट तक का सफर करीब 47 किलोमीटर का था। इसी सफर के दौरान छात्रा के साथ कथित अपराध हुआ। एक दिन पहले भी आरोपियों पर गंभीर आरोप जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से एक दिन पहले भी ड्राइवर और कंडक्टर पर छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बस और उससे जुड़े अन्य सबूतों को कब्जे में लिया है। CCTV फुटेज समेत दूसरे डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है। Driver और Conductor गिरफ्तार पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बस किस रास्ते से गुजरी और रास्ते में किन-किन जगहों पर रुकी। बस की जांच भी की जा रही है ताकि घटना से जुड़े जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। Bus में पर्दे, CCTV को लेकर भी सवाल स्लीपर बसों में यात्रियों की Privacy के लिए पर्दे लगाए जाते हैं, लेकिन इसी व्यवस्था ने सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्टों में बस में CCTV की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में सवाल है कि लंबी दूरी तक चलने वाली स्लीपर बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त Monitoring क्यों नहीं होती? Rahul Gandhi ने Police Checking पर उठाए सवाल मामले पर राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक नाबालिग के साथ बस के अंदर इतनी गंभीर घटना हुई और वाहन करीब 47 किलोमीटर तक चलता रहा। उन्होंने सवाल किया कि रास्ते में मौजूद पुलिस व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। उन्होंने बसों की Checking और Monitoring को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। राहुल गांधी ने इस घटना का संदर्भ देते हुए Nirbhaya Case की याद भी दिलाई और कहा कि वर्षों बाद भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वही सवाल सामने आना चिंताजनक है। 47 KM का सफर और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल इस घटना ने दिल्ली-NCR की Public Transport Safety पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आखिर सड़कों पर चलने वाली बसों की Monitoring किस तरह होती है? क्या संदिग्ध बसों की नियमित Checking होती है? क्या हर स्लीपर बस में CCTV और Emergency Support की पर्याप्त व्यवस्था है? ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल रोजाना हजारों लोग करते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की तस्वीर साफ होगी। यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि Public Transport में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सिस्टम की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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