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फर्जी मान्यता रैकेट में CBI का शिकंजा: रावतपुरा सरकार, इंडेक्स चेयरमैन और पूर्व UGC प्रमुख आरोपी

भोपाल।देशभर के मेडिकल कॉलेजों को फर्जी तरीके से मान्यता दिलवाने के मामले में CBI ने बड़ा खुलासा किया है। इस घोटाले में रावतपुरा सरकार उर्फ रविशंकर महाराज, इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन सुरेश भदौरिया, और पूर्व UGC चेयरमैन व DAVV के पूर्व कुलपति डीपी सिंह को आरोपी बनाया गया है। CBI की एफआईआर में इस बात का जिक्र है कि कॉलेजों को मान्यता दिलाने और उसका रिन्यूअल कराने के बदले मोटी रिश्वत वसूली जा रही थी। भारी रिश्वत लेकर दिलवाई जा रही थी मान्यता CBI के मुताबिक, सुरेश भदौरिया की गहरी पैठ स्वास्थ्य मंत्रालय में थी। वह कॉलेजों को नियमों को ताक पर रखकर फर्जी मान्यता दिलवाता था। इसके बदले 3 से 5 करोड़ तक की रिश्वत वसूल की जाती थी। यही नहीं, निरीक्षण के दौरान कॉलेज में अस्थायी डॉक्टरों को स्थायी दिखाने के लिए फर्जी बायोमेट्रिक अटेंडेंस का भी सहारा लिया गया। पूर्व UGC प्रमुख डीपी सिंह की संदिग्ध भूमिका एफआईआर में डीपी सिंह का नाम भी शामिल किया गया है। वह पहले DAVV और BHU के कुलपति रह चुके हैं और अप्रैल 2024 से TISS (टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज) के चांसलर हैं। आरोप है कि उन्होंने रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज को NMC की पॉजिटिव रिपोर्ट दिलवाने में मदद की। CBI अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। सिस्टम के अंदर से मिल रही थी जानकारी CBI ने स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी चंदन कुमार को भी आरोपी बनाया है। आरोप है कि वह सुरेश भदौरिया को NMC निरीक्षण से जुड़ी गोपनीय जानकारियाँ—जैसे टीम कब आएगी, कौन-कौन सदस्य होंगे—पहले ही लीक कर देता था। मामला दर्ज होते ही भदौरिया फरार हो गया है। रावतपुरा सरकार कॉलेज से शुरू हुई थी जांच CBI की जांच रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज से शुरू हुई थी, जहां से यह पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में पता चला कि देशभर में 40 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज इस रैकेट में शामिल हैं। इंडेक्स मेडिकल कॉलेज का नाम भी इसी कड़ी में सामने आया। दलाल नेटवर्क और साठगांठ इस पूरे मामले में एक संगठित दलाल नेटवर्क सक्रिय था। भदौरिया और रविशंकर महाराज दोनों भिंड जिले के लहार क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने मिलकर पूरे देश में मेडिकल, डेंटल, फार्मेसी और मैनेजमेंट कॉलेजों को मालवांचल यूनिवर्सिटी से जोड़कर एक जाल बिछाया। भदौरिया खुद यूनिवर्सिटी और मयंक वेलफेयर सोसायटी का संचालन करते हैं। ऐसी ही भरोसेमंद और बेबाक खबरों के लिए पढ़ते रहिए – www.deshharpal.com
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अब बिलासपुर को मिलेगा मेडिकल सिटी का तोहफा, नहीं जाना पड़ेगा रायपुर इलाज के लिए

एजुकेशन हब के बाद अब बिलासपुर मेडिकल सुविधाओं के क्षेत्र में भी बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। शहर में जल्द ही मेडिकल सिटी विकसित की जाएगी, जहां मरीजों को एक ही स्थान पर तमाम जांच और इलाज की सुविधाएं मिलेंगी। यह परियोजना ना केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में बदलाव लाएगी, बल्कि हजारों लोगों की जिंदगी आसान बनाएगी। कई बार जांच के लिए जाना पड़ता था बाहर अभी तक बिलासपुर के मरीजों को जटिल जांचों और विशेष इलाज के लिए निजी डायग्नोस्टिक सेंटर या रायपुर तक का सफर करना पड़ता है। शहर में जिला अस्पताल, सिम्स और अपोलो जैसे बड़े अस्पताल तो हैं, लेकिन कई आधुनिक मेडिकल सुविधाओं का एकीकृत केंद्र अब तक नहीं था। अब एक ही जगह होगा इलाज और जांच नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने बताया कि मेडिकल सिटी की योजना पूरी तरह तैयार है। इसमें आधुनिक जांच सुविधाएं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं, और मल्टी-स्पेशियलिटी हेल्थ सेंटर्स एक ही परिसर में मौजूद होंगे। परियोजना के लिए फंडिंग का तरीका भी तय है— कहां बनेगी मेडिकल सिटी? ये हैं संभावित स्थान नगर निगम फिलहाल तीन प्रमुख जगहों पर जमीन तलाश रहा है: डीपीआर तैयार होगा, फिर आगे की प्रक्रिया शुरू प्रोजेक्ट को धरातल पर लाने के लिए सबसे पहले डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जाएगी। इसके लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति होगी और शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। जमीन फाइनल होते ही निर्माण और विकास की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। Deshharpal की खास राय: बिलासपुर के लिए यह प्रोजेक्ट एक बड़ी सौगात की तरह है। मेडिकल सिटी बनने से आम आदमी को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और साथ ही आसपास के जिलों के लोगों को भी फायदा मिलेगा। उम्मीद है कि यह योजना जल्द ही साकार होगी और छत्तीसगढ़ को हेल्थकेयर के क्षेत्र में एक नई पहचान देगी। 📌www.deshharpal.com – आपके शहर, आपके सरोकार की आवाज
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25 लाख की ठगी: रिटायर्ड फौजी को बेची सरकारी जमीन, 15 साल बाद फिर किया दावा, अब खुद दर्ज कराई FIR

देश सेवा के बाद शांति से खेती करना चाह रहे एक रिटायर्ड फौजी के साथ दिल दहला देने वाला धोखा हुआ है। सेना से रिटायर देवप्रकाश दुबे को मझगवां गांव के रहने वाले रिखीराम और उसके बेटों ने मिलकर ठगा। सरकारी जमीन को अपनी बताकर 25 लाख रुपए ऐंठ लिए और अब जब पैसे वापस मांगे गए तो उल्टा उनके खिलाफ हरिजन थाने में मारपीट और जातिसूचक शब्दों की शिकायत दर्ज करा दी। कब, क्या हुआ – घटनाक्रम की पूरी कहानी शिकायत पर उल्टा केस कर दिया देवप्रकाश ने जब पैसे वापस मांगे तो रिखीराम ने खुद हरिजन कल्याण थाने में जाकर उनके खिलाफ शिकायत कर दी — कि मारपीट हुई, जातिसूचक गालियां दी गईं और जमीन पर कब्जा किया गया। लेकिन जब दुबे ने चेक और लेनदेन के दस्तावेज दिखाए तो पुलिस ने उस शिकायत को खारिज कर दिया। जमीन की कहानी भी दोहरी निकली रिखीराम पहले ही यह जमीन रमेश सोनी को बेच चुका था, और बाद में दुबे को। अब भी वह इसी जमीन को अन्य लोगों को दिखाकर बेचने की कोशिश कर रहा है। इस तरह देवप्रकाश ने कुल मिलाकर 25 लाख रुपए गवां दिए और अब हाथ में कुछ नहीं है। पुलिस कर रही जांच थाना प्रभारी उमेश गोल्हानी ने बताया: “शिकायतकर्ता को सरकारी जमीन बेची गई है और आरोपी ने कई बार अलग-अलग समय पर पैसे लिए हैं। मामला गंभीर धोखाधड़ी का है। जांच शुरू कर दी गई है, जल्द दोनों पक्षों को थाने बुलाया जाएगा।” 🔴 विशेष अपील:देश की सेवा करने वाले एक ईमानदार फौजी के साथ हुआ यह धोखा समाज के लिए चेतावनी है। इस मामले में दोषी पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और रिटायर्ड सैनिक इस तरह ठगा न जाए। अगर आप भी किसी प्रॉपर्टी डील में पैसा लगा रहे हैं तो पहले उसके दस्तावेज और जमीन की स्थिति जरूर जांच लें। सरकारी जमीन को बेचने का अधिकार किसी के पास नहीं होता। 📌 जुड़े रहिए www.deshharpal.comके साथ – आपके हक की आवाज
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22 साल बाद मांगा भरण-पोषण, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महिला की याचिका की खारिज

रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महिला की 22 साल बाद भरण-पोषण की मांग को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि इतने लंबे समय तक चुप रहने के बाद अब महिला को भरण-पोषण का दावा करने का अधिकार नहीं बनता। हाईकोर्ट ने इस फैसले में फैमिली कोर्ट के आदेश को भी सही ठहराया है। क्या था मामला? दुर्ग निवासी एक महिला ने अपने पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 144 के तहत याचिका दाखिल की थी। उसने अंतरिम राहत के तौर पर हर महीने 40 हजार रुपए भरण-पोषण और 25 हजार रुपए मुकदमे के खर्च की मांग की थी। हालांकि, फैमिली कोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि महिला 22 साल तक शांत रही, और अब अचानक से भरण-पोषण मांगना तर्कसंगत नहीं है। इसी फैसले के खिलाफ महिला ने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका लगाई थी। महिला थी पटवारी, बाद में हुई बर्खास्त याचिका में महिला ने बताया कि वर्ष 2002 में पति और सास ने उसे और उसके बेटे को घर से निकाल दिया था। इसके बाद वह 2007 में पटवारी के पद पर नियुक्त हुई, लेकिन एक आपराधिक मामले में फंसने के चलते 2019 में बर्खास्त कर दी गई। अब वह बेरोजगार है और जीवन यापन के लिए भरण-पोषण की जरूरत बता रही है। पति ने निकाला, इसलिए हकदार: महिला का तर्क महिला ने हाईकोर्ट में तर्क दिया कि चूंकि पति ने ही उसे घर से निकाला, इसलिए वह पत्नी होने के नाते भरण-पोषण की हकदार है। उसने बताया कि अपनी सारी जमा पूंजी बेटे की पढ़ाई और बीमार पिता की दवाओं में खर्च कर दी है। हाईकोर्ट ने नहीं माना महिला का पक्ष लेकिन हाईकोर्ट महिला के तर्कों से सहमत नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा कि महिला ने यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर इतने वर्षों तक चुप क्यों रही, और अब अचानक भरण-पोषण की जरूरत क्यों पड़ी। चूंकि वह पहले सरकारी सेवा में थी, इसलिए माना जा सकता है कि उसके पास कुछ न कुछ आर्थिक संसाधन अवश्य हैं। DeshHarpal का विश्लेषण: यह मामला बताता है कि भरण-पोषण जैसे अधिकारों के लिए भी न्यायिक प्रक्रिया में समय और परिस्थिति की निरंतरता मायने रखती है। यदि कोई पक्ष लम्बे समय तक निष्क्रिय रहता है, तो अदालतें उससे उचित कारणों की अपेक्षा रखती हैं। www.deshharpal.com — जहां हम लाते हैं आपके लिए कानून, समाज और व्यवस्था से जुड़ी सबसे अहम खबरें, निष्पक्ष और सरल भाषा में।
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सागर के रहली में खेत के मकान से 7.30 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार

सागर, मध्यप्रदेश। रहली क्षेत्र में आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खेत में बने मकान से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। जब्त की गई शराब की बाजार कीमत करीब 7 लाख 30 हजार रुपये आंकी गई है। मौके से एक आरोपी लक्ष्मीकांत अहिरवार को गिरफ्तार किया गया है। खेत में बने पक्के मकान से मिली 86 पेटी शराब मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को आबकारी विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि सागर-जबलपुर बायपास के पास खेत में बने एक मकान में अवैध शराब छिपाकर रखी गई है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग की टीम ने उस स्थान पर दबिश दी।पक्के मकान की तलाशी के दौरान टीम को व्हिस्की, बोटका, बीयर सहित 18 अलग-अलग ब्रांड की 86 पेटियां मिलीं, जिन्हें मौके पर ही जब्त किया गया। शराब को लोडिंग वाहन से आबकारी कार्यालय लाया गया। आबकारी टीम की सतर्कता से बड़ी तस्करी टली कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे SI सियाराम चौधरी ने DeshHarpal.in को बताया कि आरोपी लक्ष्मीकांत अहिरवार को मौके से गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के दिनों में दमोह और रायसेन जिलों से सागर में अवैध शराब लाने की कई शिकायतें मिल रही हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर टीम सतर्क होकर लगातार कार्रवाई कर रही है। अवैध शराब तस्करी पर प्रशासन की पैनी नजर आबकारी विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। खेत, गोदाम, बंद मकानों से लेकर हाईवे किनारे बने निर्माणों तक को जांच के दायरे में लाया जा रहा है। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अवैध शराब से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। www.deshharpal.comपर हम लाते हैं आपके लिए जमीनी हकीकत से जुड़ी वो खबरें, जो देश और समाज को प्रभावित करती हैं — बिना किसी लाग-लपेट के।
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खंडवा जिला अस्पताल में महिला की मौत के बाद बवाल, डॉक्टर से मारपीट, मशीन तोड़ी — डॉक्टरों की हड़ताल की चेतावनी

खंडवा, मध्यप्रदेश। बुधवार सुबह खंडवा जिला अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब इलाज के दौरान ICU में भर्ती एक महिला मरीज की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही नाराज परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ जमकर मारपीट की और अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। 42 वर्षीय महिला रेखा (पत्नी धीरज) को 2 जुलाई की रात एक बजे हृदय संबंधी परेशानी के चलते इमरजेंसी वार्ड लाया गया था। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. रणजीत बडौले ने DeshHarpal.in को बताया कि ECG में हार्ट अटैक की पुष्टि होने पर उन्हें ICU में भर्ती किया गया। परिजनों को महिला की गंभीर स्थिति के बारे में पहले ही बता दिया गया था और हाई-रिस्क कंसर्न भी लिया गया था। सुबह 4 बजे दोबारा ECG जांच में कोई सुधार नहीं दिखा। डॉक्टरों ने CPR सहित हर जरूरी प्रयास किए, लेकिन मरीज को नहीं बचाया जा सका।जैसे ही मौत की सूचना परिजन को दी गई, ICU में मौजूद एक युवक ने डॉ. कुलदीप जोशी पर मुक्कों से हमला कर दिया, कुर्सी फेंकी और ECG मशीन तोड़ डाली। नर्सिंग स्टाफ के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। इस घटना से आक्रोशित जूनियर डॉक्टरों ने खंडवा मेडिकल कॉलेज से मोघट रोड थाना तक रैली निकाली और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस को घटना की CCTV फुटेज सौंपी गई है।Junior Doctors Association ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। डॉ. कुलदीप जोशी ने DeshHarpal.in से बातचीत में कहा, “ICU में अन्य गंभीर मरीज भी थे, ऐसे हमलों से सभी की जान खतरे में पड़ सकती है। हमें डर के साये में नहीं काम करना चाहिए।” इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सुरक्षित कार्य वातावरण मिलना उनका मौलिक अधिकार है। 📌www.deshharpal.com आप तक लाता है देश, समाज और जनसरोकारों से जुड़ी हर जरूरी खबरें — सच्ची, साफ और संवेदनशील पत्रकारिता के साथ।
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केदारनाथ से लौट रहे यात्रियों की बस अलकनंदा में गिरी, 3 की मौत, 9 लापता, सभी एक ही परिवार से जुड़े

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जहां चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की मिनी ट्रैवलर बस अलकनंदा नदी में गिर गई। हादसे में 3 लोगों की मौत, 8 घायल और 9 अब भी लापता बताए जा रहे हैं। यात्रियों का यह ग्रुप राजस्थान के उदयपुर और गोगुंदा इलाके से था, जो केदारनाथ दर्शन के बाद बद्रीनाथ जा रहा था। ट्रक की टक्कर से मिनी ट्रैवलर नदी में गिरी गुरुवार सुबह घोलतीर क्षेत्र, रुद्रप्रयाग में एक ट्रक ने पीछे से मिनी ट्रैवलर को टक्कर मार दी, जिससे वह सीधे गहरी खाई से लुढ़कती हुई अलकनंदा नदी में जा गिरी। हादसे के वक्त बस में कुल 20 लोग सवार थे, जिनमें से 7 लोग राजस्थान के थे। ट्रैवलर गिरते ही कुछ यात्री पहाड़ी पर लटकते हुए बच गए, जिन्हें बाद में एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने बाहर निकाला। सभी यात्री सोनी परिवार से, एक साथ कर रहे थे यात्रा हादसे का शिकार हुए यात्रियों में अधिकतर गोगुंदा निवासी सोनी परिवार के सदस्य हैं। ललित सोनी, जो वर्तमान में सूरत में ज्वैलरी का व्यापार करते हैं, अपने पूरे परिवार और रिश्तेदारों के साथ चारधाम यात्रा पर निकले थे। उनके साथ पत्नी, चार बच्चे, बहनें, दामाद, मां और अन्य पारिवारिक सदस्य मौजूद थे। रिश्तेदारों से मिली जानकारी, कुछ घायल अस्पताल में भर्ती ललित सोनी के रिश्तेदार कुंदन सोनी, जो उदयपुर में रहते हैं, ने बताया कि 10 दिन पहले परिवार केदारनाथ दर्शन कर चुका था और अब बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हुआ था। उन्होंने बताया कि “हमारी बात ईश्वर सोनी और भावना से हुई है, जो घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं।” रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, NDRF और SDRF मौके पर घटनास्थल पर NDRF और SDRF की टीमों के साथ स्थानीय पुलिस राहत और बचाव कार्य में लगी हुई है। लापता लोगों की तलाश जारी है और घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया है। उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी ने जताया दुख उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा: “रुद्रप्रयाग में टेंपो ट्रैवलर के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर अत्यंत दुखद है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। मैं ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।” Permalink(https://deshharpal.com): rudraprayag-bus-accident-alknanda-rajasthan-tourists-dead-missing
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दौसा (राजस्थान) में दर्दनाक वारदात: 6 महीने की बच्ची की संदिग्ध मौत, मां ने पिता पर दीवार से पटककर हत्या करने का आरोप लगाया

राजस्थान के दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में एक 6 महीने की मासूम बच्ची की मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है। मां गीता देवी ने पति राजेंद्र प्रजापति पर नशे में बच्ची को दीवार से पटककर मारने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। यह घटना गुरुवार सुबह सामने आई, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है। बच्ची को पिता ने नशे में दीवार पर पटका: मां का आरोप कोलवा थाना प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृत बच्ची की पहचान परी (6 माह) के रूप में हुई है। गीता देवी का कहना है कि बुधवार रात पति राजेंद्र शराब के नशे में था। आपसी झगड़े के बाद उसने गुस्से में आकर बच्ची को दीवार पर फेंक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। झगड़े के बाद मां घर छोड़कर गई थी, बच्ची पिता के पास थी परिजनों के अनुसार, घरेलू विवाद के चलते गीता देवी बुधवार रात अपनी बड़ी बेटी को लेकर घर से बाहर चली गई थी। इस दौरान परी अपने पिता राजेंद्र के पास थी। गुरुवार सुबह जब गीता घर लौटी, तो बच्ची मृत अवस्था में पड़ी मिली। जांच में जुटी एफएसएल टीम, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने बताया कि बच्ची के शरीर पर कोई स्पष्ट चोट के निशान नहीं मिले हैं। लेकिन मां की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) टीम को दौसा से बुलाया गया है, जो मौके पर जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शराब का आदी है आरोपी, पहले भी करता था झगड़े प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राजेंद्र शराब पीने का आदी है और अक्सर घर में नशे की हालत में मारपीट करता था। पति-पत्नी के बीच पहले से ही लंबे समय से विवाद चल रहा था। दंपती की तीन बेटियां हैं। राजेंद्र के भाई ने दी सफाई राजेंद्र के बड़े भाई गिरिराज ने बच्ची का शव हॉस्पिटल में पहुंचाया और बताया कि “मुझे दोनों के बीच झगड़े की कोई जानकारी नहीं थी। मैं करीब 100 मीटर दूर दूसरे मकान में रहता हूं।” 🔗 Permalink(www.deshharpal.com): dausa-baby-murder-father-accused-koalwa-police-investigation
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भोपाल कोलार Knife Attack: फायर कर्मचारी के सामने छोटे भाई की हत्या, लड़की को लेकर दो गुटों में खूनी संघर्ष

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कोलार इलाके में बुधवार रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां नगर निगम के फायरकर्मी सूरज मोरे के सामने उसके छोटे भाई आकाश मोरे (23) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। इस घटना से इलाके में तनाव और दहशत फैल गई। चाय की टपरी से शुरू हुआ विवाद, पहुंचा खूनी संघर्ष तक रात करीब 10 से 11 बजे के बीच एक रेस्टोरेंट के पास यह घटना हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फायरकर्मी सूरज और उसका दोस्त आशीष चाय पी रहे थे। इसी दौरान किसी लड़की को लेकर आशीष की कुछ युवकों से कहासुनी हो गई। मामला बढ़ने पर आशीष ने सूरज के भाई आकाश को मौके पर बुला लिया। दूसरी ओर, विपक्षी गुट ने भी अपने साथियों को बुला लिया। दोनों पक्षों में देखते ही देखते चाकूबाजी शुरू हो गई। झगड़े में आकाश और दूसरे गुट का एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में तोड़ा दम, आरोपी फरार घायल आकाश को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं दूसरे युवक की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद आरोपी अवध राठौड़ और तरुण कुशवाह मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और तलाश जारी है। घटना के बाद तनाव, थाने का घेराव घटना के बाद कोलार इलाके में तनाव का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग कोलार थाने पहुंचकर देर रात तक हंगामा करते रहे। हालात को संभालने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। समझौते के लिए बैठी पंचायत में हुआ मर्डर पुलिस सूत्रों के अनुसार, लड़की को लेकर पुराने विवाद को सुलझाने के लिए समाज के वरिष्ठों ने दोनों पक्षों को रेस्टोरेंट के पास चाय की दुकान पर बुलाया था। पंचायत के ज़रिए मामला सुलझाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन इसी बीच विवाद भड़क गया और आकाश की जान चली गई। Permalink:www.deshharpal.com bhopal-kolar-brother-murder-knife-attack-love-dispute
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राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा खुलासा: Shillong Police इंदौर से तीन आरोपी लेकर लौटी, सोनम-राज ने मर्डर साजिश कबूली

राजा रघुवंशी मर्डर केस की जांच में जुटी मेघालय पुलिस बुधवार, 25 जून को 9 दिन की छानबीन के बाद इंदौर से शिलॉन्ग लौट गई। पुलिस अपने साथ तीन अहम लोगों को भी लेकर गई है— बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर, ब्रोकर-कॉन्ट्रैक्टर शिलोम जेम्स और सिक्योरिटी गार्ड बलवीर अहिरवार। ये वही बिल्डिंग है जिसमें मर्डर की मुख्य आरोपी सोनम ने शिलॉन्ग से लौटकर ठिकाना बनाया था। अब होगा आरोपियों का आमना-सामना पुलिस इन तीनों का आमना-सामना अब मुख्य आरोपियों विशाल चौहान और राज कुशवाह से करवाएगी। इससे पहले पुलिस ने शिलोम जेम्स की निशानदेही पर एक पिस्टल, दो मैगजीन, दो कारतूस और 50 हजार रुपये बरामद किए हैं। ये सभी चीजें सोनम के काले बैग में थीं। जिस फ्लैट में सोनम छुपी थी, उसका राज़ खुला पुलिस जांच में सामने आया कि सोनम ने जिस फ्लैट में शरण ली थी, वह लोकेंद्र सिंह तोमर का था जिसे शिलोम जेम्स ने चार महीने पहले किराए पर लिया था। बलवीर अहिरवार वहां गार्ड और कारपेंटर का काम करता था। शिलोम को शक हुआ जब मीडिया में राजा रघुवंशी मर्डर की खबरें आईं। विशाल चौहान द्वारा लिए गए उसी फ्लैट में सोनम के रुकने की जानकारी के बाद उसने ये बात लोकेंद्र को बताई। सबूत मिटाने की साजिश लोकेंद्र ने फ्लैट की तलाशी के बाद सोनम का बैग हटाने और बाद में खुद इंदौर आकर पिस्तौल और रुपये लेकर चला जाने की बात कबूली। उसी के कहने पर शिलोम ने बैग जला दिया। इस सबके चलते पुलिस ने इन तीनों पर सबूत मिटाने और छेड़छाड़ करने का केस दर्ज किया है। लोकेंद्र और शिलोम का आमना-सामना ग्वालियर से पकड़े गए लोकेंद्र सिंह तोमर को इंदौर लाकर शिलोम के सामने बिठाया गया। लोकेंद्र ने पिस्तौल रखने से इनकार किया, लेकिन शिलोम ने माना कि उसने ही इंडस्ट्री हाउस के पास पिस्टल फेंकी थी। इसके बाद पुलिस उसे घटनास्थल पर ले गई और करीब 3 घंटे की खोजबीन के बाद एक थैली में पिस्टल बरामद कर ली। हालांकि, सोनम का लैपटॉप अब तक नहीं मिल पाया है। लोकेंद्र की कार से मिले ₹50 हजार लोकेंद्र की कार की तलाशी में डिक्की से 50 हजार रुपये बरामद हुए हैं। वहीं शिलोम ने स्वीकारा कि ये पैसे उन्होंने आपस में बांट लिए थे। पुलिस ने शिलोम के परिवार से भी लंबी पूछताछ की। सोनम-राज का रिश्ता और मर्डर की प्लानिंग पूछताछ में सोनम और राज कुशवाह ने पहली बार माना कि वे रिलेशनशिप में थे। शिलॉन्ग एसपी विवेक स्येम ने बताया कि दोनों ने कबूल किया है कि उन्होंने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। एसपी ने कहा, “हमें नार्को टेस्ट की जरूरत नहीं है क्योंकि उनके खिलाफ हमारे पास पुख्ता सबूत हैं।” 🔗 Permalink:www.deshharpal.com raja-raghuwanshi-murder-case-shillong-police-indore-return-sonam-raj-confession
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अक्षर पटेल का ऑलराउंड शो, शुभमन गिल की कप्तानी पारी; भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहला वनडे जीता

बर्मिंघम। ऑलराउंडर अक्षर पटेल के शानदार प्रदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत की। एजबेस्टन मैदान पर खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 262 रन बनाकर हासिल कर लिया। अक्षर पटेल ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। कप्तान शुभमन गिल ने 80 रन बनाए, लेकिन मैच के दौरान क्रैम्प्स की समस्या के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआती झटकों के बाद गिल ने संभाली पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम की पारी को संभाला। श्रेयस 35 रन बनाकर रनआउट हुए, जबकि केएल राहुल बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभालते हुए पांचवें विकेट के लिए 102 रन की अविजित साझेदारी की और भारत को शानदार जीत दिलाई। जो रूट और लियाम डॉसन ने इंग्लैंड को संभाला इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। इंग्लैंड की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने 61 रन तक कोई विकेट नहीं गंवाया, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए महज 19 रन के भीतर 5 विकेट झटक दिए। मध्यक्रम में जो रूट ने 76 रन और लियाम डॉसन ने 68 रन की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से निभाई अहम भूमिका भारतीय गेंदबाजों में अक्षर पटेल सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अक्षर पटेल ने टीम इंडिया की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई और भारत ने सीरीज की शानदार शुरुआत की। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन की पोल: छत्तीसगढ़ में 33% नल कनेक्शन गैर-कार्यशील, ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा

रायपुर। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर खामियों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार कमजोर योजना, धीमा क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हुई है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित ‘छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट’ रिपोर्ट मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद मिशन के कार्यों में तेजी आई है। योजना निर्माण में गंभीर खामियां CAG की रिपोर्ट के मुताबिक जल जीवन मिशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कई स्थानों पर गांव स्तर की कार्ययोजना तैयार किए बिना ही जिला स्तरीय योजनाएं बना दी गईं, जबकि राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार ही नहीं की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर जल सुरक्षा योजना नहीं बनाई गई, जिससे जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव की स्पष्ट रणनीति विकसित नहीं हो सकी। 33 प्रतिशत नल कनेक्शन निकले गैर-कार्यशील रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए। हालांकि, इनमें से 13.31 लाख (करीब 33%) कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। इसके पीछे सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप स्थापित नहीं होना प्रमुख कारण बताए गए हैं। ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा राज्य के 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही इस लक्ष्य तक पहुंच सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी सामने आए, जहां अधूरे कार्यों के बावजूद गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित कर दिया गया। किसी भी जिले में 100% कवरेज नहीं मार्च 2024 तक राज्य के 33 में से किसी भी जिले और 146 में से किसी भी विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज नहीं था। योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज स्कीम में से मार्च 2024 तक केवल 172 योजनाएं पूरी हो सकीं। इनमें भी सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का संचालन सौंपा गया। वहीं, स्वीकृत 70 मल्टी विलेज स्कीम में से मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे करीब 9.85 लाख घरों तक सतही जल स्रोतों से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ। सोलर आधारित योजनाओं में भी अनियमितताएं CAG ने पाया कि कई सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक नल कनेक्शन जोड़ दिए गए। इसके कारण 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी कमियां रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार केंद्र और राज्यांश मिलाकर 6,480.04 करोड़ रुपये की आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही। साथ ही मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि और CSR जैसी योजनाओं के संसाधनों के समन्वय के लिए भी कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई। जल गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कमजोर राज्य की 75 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से केवल 4 प्रयोगशालाएं ही सभी 13 निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं। इसके अलावा 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं को NABL की मान्यता प्राप्त नहीं थी। रिपोर्ट में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार जल गुणवत्ता जांच नहीं होने की बात कही गई है। CAG की प्रमुख सिफारिशें रिपोर्ट में सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार मिशन को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी, जिसके कारण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समय-सीमा 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है। मार्च 2026 में स्वीकृत मिशन के दूसरे चरण को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके।

रायपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा

रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को धार्मिक आस्था, वैदिक परंपराओं और भव्य आयोजन के साथ निकाली जाएगी। वहीं बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा माता सुभद्रा के तीनों रथों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है। भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्तों और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। वर्ष में केवल इसी अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। 11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन रथयात्रा के दिन सुबह 11 वैदिक पंडितों के सान्निध्य में भगवान का विशेष अभिषेक, पूजन और हवन कराया जाएगा। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर सहित विभिन्न सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान को गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्यों की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा की सबसे प्रमुख परंपराओं में शामिल ‘छेरा पहरा’ का निर्वहन इस वर्ष भी किया जाएगा। परंपरा के अनुसार राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। भजन, झांकियों और लोकनृत्य से गूंजेगा शहर रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है। रायपुर और छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सरकार और बोर्ड से 10 दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि “कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता।” हालांकि, नीति को लागू करने में सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBSE और संबंधित पक्षों से 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। यह नीति शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की गई है। इसके तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। इससे कई छात्रों को पहले से पढ़ी जा रही भाषाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। क्या है विवाद? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBSE ने पर्याप्त तैयारी के बिना नई भाषा नीति लागू कर दी है। उनके मुताबिक कई स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक, पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े अहम सवाल और जवाब 1. मामला क्या है? सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। हालांकि, CBSE ने 6 जून को संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि इस वर्ष कक्षा 10 के छात्रों को तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। 2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है? पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच या जर्मन) पढ़ते थे। नए नियम के अनुसार अब तीन भाषाओं में से कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य है। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही चुनी जा सकेगी। 3. याचिका किसने दायर की? यह याचिका छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी की ओर से दायर की गई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर, मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। 4. याचिकाकर्ताओं की मुख्य आपत्ति क्या है? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था अचानक लागू कर दी गई। कई भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक भी नहीं हैं। ऐसे में छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 5. किताबों को लेकर क्या दलील दी गई? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से फिलहाल केवल तीन भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करना व्यवहारिक रूप से कठिन होगा। 6. शिक्षकों की कमी पर क्या कहा गया? याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि नई भारतीय भाषाएं पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता होगी, लेकिन इतने कम समय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण संभव नहीं है। 7. क्या विदेशी भाषाएं बंद हो जाएंगी? नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन इसके साथ उन्हें दो भारतीय भाषाएं भी पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी। 8. क्या तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा होगी? नहीं। CBSE ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का अलग बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त परीक्षा का दबाव न बढ़े। 9. अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी। नई शिक्षा नीति 2020 क्या है? भारत सरकार ने 29 जुलाई 2020 को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को मंजूरी दी थी। यह 34 वर्षों बाद देश की शिक्षा व्यवस्था में किया गया सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है। इससे पहले शिक्षा नीति 1986 में लागू हुई थी, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना, छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकसित करना है। केंद्र सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। चूंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए इसे लागू करने में केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की भूमिका होती है। देश, शिक्षा और करियर से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

बिलासपुर: CM हेल्पलाइन शिकायतों के खराब निराकरण पर PHE के ईई को नोटिस, कलेक्टर ने अधिकारियों को लगाई फटकार

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) रूपेश कुमार धनंजय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। टीएल (समय-सीमा) बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा करने के बजाय उनका गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समय-सीमा का पालन करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एकल शिक्षकीय स्कूलों में जल्द होंगे अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एकल शिक्षकीय स्कूलों में तत्काल अतिथि शिक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी ली जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जर्जर स्कूल भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। ऐसे विद्यालयों के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करने और नए भवन या अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी लगाई फटकार जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डीएमएफ की राशि का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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