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Upcoming Car Launches May 2026: कुछ पूरी तरह नई, तो कुछ पुराने मॉडल्स के अपडेटेड वर्जन।

Upcoming Car Launches May 2026: कुछ पूरी तरह नई, तो कुछ पुराने मॉडल्स के अपडेटेड वर्जन।

मई में लॉन्च होंगी ये बड़ी कारें 1. Tata Sierra EV – इलेक्ट्रिक SUV का बड़ा इंतजार टाटा की यह कार काफी समय से चर्चा में है। EV खरीदने वालों के लिए यह बड़ा ऑप्शन बन सकती है 2. Honda City Facelift – नए लुक में पुरानी पसंद Honda City जो लोग सेडान पसंद करते हैं, उनके लिए यह अच्छा अपग्रेड होगा 3. MG Majestor – लग्जरी SUV सेगमेंट में एंट्री MG Majestor बड़े और लग्जरी SUV चाहने वालों के लिए नया विकल्प 4. Toyota Urban Cruiser EBella – इलेक्ट्रिक फोकस Toyota Urban Cruiser EBella 5. Honda ZR-V – प्रीमियम SUV की एंट्री Honda ZR-V क्या खास है इस बार? आम लोगों के लिए क्या मतलब? अगर आप नई कार लेने की सोच रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार फायदेमंद हो सकता है।मई में आने वाली ये कारें आपको ज्यादा ऑप्शन और बेहतर फीचर्स देंगी। Deshharpal Readers के लिए ऐसी ही ऑटो और देश-दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें 👉 Deshharpal.com हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर Rahul Gandhi के सवाल, सरकार ने दिया जवाब—बताया देश के लिए क्यों जरूरी

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर Rahul Gandhi के सवाल, सरकार ने दिया जवाब—बताया देश के लिए क्यों जरूरी

अंडमान-निकोबार के ग्रेट निकोबार द्वीप पर बनने वाले मेगा प्रोजेक्ट को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने इस परियोजना पर गंभीर सवाल उठाए हैं, वहीं केंद्र सरकार ने उनके आरोपों का जवाब देते हुए इसे देश के लिए बेहद अहम बताया है। राहुल गांधी ने इस प्रोजेक्ट को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह परियोजना पर्यावरण और वहां रहने वाले आदिवासी समुदाय के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रोजेक्ट के कारण बड़े पैमाने पर जंगल कटेंगे और प्राकृतिक संतुलन बिगड़ेगा। राहुल गांधी ने इसे “प्रकृति और जनजातीय विरासत के खिलाफ बड़ा अपराध” तक बताया। राहुल गांधी हाल ही में ग्रेट निकोबार पहुंचे थे, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों और जनजातीय नेताओं से भी मुलाकात की और उनकी चिंताओं को सुना। राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट एक रणनीतिक (strategic) और राष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट है। सरकार के अनुसार: सरकार ने कहा कि यह परियोजना विकास, सुरक्षा और पर्यावरण—तीनों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ाई जा रही है। ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को भारत का एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को लेकर दो बड़ी चिंताएं सामने हैं: इसी वजह से यह मुद्दा अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। निकोबार प्रोजेक्ट एक तरफ भारत के विकास और सुरक्षा से जुड़ा बड़ा कदम है, तो दूसरी तरफ पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि सरकार इन दोनों के बीच संतुलन कैसे बनाती है। अधिक खबरों के लिए पढ़ते रहें: Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BJP का नया प्लान: ‘नवीन टीम’ में 33% महिलाएं, युवाओं को भी मिलेगा मौका

BJP का नया प्लान: ‘नवीन टीम’ में 33% महिलाएं, युवाओं को भी मिलेगा मौका

देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। BJP (भारतीय जनता पार्टी) अब अपनी नई रणनीति के तहत ‘नवीन टीम’ बनाने की तैयारी कर रही है, जिसमें महिलाओं और युवाओं को खास जगह दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक पार्टी की योजना है कि इस नई टीम में करीब 33% महिलाओं को शामिल किया जाए। इसका मकसद सिर्फ प्रतिनिधित्व बढ़ाना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर मजबूत और संतुलित नेतृत्व तैयार करना भी है। पार्टी मानती है कि आज के दौर में महिलाओं की भागीदारी राजनीति में बेहद जरूरी है। गांव से लेकर शहर तक महिलाएं अब फैसलों में अपनी भूमिका चाहती हैं। ऐसे में बीजेपी इस बदलाव को अपनाकर खुद को और मजबूत करना चाहती है। इस ‘नवीन टीम’ में युवाओं को भी बड़ी जिम्मेदारी देने की योजना है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में पार्टी नए चेहरों के साथ चुनावी मैदान में उतर सकती है, जिससे ऊर्जा और नई सोच दोनों मिले। यह बदलाव खासतौर पर बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में देखने को मिल सकता है, जहां आने वाले चुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं। बीजेपी का यह कदम सिर्फ संगठन तक सीमित नहीं है। पार्टी चाहती है कि सरकार और संगठन दोनों में महिलाओं और युवाओं की मजबूत भागीदारी हो, ताकि भविष्य की राजनीति को नई दिशा दी जा सके। कुल मिलाकर, बीजेपी का यह ‘नवीन टीम’ प्लान एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है—जहां अनुभव के साथ-साथ नई सोच और महिलाओं की ताकत को बराबरी से महत्व दिया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ujjain Mahakal Temple की खुदाई में मिला 11वीं शताब्दी का शिवलिंग, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

Ujjain Mahakal Temple की खुदाई में मिला 11वीं शताब्दी का शिवलिंग, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध Mahakal (महाकालेश्वर) मंदिर में खुदाई के दौरान एक प्राचीन शिवलिंग मिलने से श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि यह शिवलिंग करीब 11वीं शताब्दी का है, जो ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण और खुदाई कार्य के दौरान मजदूरों को यह शिवलिंग दिखाई दिया। जैसे ही इसकी जानकारी फैली, बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौके पर पहुंचने लगे। लोगों ने वहीं पूजा-अर्चना शुरू कर दी और इसे भगवान महाकाल का चमत्कार मान रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उज्जैन सदियों से आस्था का केंद्र रहा है, और इस तरह का प्राचीन शिवलिंग मिलना इस नगरी की धार्मिक महत्ता को और मजबूत करता है। कई श्रद्धालु इसे शुभ संकेत मानते हुए परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। प्रशासन और मंदिर समिति ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। विशेषज्ञों की टीम इस शिवलिंग की ऐतिहासिकता और समय-काल की जांच करेगी। फिलहाल, श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं ताकि दर्शन सुचारु रूप से हो सकें। उज्जैन का महाकाल मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में इस प्राचीन शिवलिंग की खोज ने शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और गहरा कर दिया है। अधिक अपडेट्स और खबरों के लिए विजिट करें: Deshharpal.com हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab में सियासी घमासान: अकाली दल का आरोप—CM Bhagwant Mann शराब पीकर पहुंचे विधानसभा

Punjab में सियासी घमासान: अकाली दल का आरोप—CM Bhagwant Mann शराब पीकर पहुंचे विधानसभा

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है। शिरोमणि अकाली दल ने राज्य के CM Bhagwant Mann पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अकाली दल का कहना है कि मुख्यमंत्री शराब के नशे में विधानसभा पहुंचे थे। अकाली दल के नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री का डोप टेस्ट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे राज्य की गरिमा से जुड़ा हुआ है। वहीं, इस आरोप पर अभी तक मुख्यमंत्री भगवंत मान या उनकी पार्टी आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, आम आदमी पार्टी के नेताओं ने पहले भी ऐसे आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल और बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप आम हो गए हैं। लेकिन जनता के बीच इससे नेताओं की छवि पर असर जरूर पड़ता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस मामले में कोई जांच होगी या यह विवाद भी सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रह जाएगा। ज्यादा अपडेट और ग्राउंड रिपोर्ट्स के लिए विजिट करें: Deshharpal.com हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IRAN पर हाइपरसोनिक मिसाइल से हमले की तैयारी? बचे नेताओं को निशाना बनाने का प्लान

IRAN पर हाइपरसोनिक मिसाइल से हमले की तैयारी? बचे नेताओं को निशाना बनाने का प्लान

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। खबरें हैं कि अमेरिका IRAN पर हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला करने की तैयारी कर सकता है। अमेरिकी सेना ने इस संभावित ऑपरेशन का प्लान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को भी बताया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले का मकसद ईरान के बचे हुए बड़े नेताओं और अहम ठिकानों को निशाना बनाना हो सकता है। हाइपरसोनिक मिसाइलें बेहद तेज होती हैं और इन्हें रोक पाना मुश्किल माना जाता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। इस खबर के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। अगर ऐसा हमला होता है, तो इसका असर सिर्फ ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व और दुनिया की शांति पर पड़ सकता है। आम लोगों के लिए इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और ज्यादा अस्थिर हो सकते हैं। पहले से ही कई देशों में तनाव बना हुआ है, ऐसे में इस तरह की खबरें लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। फिलहाल, दोनों देशों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन हालात जिस दिशा में बढ़ रहे हैं, उस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jammu Srinagar Vande Bharat Express Train शुरू, सफर होगा आसान और तेज

Jammu Srinagar Vande Bharat Express Train शुरू, सफर होगा आसान और तेज

आज से Indian Railways ने Jammu से Srinagar के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत कर दी है। इस ट्रेन को रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन जम्मू और श्रीनगर के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। पहले जहां इस रूट पर यात्रा में काफी समय लगता था, अब वंदे भारत एक्सप्रेस से यह सफर कम समय में पूरा हो सकेगा। क्या है रूट?जम्मू से शुरू होकर यह ट्रेन श्रीनगर तक जाएगी। रास्ते में कई महत्वपूर्ण स्टेशन पड़ेंगे, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को फायदा मिलेगा। खासकर कश्मीर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन बेहद सुविधाजनक साबित होगी। क्या हैं खासियतें?वंदे भारत एक्सप्रेस अपने आधुनिक फीचर्स के लिए जानी जाती है। इसमें आरामदायक सीटें, साफ-सफाई, बेहतर सुरक्षा और तेज रफ्तार जैसी सुविधाएं मिलेंगी। ठंडे इलाके को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में विशेष हीटिंग सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे यात्रियों को ठंड में परेशानी नहीं होगी। पर्यटन को मिलेगा बढ़ावाइस ट्रेन के शुरू होने से कश्मीर में पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। अब देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले पर्यटक आसानी से श्रीनगर पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। लोगों में उत्साहट्रेन की शुरुआत को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यात्रियों का कहना है कि यह सेवा उनके सफर को न सिर्फ आसान बनाएगी, बल्कि समय की भी बचत करेगी। Deshharpal Note:जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने की एक नई कड़ी है। 👉 ज्यादा जानकारी और ऐसी ही खबरों के लिए विजिट करें: Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran US Israel War Ceasefire LIVE Update : कच्चा तेल 4 साल में सबसे महंगा

Iran US Israel War Ceasefire LIVE Update : कच्चा तेल 4 साल में सबसे महंगा

America- Iran जंग के हालात का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतें अचानक बढ़कर चार साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल का भाव करीब 126 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण आई है। जब भी जंग या टकराव की स्थिति बनती है, तो तेल की सप्लाई प्रभावित होती है और कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं। इसी बीच ईरान ने भी बयान देते हुए तंज कसा है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो कच्चे तेल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है। इस बयान के बाद बाजार में और हलचल बढ़ गई है। तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ता है, क्योंकि यहां बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात किया जाता है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है, जिससे आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी महंगी हो सकती है। आने वाले दिनों में अगर वैश्विक हालात नहीं सुधरे, तो महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। 👉 देश और दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें Deshharpal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RBI Office Attendant Result 2026 Live: जल्द जारी हो सकता है रिजल्ट, ऐसे करें चेक

RBI Office Attendant Result 2026 Live: जल्द जारी हो सकता है रिजल्ट, ऐसे करें चेक

RBI की ओर से आयोजित Office Attendant भर्ती परीक्षा का रिजल्ट अब कभी भी जारी हो सकता है। परीक्षा में शामिल हुए लाखों उम्मीदवार बेसब्री से अपने परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि RBI जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट जारी कर देगा। मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले ट्रेंड्स के अनुसार, RBI Office Attendant Result 2026 अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में जारी किया जा सकता है। हालांकि, रिजल्ट डेट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। उम्मीदवार RBI की आधिकारिक वेबसाइट (rbi.org.in) पर जाकर अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे। रिजल्ट जारी होने के बाद डायरेक्ट लिंक एक्टिव हो जाएगा। ऐसे करें रिजल्ट चेक: कट ऑफ और मेरिट लिस्ट रिजल्ट के साथ ही कट ऑफ मार्क्स और मेरिट लिस्ट भी जारी की जाएगी। कट ऑफ अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से तय होगी। जिन उम्मीदवारों का नाम मेरिट लिस्ट में होगा, उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। आगे क्या होगा? रिजल्ट जारी होने के बाद चयनित उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद फाइनल चयन सूची जारी होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें ताकि कोई अपडेट मिस न हो। DeshHarPal पर पढ़ें पूरी अपडेट अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET MDS Admit Card 2026 Released Today: Check How to Download Easily

NEET MDS Admit Card 2026 Released Today: Check How to Download Easily

अगर आप NEET MDS 2026 की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए आज का दिन बेहद अहम है। National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) आज NEET MDS 2026 का एडमिट कार्ड जारी कर रहा है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट National Board of Examinations पर जाकर अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। क्यों जरूरी है एडमिट कार्ड? एडमिट कार्ड परीक्षा में बैठने के लिए सबसे जरूरी दस्तावेज है। इसके बिना आपको परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं मिलेगी। इसलिए इसे समय पर डाउनलोड कर लेना बेहद जरूरी है। ऐसे करें Admit Card डाउनलोड नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें: क्या-क्या चेक करना है? एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद इन बातों को जरूर जांच लें: अगर किसी भी तरह की गलती दिखती है, तो तुरंत NBEMS से संपर्क करें। कब होगी परीक्षा? NEET MDS 2026 की परीक्षा तय शेड्यूल के अनुसार जल्द आयोजित की जाएगी। सही तारीख एडमिट कार्ड में दी गई होगी। छात्रों के लिए सलाह:परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फोटो आईडी जरूर रखें। समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें ताकि किसी तरह की परेशानी न हो। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट के लिए विजिट करें: Deshharpal.com हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
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INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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