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OBC

MP OBC Reservation Case सुप्रीम कोर्ट में 27% आरक्षण पर सुनवाई, सरकार से सवाल

Madhya Pradesh OBC Reservation Case में आज (12 अगस्त 2025) Supreme Court Hearing हुई। राज्य सरकार ने कोर्ट से आग्रह किया कि High Court Stay हटाया जाए ताकि 27% ओबीसी आरक्षण पूरी तरह लागू हो सके और 13% लंबित पदों पर भर्ती शुरू की जा सके। Supreme Court की सख्त टिप्पणी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सवाल किया – “पिछले 6 साल से आप क्या कर रहे थे? क्या सो रहे थे?” कोर्ट का इशारा 2019 में बने कानून की ओर था, जिसमें ओबीसी को 14% से बढ़ाकर 27% आरक्षण दिया गया था, लेकिन यह मामला सालों से अदालत में अटका हुआ है। मामले की Background वर्तमान स्थिति आगे का असर अगर कोर्ट 22 सितंबर को Stay हटाता है, तो 27% OBC Quota पूरी तरह लागू हो जाएगा और भर्ती प्रक्रिया तेज होगी। लेकिन अगर 50% आरक्षण सीमा पर कोर्ट ने आपत्ति जताई, तो यह नीति बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tara Rani Srivastava

Tara Rani Srivastava तिरंगे के लिए गोली भी झेली भारतीय स्वतंत्रता सेनानी की अमर गाथा

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में कई ऐसे वीरांगनाएँ और योद्धा हुए हैं, जिनका नाम इतिहास की किताबों में कम लिखा गया, पर उनकी बहादुरी और त्याग अमर है। ऐसी ही एक शूरवीर नारी थीं Tara Rani Srivastava, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए तिरंगे के सम्मान में गोली तक झेली। आइए जानते हैं उनके जीवन और संघर्ष की कहानी। Tara Rani Srivastava कौन थीं? Tara Rani Srivastava एक स्वतंत्रता सेनानी थीं, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ देश की आज़ादी के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी। वह एक साधारण परिवार से थीं, लेकिन देशभक्ति उनके रक्त में बसी थी। उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर आज़ादी की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाई। तिरंगे के लिए उनकी बहादुरी Tara Rani Srivastava की बहादुरी का सबसे बड़ा उदाहरण तब सामने आया जब वे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ तिरंगा झंडा फहराने निकलीं। उस समय ब्रिटिश पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपने देश के तिरंगे की शान को बचाने के लिए उन्होंने गोली झेली, फिर भी झंडा नहीं छोड़ा। उनकी इस वीरता ने हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की आग जगा दी। स्वतंत्रता संग्राम में योगदान Tara Rani Srivastava की विरासत तारा रानी की कहानी आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी बहादुरी और त्याग को याद करते हुए हमें अपने देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा मिलती है। आज हम स्वतंत्रता का आनंद उनके जैसे वीरों के कारण ही ले पा रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar

Bihar Voter List Revision बिहार मतदाता सूची संशोधन पर Supreme Court की सख्ती

सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार, 12 अगस्त 2025 को Bihar Voter List Revision यानी बिहार में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर दायर याचिकाओं पर अहम सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया में खामियां और अनियमितताएं हैं, जिससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। चुनाव आयोग का बचाव सुनवाई के दौरान Election Commission (EC) ने अपने रुख का बचाव करते हुए कहा कि इतनी बड़ी और व्यापक प्रक्रिया में “कुछ खामियां होना स्वाभाविक” है, लेकिन इससे प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता। आयोग ने दावा किया कि सभी कदम तय नियमों और प्रक्रिया के तहत ही उठाए गए हैं। कोर्ट ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने आयोग की दलीलों को सुनने के बाद उसकी पूरी कार्यप्रणाली और procedural safeguards की विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि मतदाता सूची में सटीकता और पारदर्शिता लोकतंत्र की बुनियाद है, इसलिए यह स्पष्ट होना चाहिए कि त्रुटियों से बचने के लिए आयोग ने कौन से ठोस कदम उठाए हैं। चुनावी माहौल पर असर यह मामला बिहार की राजनीति और आने वाले चुनावों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि मतदाता सूची में गड़बड़ी या संशोधन का सीधा असर मतदान और चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। अब सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग से मिलने वाली जानकारी के आधार पर अगली सुनवाई में आगे का फैसला करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Justice Yashwant Varma

Justice Yashwant Varma महाभियोग लोकसभा ने Cash-at-Home केस में 3 Member Committee बनाई

दिल्ली हाईकोर्ट के जज Justice Yashwant Varma के खिलाफ चल रहे Cash-at-Home केस में संसद ने बड़ा कदम उठाया है। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने मंगलवार को महाभियोग प्रस्ताव को मंजूरी दी और मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति का गठन किया। Case Background: Cash-at-Home Row कैसे शुरू हुआ? मार्च 2025 में Justice Yashwant Varma के सरकारी आवास में आग लगने के बाद दमकलकर्मी और पुलिस जब पहुंचे, तो उन्हें स्टोर रूम से ₹500 के जली और आधी-जली नोटों की भारी मात्रा मिली। यह बरामदगी इतनी चौंकाने वाली थी कि मामला तुरंत राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया। Supreme Court की In-House Inquiry जस्टिस वर्मा की सुप्रीम कोर्ट में चुनौती Justice Yashwant Varma ने इस रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और दलील दी कि उन्हें निष्पक्ष सुनवाई का मौका नहीं मिला। जुलाई 2025 में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उनके आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा— “Your conduct does not inspire confidence.”7 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। संसद में महाभियोग प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, मानसून सत्र में 200+ सांसदों ने महाभियोग नोटिस दिया। आज लोकसभा अध्यक्ष ने इसे मंजूर करते हुए 3-member Investigation Committee बनाई है, जो मामले की विस्तृत जांच करेगी। आगे क्या होगा? महाभियोग प्रक्रिया पूरी होने के लिए: क्यों खास है यह मामला? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Price Today MCX पर ₹1,400 टूटा सोना, जानें 12 अगस्त के ताज़ा Gold Rate और वजह

Gold खरीदने वालों के लिए आज का दिन राहत भरा रहा। 12 अगस्त 2025 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के दाम में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 99.9% शुद्धता वाले सोने का भाव ₹1,409 की भारी गिरावट के साथ ₹1,00,389 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। ट्रेडिंग के शुरुआती सत्र में सोना ₹1,01,199 प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा था, लेकिन दोपहर बाद तेजी से गिरावट आई। MCX Gold Rate गिरने के मुख्य कारण Silver Price Today सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखी गई। MCX पर चांदी ₹900 प्रति किलो टूटकर ₹1,26,300 प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही थी। आगे का अनुमान (Gold Price Forecast) विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अगर डॉलर मजबूत रहता है और ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं तो सोने के दाम दबाव में रहेंगे। वहीं, अगर भू-राजनीतिक तनाव या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है तो सोना फिर से तेजी पकड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

Pakistan ने Indian Diplomats के घरों में गैस-पानी की सप्लाई रोकी, India ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

भारत और Pakistan के बीच तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित Indian High Commission और भारतीय राजनयिकों के घरों में गैस, मिनरल वाटर और अख़बार की सप्लाई रोक दी है। स्थानीय सप्लायर्स को आदेश दिया गया है कि वे भारतीय राजनयिकों को gas cylinders, पानी या newspaper न दें। सूत्रों के मुताबिक, Pakistan की सरकारी गैस कंपनी SNGPL ने पाइपलाइन होने के बावजूद गैस सप्लाई जानबूझकर बंद कर दी। साथ ही, mineral water delivery और अख़बार वितरण भी रोक दिया गया है। यह कदम भारत के “Operation Sindoor” और सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर भारत के सख्त रुख के बाद उठाया गया retaliation माना जा रहा है। Vienna Convention का उल्लंघन भारत के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि यह Vienna Convention on Diplomatic Relations का उल्लंघन है। इस कन्वेंशन के तहत किसी भी देश पर यह ज़िम्मेदारी होती है कि वह अपने यहां मौजूद विदेशी मिशनों को जरूरी सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करे। India की जवाबी कार्रवाई पाकिस्तान के इस कदम के बाद भारत ने Pakistani diplomats के घरों में अख़बार सप्लाई रोक दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत आगे और reciprocal measures पर विचार कर रहा है। पृष्ठभूमि – क्यों बढ़ा तनाव? दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं। 2025 के पहलगाम आतंकी हमले, भारत द्वारा सिंधु जल संधि निलंबन और “Operation Sindoor” के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। अब आवश्यक सेवाओं को रोकना कूटनीतिक रिश्तों में और खटास पैदा करने वाला कदम माना जा रहा है। अगर यह टकराव जल्द नहीं सुलझा, तो India-Pakistan के रिश्ते और खराब हो सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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America

America ने Baloch Liberation Army को Terrorist Organization घोषित किया

America ने 11 अगस्त 2025 को बड़ा ऐलान करते हुए बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (Baloch Liberation Army – BLA) और इसके सशस्त्र विंग ‘मजीद ब्रिगेड’ को Foreign Terrorist Organization (FTO) घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद अमेरिका में कोई भी व्यक्ति या संस्था इन संगठनों को आर्थिक, तकनीकी या किसी भी तरह की सहायता नहीं दे सकेगी, वरना सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। पहले से थी निगरानी में BLA को America पहले ही 2019 में Specially Designated Global Terrorist (SDGT) सूची में शामिल कर चुका था। लेकिन अब FTO का दर्जा मिलने के बाद इनके खिलाफ और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे, जिससे इनके फंडिंग नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और इंटरनेशनल सपोर्ट सिस्टम पर सीधा असर पड़ेगा। हालिया हमलों के बाद सख्त कदम BLA और मजीद ब्रिगेड पर पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान में कई बड़े हमलों का आरोप है, जिनमें शामिल हैं: यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर अमेरिका के दौरे पर हैं। माना जा रहा है कि यह कदम पाकिस्तान-अमेरिका के बीच Counter-Terrorism Cooperation को मजबूत करने के लिए उठाया गया है। आर्थिक और रणनीतिक पहलू हाल ही में America और Pakistan के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौता हुआ है, जिसमें बलूचिस्तान के Oil & Gas Resources में अमेरिकी निवेश की संभावना भी शामिल है। ऐसे में BLA जैसी आतंकी गतिविधियां निवेश और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा मानी जा रही थीं। फैसले का असर हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Asim Munir

Asim Munir US Visit पाकिस्तान-अमेरिका Relation में नया बदलाव, क्या China स्वीकार करेगा?

हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असिम मुनीर (Asim Munir) की अमेरिका (US) यात्रा ने पाकिस्तान-अमेरिका (Pakistan-America) रिश्तों में नई उम्मीदें जगा दी हैं। इस दौरे ने क्षेत्रीय राजनीति में कई सवाल पैदा किए हैं, खासकर चीन (China) और भारत (India) की प्रतिक्रियाओं को लेकर। पाकिस्तान-अमेरिका Relation में सुधार के संकेत Asim Munir की अमेरिका यात्रा के दौरान, अमेरिका ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित किया। यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता है जो दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाने का संकेत है। इसके साथ ही अमेरिका ने पाकिस्तान के तेल क्षेत्र और क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) जैसे नए क्षेत्रों में निवेश के लिए समर्थन दिया है। पाकिस्तान ने भी अमेरिकी कंपनियों को बलूचिस्तान में निवेश का आमंत्रण दिया है, जो देश की आर्थिक मजबूती में सहायक होगा। चीन की प्रतिक्रिया: चिंता या सतर्कता? चीन, जो पाकिस्तान का पारंपरिक सहयोगी है, इस बढ़ती नज़दीकी पर सतर्क है। चीनी रणनीतिकारों का मानना है कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में यह बदलाव केवल अस्थायी राजनीतिक हलचल है और पाकिस्तान चीन के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों को नहीं छोड़ेगा। चीन के लिए पाकिस्तान एक अहम साझेदार है, इसलिए वह इस नजदीकी को गंभीर खतरे के तौर पर नहीं देखता। भारत की कड़ी प्रतिक्रिया भारत ने इस यात्रा और पाकिस्तान के अमेरिका के साथ बढ़ते रिश्तों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने पाकिस्तान को “अविचारपूर्ण परमाणु राज्य” करार दिया और कहा कि पाकिस्तान की परमाणु नीति क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है। भारत के मुताबिक, पाकिस्तान की परमाणु धमकियां क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा रही हैं। वहीं, पाकिस्तान अपनी परमाणु नीति को जिम्मेदार और संयमित बताता है। निष्कर्ष: पाकिस्तान के लिए संतुलन बनाए रखना चुनौती Asim Munir की अमेरिका यात्रा पाकिस्तान की विदेश नीति में बदलाव की दिशा दिखाती है, जिसमें अमेरिका के साथ रिश्तों को मजबूत करने का प्रयास है। लेकिन चीन के साथ पारंपरिक साझेदारी और भारत के साथ जारी तनाव के बीच संतुलन बनाए रखना पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती होगी। भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान इस तीन-तरफा समीकरण को किस तरह संभालता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BCCI

Rohit Sharma Virat Kohli Vijay Hazare Trophy में नहीं खेलेंगे? BCCI की तैयारी 2027 ODI World Cup के लिए

भारतीय क्रिकेट के दो स्टार खिलाड़ी Rohit Sharma और Virat Kohli के विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बीसीसीआई (BCCI) ने साफ किया है कि वे भले ही इस घरेलू वनडे टूर्नामेंट में खेलना चाहें, लेकिन व्यस्त अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल के कारण यह संभव नहीं हो पाएगा। BCCI की रणनीति और 2027 ODI World Cup की तैयारी भारतीय क्रिकेट बोर्ड BCCI की योजना है कि सभी सीनियर खिलाड़ी, खासकर Rohit Sharma और Virat Kohli, घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेकर अपनी मैच फिटनेस और फार्म बनाए रखें। ये कदम आगामी 2027 ODI World Cup के लिए टीम की तैयारी का हिस्सा हैं। विराट कोहली ने आखिरी बार विजय हजारे ट्रॉफी में 2010 में खेला था, जबकि रोहित शर्मा का आखिरी अनुभव 2018 का है। लेकिन दोनों के लिए घरेलू क्रिकेट में वापसी आसान नहीं होगी। Vijay Hazare Trophy और अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल का टकराव आगामी अक्टूबर में भारत का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज, और उसके बाद दक्षिण अफ्रीका व न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले तय हैं। यह अंतरराष्ट्रीय मैच विजय हजारे ट्रॉफी की शुरुआत से पहले खत्म नहीं होंगे, जिससे विराट और रोहित का इस टूर्नामेंट में खेलना लगभग नामुमकिन हो गया है। BCCI की इस स्थिति पर कई पूर्व क्रिकेटर्स ने भी प्रतिक्रिया दी है। गौतम गंभीर जैसे पूर्व खिलाड़ी मानते हैं कि यदि सीनियर खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में हिस्सा नहीं लेंगे, तो उन्हें टीम में अपनी जगह बनाना और भी मुश्किल हो जाएगी। युवा खिलाड़ियों के लिए अवसर और BCCI की प्रतिबद्धता बीसीसीआई यह सुनिश्चित करना चाहता है कि न सिर्फ अनुभवी खिलाड़ी बल्कि युवा प्रतिभाएं भी घरेलू टूर्नामेंट में खेले, ताकि टीम के पास भविष्य के लिए मजबूत विकल्प हों। यह रणनीति भारतीय क्रिकेट के दीर्घकालिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gangu Baba

Gangu Baba की वीर गाथा: 1857 के क्रांतिकारी गंगादिन मेहतर का इतिहास

1857 की क्रांति में कानपुर के गंगादिन मेहतर उर्फ Gangu Baba ने अदम्य साहस दिखा कर लगभग 200 अंग्रेज सैनिकों को अकेले ही हराया। उनकी प्रेरक और भावनात्मक कहानी, जो आज भी हमें देशभक्ति का संदेश देती है। परिचय: निर्धन से वीर योद्धा तक गंगादिन मेहतर, जिन्हें प्यार से Gangu Baba कहा जाता था, का जन्म कानपुर के समीप वाल्मीकि (भंगी) समुदाय में हुआ था। समाज में व्याप्त ठगी और छुआछूत के कारण उनका परिवार ‘अकबरपुरा’ से ‘चुन्नीगंज’ आकर बस गया। बचपन से ही पहलवानी का शौक रहा और एक मुस्लिम गुरु से कुश्ती की कला सीखी। सामाजिक विषमताओं ने उन्हें कमजोर नहीं किया, बल्कि उन्हें दृढ़ता और आत्म-सम्मान सिखाया। क्रांतिकारी बनने की शुरुआत और Nana Saheb के साथ संबंध कहा जाता है कि एक बार वे जंगल से एक मृत बाघ कंधे पर लेकर लौटा करते थे, तभी नाना साहेब पेशवा ने उनका यह अद्भुत रण-वीर्य देखा। प्रभावित होकर उन्होंने गंगू बाबा को अपनी सेना में शामिल कर लिया। वहां वे सिर्फ नगारित नहीं बल्कि सूबेदार का पद प्राप्त कर गए—कुशल और वीर सैनिक के रूप में उनका नाम फैल गया। 1857 की क्रांति में अद्वितीय वीरता क्रांतिकारी संघर्ष में, गंगू बाबा ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उनके हाथों तकरीबन 200 ब्रिटिश सैनिकों की मौत हुई, एक-एक करके उन्होंने अंग्रेजों में भय का संचार कर दिया। उनकी बहादुरी ने इलाके में विद्रोहियों का हौसला कई गुना बढ़ा दिया। अंतिम संघर्ष और बलिदान अंग्रेजों ने उन्हें पकड़ने के लिए आदेश भेजा और अंततः उसे बंदी बना लिया। निर्मम तरीके से—घोड़े से लटकाकर पूरे शहर में घसीटते हुए—उनका बदनाम किया गया। 8 सितंबर 1859 को कानपुर के चुन्नीगंज क्षेत्र में एक नीम के पेड़ से फांसी पर चढ़ा दिया गया। अपनी अंतिम सांस में उन्होंने कहा:“भारत की माटी में हमारे पूर्वजों का खून व कुर्बानी की गंध है, एक दिन यह मुल्क आज़ाद होगा।”घटना ने इतिहास में शहीद-मार्गदर्शक को अमर बना दिया। इतिहास में क्यों रहा कहीं छुपा? गंगू बाबा जैसे वीर योद्धा अक्सर मुख्यधारा के इतिहास से अनदेखे रह जाते हैं। लेकिन लोक-कथाओं, स्मरणशक्ति और मौखिक परंपराओं में वे आज भी जीवित हैं। उनके वंशज कानपुर में आज भी रहते हैं, और उनकी कहानी बुजुर्गों की जुबानी पीढ़ी दर पीढ़ी चल रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Telegram

Telegram Controversy: सरकार बोली- आतंकी नेटवर्क के लिए आसान माध्यम बनता जा रहा ऐप

लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप Telegram एक बार फिर कानूनी और सुरक्षा बहस के केंद्र में आ गया है। हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने दावा किया कि इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कई मामलों में आतंकी गतिविधियों, कट्टरपंथी प्रचार और अवैध नेटवर्किंग के लिए किया जा रहा है। सरकार ने अदालत से कहा कि Telegram धीरे-धीरे ऐसे तत्वों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल माध्यम बनता जा रहा है, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने कोर्ट में क्या कहा? सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश वकीलों ने बताया कि Telegram के कुछ फीचर्स, खासकर एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और बड़े पैमाने पर संचालित चैनल, सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि कई बार जांच एजेंसियों को जरूरी जानकारी समय पर नहीं मिल पाती, जिससे संवेदनशील मामलों की जांच प्रभावित होती है। केंद्र ने यह भी कहा कि तकनीक का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना है, लेकिन जब उसी तकनीक का उपयोग कानून-विरोधी गतिविधियों के लिए होने लगे तो सरकार का हस्तक्षेप जरूरी हो जाता है। सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता सरकारी पक्ष के अनुसार, हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें Telegram का उपयोग संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि कुछ आतंकी और आपराधिक संगठन इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अपने नेटवर्क को सक्रिय रखने और संदेशों के आदान-प्रदान के लिए कर रहे हैं। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अधिक जवाबदेही और सहयोग की मांग करती रही हैं। प्राइवेसी बनाम सुरक्षा की बहस Telegram को दुनियाभर में सुरक्षित और निजी संवाद के लिए जाना जाता है। लाखों लोग इसका इस्तेमाल रोजमर्रा की बातचीत, बिजनेस और सूचना साझा करने के लिए करते हैं। लेकिन जब किसी प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग की खबरें सामने आती हैं, तो निजता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूजर्स की प्राइवेसी भी महत्वपूर्ण है और सुरक्षा भी। इसलिए दोनों के बीच संतुलित समाधान निकालना सबसे बड़ी चुनौती है। आगे क्या होगा? हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस पर और महत्वपूर्ण बहस हो सकती है। अदालत का फैसला सिर्फ Telegram तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में अन्य सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए भी एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है। फिलहाल, इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि डिजिटल युग में राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी स्वतंत्रता और यूजर प्राइवेसी के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

खेत में मोटर चालू करने गया किसान करंट की चपेट में आया, दर्दनाक मौत से गांव में मातम

गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के ग्राम खेजराबाबा में एक दर्दनाक हादसे में किसान की करंट लगने से मौत हो गई। किसान रात में खेत पर सिंचाई के लिए मोटर चालू करने गया था, लेकिन बिजली के तार की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार 35 वर्षीय बनवारी सहरिया बुधवार रात अपने खेत में बने कुएं पर मोटर चालू करने गया था। इसी दौरान वह बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई और रातभर उसका शव खेत में ही पड़ा रहा। सुबह परिजनों को लगी घटना की जानकारी गुरुवार सुबह जब परिजन खेत पहुंचे तो उन्होंने बनवारी को जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा देखा। परिजनों ने तुरंत बिजली की डोरी हटाई और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का सहारा था बनवारी बताया जा रहा है कि बनवारी सहरिया खेती-किसानी के साथ ऑटो चलाकर भी परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर धरनावदा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
NEET

NEET की दर्दनाक सच्चाई: 2 दिन में 4 मौतें, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ी बहस

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर बढ़ता मानसिक दबाव एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पिछले 48 घंटों में अलग-अलग राज्यों से सामने आए दर्दनाक मामलों ने न सिर्फ परिवारों को तोड़ दिया, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी बहस छेड़ दी है। गुजरात और तमिलनाडु से सामने आए दर्दनाक मामले गुजरात में एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई है। वहीं तमिलनाडु की एक छात्रा ने अपने आखिरी संदेश में दोबारा परीक्षा देने के डर और लगातार बढ़ते मानसिक दबाव का जिक्र किया, जिसने सभी को भावुक कर दिया। इसी दौरान अन्य राज्यों से भी ऐसे ही दुखद मामले सामने आए हैं, जिससे कुल मिलाकर दो दिनों में कम से कम चार छात्रों की मौत की स्थिति बनी है। परिवारों ने बताया— लंबे समय से था तनाव परिजनों का कहना है कि बच्चे लंबे समय से NEET की तैयारी में दिन-रात मेहनत कर रहे थे, लेकिन लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा, कोचिंग का दबाव और भविष्य की अनिश्चितता उन्हें अंदर ही अंदर तोड़ रही थी। कई माता-पिता ने बताया कि बच्चे तनाव में रहते थे, लेकिन खुलकर अपनी बात साझा नहीं कर पा रहे थे। विशेषज्ञों की चिंता: मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ परीक्षा का दबाव नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी भी एक बड़ा कारण है। छात्रों के लिए समय रहते काउंसलिंग, भावनात्मक सपोर्ट और सुरक्षित माहौल बेहद जरूरी है, ताकि वे दबाव को संभाल सकें। शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल इन घटनाओं के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि क्या हमारी शिक्षा व्यवस्था केवल रैंक और मार्क्स पर ही केंद्रित रह गई है? समाज के कई वर्ग अब मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रणाली के साथ-साथ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाए। देश में गहराता संकट और बढ़ती चिंता फिलहाल इन मामलों ने पूरे देश को झकझोर दिया है और एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सफलता की दौड़ में कहीं हम अपने बच्चों को खो तो नहीं रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

इंदौर फ्लायओवर पर चलती कार में लगी भीषण आग, चालक ने कूदकर बचाई जान

इंदौर के भंवरकुआ थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती कार में अचानक आग लग गई। घटना अटल बिहारी कॉलेज के पास स्थित फ्लायओवर पर हुई। आग लगते ही चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते कार से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। जानकारी के मुताबिक दोपहर करीब 12:30 बजे धमेन्द्र गोयल अपनी कार से फ्लायओवर से गुजर रहे थे। इसी दौरान कार के बोनट से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तुरंत वाहन सड़क किनारे रोका और बाहर निकल गए। देखते ही देखते आग की चपेट में आई कार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही मिनटों में कार के अगले हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं। आग तेजी से फैलती गई और देखते ही देखते पूरा वाहन धू-धू कर जलने लगा। फ्लायओवर पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। हालांकि दमकल कर्मियों के पहुंचने तक कार का बड़ा हिस्सा जल चुका था। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और स्थिति को नियंत्रित किया गया। यातायात प्रभावित, लगा जाम घटना की सूचना पर भंवरकुआ थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा कारणों से फ्लायओवर के एक हिस्से पर कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया गया, जिससे आसपास हल्का जाम लग गया। आग बुझने और वाहन हटाने के बाद यातायात को फिर से सामान्य किया गया। तकनीकी खराबी की आशंका प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह वाहन में तकनीकी खराबी मानी जा रही है। हालांकि पुलिस और संबंधित विभाग वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कार पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Stock Market

Stock Market Rally: NSE ₹30,000 करोड़ IPO अपडेट से निवेशकों में जोश, PSU शेयरों में भारी खरीदारी

Stock Market में आज सुबह से ही अलग तरह की हलचल देखने को मिली। वजह थी NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) के ₹30,000 करोड़ के संभावित IPO को लेकर आई बड़ी अपडेट। जैसे ही यह खबर सामने आई, बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी अचानक बढ़ गई और कई जुड़े हुए शेयरों में तेज खरीदारी देखने को मिली। कुछ स्टॉक्स तो दिन के कारोबार में करीब 14% तक उछल गए। NSE IPO को लेकर क्या है नई अपडेट? NSE ने अपना DRHP (Draft Red Herring Prospectus) SEBI के पास दाखिल कर दिया है, जिसे IPO प्रक्रिया का सबसे अहम कदम माना जाता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह इश्यू करीब ₹30,000 करोड़ का हो सकता है, जो इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बना सकता है। खास बात यह है कि यह पूरा IPO Offer for Sale (OFS) होगा, यानी इसमें कंपनी को नई पूंजी नहीं मिलेगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। शेयरों में क्यों आई 14% तक की तेजी? NSE IPO की खबर का सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ा जिनका NSE में निवेश या संबंध है। बाजार में “value unlocking” और listing excitement की वजह से खरीदारी बढ़ गई। मुख्य असर: कौन बेच रहा है हिस्सेदारी? इस मेगा IPO में कई बड़े सरकारी और संस्थागत निवेशक अपनी हिस्सेदारी कम कर सकते हैं: LIC का अहम फैसला इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि LIC ने NSE में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने का संकेत दिया है। इससे बाजार में यह संदेश गया कि NSE के लॉन्ग टर्म ग्रोथ को लेकर भरोसा मजबूत है। NSE IPO क्यों माना जा रहा है ऐतिहासिक? निवेशकों के लिए जरूरी बात हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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