आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलTelegram Controversy: सरकार बोली- आतंकी नेटवर्क के लिए आसान माध्यम बनता जा रहा ऐपBREAKINGमध्य प्रदेशखेत में मोटर चालू करने गया किसान करंट की चपेट में आया, दर्दनाक मौत से गांव में मातमBREAKINGEducationNEET की दर्दनाक सच्चाई: 2 दिन में 4 मौतें, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ी बहसBREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर फ्लायओवर पर चलती कार में लगी भीषण आग, चालक ने कूदकर बचाई जानBREAKINGबिज़नेसStock Market Rally: NSE ₹30,000 करोड़ IPO अपडेट से निवेशकों में जोश, PSU शेयरों में भारी खरीदारीBREAKINGमध्य प्रदेशभाजपा कार्यकर्ता सचिन राजपूत हत्याकांड का खुलासा, मुंहबोले जीजा ने चरित्र शंका में मारी गोलीBREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में पुरानी बैटरियों के अवैध कारोबार पर सख्ती, बिना रजिस्ट्रेशन खरीद-बिक्री करने वालों पर होगी कार्रवाईBREAKINGदेश-हरपलअयोध्या में हलचल: चढ़ावा केस के बीच CM योगी का दौरा, प्रशासन ने चंपत राय को रोकाBREAKINGदेश-हरपलTelegram Controversy: सरकार बोली- आतंकी नेटवर्क के लिए आसान माध्यम बनता जा रहा ऐपBREAKINGमध्य प्रदेशखेत में मोटर चालू करने गया किसान करंट की चपेट में आया, दर्दनाक मौत से गांव में मातमBREAKINGEducationNEET की दर्दनाक सच्चाई: 2 दिन में 4 मौतें, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ी बहसBREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर फ्लायओवर पर चलती कार में लगी भीषण आग, चालक ने कूदकर बचाई जानBREAKINGबिज़नेसStock Market Rally: NSE ₹30,000 करोड़ IPO अपडेट से निवेशकों में जोश, PSU शेयरों में भारी खरीदारीBREAKINGमध्य प्रदेशभाजपा कार्यकर्ता सचिन राजपूत हत्याकांड का खुलासा, मुंहबोले जीजा ने चरित्र शंका में मारी गोलीBREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में पुरानी बैटरियों के अवैध कारोबार पर सख्ती, बिना रजिस्ट्रेशन खरीद-बिक्री करने वालों पर होगी कार्रवाईBREAKINGदेश-हरपलअयोध्या में हलचल: चढ़ावा केस के बीच CM योगी का दौरा, प्रशासन ने चंपत राय को रोका

NE

News Elementor

Latest Posts

Bishni Devi Shah

Bishni Devi Shah उत्तराखंड की First Woman Freedom Fighter और आज़ादी की वीरांगना

भारत की आज़ादी की लड़ाई में जहां महात्मा गांधी, भगत सिंह और रानी लक्ष्मीबाई जैसे बड़े नाम चर्चित रहे, वहीं कई ऐसे वीर-वीरांगनाएं भी थीं जिनका योगदान इतिहास के पन्नों में कम लिखा गया। Bishni Devi Shah इन्हीं में से एक हैं, जिन्हें Uttarakhand की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी (First Woman Freedom Fighter) के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अपने साहस, त्याग और अदम्य इच्छाशक्ति से पहाड़ के कोने-कोने में आज़ादी की अलख जगाई। प्रारंभिक जीवन और संघर्ष की शुरुआत Bishni Devi Shah का जन्म उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में हुआ। बचपन से ही उनमें न्याय और देशभक्ति की भावना थी। पहाड़ी गांव में पली-बढ़ी होने के बावजूद उन्होंने समाज की रूढ़ियों को चुनौती दी और ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का संकल्प लिया। स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका महिलाओं को आंदोलन में शामिल करने की प्रेरणा उस दौर में महिलाओं की स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी बेहद कम थी, लेकिन Bishni Devi Shah ने गांव-गांव जाकर उन्हें आंदोलन में जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह साबित किया कि आज़ादी की लड़ाई में महिला और पुरुष का योगदान समान है। त्याग और बलिदान विरासत और सम्मान आज Bishni Devi Shah को Uttarakhand की First Woman Freedom Fighter के रूप में सम्मानित किया जाता है। हालांकि उनका नाम मुख्यधारा के इतिहास में कम दर्ज है, लेकिन स्थानीय इतिहासकार और समाजसेवी उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयास कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sushil Kumar

Sushil Kumar Bail Cancelled सुप्रीम कोर्ट ने सागर धनखड़ Murder Case में जमानत रद्द कर एक हफ्ते में सरेंडर का आदेश

ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान Sushil Kumar को Supreme Court से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने बुधवार (13 अगस्त 2025) को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा मार्च 2025 में दी गई जमानत को रद्द करते हुए उन्हें 7 दिनों के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया। यह फैसला Sagar Dhankhar Murder Case में आया है, जिसमें Sushil Kumar पर गवाहों को धमकाने और ट्रायल को प्रभावित करने के गंभीर आरोप हैं। Supreme Court ने क्यों रद्द की जमानत? यह मामला सुप्रीम कोर्ट में Sagar Dhankhar के पिता Ashok Dhankhar की याचिका पर पहुंचा। याचिका में दावा किया गया कि Sushil Kumar ने जमानत पर रहते हुए कई महत्वपूर्ण गवाहों को डराने और प्रभावित करने की कोशिश की। कोर्ट ने इन आरोपों को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट का जमानत आदेश रद्द कर दिया और तुरंत सरेंडर का निर्देश दिया। Delhi High Court का पुराना आदेश मार्च 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए कहा था कि केस की सुनवाई धीमी गति से चल रही है। तीन साल में 186 में से केवल 30 गवाहों के बयान ही दर्ज हुए थे। इसी आधार पर सुशील को राहत दी गई थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे पलट दिया। Murder Case का पूरा मामला 4 मई 2021 की रात दिल्ली के Chhatrasal Stadium के पास हुई हिंसक झड़प में 23 वर्षीय Sagar Dhankhar, जो जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियन रह चुके थे, की मौत हो गई थी।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण गंभीर सिर की चोटें (blunt force trauma) बताया गया। इस घटना में सागर के दो दोस्त भी घायल हुए थे।पुलिस जांच में सामने आया कि यह हमला कथित तौर पर एक प्रॉपर्टी विवाद को लेकर हुआ था, जिसमें Sushil Kumar और उनके सहयोगियों का नाम आया। आगे की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, सुशील कुमार को एक हफ्ते में सरेंडर करना होगा। इसके बाद उनकी न्यायिक हिरासत में पूछताछ और ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि गवाहों की सुरक्षा और ट्रायल की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Washington DC

Washington DC Police पर Trump का Control Crime कम, Politics ज़्यादा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने Washington DC में कानून-व्यवस्था को काबू करने के नाम पर बड़ा और विवादित कदम उठाया है। उन्होंने शहर की पुलिस का सीधा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है और 800 नेशनल गार्ड (National Guard) जवानों की तैनाती का आदेश दिया है। यह फैसला Home Rule Act 1973 के तहत लिया गया है, जो संघीय सरकार को डीसी की स्थानीय सरकार में सीधा हस्तक्षेप करने का अधिकार देता है। Crime Rate में गिरावट के बावजूद Crackdown आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2025 के पहले सात महीनों में Washington DC में हिंसक अपराध (Violent Crime) में करीब 26% की गिरावट दर्ज हुई है। कई दशकों में अपराध दर अपने न्यूनतम स्तर के करीब है। इसके बावजूद ट्रंप ने शहर को “खतरनाक”, “अराजक” और “गैंग हिंसा से ग्रस्त” बताते हुए यह कार्रवाई ज़रूरी बताई। पुराने Racist Crime Narratives की गूंज विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप की बयानबाजी और कदम दशकों पुराने उन Racist Crime Narratives की याद दिलाते हैं, जिनमें अश्वेत आबादी वाले शहरों को “कानूनहीन” और “रेस्क्यू की ज़रूरत” वाला बताया जाता था। आलोचकों का आरोप है कि यह रणनीति न सिर्फ DC बल्कि शिकागो, बाल्टीमोर, न्यूयॉर्क, लॉस एंजेलिस और ओकलैंड जैसे Black-led Cities को टारगेट करने का हिस्सा है। Political और Constitutional विवाद नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं (Civil Rights Leaders), डेमोक्रेटिक मेयरों और विपक्षी दलों ने इस कदम को “राजनीतिक हथकंडा” और “लोकल ऑटोनॉमी पर हमला” बताया है। उनका कहना है कि संघीय हस्तक्षेप लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करता है और यह शहरी शासन (Urban Governance) के सैन्यीकरण का खतरनाक उदाहरण हो सकता है। चुनावी रणनीति का हिस्सा? कई मीडिया रिपोर्ट्स और एडिटोरियल्स में दावा किया गया है कि यह कदम आने वाले US Elections 2025 से पहले राजनीतिक ध्रुवीकरण (Political Polarization) बढ़ाने की कोशिश है। चूंकि अपराध दर कम है, इसलिए इसे सिर्फ “Power Show” और “Law and Order Politics” का उदाहरण बताया जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
UNGA

PM Modi America Visit UNGA भाषण और Trump से अहम मुलाकात के संकेत

PM Modi के सितंबर में अमेरिका दौरे की चर्चा तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क जा सकते हैं। इस दौरान उनकी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात भी संभव है। UNGA में भाषण का संभावित दिन UNGA का 80वां सत्र 9 सितंबर से 29 सितंबर तक चलेगा और जनरल डिबेट 23 से 29 सितंबर के बीच होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी का भाषण 26 सितंबर को निर्धारित किया गया है। इसी दिन इज़राइल, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के नेता भी बोलेंगे। Trump से Trade Talks की उम्मीद अगर मोदी का यह दौरा तय हो जाता है, तो उनके और ट्रंप के बीच ट्रेड और टैरिफ विवाद पर चर्चा होने की संभावना है। भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में टैरिफ को लेकर तनाव देखने को मिला है, और यह मुलाकात रिश्तों में सुधार का अवसर बन सकती है। Final Decision अभी बाकी हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी का अमेरिका दौरा अभी फाइनल नहीं हुआ है। UNGA की स्पीकर लिस्ट में उनका नाम होना सिर्फ एक प्रारंभिक संकेत है, लेकिन अंतिम पुष्टि अभी आनी बाकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
PM Shehbaz

Indus Water Treaty विवाद Pakistan PM Shehbaz Sharif की भारत को धमकी

भारत और पाकिस्तान के बीच Indus Water Treaty को लेकर तनाव नए स्तर पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ (PM Shehbaz Sharif) ने चेतावनी दी है कि “दुश्मन पाकिस्तान से एक बूंद पानी भी नहीं छीन सकता।” उनका यह बयान भारत द्वारा अप्रैल 2025 में इस संधि को अस्थायी रूप से निलंबित करने के फैसले के बाद आया है। Indus Water Treaty – क्या है समझौता? 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए इस ऐतिहासिक समझौते के तहत, यह समझौता विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुआ था और दशकों से दोनों देश इसे मानते आ रहे थे। लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सुरक्षा कारणों से इसे “abeyance” (अस्थायी रोक) में डाल दिया। पाकिस्तान के सख्त बयान भारत का रुख भारत का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकवाद और सीमा पार हिंसा के चलते यह संधि अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। भारत का मानना है कि पानी पर उसका अधिकार अंतरराष्ट्रीय कानून और भू-स्थिति के आधार पर होना चाहिए। भविष्य की स्थिति विशेषज्ञों का मानना है कि पानी पर बढ़ता विवाद South Asia में अस्थिरता बढ़ा सकता है। उम्मीद है कि विश्व बैंक और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस मामले में मध्यस्थता करेंगी, ताकि स्थिति युद्ध तक न पहुंचे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Suresh Raina

Suresh Raina Inquiry सुरेश रैना से ED की पूछताछ, 1xBet Betting App मामले में गहन जांच

भारतीय क्रिकेटर Suresh Raina बुधवार (13 अगस्त 2025) को Enforcement Directorate (ED) के सामने पेश हुए। यह पेशी अवैध ऑनलाइन बेटिंग ऐप 1xBet से जुड़े Money Laundering और Foreign Exchange Law Violation के मामले की जांच के तहत हुई। क्यों हुई Suresh Raina से पूछताछ? ED ने Suresh Raina को Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत समन भेजा था। एजेंसी यह जांच कर रही है कि 1xBet से रैना का कोई वित्तीय लेन-देन, प्रमोशनल एक्टिविटी या अप्रत्यक्ष संबंध रहा है या नहीं।सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान ED ने रैना से उनके ब्रांड एंडोर्समेंट, पेमेंट ट्रांजैक्शन और कॉन्ट्रैक्ट डिटेल्स से जुड़े कई सवाल पूछे। 1xBet Betting App मामला 1xBet एक इंटरनेशनल ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म है, जो भारत में अवैध है। आरोप है कि इस ऐप का इस्तेमाल Hawala Transactions, Money Laundering और विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन में हो रहा था।इस मामले में ED पहले ही कई हाई-प्रोफाइल सेलेब्रिटीज से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें साउथ इंडियन एक्टर Rana Daggubati का नाम भी शामिल है। बड़ी कार्रवाई का हिस्सा यह पूछताछ ED की उस बड़ी मुहिम का हिस्सा है, जिसमें अवैध बेटिंग नेटवर्क, उनके पैसों के प्रवाह और उन्हें प्रमोट करने वालों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी का मकसद यह जानना है कि ऐसे प्लेटफॉर्म की कमाई भारत से बाहर कैसे भेजी गई और इसमें किन लोगों की भागीदारी रही। रैना का पक्ष अभी तक Suresh Raina या उनकी टीम की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ED अधिकारियों के अनुसार, जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा भी बुलाया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
BJP

यूपी Politics में Thakur Unity ‘कुटुंब परिवार’ मीटिंग में BJP और Opposition के 40 MLA का Power Show

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला, जब सत्ता और विपक्ष दोनों दलों के ठाकुर समुदाय से जुड़े करीब 40 विधायक और विधान परिषद सदस्य एक मंच पर नजर आए। ‘कुटुंब परिवार’ नाम से आयोजित यह खास बैठक लखनऊ के फाइव-स्टार होटल क्लार्क अवध में हुई, जिसने विधानसभा सत्र के बीच राजनीतिक हलचल बढ़ा दी। BJP और Opposition के Thakur नेता एक मंच पर बैठक में BJP, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और निर्दलीय पृष्ठभूमि के ठाकुर विधायक शामिल हुए। इसमें सत्तारूढ़ पार्टी के मौजूदा MLA, सपा के बागी सदस्य और विपक्षी दलों के नेता भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य ठाकुर समुदाय के नेताओं के बीच एकजुटता और आपसी संवाद को मजबूत करना था। ‘कुटुंब परिवार’ WhatsApp Group और सांस्कृतिक Symbols कार्यक्रम के बाद ‘कुटुंब परिवार’ नाम का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया, जिसमें सत्ता और विपक्ष दोनों के ठाकुर नेता जुड़े हैं। इस मीटिंग में हर प्रतिभागी को भगवान राम की मूर्ति, महाराणा प्रताप की तस्वीर और पीतल का त्रिशूल भेंट किया गया, जिसे जातीय पहचान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक माना जा रहा है। 8 साल बाद ऐसा जमावड़ा पिछले आठ वर्षों में ठाकुर समुदाय के विधायकों का इतना बड़ा और संगठित जमावड़ा पहली बार हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इसे केवल सामाजिक कार्यक्रम न मानकर आने वाले समय की सियासी रणनीति और शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक Significance चूंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी ठाकुर समुदाय से आते हैं, इसलिए यह मीटिंग भाजपा के अंदर और बाहर दोनों ही जगह संदेश देने वाली मानी जा रही है। विधानसभा सत्र के दौरान इस तरह की एकजुटता भविष्य की राजनीति में बड़ा असर डाल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
उरी

उरी Terrorist Operation Indian Army ने LoC पर आतंकवादी घुसपैठ नाकाम किया, शहीद जवान की दुखद घटना

उरी सेक्टर में आतंकवादी घुसपैठ की कोशिश विफल जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास भारतीय सेना ने एक बड़ी आतंकवादी घुसपैठ की कोशिश को सफलतापूर्वक नाकाम किया है। सेना के जवानों ने संदिग्ध आतंकवादियों से मुठभेड़ की, जिसमें छह पिस्तौल और चार हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। सुरक्षा बल फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं। भारतीय सेना की सतर्कता और सीमा सुरक्षा इस घटना से स्पष्ट होता है कि भारतीय सेना अपनी सतर्कता और सीमा सुरक्षा को और भी मजबूत कर रही है। LoC पर आतंकवादियों की हरकतों पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ न हो सके। शहीद जवान सिपाही अनिल कुमार की दुखद घटना उरी सेक्टर में एक दुखद घटना में तेलंगाना के खम्मम जिले के सिपाही अनिल कुमार, जो मराठा लाइट इन्फैंट्री में तैनात थे, गश्त के दौरान फिसलने से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। वह हाल ही में अपनी पत्नी और सात महीने के बेटे से मिलने के बाद ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी शहादत सेना और देश के लिए एक बड़ी क्षति है। आतंकवाद के खिलाफ सेना का संकल्प भारतीय सेना न केवल आतंकवादियों की हरकतों को रोकने में सफल हो रही है, बल्कि अपने जवानों की सुरक्षा के लिए भी पूरी सतर्कता बरत रही है। उरी और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील इलाकों में सेना की सक्रियता से शांति बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
SIR

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 Special Intensive Revision (SIR) में मतदाता सूची का अपडेट और विवाद

बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने Special Intensive Revision (SIR) यानी विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन शुरू किया है। इस प्रक्रिया का मकसद राज्य की मतदाता सूचियों को साफ़, सटीक और अपडेटेड बनाना है ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके। Special Intensive Revision (SIR) के मुख्य उद्देश्य दस्तावेज़ी मानदंड और परेशानी मतदाता को अपनी पहचान और निवास का प्रमाण देने के लिए चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 11 दस्तावेज़ों में से किसी एक को प्रस्तुत करना आवश्यक है। हालांकि, आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड को निवास प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जा रहा है। यह स्थिति बिहार के कई प्रवासी मजदूरों के लिए मुश्किल पैदा कर रही है क्योंकि उनके पास वैध निवास प्रमाण नहीं होते। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के इस नियम का समर्थन किया है कि आधार या राशन कार्ड को अंतिम निवास प्रमाण नहीं माना जा सकता। विरोध और राजनीतिक विवाद विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर विपक्षी दलों ने इसे “vote theft” यानी मत चोरी का आरोप लगाया है। कांग्रेस, शिवसेना और CPI(ML) सहित कई पार्टियों ने इस प्रक्रिया का विरोध किया है। विवादों में एक 124 वर्षीय महिला मतदाता मिंता देवी का नाम भी आया, जिससे मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। CPI(ML) ने इसे लोकतंत्र और संविधान पर बड़ा हमला करार दिया है और कहा है कि 66 लाख से अधिक मतदाताओं को सूची से हटाया गया है, जिनमें प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं। वर्तमान स्थिति और आगे की राह अब तक लगभग 87.6% मतदाताओं ने अपना सत्यापन पूरा कर लिया है, लेकिन प्रवासी मजदूरों और अन्य वर्गों की संख्या में कटौती जारी है। चुनाव आयोग इन मुद्दों का समाधान निकालने के प्रयास में है ताकि सभी योग्य मतदाता चुनाव प्रक्रिया में शामिल हो सकें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Supreme Court

Supreme Court Relief Delhi-NCR में पुराने Diesel-Petrol वाहनों को बड़ी राहत

दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में पुराने वाहनों पर लगे कड़े नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 12 अगस्त 2025 को एक बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि फिलहाल 10 साल से पुराने डीज़ल (Diesel) वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल (Petrol) वाहनों के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई (No Coercive Action) नहीं की जाएगी। इसका सीधा मतलब है कि इन वाहनों के मालिकों को फिलहाल ईंधन भरवाने या चलाने में रोक-टोक का सामना नहीं करना पड़ेगा। जुलाई से लागू थी Fuel Ban नीति दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई 2025 से ‘एंड ऑफ लाइफ व्हीकल’ (End of Life Vehicle – ELV) नीति लागू की थी, जिसके तहत: को ईंधन (Fuel) देने पर रोक लगा दी गई थी। इसके लिए पेट्रोल पंपों पर ANPR (Automatic Number Plate Recognition) कैमरे लगाए गए थे, जो गाड़ी का नंबर स्कैन कर नियम तोड़ने पर तुरंत अलर्ट भेजते थे। दिल्ली सरकार की समीक्षा याचिका दिल्ली सरकार ने Supreme Court में समीक्षा याचिका दायर करते हुए कहा कि केवल गाड़ियों की उम्र के आधार पर बैन लगाना उचित नहीं है। सरकार का तर्क था कि नीति उम्र-आधारित (Age-Based) के बजाय उत्सर्जन-आधारित (Emission-Based) होनी चाहिए, क्योंकि कई पुराने वाहन अच्छे मेंटेनेंस के कारण कम प्रदूषण करते हैं, जबकि कुछ नए वाहन ज्यादा धुआं छोड़ते हैं। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी Supreme Court ने साफ किया कि सभी पुराने वाहनों पर ब्लैंकेट बैन (Blanket Ban) लगाना उचित नहीं है। अदालत ने सुझाव दिया कि नीति बनाते समय वाहन की उम्र के साथ-साथ उसका प्रदूषण स्तर (Pollution Level) और तकनीकी फिटनेस (Technical Fitness) भी जांची जानी चाहिए। कोर्ट ने दिल्ली सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 170 171 172 173 174 246

Editor's Picks

Telegram

Telegram Controversy: सरकार बोली- आतंकी नेटवर्क के लिए आसान माध्यम बनता जा रहा ऐप

लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप Telegram एक बार फिर कानूनी और सुरक्षा बहस के केंद्र में आ गया है। हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने दावा किया कि इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कई मामलों में आतंकी गतिविधियों, कट्टरपंथी प्रचार और अवैध नेटवर्किंग के लिए किया जा रहा है। सरकार ने अदालत से कहा कि Telegram धीरे-धीरे ऐसे तत्वों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल माध्यम बनता जा रहा है, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने कोर्ट में क्या कहा? सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश वकीलों ने बताया कि Telegram के कुछ फीचर्स, खासकर एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और बड़े पैमाने पर संचालित चैनल, सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि कई बार जांच एजेंसियों को जरूरी जानकारी समय पर नहीं मिल पाती, जिससे संवेदनशील मामलों की जांच प्रभावित होती है। केंद्र ने यह भी कहा कि तकनीक का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना है, लेकिन जब उसी तकनीक का उपयोग कानून-विरोधी गतिविधियों के लिए होने लगे तो सरकार का हस्तक्षेप जरूरी हो जाता है। सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता सरकारी पक्ष के अनुसार, हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें Telegram का उपयोग संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि कुछ आतंकी और आपराधिक संगठन इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अपने नेटवर्क को सक्रिय रखने और संदेशों के आदान-प्रदान के लिए कर रहे हैं। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अधिक जवाबदेही और सहयोग की मांग करती रही हैं। प्राइवेसी बनाम सुरक्षा की बहस Telegram को दुनियाभर में सुरक्षित और निजी संवाद के लिए जाना जाता है। लाखों लोग इसका इस्तेमाल रोजमर्रा की बातचीत, बिजनेस और सूचना साझा करने के लिए करते हैं। लेकिन जब किसी प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग की खबरें सामने आती हैं, तो निजता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूजर्स की प्राइवेसी भी महत्वपूर्ण है और सुरक्षा भी। इसलिए दोनों के बीच संतुलित समाधान निकालना सबसे बड़ी चुनौती है। आगे क्या होगा? हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस पर और महत्वपूर्ण बहस हो सकती है। अदालत का फैसला सिर्फ Telegram तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में अन्य सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए भी एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है। फिलहाल, इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि डिजिटल युग में राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी स्वतंत्रता और यूजर प्राइवेसी के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

खेत में मोटर चालू करने गया किसान करंट की चपेट में आया, दर्दनाक मौत से गांव में मातम

गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के ग्राम खेजराबाबा में एक दर्दनाक हादसे में किसान की करंट लगने से मौत हो गई। किसान रात में खेत पर सिंचाई के लिए मोटर चालू करने गया था, लेकिन बिजली के तार की चपेट में आने से उसकी जान चली गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार 35 वर्षीय बनवारी सहरिया बुधवार रात अपने खेत में बने कुएं पर मोटर चालू करने गया था। इसी दौरान वह बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई और रातभर उसका शव खेत में ही पड़ा रहा। सुबह परिजनों को लगी घटना की जानकारी गुरुवार सुबह जब परिजन खेत पहुंचे तो उन्होंने बनवारी को जमीन पर अचेत अवस्था में पड़ा देखा। परिजनों ने तुरंत बिजली की डोरी हटाई और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का सहारा था बनवारी बताया जा रहा है कि बनवारी सहरिया खेती-किसानी के साथ ऑटो चलाकर भी परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर धरनावदा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
NEET

NEET की दर्दनाक सच्चाई: 2 दिन में 4 मौतें, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ी बहस

देश में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर बढ़ता मानसिक दबाव एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पिछले 48 घंटों में अलग-अलग राज्यों से सामने आए दर्दनाक मामलों ने न सिर्फ परिवारों को तोड़ दिया, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी बहस छेड़ दी है। गुजरात और तमिलनाडु से सामने आए दर्दनाक मामले गुजरात में एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई है। वहीं तमिलनाडु की एक छात्रा ने अपने आखिरी संदेश में दोबारा परीक्षा देने के डर और लगातार बढ़ते मानसिक दबाव का जिक्र किया, जिसने सभी को भावुक कर दिया। इसी दौरान अन्य राज्यों से भी ऐसे ही दुखद मामले सामने आए हैं, जिससे कुल मिलाकर दो दिनों में कम से कम चार छात्रों की मौत की स्थिति बनी है। परिवारों ने बताया— लंबे समय से था तनाव परिजनों का कहना है कि बच्चे लंबे समय से NEET की तैयारी में दिन-रात मेहनत कर रहे थे, लेकिन लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा, कोचिंग का दबाव और भविष्य की अनिश्चितता उन्हें अंदर ही अंदर तोड़ रही थी। कई माता-पिता ने बताया कि बच्चे तनाव में रहते थे, लेकिन खुलकर अपनी बात साझा नहीं कर पा रहे थे। विशेषज्ञों की चिंता: मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ परीक्षा का दबाव नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी भी एक बड़ा कारण है। छात्रों के लिए समय रहते काउंसलिंग, भावनात्मक सपोर्ट और सुरक्षित माहौल बेहद जरूरी है, ताकि वे दबाव को संभाल सकें। शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल इन घटनाओं के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि क्या हमारी शिक्षा व्यवस्था केवल रैंक और मार्क्स पर ही केंद्रित रह गई है? समाज के कई वर्ग अब मांग कर रहे हैं कि परीक्षा प्रणाली के साथ-साथ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाए। देश में गहराता संकट और बढ़ती चिंता फिलहाल इन मामलों ने पूरे देश को झकझोर दिया है और एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सफलता की दौड़ में कहीं हम अपने बच्चों को खो तो नहीं रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

इंदौर फ्लायओवर पर चलती कार में लगी भीषण आग, चालक ने कूदकर बचाई जान

इंदौर के भंवरकुआ थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती कार में अचानक आग लग गई। घटना अटल बिहारी कॉलेज के पास स्थित फ्लायओवर पर हुई। आग लगते ही चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते कार से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। जानकारी के मुताबिक दोपहर करीब 12:30 बजे धमेन्द्र गोयल अपनी कार से फ्लायओवर से गुजर रहे थे। इसी दौरान कार के बोनट से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तुरंत वाहन सड़क किनारे रोका और बाहर निकल गए। देखते ही देखते आग की चपेट में आई कार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही मिनटों में कार के अगले हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं। आग तेजी से फैलती गई और देखते ही देखते पूरा वाहन धू-धू कर जलने लगा। फ्लायओवर पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। हालांकि दमकल कर्मियों के पहुंचने तक कार का बड़ा हिस्सा जल चुका था। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और स्थिति को नियंत्रित किया गया। यातायात प्रभावित, लगा जाम घटना की सूचना पर भंवरकुआ थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा कारणों से फ्लायओवर के एक हिस्से पर कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया गया, जिससे आसपास हल्का जाम लग गया। आग बुझने और वाहन हटाने के बाद यातायात को फिर से सामान्य किया गया। तकनीकी खराबी की आशंका प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह वाहन में तकनीकी खराबी मानी जा रही है। हालांकि पुलिस और संबंधित विभाग वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कार पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Stock Market

Stock Market Rally: NSE ₹30,000 करोड़ IPO अपडेट से निवेशकों में जोश, PSU शेयरों में भारी खरीदारी

Stock Market में आज सुबह से ही अलग तरह की हलचल देखने को मिली। वजह थी NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) के ₹30,000 करोड़ के संभावित IPO को लेकर आई बड़ी अपडेट। जैसे ही यह खबर सामने आई, बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी अचानक बढ़ गई और कई जुड़े हुए शेयरों में तेज खरीदारी देखने को मिली। कुछ स्टॉक्स तो दिन के कारोबार में करीब 14% तक उछल गए। NSE IPO को लेकर क्या है नई अपडेट? NSE ने अपना DRHP (Draft Red Herring Prospectus) SEBI के पास दाखिल कर दिया है, जिसे IPO प्रक्रिया का सबसे अहम कदम माना जाता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह इश्यू करीब ₹30,000 करोड़ का हो सकता है, जो इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बना सकता है। खास बात यह है कि यह पूरा IPO Offer for Sale (OFS) होगा, यानी इसमें कंपनी को नई पूंजी नहीं मिलेगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। शेयरों में क्यों आई 14% तक की तेजी? NSE IPO की खबर का सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ा जिनका NSE में निवेश या संबंध है। बाजार में “value unlocking” और listing excitement की वजह से खरीदारी बढ़ गई। मुख्य असर: कौन बेच रहा है हिस्सेदारी? इस मेगा IPO में कई बड़े सरकारी और संस्थागत निवेशक अपनी हिस्सेदारी कम कर सकते हैं: LIC का अहम फैसला इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि LIC ने NSE में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखने का संकेत दिया है। इससे बाजार में यह संदेश गया कि NSE के लॉन्ग टर्म ग्रोथ को लेकर भरोसा मजबूत है। NSE IPO क्यों माना जा रहा है ऐतिहासिक? निवेशकों के लिए जरूरी बात हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.