अमेरिकी संघीय अदालत द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित Reciprocal Tariffs को अवैध करार देने के बाद, भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) और एशियाई मार्केट्स (Asian Markets) में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। इस फैसले ने व्यापार तनावों (Trade Tensions) को कम किया और निवेशकों में भरोसा लौटाया। Trump Tariffs क्या हैं और कोर्ट ने क्यों रोका? पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने अप्रैल 2025 में कई देशों पर “Reciprocal Tariffs” लगाने की घोषणा की थी। इसके तहत, अमेरिका उन देशों पर वही दर से शुल्क लगाने वाला था, जितना वे अमेरिका पर लगाते हैं। इसके लिए ट्रंप ने IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) का सहारा लिया। हालांकि, अमेरिकी कोर्ट ने यह कहकर योजना को खारिज कर दिया कि ट्रंप ने अपनी कार्यकारी शक्तियों (Executive Powers) का दुरुपयोग किया है। कोर्ट के इस फैसले ने वैश्विक स्तर पर व्यापार को लेकर राहत दी। Sensex और Nifty में Jump, Indian Stock Market की रौनक यह तेजी दर्शाती है कि कोर्ट के फैसले को भारतीय बाजारों ने सकारात्मक रूप में लिया। Asian Markets भी हरे निशान पर ट्रंप की टैरिफ नीति को झटका लगने के बाद, एशियाई बाजारों में भी निवेशकों का मूड सुधरा है। Indian Exporters को मिलेगा फायदा विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से भारत के pharmaceuticals, auto, और IT sectors को राहत मिल सकती है, जो अमेरिकी शुल्कों से प्रभावित हो सकते थे। साथ ही, यह अमेरिका के साथ ट्रेड नेगोशिएशंस में भारत की स्थिति को मजबूत करेगा। Rupee में गिरावट, लेकिन बाजार Stable जहाँ एक ओर बाजारों में उछाल आया, वहीं Indian Rupee 0.2% गिरकर 85.5325 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह गिरावट डॉलर की मजबूती और बैंकिंग सेक्टर की डॉलर डिमांड के कारण हुई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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