नियमितीकरण और वेतन वृद्धि को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ‘न्याय यात्रा’ के तहत बड़ी संख्या में कर्मचारी एकजुट हुए। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, सेवा सुरक्षा और ठेका प्रथा समाप्त करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
न्याय यात्रा के दौरान बिगड़ी महिला कर्मचारी की तबीयत
प्रदर्शन के दौरान उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला, जब यात्रा में शामिल एक महिला कर्मचारी अचानक गश खाकर गिर पड़ी। तेज धूप और लगातार नारेबाजी के बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथी कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें संभाला, पानी पिलाया और प्राथमिक उपचार दिलाया। कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन बाद में उनकी हालत स्थिर बताई गई।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की
आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। प्रशासन ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद हालात नियंत्रण में आ गए।
यातायात प्रभावित, बातचीत की उम्मीद
प्रदर्शन के चलते शहर के कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। वहीं कर्मचारी संगठनों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन की ओर से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की संभावना जताई जा रही है।
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