/ Apr 29, 2026
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NCERT

Education vs Judiciary Row NCERT बदलाव पर Supreme Court बोला– सिर्फ माफी काफी नहीं

देश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। इस बार मामला स्कूल की किताबों और उनमें किए गए बदलावों से जुड़ा है। हाल ही में National Council of Educational Research and Training (NCERT) द्वारा कुछ पाठ्यपुस्तकों में संशोधन किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। मामला अदालत तक पहुंचा और सुनवाई के दौरान Supreme Court of India ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई है तो “सिर्फ माफी काफी नहीं” मानी जाएगी। क्या है पूरा मामला? NCERT ने हाल के समय में पाठ्यक्रम को “रैशनलाइज” करने और छात्रों पर पढ़ाई का बोझ कम करने के उद्देश्य से कुछ अध्यायों और अंशों में बदलाव किए। इन बदलावों में इतिहास, लोकतांत्रिक संस्थाओं और न्यायपालिका से जुड़े कुछ हिस्सों को हटाया या संक्षिप्त किया गया। यहीं से विवाद शुरू हुआ। कई शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाया कि क्या इन संशोधनों से छात्रों को देश की संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका की पूरी और संतुलित जानकारी मिल पाएगी? सुप्रीम कोर्ट की सख्त प्रतिक्रिया सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षा सामग्री बेहद संवेदनशील विषय है। कोर्ट की टिप्पणी का सार यह था कि अगर किसी संस्था—खासकर न्यायपालिका—को बदनाम करने की मंशा से बदलाव किए गए हैं, तो केवल माफी मांग लेना पर्याप्त नहीं होगा। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है, क्योंकि स्कूल की किताबें ही छात्रों की सोच और समझ की नींव रखती हैं। NCERT का पक्ष क्या है? NCERT का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया शैक्षणिक समीक्षा का हिस्सा थी। संस्था के अनुसार: हालांकि, आलोचकों का मानना है कि पाठ्यपुस्तकों में किए गए बदलावों का प्रभाव लंबे समय तक छात्रों की समझ पर पड़ सकता है। क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद? यह मुद्दा केवल एक अध्याय या किताब तक सीमित नहीं है। यह बहस तीन बड़े सवालों को सामने लाती है: जब न्यायपालिका जैसी संस्था इस पर टिप्पणी करती है, तो मामला और गंभीर हो जाता है। शिक्षा और समाज पर संभावित असर स्कूल की किताबें सिर्फ परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं होतीं। वे समाज, संविधान और लोकतंत्र की समझ विकसित करती हैं। ऐसे में अगर किसी भी बदलाव को लेकर संदेह पैदा होता है, तो उसका असर भरोसे पर पड़ता है—चाहे वह छात्रों का हो, अभिभावकों का या शिक्षकों का। इस पूरे विवाद ने यह साफ कर दिया है कि शिक्षा नीति में किया गया हर छोटा बदलाव भी व्यापक सामाजिक और संवैधानिक चर्चा का विषय बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मोदी

PM मोदी की Israel यात्रा Defense, Technology और Trade में नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25-26 फरवरी 2026 को इज़राइल के लिए दो दिवसीय राजकीय दौरे पर गए। इस यात्रा को इज़रायली मीडिया ने “Strategic Reset” और “Landmark Moment” बताया है, यानी इसे भारत-इज़राइल संबंधों में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। यह मोदी का इज़राइल में दूसरा दौरा है, पिछला दौरा 2017 में हुआ था। इज़राइल में मोदी का गर्मजोशी से स्वागत इज़राइल में पीएम मोदी का स्वागत बेहद भव्य और रंगीन रहा। सड़कों पर “Namaste” के नारे लगे और भारतीय तिरंगे की रोशनी से जगह-जगह इमारतें जगमगा उठीं। संसद भवन कनेसट को भी भारतीय तिरंगे के रंगों में रोशन किया गया। मीडिया ने इस स्वागत को भारत और इज़राइल के बीच मित्रता और साझा सम्मान का प्रतीक बताया। Strategic Reset: क्या है खास? “Strategic Reset” का मतलब है कि भारत और इज़राइल अब अपने रिश्तों को सिर्फ औपचारिक दोस्ती तक सीमित नहीं रखेंगे। इस यात्रा के जरिए दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, तकनीकी नवाचार, निवेश और व्यापार सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की योजना है। यानी यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी (Special Strategic Partnership) का मार्ग प्रशस्त करने वाला कदम है। मोदी का कार्यक्रम और ऐतिहासिक बातें पीएम मोदी इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे। वे कनेसट (इज़राइली संसद) को संबोधित करेंगे, और इस तरह मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे, जिन्होंने यह अवसर प्राप्त किया। इसके अलावा मोदी याद वशेम (Holocaust Memorial) का दौरा भी करेंगे, जो दोनों देशों के साझा इतिहास और सम्मान को दर्शाता है। रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौतों की संभावनाएँ भी हैं। क्यों कहा जा रहा है ‘New Phase’? इज़रायली मीडिया और विशेषज्ञ मानते हैं कि यह दौरा भारत-इज़राइल रिश्तों में नए अध्याय (New Phase) की शुरुआत है। पिछली यात्राओं के मुकाबले अब सहयोग पहले से कहीं अधिक गहरा और व्यापक है। रक्षा, तकनीक, व्यापार और वैश्विक सहयोग के क्षेत्रों में यह एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है। राजनीतिक और वैश्विक प्रभाव इस दौरे से क्षेत्रीय राजनीति और सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। इज़राइल के प्रधानमंत्री ने इसे स्थिरता और साझेदारी के प्रतीक के रूप में बताया। वहीं कुछ आलोचक, विशेषकर भारत में विपक्ष, यह कहते हैं कि भारत को फिलीस्तीन संकट जैसे मानवीय मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

MP Bhopal Breaking न्याय यात्रा में बवाल, स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस के बीच तनाव

नियमितीकरण और वेतन वृद्धि को लेकर सड़कों पर उतरे कर्मचारी मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ‘न्याय यात्रा’ के तहत बड़ी संख्या में कर्मचारी एकजुट हुए। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, सेवा सुरक्षा और ठेका प्रथा समाप्त करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया। न्याय यात्रा के दौरान बिगड़ी महिला कर्मचारी की तबीयत प्रदर्शन के दौरान उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला, जब यात्रा में शामिल एक महिला कर्मचारी अचानक गश खाकर गिर पड़ी। तेज धूप और लगातार नारेबाजी के बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथी कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें संभाला, पानी पिलाया और प्राथमिक उपचार दिलाया। कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन बाद में उनकी हालत स्थिर बताई गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। प्रशासन ने पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे तनाव की स्थिति बन गई। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद हालात नियंत्रण में आ गए। यातायात प्रभावित, बातचीत की उम्मीद प्रदर्शन के चलते शहर के कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। वहीं कर्मचारी संगठनों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन की ओर से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की संभावना जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Marriage Ceremony में खूनखराबा जयमाला स्टेज पर Bride को गोली, एकतरफा प्यार का खौफनाक अंजाम

शादी का दिन हर परिवार के लिए सपनों जैसा होता है। हंसी-खुशी, रिश्तेदारों की भीड़, संगीत और आशीर्वाद के बीच एक नई जिंदगी की शुरुआत होती है। लेकिन इसी खुशी के माहौल में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब वरमाला की रस्म के दौरान एक युवक ने दुल्हन को गोली मार दी। कुछ ही सेकंड में जश्न मातम में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी युवक नकाब बांधकर शादी समारोह में पहुंचा था। वह बड़ी चालाकी से लड़कियों के बीच जाकर खड़ा हो गया ताकि किसी को उस पर शक न हो। जैसे ही दूल्हा-दुल्हन स्टेज पर वरमाला के लिए आगे बढ़े, उसने अचानक पिस्तौल निकाली और दुल्हन पर फायरिंग कर दी। गोली चलते ही अफरा-तफरी मच गई। मेहमान इधर-उधर भागने लगे और परिवार के लोग बदहवासी में दुल्हन को संभालने दौड़े। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देता है और फिर मौके से फरार हो जाता है। दुल्हन के पिता ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि आरोपी उनकी बेटी से एकतरफा प्यार करता था। परिवार ने इस रिश्ते को पहले ही नकार दिया था। उनका कहना है कि युवक पहले भी बेटी को परेशान करता था और शादी तय होने के बाद से वह नाराज चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से उसने शादी के दिन बदला लेने की नीयत से यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर अस्वीकृति को कुछ लोग हिंसा में क्यों बदल देते हैं। एकतरफा प्यार जब जुनून बन जाता है, तो उसका अंजाम कितना खतरनाक हो सकता है, यह इस घटना से साफ है। फिलहाल दुल्हन का इलाज चल रहा है और परिवार गहरे सदमे में है। जिस घर में शहनाई बजनी थी, वहां सन्नाटा पसरा है। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि बेटियों की सुरक्षा और ऐसे मामलों में समय रहते कानूनी कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि किसी और की खुशियां इस तरह बर्बाद न हों। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold-Silver Price Update सोना ₹1.60 लाख पर, चांदी में ₹6,455 की जोरदार तेजी

Gold Price में लगातार तीसरे दिन तेजी दर्ज की गई है, जिससे आम खरीदार से लेकर निवेशक तक सभी की नजरें बाजार पर टिकी हुई हैं। सिर्फ 3 दिनों में सोना करीब ₹5,000 महंगा हो गया है और 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम के लिए लगभग ₹1.60 लाख तक पहुंच गया है। वहीं Silver Rate Today में भी मजबूत बढ़त दर्ज की गई है। चांदी की कीमत में ₹6,455 की तेजी आई है और यह करीब ₹2.69 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। क्यों बढ़ रहे हैं Gold और Silver के दाम? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर में उतार-चढ़ाव की वजह से निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। सोना और चांदी को पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए मांग बढ़ते ही कीमतों में तेजी आ जाती है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं: जब भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, लोग अपने निवेश को सुरक्षित रखने के लिए सोने-चांदी की ओर झुकते हैं। यही वजह है कि मौजूदा हालात में कीमती धातुओं की कीमतें चढ़ती नजर आ रही हैं। स्थानीय बाजार का हाल दिल्ली, मुंबई, जयपुर और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में भी सोने-चांदी के रेट में समान तेजी देखी जा रही है। हालांकि बढ़ती कीमतों के कारण कुछ ग्राहक खरीदारी को टाल रहे हैं, लेकिन शादी-विवाह के सीजन और निवेश मांग के चलते बाजार में पूरी तरह सुस्ती भी नहीं है। कई ज्वेलर्स का कहना है कि ग्राहक अब छोटी मात्रा में खरीदारी या पुराने गहनों के एक्सचेंज का विकल्प ज्यादा चुन रहे हैं। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? अगर आप सोने या चांदी में निवेश की सोच रहे हैं, तो विशेषज्ञ एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध निवेश (SIP की तरह) की सलाह दे रहे हैं। ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली से थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन लंबी अवधि में रुझान मजबूत बना रह सकता है। आज के ताजा रेट (लगभग) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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England

Semifinal Race Update England अंदर, Pakistan की राह मुश्किल SL vs NZ करो या मरो

टूर्नामेंट अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। जहां एक ओर England cricket team ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, वहीं दूसरी ओर Pakistan national cricket team की राह अब काफी मुश्किल हो गई है। क्रिकेट फैंस के लिए यह वक्त उत्साह, तनाव और उम्मीदों से भरा हुआ है। इंग्लैंड का दमदार प्रदर्शन इंग्लैंड ने पूरे टूर्नामेंट में संतुलित खेल दिखाया। टॉप ऑर्डर की जिम्मेदार बल्लेबाजी और गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ ने टीम को लगातार बढ़त दिलाई। महत्वपूर्ण मुकाबलों में दबाव को संभालते हुए टीम ने साबित किया कि बड़े मंच पर अनुभव कितना मायने रखता है। इसी स्थिरता का परिणाम है कि इंग्लैंड ने बिना किसी गणित के सीधे सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया। पाकिस्तान की मुश्किल डगर पाकिस्तान के लिए स्थिति अब सीधी नहीं रही। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम को अपने बचे हुए मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे। इसके साथ ही उसे अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। नेट रन रेट का समीकरण भी अहम भूमिका निभाएगा। ऐसे में खिलाड़ियों के साथ-साथ फैंस की नजरें भी अब दूसरे मुकाबलों पर टिकी हुई हैं। हर रन और हर विकेट अब पाकिस्तान के भविष्य से जुड़ चुका है। आज का हाई-वोल्टेज मुकाबला आज Sri Lanka national cricket team और New Zealand national cricket team के बीच होने वाला मुकाबला बेहद अहम है। यह मैच दोनों टीमों के लिए करो या मरो जैसा है। जो जीतेगा, उसकी सेमीफाइनल की उम्मीदें मजबूत होंगी। हारने वाली टीम के लिए आगे की राह लगभग बंद हो सकती है। क्रिकेट का यही रोमांच इसे खास बनाता है। कभी समीकरण आसान दिखते हैं तो कभी एक मैच सब कुछ बदल देता है। फिलहाल इंग्लैंड बेफिक्र है, पाकिस्तान उम्मीदों के सहारे है और श्रीलंका-न्यूजीलैंड की भिड़ंत पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय कर सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NCERT

Education vs Judiciary Debate NCERT के ‘Judicial Corruption’ चैप्टर पर CJI का सख्त स्टैंड

देश की स्कूली शिक्षा और न्यायपालिका—दोनों ही लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ माने जाते हैं। ऐसे में जब National Council of Educational Research and Training (NCERT) की एक किताब में शामिल ‘Judicial Corruption’ (ज्यूडिशियल करप्शन) चैप्टर को लेकर विवाद खड़ा हुआ, तो मामला सीधे देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया। इस मुद्दे पर सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि मामला पहली नजर में सोचा-समझा कदम लगता है और वे स्वयं इस केस को देखेंगे। क्या है NCERT Judicial Corruption Controversy? विवाद उस अध्याय को लेकर है जिसमें न्यायिक भ्रष्टाचार से जुड़े संदर्भ और उदाहरण शामिल किए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इस तरह की सामग्री छात्रों के मन में न्यायपालिका की छवि को लेकर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। उनका कहना है कि स्कूल स्तर पर पढ़ाई जाने वाली किताबों में संवैधानिक संस्थाओं के बारे में संतुलित और जिम्मेदार भाषा होनी चाहिए। दूसरी तरफ कुछ शिक्षा विशेषज्ञों का मत है कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और संस्थाओं की आलोचनात्मक समझ भी जरूरी है। उनके अनुसार, यदि विषय तथ्यों और ऐतिहासिक संदर्भों के साथ रखा गया है, तो इसे शिक्षा के दायरे में ही देखा जाना चाहिए, न कि संस्थान के खिलाफ अभियान के रूप में। CJI का सख्त रुख सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि न्यायपालिका की साख और विश्वसनीयता पर आंच नहीं आने दी जा सकती। उन्होंने संकेत दिया कि अगर सामग्री भ्रामक या एकतरफा पाई गई तो अदालत जरूरी निर्देश दे सकती है। CJI का खुद इस मामले को देखने का फैसला बताता है कि सुप्रीम कोर्ट इस विवाद को बेहद गंभीरता से ले रहा है। Education vs Institution Reputation: बड़ा सवाल यह मामला केवल एक अध्याय तक सीमित नहीं है। यह उस बड़े सवाल को सामने लाता है—क्या पाठ्यपुस्तकों में संवैधानिक संस्थाओं की आलोचनात्मक चर्चा होनी चाहिए? अगर हां, तो उसकी सीमा क्या हो? एक ओर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, दूसरी ओर संस्थाओं की गरिमा। संतुलन कहां बनेगा, यह अब अदालत के फैसले से तय होगा। आगे क्या हो सकता है? आगामी सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट यह तय कर सकता है कि: देशभर के अभिभावक, शिक्षक और छात्र अब इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं। क्योंकि यह मामला केवल एक चैप्टर का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और न्यायपालिका के बीच भरोसे के रिश्ते का भी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ट्रम्प

Global Diplomacy US Congress में ट्रम्प का बयान, India-Pak से लेकर Venezuela तक चर्चा

अमेरिकी संसद में हालिया संबोधन के दौरान Donald Trump ने वैश्विक राजनीति से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। अपने भाषण में उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को रोकने का दावा किया, गाजा में हुए सीजफायर को कूटनीतिक जीत बताया, ईरान पर गंभीर आरोप लगाए और वेनेजुएला के साथ नए रिश्तों के संकेत दिए। India-Pak Tension पर क्या बोले ट्रम्प? ट्रम्प ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालात एक समय काफी तनावपूर्ण हो गए थे, लेकिन अमेरिका की सक्रिय कूटनीति के कारण स्थिति को बिगड़ने से रोका गया। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रयासों से संभावित टकराव टल गया। हालांकि, इस पर भारत या पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। फिर भी, उनका यह बयान दक्षिण एशिया की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे रहा है। Gaza Ceasefire को बताया बड़ी जीत मध्य-पूर्व का जिक्र करते हुए ट्रम्प ने Gaza Strip में हुए सीजफायर को अपनी विदेश नीति की अहम उपलब्धि बताया। उनके मुताबिक यह युद्धविराम क्षेत्र में शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया संघर्षों से जूझ रही है, ऐसे समय में संवाद और समझौता ही समाधान का रास्ता बनता है। Iran Protest पर गंभीर आरोप अपने भाषण में ट्रम्प ने Iran की सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान करीब 32,000 प्रदर्शनकारियों की जान गई। ट्रम्प ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ध्यान देने की अपील की। यह मुद्दा पहले भी वैश्विक मंचों पर उठता रहा है, लेकिन ट्रम्प का यह बयान एक बार फिर बहस को तेज कर सकता है। Venezuela को बताया “नया दोस्त” लैटिन अमेरिका की बात करते हुए ट्रम्प ने संकेत दिया कि Venezuela के साथ अमेरिका के रिश्तों में नया अध्याय शुरू हो सकता है। उन्होंने वेनेजुएला को “नया दोस्त” बताते हुए कहा कि भविष्य में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ सकता है। भाषण का व्यापक असर ट्रम्प का यह संबोधन सिर्फ राजनीतिक बयान भर नहीं था, बल्कि वैश्विक रणनीति का संदेश भी माना जा रहा है। उन्होंने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश किया जो अंतरराष्ट्रीय संकटों में हस्तक्षेप कर समाधान निकाल सकता है। जहां समर्थक इसे मजबूत नेतृत्व की निशानी मान रहे हैं, वहीं आलोचकों का कहना है कि इन दावों की तथ्यात्मक पुष्टि जरूरी है। कुल मिलाकर, US Congress में दिया गया यह भाषण आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति और कूटनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

F-22 Stealth Jets, PM Modi Israel Tour और बढ़ता US-Iran Conflict क्या होने वाला है आगे

दुनिया इस समय एक बेहद संवेदनशील geopolitical स्थिति से गुजर रही है। अमेरिका के F-22 स्टेल्थ फाइटर जेट्स (F-22 Stealth Jets) इज़राइल में तैनात किए गए हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) का इज़राइल दौरा (Israel Visit) भी चल रहा है। इन घटनाओं के बीच US-Iran तनाव (US-Iran Tension) और भारत-इज़राइल संबंध (India-Israel Relations) पर भी ध्यान केंद्रित है। अमेरिका के F-22 Jets इज़राइल में क्यों? अमेरिका ने हाल ही में 12 F-22 रैप्टर फाइटर जेट्स को इज़राइल में तैनात किया। ये विमान दुनिया के सबसे एडवांस स्टेल्थ लड़ाकू विमानों में से हैं। इनके पास रडार से बचने और दुश्मन एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने की उच्च क्षमता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम ईरान के साथ बढ़ते तनाव (Rising Tension with Iran) का संकेत है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने सैन्य बल और संसाधनों को बढ़ा दिया है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित सैन्य प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहा जा सके। US-Iran Tension: वर्तमान स्थिति अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है, खासकर परमाणु समझौते और क्षेत्रीय प्रभुत्व को लेकर। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर डिप्लोमैटिक समाधान नहीं निकला, तो कठोर कदम उठाए जा सकते हैं। ईरान ने भी कहा है कि अगर उन पर हमला हुआ, तो वह जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि सैन्य विकल्प संभव हैं, लेकिन कूटनीति अभी भी प्राथमिकता में है। PM Modi का इज़राइल दौरा – क्यों खास है? प्रधानमंत्री मोदी 25-26 फरवरी 2026 को इज़राइल के दो दिवसीय दौरे (Two-day Visit) पर हैं। यह उनकी दूसरी यात्रा है और इसका उद्देश्य दोनों देशों के रणनीतिक, रक्षा और तकनीकी सहयोग (Strategic & Defence Partnership) को मजबूत करना है। मोदी इज़राइल की संसद Knesset को संबोधित करेंगे और नेतन्याहू के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। चर्चा के मुख्य मुद्दे हैं: India-Israel Relations: नए अवसर भारत और इज़राइल पहले से ही रक्षा और तकनीकी सहयोग में साझेदार हैं। इस दौरे के दौरान: इस दौरे से भारत-इज़राइल संबंधों में नई दिशा और गहराई आने की उम्मीद है। क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव यह दौरा और F-22 जेट्स की तैनाती ऐसे समय में हो रही हैं जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौर वैश्विक राजनीति और रणनीतिक संतुलन के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kerala

Kerala का नाम बदलेगा अब “Keralam” होगा आधिकारिक नाम

देश की राजनीति और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने केरल (Kerala) का नाम बदलकर “केरलम (Keralam)” करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले के बाद अब आधिकारिक रूप से राज्य का नाम बदलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह प्रस्ताव पहले ही केरल विधानसभा द्वारा पारित किया जा चुका था। विधानसभा ने सर्वसम्मति से केंद्र से आग्रह किया था कि राज्य का पारंपरिक और स्थानीय नाम “केरलम” ही संविधान और सभी सरकारी दस्तावेजों में दर्ज किया जाए। मलयालम भाषा में राज्य को लंबे समय से “केरलम” कहा जाता रहा है, इसलिए इसे औपचारिक मान्यता देने की मांग उठी थी। क्यों बदला जा रहा है Kerala का नाम? राज्य सरकार का कहना है कि “केरल” नाम अंग्रेज़ी और अन्य भाषाओं में प्रचलित रूप है, जबकि स्थानीय भाषा मलयालम में सही उच्चारण और ऐतिहासिक पहचान “केरलम” है। इस बदलाव को सांस्कृतिक सम्मान और भाषाई अस्मिता से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। उनका तर्क था कि जब कई राज्यों ने अपने पारंपरिक नामों को आधिकारिक रूप दिया है, तो केरल भी अपनी मूल पहचान के साथ जाना जाए। अब आगे क्या होगा? कैबिनेट की मंजूरी के बाद अगला कदम संसद में संविधान संशोधन विधेयक लाना होगा। संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत और पहली अनुसूची में संशोधन के जरिए “केरल” की जगह “केरलम” दर्ज किया जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह बदलाव आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगा। इसके बाद सरकारी दस्तावेज, आधिकारिक वेबसाइटें, साइनबोर्ड और अन्य प्रशासनिक अभिलेखों में भी नया नाम अपडेट किया जाएगा। राजनीतिक और सांस्कृतिक मायने यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव की चर्चा भी तेज हो रही है। हालांकि सरकार इसे पूरी तरह सांस्कृतिक और भाषाई सम्मान से जुड़ा कदम बता रही है। कई लोगों के लिए यह सिर्फ नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों और परंपरा को पहचान देने का प्रयास है। “केरलम” शब्द राज्य की मिट्टी, भाषा और इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Honeymoon Murder Case: आरोपी सोनम को मिली Bail, Shillong Jail से रिहा | Raja Raghuvanshi Case में नया मोड़

Honeymoon Murder Case: आरोपी सोनम को मिली Bail, Shillong Jail से रिहा | Raja Raghuvanshi Case में नया मोड़

Honeymoon मर्डर केस में आरोपी सोनम को आखिरकार जमानत मिल गई है। कोर्ट के आदेश के बाद सोनम को शिलॉन्ग जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आते ही उनके पिता उन्हें लेने पहुंचे, जिससे यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है। यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आया था जब हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की हत्या हो गई थी। इस केस में सोनम पर गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। अब जमानत मिलने के बाद केस में एक नया मोड़ आ गया है। सोनम की रिहाई के बाद जहां उनके परिवार ने राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी तरफ राजा रघुवंशी के परिवार में नाराजगी देखने को मिल रही है। राजा के भाई ने साफ कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उनका कहना है कि उन्हें अभी भी न्याय नहीं मिला है और वे इस लड़ाई को आगे तक ले जाएंगे। इस मामले में पुलिस जांच अभी भी जारी है और कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि सोनम पर लगे आरोप खत्म हो गए हैं, बल्कि केस की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
12 जिले, 21 इंटरचेंज और 23 टोल प्लाजा: जानिए गंगा एक्सप्रेसवे के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स

12 जिले, 21 इंटरचेंज और 23 टोल प्लाजा: जानिए गंगा एक्सप्रेसवे के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स

उत्तर प्रदेश में बन रहा गंगा एक्सप्रेसवे देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में से एक है। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ लंबी दूरी को कम करेगा, बल्कि कई जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी भी देगा। यह एक्सप्रेसवे कुल 12 जिलों से होकर गुजरेगा। इसके साथ ही इसमें 21 इंटरचेंज और 23 टोल प्लाजा बनाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को सफर के दौरान आसानी से एंट्री और एग्जिट मिल सके। सरल शब्दों में समझें तो इंटरचेंज वो जगह होते हैं जहां से आप एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकते हैं या उतर सकते हैं। इससे आसपास के शहरों और गांवों को सीधा फायदा मिलेगा। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य है कि लोग कम समय में लंबी दूरी तय कर सकें और ट्रैफिक की समस्या भी कम हो। साथ ही, इससे व्यापार और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। गांवों के लोग अब बड़े शहरों से आसानी से जुड़ पाएंगे, जिससे रोजगार और सुविधाओं के नए रास्ते खुलेंगे। वहीं यात्रियों के लिए सफर पहले से ज्यादा आरामदायक और तेज होगा। गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि विकास की एक नई रेखा है जो उत्तर प्रदेश के कई इलाकों की तस्वीर बदल सकती है।
RR ने रोका पंजाब का विजय रथ, यशस्वी-फरेरा की शानदार पारी से 6 विकेट से जीत

RR ने रोका पंजाब का विजय रथ, यशस्वी-फरेरा की शानदार पारी से 6 विकेट से जीत

आईपीएल में एक और रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जहां राजस्थान रॉयल्स (RR) ने पंजाब के जीत के सिलसिले पर ब्रेक लगा दिया। इस मैच में RR ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट से जीत अपने नाम की। पंजाब की टीम इस मुकाबले में पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरी थी, लेकिन राजस्थान के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बना दिया। पंजाब के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी करने में नाकाम रहे, जिससे टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाई। लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की टीम ने संयम और समझदारी के साथ बल्लेबाजी की। युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई और टीम को मजबूत शुरुआत दी। उनके साथ फरेरा ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी की और मैच को पूरी तरह राजस्थान के पक्ष में कर दिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच शानदार तालमेल देखने को मिला, जिसने पंजाब की उम्मीदों को धीरे-धीरे खत्म कर दिया। अंत में राजस्थान ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया। इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने न सिर्फ दो अहम अंक हासिल किए, बल्कि यह भी दिखा दिया कि टीम मुश्किल हालात में भी वापसी करना जानती है। यह मुकाबला दर्शकों के लिए काफी रोमांचक रहा और RR के फैंस के लिए खुशी लेकर आया। वहीं पंजाब को अब अपनी गलतियों से सीखकर अगले मैच में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
PM Modi

Kashi दौरा 2026: PM Modi का emotional connect, 2 नई Trains लॉन्च और Reservation पर फोकस

वाराणसी की धरती पर एक बार फिर PM Modi का अलग ही अंदाज़ देखने को मिला। अपने संसदीय क्षेत्र Varanasi पहुंचे प्रधानमंत्री ने मंच से जैसे ही कहा— “माई-बहिन के हम प्रणाम करत हई”, पूरा माहौल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। यह सिर्फ एक अभिवादन नहीं था, बल्कि काशी की मिट्टी से उनका जुड़ाव भी साफ झलक रहा था। महिलाओं और आरक्षण पर साफ संदेश अपने संबोधन में PM Modi ने महिलाओं और पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर खास जोर दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार आरक्षण को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और आगे भी इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उनके इस बयान को वहां मौजूद लोगों ने गंभीरता से सुना और सराहा। रेलवे को मिली नई रफ्तार काशी दौरे के दौरान PM Modi ने दो नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इन ट्रेनों के शुरू होने से वाराणसी और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। रोज़मर्रा के यात्रियों से लेकर व्यापारियों तक, हर किसी को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। काशी से भावनात्मक रिश्ता प्रधानमंत्री का काशी से जुड़ाव किसी औपचारिक रिश्ते जैसा नहीं, बल्कि एक भावनात्मक संबंध जैसा दिखता है। यही वजह है कि उनके भाषण में अक्सर यहां की भाषा, संस्कृति और लोगों का जिक्र रहता है। इस बार भी उनका भोजपुरी अंदाज़ लोगों के दिल को छू गया। क्यों खास है यह दौरा? यह दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है। एक ओर जहां विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया, वहीं दूसरी ओर सामाजिक मुद्दों—खासतौर पर महिलाओं और आरक्षण—पर सरकार की प्राथमिकता भी साफ दिखाई दी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

उज्जैन में बदमाशों के हौसले बुलंद, घर के बाहर खड़ी कार को बनाया निशाना

उज्जैन के माधवनगर थाना क्षेत्र में सोमवार रात बदमाशों ने एक बार फिर दहशत फैला दी। अज्ञात आरोपियों ने घर के बाहर खड़ी कार के कांच पत्थरों से तोड़ दिए। इस पूरी घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। मामला देवास रोड स्थित आश्रय होटल के पास मिशन कंपाउंड का है। यहां रहने वाले संदीप कुमार मीणा की कार घर के बाहर खड़ी थी। देर रात दो युवक वहां पहुंचे और पत्थरों से कार के कांच फोड़कर मौके से फरार हो गए। सुबह जब संदीप ने गाड़ी देखी तो कांच टूटे हुए थे। इसके बाद उन्होंने माधवनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की, जिसमें दोनों आरोपी साफ नजर आ रहे हैं। फुटेज में दिख रहा है कि युवक पहले बाइक खड़ी करते हैं, फिर पैदल आकर वारदात को अंजाम देते हैं और भाग जाते हैं। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं उज्जैन में इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं। इससे पहले चिमनगंज थाना क्षेत्र के बाफना पार्क और ऋषिनगर इलाके में भी इसी तरह कारों को नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, अब तक आरोपियों का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। कॉम्बिंग गश्त के बावजूद जारी वारदात गौरतलब है कि हाल ही में उज्जैन पुलिस ने 600 जवानों के साथ शहर में बड़ी कॉम्बिंग गश्त चलाई थी। इस दौरान कई वारंट तामील किए गए और इनामी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com

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